वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। मुर्शिदाबाद में नए कानून के विरोध में शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में हिंसा भड़कने के दौरान पुलिस वैन समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गईं। बता दें कि वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया (Mamata Banerjee statement) सामने आई है। जारी इस हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि “सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत रहें, संयमित रहें। धर्म के नाम पर किसी भी अधार्मिक गतिविधि में शामिल न हों। हर इंसान की जान कीमती है। राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “याद रखें, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने पूछा कि “हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि “हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो दंगा किसलिए?”
दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी (Mamata Banerjee statement)
ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं।” ममता ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि धर्म का मतलब मानवता, सद्भावना, सभ्यता और सद्भाव है। मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती हूं।” बता दें कि मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में बीते एक सप्ताह में दो बार हिंसा भड़की हुई है। इसे लेकर भाजपा लगातार ममता बनर्जी पर निशाना साध रही है।
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केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी- ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “वे केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि “लोग उन पर भरोसा करें कि यह कानून बंगाल में नहीं आएगा।” क्या सच में ममता बनर्जी अपने राज्य में वक़्फ़ संसोधन बोल को नहीं लागू करेंगी, आखिर क्यों? ऐसे में यहाँ जानना जरूरी यह कि राज्य सरकारें केंद्रीय कानूनों को रोकने में कितनी सक्षम हैं? तो अनुच्छेद 254 के अनुसार, अगर केंद्र का कानून लागू है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ नहीं जा सकती। लेकिन राजनीतिक कारणों से, राज्य सरकारें कानूनों को लागू करने में बाधा डालने की कोशिश कर सकती हैं। खैर, यह एक संवैधानिक मुद्दा बन सकता है। जानकारों की माने तो अनुच्छेद 256 के मुताबिक राज्य सरकारें केंद्र द्वारा कानून और उनके निर्देशों का पालन करने से मना नहीं सकती हैं। केंद्र के निर्देशों को पालन करना राज्यों का दायित्व है।
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