Sharad Pawar Slams Ajit

सुलह की अटकलों पर विराम लगाते हुए शरद पवार ने अजित पवार को घेरा, बोले- ‘बीजेपी से हाथ मिलाने वालों को प्रोत्साहन नहीं’

महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा-भतीजे के पुनर्मिलन की अटकलों के बीच अब शरद पवार (Sharad Pawar) ने एक ऐसा बयान दिया है, जो साफ इशारा करता है कि वे एनसीपी के बागी गुट के साथ सुलह के पक्ष में नहीं हैं। पिंपरी चिंचवाड़ में आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की एक कार्यकर्ता सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार (Sharad Pawar) ने अजित पवार (Ajit Pawar) का नाम बिना लिए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा के साथ हाथ मिलाकर अवसरवादी राजनीति करते हैं, उन्हें कभी भी प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। शरद पवार (Sharad Pawar) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके और अजित पवार (Ajit Pawar) के बीच हालिया मुलाकातों ने दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज कर दी थी। कहा जा रहा था कि महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra local body elections) से पहले दोनों गुट फिर से एक हो सकते हैं। लेकिन शरद पवार के इस बयान के बाद ऐसा लग रहा है कि दोनों गुटों के बीच चल रही समझौते की बातचीत पटरी से उतर गई है।  गांधी, नेहरू, फुले, आंबेडकर की विचारधारा वालों को ही लेंगे साथ- शरद पवार  शरद पवार ने अपने संबोधन में कहा, ” पार्टी के कुछ लोगों का कहना है कि सबको साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन मैं इससे असहमत नहीं हूं। मेरे लिए यह देखना जरूरी है कि ये ‘सब’ कौन हैं? मैं सिर्फ उन लोगों को साथ ले सकता हूं जो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।” उन्होंने अजित पवार (Ajit Pawar) का बिना नाम लिए कहा कि यदि कोई सत्ता की लालसा में भाजपा के साथ जुड़ता है, तो वह न तो एनसीपी की मूल विचारधारा से मेल खाता है और न ही ऐसी राजनीति को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे लोगों के लिए मेरी पार्टी में कोई जगह नहीं है। शरद पवार ने आगे कहा कि एनसीपी की बुनियाद सेक्युलर सोच पर रखी गई है और यह कांग्रेस की विचारधारा के समानांतर है। अगर कोई नेता भाजपा के साथ गठबंधन करता है, तो यह हमारी आत्मा के खिलाफ है। कोई भी किसी के साथ जुड़ सकता है, परंतु एनसीपी जैसी पार्टी के लिए भाजपा के साथ जाना संभव नहीं। शरद पवार का यह बयान सीधे तौर पर अजित पवार गुट पर निशाना माना जा रहा है, जिन्होंने जुलाई 2023 में एनसीपी से अलग होकर भाजपा और शिंदे गुट के साथ मिलकर सरकार बनाई। पवार ने अपने संबोधन से स्पष्ट संकेत दिया है कि राजनीतिक सिद्धांतों के साथ समझौता कर केवल सत्ता पाने की कोशिश करने वालों को वह अपनी पार्टी में वापस नहीं लेंगे। ‘पार्टी छोड़ चुके नेताओं की चिंता न करें’ शरद पवार (Sharad Pawar) ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि उन्हें उन नेताओं की चिंता नहीं करनी चाहिए जो पार्टी छोड़कर चले गए हैं। बल्कि, अब जरूरत इस बात की है कि पार्टी पूरी ताकत के साथ आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra local body elections) की तैयारी में जुट जाए। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता हैं और जब तक जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत रहेगा, तब तक कोई भी राजनीतिक चुनौती बड़ी नहीं होगी। इसलिए पूरे जोर-शोर से निकाय चुनाव की तैयारी करो।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा चाचा-भतीजे की मुलाकातों से उठी थी सियासी सरगर्मी बता दें कि, हाल ही में शरद पवार और अजित पवार के बीच कुछ अनौपचारिक मुलाकातें हुई थीं, जिनके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई थी कि शायद एनसीपी के दोनों धड़े एक बार फिर एकजुट हो सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि यह मिलन आगामी निकाय चुनाव (Maharashtra local body elections) में एनसीपी के वोटों को एकजुट करने की रणनीति हो सकती है। लेकिन शरद पवार का ताजा बयान इन तमाम अटकलों पर फिलहाल पानी फेरता नजर आ रहा है। उन्होंने साफ तौर पर अवसरवादिता और विचारधारा से समझौते को नकारते हुए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। इससे यह भी साफ हो गया कि उन्होंने अपने भतीजे अजित पवार और उनके साथियों की वापसी के दरवाजे लगभग बंद कर दिए हैं, कम से कम तब तक के लिए जब तक वे भाजपा के साथ हैं। अब देखना यह होगा कि शरद पवार के इस बयान का अजित पवार किस तरह से जवाब देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sharad Pawar #SharadPawar #AjitPawar #BJPAlliance #MaharashtraPolitics #NCP #IndianPolitics

