caffeine anti-aging

क्या कैफीन एजिंग प्रोसेस को स्लो कर सकता है और रख सकता है आपको हमेशा यंग

अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं जिन्हें सुबह उठते ही कैफीन (Caffeine) की जरूरत होती है, तो याद रखें आप अकेले नहीं हैं क्योंकि अधिकतर लोगों के लिए सुबह उठते ही चाय या कॉफी पीना उनकी एक जरूरत है। कैफीन एक नेचुरल केमिकल है, जिसमें स्टीमुलेंट इफेक्ट्स होते हैं। यह चाय, कॉफी, कोकोआ आदि में पाया जाता है। कैफीन (Caffeine) से हमारा सेंट्रल नर्वस सिस्टम, हार्ट, मसल्स और वो सेंटर्स स्टिमुलेट होते हैं जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं। कैफीन (Caffeine) से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और यह वाटर पिल की तरह काम करता है जिससे यूरिन फ्लो बढ़ता है। एक सवाल यह है कि क्या कैफीन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने और यंग बनाए रखने में मदद कर सकता है? तो आइए जानें कैफीन और एजिंग के बीच में संबंध (Connection between caffeine and aging) के बारे में। कैफीन और एजिंग के बीच में संबंध (Connection between caffeine and aging): पाएं जानकारी मायो क्लिनिक (MayoClinic) के अनुसार एक स्वस्थ वयस्क के लिए दिन में 400 मिलीग्राम कैफीन लेना सुरक्षित माना गया है। इसलिए, इस बात को ध्यान रखें कि कैफीन (Caffeine) का सेवन बहुत सावधानी से करना चाहिए खासतौर पर एनर्जी ड्रिंक्स का। आइए कैफीन और एजिंग के बीच में संबंध (Connection between caffeine and aging) के बारे में और जानें कि क्या कैफीन (Caffeine) उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने और यंग बनाए रखने में मदद कर सकता है?  क्या कैफीन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है? साइंटिस्ट के अनुसार कैफीन (Caffeine) सिर्फ एनर्जी को बढ़ाने का ही काम नहीं करती है बल्कि यह और भी बहुत सी चीजों में फायदेमंद है। यह हेल्दी एजिंग (Aging) में मददगार है। शोध के अनुसार कैफीन एएमपी को एक्टिव रखता है, जो स्ट्रेस और चिंता आदि से लड़ने में मददगार है। एएमपीके का अर्थ है एक्टिवेटेड प्रोटीन किनेज, जो एक सेलुलर एनर्जी सेंसर है और सेल्स के अंदर एनर्जी बैलेंस बनाये रखने में मदद करता है।  कैफीन (Caffeine) सेल्स के डिवीजन और डेवलपमेंट को भी प्रभावित करता है। इससे हमारे सेल्स को लम्बे समय तक सर्वाइव करने में मदद मिलती है और तनाव से बचाव होता है। तनाव से हमारे शरीर और दिमाग नेगेटिव प्रभाव पड़ता है लेकिन इससे बचाव से समय से पहले एजिंग (Aging) से भी बचा जा सकता है और यंग रहने में मदद मिलती है। लेकिन, इसके बारे में और शोध करने की जरूरत है। इसे भी पढ़ें:-  महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति पर सरकार का बड़ा फैसला: पुरानी नीतियां रद्द, नई समिति का गठन कैफीन के अन्य फायदे क्या हैं? कैफीन हमें सतर्क रखने और एनर्जी को सुधारने का काम करता है। इसके अन्य फायदे इस प्रकार हैं: कैफीन (Caffeine) को दर्द दूर करने वाली दवाईयों के साथ लेने से माइग्रेन के उपचार के लिए प्रभावी है।  कॉग्निटिव परफॉरमेंस को सुधारने में भी इसे फायदेमंद माना गया है। मूड को सुधारने और डिप्रेशन के रिस्क को कम करने में भी कैफीन लाभदायक है। लेकिन, इसका सेवन सही मात्रा में ही करना चाहिए। कुछ स्टडीज यह बताती है कि नियमित रूप से कैफीन (Caffeine) का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज, पर्किंसन,स डिजीज आदि के डेवलप करने के जोखिम कम होता है। ऐसा माना गया है कि इसे लेने से हार्ट फेलियर के रिस्क को कम किया जा सकता है। लेकिन, कैफीन का सेवन सही और संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। कैफीन को पीने से लिवर डैमेज और सिरोसिस के रिस्क के साथ भी लिंक किया जाता है। कैफीन (Caffeine) में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो सर्कुलेशन को सुधारने और झुर्रियों को कम करने में फायदेमंद हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Caffeine #caffeine #antiaging #stayyoung #youthfulskin #coffeehealth #skincare #healthtips

