Akshaya Tritiya 2025 What to Buy If Not Buying Gold

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें अगर सोना खरीदना संभव न हो तो?

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) हिन्दू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। यह तिथि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है और इसे ‘अविनाशी सौभाग्य’ का प्रतीक माना गया है। अक्षय तृतीया का शाब्दिक अर्थ है – अक्षय, अर्थात कभी न क्षय होने वाला, और तृतीया, यानी तीसरा दिन। इस दिन किए गए दान, पूजन, स्नान, जप-तप और नए कार्यों का फल अक्षय रहता है, इसलिए इसे किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। खास बात यह है कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) पर किसी कार्य के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त होता है। परंपरागत रूप से इस दिन सोने के आभूषण (Gold Jewellery) या धातु खरीदने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन खरीदा गया सोना समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाता है। लेकिन हर कोई सोना (Gold) खरीदने में सक्षम नहीं होता, ऐसे में प्रश्न उठता है कि अगर सोना नहीं खरीद सकते, तो क्या खरीदें? सोने की जगह ये 5 वस्तुएं खरीदना होता है शुभ 1. मिट्टी के बर्तन – मिट्टी का संबंध मंगल ग्रह से होता है। इसे खरीदने से घर में शांति और स्थिरता आती है। साथ ही, यह कर्ज से मुक्ति दिलाने में भी सहायक माना जाता है। 2. हल्दी की गांठ – गुरु ग्रह से संबंधित यह वस्तु ज्ञान, स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ावा देती है। इसे खरीदने और पूजा स्थान पर रखने से गृह कलह दूर होती है और वैवाहिक जीवन (Married Life) में मिठास आती है। 3 . रूई – रूई का संबंध शुक्र ग्रह से है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं और लक्ष्मी कृपा का प्रतीक है। इसे इस दिन खरीदकर घर में रखने से आर्थिक समृद्धि आती है। 4. पीली सरसों – यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाली वस्तु है। पीली सरसों को अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन खरीदकर दरवाजे या पूजा स्थल पर रखने से दरिद्रता दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 5. पीली कौड़ी – यह धन और समृद्धि की प्रतीक मानी जाती है। पीली कौड़ी को तिजोरी या पूजा स्थल में रखने से घर में धनलाभ के योग बनते हैं। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन आदि शंकराचार्य द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। यह स्तोत्र देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है और इसका पाठ करने से घर में अन्न, धन और सुख-शांति का वास होता है। अक्षय तृतीया 2025 (Akshaya Tritiya 2025) का मुहूर्त इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का पर्व 29 अप्रैल 2025 को शाम 5:31 बजे आरंभ होकर 30 अप्रैल 2025 को दोपहर 2:12 बजे तक रहेगा। मुख्य पर्व 30 अप्रैल, बुधवार को मनाया जाएगा। सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 30 अप्रैल की सुबह 5:31 बजे से लेकर 11:55 बजे तक रहेगा। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) केवल भौतिक समृद्धि का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान और शुभ संकल्पों का पर्व भी है। इस दिन यदि सोना खरीदना संभव न हो तो उपर्युक्त 5 वस्तुओं की खरीद से भी अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर शुभ कार्य करें, दान दें और सत्कर्मों से जीवन को धन्य बनाएं। Latest News in Hindi Today Hindi News Akshaya Tritiya #AkshayaTritiya2025 #GoldAlternatives #AuspiciousBuying #SilverPurchase #WealthAndProsperity #SpiritualShopping #AkshayaTritiyaTips #HinduFestivals #LuckyItems #FestiveShopping

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अक्षय तृतीया 2025: 30 अप्रैल को दुर्लभ योगों में मनाएं यह पावन पर्व

सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग, खरीदारी और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ अक्षय तृतीया, जिसे अखा तीज भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और खरीदारी का फल अक्षय यानी कभी नष्ट न होने वाला होता है। वर्ष 2025 में अक्षय तृतीया 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी, जो कई शुभ योगों के संयोग के कारण विशेष महत्व रखती है।​ अक्षय तृतीया 2025: तिथि और महासंयोग इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का आयोजन 29 अप्रैल को सायं 05:31 मिनट से शुरू होकर 30 अप्रैल को दोपहर 02:31 मिनट तक रहेगा। इस बार अक्षय तृतीया पर महासंयोग बनेगा। पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। ज्योतिष में इसे एक खास योग माना गया है, जिसका सीधा संबंध मां लक्ष्मी से है। इस विशेष योग में पूजा करने से मां लक्ष्मी भक्तों की हर इच्छा पूरी करती हैं। इस दिन स्वर्ण आभूषण की खरीदारी से उनकी अक्षय वृद्धि होती है। साथ ही इस दिन किए गए जप, तप, ज्ञान, स्नान, दान, और होम आदि कार्य भी अक्षय फल प्राप्त करते हैं, जिससे इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है।  तीर्थ स्नान और अन्न-जल का दान अक्षय तृतीया ((Akshaya Tritiya) के इस पवित्र दिन पर तीर्थ स्नान का महत्व अत्यधिक है। धार्मिक ग्रंथों में यह कहा गया है कि इस दिन तीर्थ स्नान करने से सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और हर तरह के दोष समाप्त हो जाते हैं, इसे दिव्य स्नान के रूप में जाना जाता है। यदि तीर्थ स्थल पर स्नान करने का अवसर न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यकारी होता है और तीर्थ स्नान के समान फल मिलता है। इसके बाद अन्न और जल का दान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति इस दिन दान का संकल्प लेकर जरूरतमंदों को अन्न और जल का दान करता है, उसे कई यज्ञ और कठिन तपस्या करने जितना पुण्य प्राप्त होता है।  पूजा विधि और दान-पुण्य इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व अक्षय तृतीया पर कर सकते हैं ये विशेष कार्यअक्षय तृतीया, (Akshaya Tritiya) जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी इसी दिन हुई थी। अक्षय तृतीया के दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत, और सोना-चांदी की खरीदारी आदि किए जा सकते हैं। इस दिन व्रत, उपवास और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है — यानी ऐसा पुण्य जो कभी समाप्त नहीं होता।​ भगवान विष्णु के अवतार अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) को चिरंजीवी तिथि भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के अवतार परशुराम जी का जन्म हुआ था। परशुराम जी को चिरंजीवी माना जाता है, अर्थात वे सदैव जीवित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, भगवान विष्णु के नर-नरायण और हयग्रीव अवतार भी इसी तिथि पर प्रकट हुए थे। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Akshaya Tritiya #AkshayaTritiya2025 #AkshayaTritiya #HinduFestival #RareYogas #AuspiciousDay #HinduPuja #GoldBuying #AkshayaTritiyaYog #April30Festival #SpiritualCelebration

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