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Pawar uncle nephew meeting

क्या फिर साथ आएंगे अजित पवार और शरद पवार? बंद कमरे में हुई चाचा-भतीजे की बैठक से गरमाई सियासत

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) से पहले राज्य की राजनीति में नई खिचड़ी पक रही है। डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार (Ajit Pawar) ने अपने चाचा NCP (SP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) से फिर मुलाकात की है। जिसके बाद कायस लगाया जा रहा है कि दोनों पार्टियों का विलय हो सकता है। पुणे में चाचा-भतीजे के बीच हुई इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के आवास पर बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक के बाद मीडिया ने जब अजित पवार (Ajit Pawar) से दोनों पार्टियों के विलय को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं एनसीपी प्रवक्ता संजय तटकरे से जब दोनों गुटों के संभावित विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस बारे में दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व ही कोई जानकारी देगा। अगर ऐसा होता है तो पार्टी की तरफ से विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वहीं विलय के बारे शरद पवार (Sharad Pawar) से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) पार्टी के विधायकों और सांसदों से चर्चा के बाद इस संबंध में निर्णय लेंगी। सुप्रिया सुले पहले ही खारिज कर चुकी विलय की बातें बता दें कि हालही में सुप्रिया सुले (Supriya Sule) से भी दोनों पार्टियों के विलय को लेकर मीडिया ने सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि, “अगर ऐसा कुछ होगा, तो वह अजीत पवार (Ajit Pawar) और मेरे बीच बातचीत के बाद होगा, लेकिन अजीत पवार पहले ही इस विलय से इंकार करते हुए कहा चुके हैं कि उनके पास इस बारे में कोई प्रस्ताव नहीं है। इसलिए, मैं मीडिया से यही कहना चाहती हूं। सब कुछ मात्र अफवाह है।” इस दौरान सुप्रिया सुले ने यह भी कहा था, “उनके पिता (शरद पवार) के बयान को मीडिया तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। उन्होंने जो कुछ भी कहा वह एक स्पष्ट जवाब था।” अजित पवार चाहते हैं विलय के बाद पार्टी का नेतृत्व  अजित पवार गुट वाली एनसीपी विलय की इस चर्चा को मात्र अफवाह बता रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम अभी सत्ता में हैं और शरद पवार गुट से कई नेता पहले ही हमारी पार्टी में शामिल हो गए हैं और कई अभी भी संपर्क में हैं। दोनों पार्टियों के विलय की यह अफवाह सिर्फ पार्टी बदलने वाले नेताओं को रोकने के लिए है। मुझे नहीं लगता कि जब तक पार्टी के नेतृत्व का मुद्दा हल जाता, तब तक यह विलय संभव है। अगर शरद पवार पार्टी की बागडोर अजित पवार को सौंप दें तो यह विलय संभव है। इससे कम कुछ भी नहीं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  अजित पवार और सुप्रिया सुले में उत्तराधिकार की लड़ाई बता दें की अजित पवार की बगावत के कारण साल 2023 में NCP दो टुकड़ों में बंट गई थी। एनसीपी में राज्य स्तर पर अजित पवार का दबदबा चलता था और केंद्र की राजनीति में सुप्रिया सुले की चलती थी। अजित पवार खुद को एनसीपी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखते थे, लेकिन शरद पवार अपनी पार्टी की बागडोर सुप्रिया सुले (Supriya Sule) को सौंपना चाहते थे। इससे नाराज अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ राज्य की तत्कालीन शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। बाद में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह भी कब्जा लिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Supriya Sule #AjitPawar #SharadPawar #MaharashtraPolitics #NCP #PoliticalNews #PawarMeeting #NCPReunion #BreakingNews #IndianPolitics #PawarVsPawar

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Ajit Pawar statement

Ajit Pawar statement: नहीं भूला पाए पत्नी सुनेत्रा की हार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार का झलका दर्द, कही यह बड़ी बात

