महिलाओं की सेहत पर एनीमिया का हमला: रेडक्लिफ लैब्स की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य
एनीमिया (Anemia) उस समस्या को कहा जाता है, जब शरीर में हेल्दी रेड ब्लड सेल्स (Red blood cells) या हीमोग्लोबिन की कमी हो। हीमोग्लोबिन ब्लड सेल्स में मौजूद मुख्य प्रोटीन होता है, जो ऑक्सीजन को कैरी करता है और शरीर में डिलीवर करता है। एनीमिया के कारण रोगी थकावट, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या का सामना कर सकते हैं। एनीमिया (Anemia) हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकता है और यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। एक लैब रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारत में पांच में से तीन महिलाओं को एनीमिया होने का रिस्क है। आइए जानें एनीमिया (Anemia) के बारे में लैब रिपोर्ट (Lab report regarding anemia) के बारे में और एनीमिया से बचाव के बारे में भी जानें। एनीमिया के बारे में लैब रिपोर्ट (Lab report regarding anemia): पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार एनीमिया (Anemia)के कई प्रकार हो सकते हैं और इस हर प्रकार के अपने कारण हैं। इस बीमारी के उपचार में सप्लीमेंट लेना और अन्य मेडिकल प्रोसिजर्स शामिल हैं। हेल्दी डायट से भी कुछ तरह के एनीमिया का उपचार हो सकता है। रेडक्लिफ लेप्स के द्वारा की गयी स्टडी में यह बात सामने आई है कि भारत में महिलाओं में लाइफस्टाइल से जुड़े डिसऑर्डर्स जैसे थायराइड (Thyroid), मोटापा आदि लगातार बढ़ रहे हैं। इस स्टडी में यह भी पता चला है कि हमारे देश में पांच में से तीन महिलाओं को एनीमिया (Anemia) का रिस्क है। यह स्टडी लगभग दो साल तक दस लाख महिलाओं पर की गयी है। इसमें यह भी पाया गया है कि एनीमिया और थायराइड (Thyroid) महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे सामान्य डिसऑर्डर हैं। यही नहीं, इस स्टडी में यह भी पाया गया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एनीमिया का रिस्क तीन गुना ज्यादा है। इसके अलावा इस स्टडी के अनुसार पांच में से एक महिला थायराइड (Thyroid) डिसऑर्डर्स के जोखिम में है। इससे हार्मोनल इंबैलेंस, मेटाबोलिक प्रॉब्लम्स (Metabolic problems) आदि का खतरा बढ़ सकता है। अगर एनीमिया (Anemia) का सही इलाज न किया जाए, तो इम्युनिटी कमजोर हो सकती है। जीवनशैली फैक्टर्स से जुड़े रोग जैसे डायबिटीज और लिपिड डिसऑर्डर कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। यह रिपोर्ट एक चिंता का विषय है। महिलाएं अक्सर खुद से अपने परिवार के स्वास्थ्य को अधिक महत्व देती हैं। वो अपने स्वास्थ्य के बारे में इतनी चिंता नहीं करती, लेकिन नियमित जांच और जीवनशैली में सही बदलाव से कॉम्प्लीकेशन्स कम होने में मदद मिल सकती है। इसलिए महिलाएं नियमित जांच कराएं और जीवनशैली में सही बदलाव करें। यह तो थी जानकारी एनीमिया के बारे में लैब रिपोर्ट (Lab report regarding anemia) के बारे में। अब जानिए एनीमिया (Anemia) से कैसे बचा जा सकता है? इसे भी पढ़ें: अगर आप बीयर पीने के शौकीन हैं, तो हो जाएं सतर्क एनीमिया से कैसे बचें? कई प्रकार के एनीमिया (Anemia) से बचाव संभव नहीं लेकिन हेल्दी डायट खाने से आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया और विटामिन डेफिशिएंसी एनीमिया (Anemia) से बचाव हो सकता है। हेल्दी डायट में यह सब शामिल किया जा सकता है: अगर आपको लग रहा है कि आपको खाने से पर्याप्त विटामिन या मिनरल्स नहीं मिल रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर रोगी को मल्टीविटामिन्स भी दे सकते हैं। एनीमिया (Anemia) का कोई भी लक्षण नजर आने पर तुरंत मेडिकल हेल्प लेना आवश्यक है। ध्यान रखें इस समस्या को नजरअंदाज करना भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Anemia #Anemia #Labreportregardinganemia #Thyroid #Lifestyledisorders