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Anti-Aging Medicines

एंटी एजिंग मेडिसिन का सच, यंग दिखने के हैं कुछ फायदे और बहुत से नुकसान

अभिनेत्री शैफाली जरीवाला की कार्डियक अटैक के कारण हुई मृत्यु आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस कार्डियक अटैक की वजह है एंटी एजिंग दवाईयां और इंजेक्शंस हो सकते हैं। शेफाली पिछले कई सालों से यंग दिखने के लिए इन्हें ले रही थी। सिर्फ शैफाली ही नहीं बहुत से सेलेब्रिटीज हमेशा जवान दिखने के लिए इन दवाईयों का इस्तेमाल करते हैं। एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) में इंजेक्शन और कई अन्य ट्रीटमेंट्स शामिल हैं। इनका उद्देश्य बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करके यंग दिखना है। इनके जहां कुछ फायदे हैं लेकिन बहुत से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। आइए जानें एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine) और इनके साइड इफेक्ट्स के बारे में।  एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine): पाएं जानकारी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National library of medicine) के अनुसार एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक रूप से युवा बनाए रखना है। इनसे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है और जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है। एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine) इस प्रकार हैं: झुर्रियों को करे कम  एंटी एजिंग इंजेक्शंस जैसे बोटॉक्स और फिलर्स से झुर्रियां और फाइन लाइंस कम होती है जिससे स्किन स्मूद बनती हैं और कॉम्प्लेक्शन में सुधार होता है। स्किन टेक्सचर में सुधार:  फिलर्स से स्किन टेक्सचर में सुधार होता है। इनके उपयोग से त्वचा में फुलाव आता है जिससे फाइन लाइन्स त्वचा की बनावट में इम्प्रूवमेंट होती है। यही नहीं एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine) में से एक यह भी है कि फिलर चेहरे के खोये वॉल्यूम को वापस लाने में मदद करती हैं जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं और यंग दिखते हैं।  नॉन-सर्जिकल एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) और इंजेक्शंस का इस्तेमाल नॉन सर्जिकल होता है। इनसे कोई नुकसान नहीं होता और आप बहुत जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं। यही नहीं, इनके इस्तेमाल से चेहरे के फीचर्स को बढ़ाया जा सकता है। इसे भी पढ़ें:- भारत में जल्द ही लांच होगी वजन कम करने की यह दवा  एंटी एजिंग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Anti Aging Medicines) एंटी एजिंग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Anti Aging Medicines) भी हो सकते हैं। ऐसा माना गया है कि यह साइड इफेक्ट्स आमतौर पर माइल्ड और टेम्पररी होते हैं। जानिए इनके बारे में:  यह तो थे एंटी एजिंग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Anti Aging Medicines)।  एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) के कुछ दुर्लभ और गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे अन्धपन या आंखों की रोशनी का कम होना। यही नहीं, अगर फिलर्स ब्लड वेसल्स तक पहुंच जाएं तो इससे स्ट्रोक या ब्रेन डैमेज का रिस्क बढ़ सकता है। याद रखें, इनका इस्तेमाल करने से पहले अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और संभावित रिस्क के बारे में किसी क्वालिफाइड डॉक्टर से बात करें और उसके बाद ही इन्हें लें। (Anti aging medicine) नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Anti aging medicine #antiaging #lookyoung #skincare #youthfulglow #beautytruth #antiagingrisks #antiagingfacts

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