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुई बगावत के बाद बारामती की दावेदारी को लेकर अजित पवार और वरिष्ठ नेता शरद पवार के बीच होड़ देखने को मिल रही है। आये दिन दोनों नेता अपने कार्यों को एक दूसरे से बड़ा दिखाने की कोशिश में लगे हुए हैं। बता दें कि बारामती की जनता ने लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले को जितवा कर शरद पवार का साथ दिया था तो वहीं विधानसभा चुनाव में युगेंद्र को हरा कर अजित पवार का। बड़ी बात यह कि अजित आज भी लोकसभा चुनाव में हुई पत्नी सुनेत्रा की हार का दर्द भूल नहीं पाए हैं। रविवार को उनका यह दर्द आखिरकार झलक ही उठा। दरअसल, बारामती दौरे पर आए अजित पवार (Ajit Pawar statement) ने वोटरों को बारामती के विकास के लिए किए गए अपने कामों की याद दिलाई। बारामती के विकास के लिए सर्वाधिक काम मैंने ही किया है (Ajit Pawar statement) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बारामती पंचायत समिति दिव्यांगों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar statement) ने याद दिलाया कि “बजट में डीपीडीसी को 22,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसका एक प्रतिशत दिव्यांगों पर खर्च करने के लिए दिया गया है। दिव्यांगों को सहानुभूति नहीं चाहिए, उन्हें समान अवसर चाहिए। हमने दिव्यांगों को पदोन्नति में चार प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। कार्यक्रम में दिव्यांगों को निशुल्क साइकिलें भी वितरित की गईं।” गौर करने वाली बात यह कि इस कार्यक्रम में अजित ने अपने चाचा व वरिष्ठ नेता शरद पवार को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने खुद को क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ विधायक व नेता बताते हुए कहा कि “बारामती के विकास के लिए सर्वाधिक काम मैंने ही किया है।” वो यहीं नहीं थमे, खुद के कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने आगे कहा कि “साल 1991 से वह बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन 1952 से अब तक जितने भी विधायक यहां से विधायक बने हैं, सभी के द्वारा किए गए कार्यों की तुलना मेरे कार्यों से कर लें। मेरे जैसा विधायक दोबारा नहीं मिलेगा। मैं अभी और काम करूंगा।”  इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर ऐसी हरकत करनेवाला यदि मेरा बेहद खास कार्यकर्ता या उसका बेटा भी होगा, तो उसे छोड़ना नहीं (Ajit Pawar statement) अजित पवार बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हुई नृशंस हत्या मामले से बेहद आहत दिखे। खैर बीच, इसी तरह के बारामती के दो युवकों द्वारा एक युवक की पिटाई के सीसीटीवी फुटेज पर उन्होंने तल्ख टिप्पणी की और पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि “इन्हें अच्छा सबक सिखाएं (Ajit Pawar statement)।” यही नहीं, इस घटना का उदाहरण देते हुए उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को ऐसी हरकतों से बाज आने की स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “मुझसे मदद की उम्मीद नहीं करना।” अजीत पवार ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि ऐसी हरकत करनेवाला यदि मेरा बेहद खास कार्यकर्ता या उसका बेटा भी होगा तो उसे छोड़ना नहीं । Latest News in Hindi Today Hindi News Ajit Pawar statement #AjitPawar #SunetraPawar #AjitPawarStatement #MaharashtraPolitics #NCPNews #EmotionalSpeech #PoliticalNews #DeputyCM #Election2024 #IndianPolitics

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Ajit Pawar on Muslims

Ajit Pawar on Muslims: जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, उसे हम नहीं छोड़ेंगे- अजित पवार 

महाराष्ट्र में नागपुर हिंसा को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। दरअसल, पूरा का पूरा विवाद महायुति सरकार द्वारा छत्रपति संभाजीनगर से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग के बीच शुरू हुआ था। नागपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा राज्य सरकार की आलोचना जारी रहने के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने मुंबई में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव और एकता पर जोर देते हए कहा कि “होली, गुड़ी पड़वा और ईद जैसे त्यौहार एकजुटता को बढ़ावा देते हैं। इन्हें सामूहिक रूप से मनाया जाना चाहिए, क्योंकि एकता ही देश की असली ताकत है।” यही नहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने मुसलमानों को (Ajit Pawar on Muslims) आश्वासन देते हुए कहा कि “आपका भाई अजित पवार आपके साथ है। जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, दो समूहों के बीच संघर्ष भड़काकर कानून व्यवस्था को बाधित करेगा, तथा कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, फिर वो चाहे कोई भी हो.. उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं किया जाएगा।” ये त्यौहार हमें साथ रहना सिखाते हैं- अजित पवार  अजित पवार यही नहीं रुके, (Ajit Pawar on Muslims) उन्होंने आगे कहा कि “जो कोई भी दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करेगा, उसे कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने एकता पर जोर देते हुए कहा कि “छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बीआर अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और अन्य जैसे कई महान नेताओं ने सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर सामाजिक प्रगति का मार्ग दिखाया है। हमें इस विरासत को आगे बढ़ाना है। भारत एकता और विविधता का प्रतीक है। हमने अभी होली मनाई है और अब गुड़ी पड़वा और ईद आने वाली है। ये त्यौहार हमें साथ रहना सिखाते हैं। हमारी असली ताकत एकता में है।” बता दें कि रमजान इस्लामी धर्म का सबसे पवित्र महीना है। यह हिजरी (इस्लामी चंद्र कैलेंडर) के नौवें महीने में आता है। इस पवित्र अवधि के दौरान, मुसलमान भोर से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं। जो इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है। #WATCH | Mumbai | Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar, at an Iftar party hosted by him, says, "…India is a symbol of unity in diversity… We should not fall into the trap of any divisive forces. We have just celebrated Holi, Gudi Padwa and Eid are coming – all these festivals… pic.twitter.com/5s7hMhdGmb — ANI (@ANI) March 22, 2025 इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग एनसीपी अजित पवार गुट की तरफ से  किया गया था इफ्तारी का आयोजन बता दें कि मुसलमानों के पाक माह रमज़ान पर एनसीपी अजित पवार (Ajit Pawar on Muslims) गुट की तरफ से मुंबई के इस्लाम जिम खाना में इफ्तारी का आयोजन किया गया था। इस मौके पर अजित पवार, छगन भुजबल, सना मलिक, प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, नवाब मलिक सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। इसके अलावा भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग भी मौजूद थे। इस दौरान अजित पवार ने यह भी कहा कि “रमजान सिर्फ एक धर्म तक सीमित नहीं है। यह हमें एकता और भाईचारे का संदेश देता है। और जरूरतमंदों की पीड़ा को समझने की प्रेरणा देता है।” बता दें कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाये जाने की अफवाह के बाद मध्य नागपुर में सोमवार को तनाव उत्पन्न हो गया और पुलिस पर पथराव किया गया। इस दौरान चार लोग घायल हो गए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ajit Pawar on Muslims #AjitPawar #MuslimsInIndia #MaharashtraPolitics #AjitPawarStatement #IndianPolitics #MuslimRights #NCP #PoliticalNews #SecularIndia #MaharashtraNews

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Maharashtra Budget 2025

Maharashtra Budget 2025: महायुति की सरकार ने पेश किया बजट, लाडली बहनों को झटका

महाराष्ट्र में प्रचंड जीत के बाद बनी महायुति की सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट (Maharashtra Budget 2025) पेश किया। विधानसभा में अजित पवार और विधान परिषद में आशीष जयसवाल ने साल 2025-26 ने बजट पेश किया। गौर करने वाली बात यह कि देवेंद्र फडणवीस के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उपमुख्यमंत्री व राज्य के वित्तमंत्री अजित पवार ने साल 2025-26 के लिए 7,00,020 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बजट से महाराष्ट्र की लाडली बहनों को उम्मीद थी। उन्हें उम्मीद थी कि वित्त मंत्री उन्हें मासिकमिलने वाली 1500 रुपये को बढ़ाकर 2100 रुपये करेंगे। लेकिन लाडले वित्त मंत्री ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वो बात और है कि बजट में उन्होंने लाडली बहनों के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान जरूर किया है। खैर, बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री पवार ने कहा कि “औद्योगिक नीति 2025 का उद्देश्य नए निवेश को आकर्षित करना और मेक इन महाराष्ट्र की पहल को बढ़ावा देना है। इस दरम्यान वित्त मंत्री ने दावा किया कि कुल 7 लाख करोड़ का बजट “विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र” के सपने को साकार करने वाला और राज्य के विकास की रफ्तार को गति देगा।” इसके साथ ही वित्त मंत्री ने सीएनजी और एलपीजी वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया। बेशक इससे आने वाले दिनों में एलपीजी, सीएनजी और इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों महंगी हो जाएगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने बजट में नई औद्योगिक नीति की घोषणा की। बड़ी बात यह कि इसमें 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख नई नौकरियों के पैदा होने की उम्मीद है। बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर किए गए हैं कई बड़े ऐलान  यही नहीं बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री अजित पवार ने बजट संबोधन में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की 140 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को साल 2030 तक 300 बिलियन डॉलर और साल 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस हेतु उन्होंने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 अलग-अलग स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक केंद्र बनाने का ऐलान किया है। इस सिलसिले में मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच जल्द ही मेट्रो का काम शुरू किया जाएगा। इस बारे में वित्त मंत्री ने बताया कि “अगले महीने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें संचालित होंगी। इस हवाई अड्डे का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ठाणे में 100 बेड का अति विशेष उपचार अस्पताल बनाने का प्रस्ताव है।”  यही नहीं पवार ने यह भी कहा कि “मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 जगह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापार केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है।” इसके अलावा सरकार ने ग्रामीण आवास के लिए 15,000 करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य 20 लाख घर बनाना है।  बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने की पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा  इसके अलावा अपने बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा भी की। उन्होंने तीसरा हवाई अड्डा वधावन बंदरगाह के पास बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। जानकारी के मुताबिक वहां पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन भी इसके इर्द-गिर्द होगा। यही नहीं पवार ने अपने बजट भाषण में जल्द ही शिरडी हवाई अड्डे पर विमानों के रात में भी उतरने की सुविधा शुरू होने की घोषणा की। बता दें कि इस दौरान वित्त मंत्री ने 45,852 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का बजट पेश किया। बजट में राजकोषीय घाटा 1,36,234 करोड़ रुपये और कुल व्यय 7,00,020 करोड़ रुपये रहने का अंदेशा जताया है। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियां 5,60,963 करोड़ रुपये जबकि राजस्व व्यय 6,06,855 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई है। पवार ने कहा कि “सरकार राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीएसपी) के तीन प्रतिशत से कम रखने में सफल रही है। और राज्य का राजस्व घाटा लगातार सकल राज्य आय के एक प्रतिशत से कम रहा है।” खैर, ध्यान देने वाली बात यह कि बजट पेश करने के दौरान विपक्ष ने कई बार टिका टिप्पणी की। इस दौरान परिषद में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट दिया। और विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठक कर नारेबाजी की।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सिर्फ हिंदू बेच सकेंगे झटका मांस, सरकार ने शुरू किया मल्हार सर्टिफिकेटन इस बजट (Maharashtra Budget 2025) की अहम बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Budget 2025 #MaharashtraBudget2025 #LadkiBahinYojana #WomenEmpowerment #FinancialInclusion #AjitPawar #Mahagathbandhan #EconomicPolicy #SocialWelfare #BudgetAllocation #MaharashtraGovt

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Ajit Pawar economic data

देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े

महाराष्ट्र के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश हो चुका है। इस रिपोर्ट में राज्य का विकास दर देश से भी ज्यादा रहने का अनुमान जताया गया है। इस साल महाराष्ट्र की विकास दर (Maharashtra Growth Rate) 7.3% रहने का अनुमान है, जबकि इसी वित्त वर्ष में देश की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान है। इस हिसाब से देश की तुलना में राज्य की इकोनॉमी की वृद्धि दर 0.8% अधिक रह सकती है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य की कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में क्रमशः 8.7%, 4.9% और 7.8% की दर से वृद्धि होने का अनुमान है। इस दौरान राज्य की अनुमानित सकल आय भी 45,31,518 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। राज्य की स्थिर कीमत के अनुसार अभी सकल आय 26,12,263 करोड़ रुपये है। इस साल करीब 20,051 करोड़ रुपये राजस्व घाटे का अनुमान भी जताया गया है। विधानसभा में पेश समीक्षा रिपोर्ट में राज्य का प्रति व्यक्ति आय 3,09,340 रुपये रहने की संभावना जताई गई है। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 2,78,681 रुपये थी। इस वित्त वर्ष में राज्य पर कर्ज भी पिछले साल की अपेक्षा 10.1% बढ़ सकता है।  महाराष्ट्र का राजस्व 4,19,463 करोड़ रुपये रहने का अनुमान बता दें कि वित्तमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) ने शुक्रवार को विधानसभा में महायुति सरकार की बजट-पूर्व आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024-25 में राज्य का राजस्व संग्रह 4,19,463 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं कर राजस्व और गैर-कर राजस्व क्रमशः 14,19,972 करोड़ और 79,491 करोड़ रहने की संभावना है। अजित पवार (Ajit Pawar) ने बजट अनुमान में राज्य का राजस्व व्यय 5,19,514 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई गई है। वहीं साल 2023-24 में राज्य पर कर्च 7,11,278 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 7,82,991 रहने होने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें:-  पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?  आर्थिक सर्वे रिपोर्ट की खास बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Growth Rate #MaharashtraGrowth #AjitPawar #EconomicDevelopment #PerCapitaIncome #MaharashtraEconomy #StateGDP #IndiaGrowth #DevelopmentStats #EconomicProgress #GDPRanking

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