Curry Leaves Benefits

करी पत्ते का सेवन: वजन कम करने से लेकर आंखों की रोशनी बढ़ाने तक, जानिए इसके 7 बड़े फायदे

भारत का खाना अपने मसालों और हर्ब्स के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां हर घर में ऐसे मसालों और हर्ब्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो न केवल आहार को स्वादिष्ट बनाते हैं बल्कि हेल्थ के लिए लाभदायक भी हैं। इन्हीं में से एक है कड़ी पत्ता। कड़ी पत्ता (curry leaf) साउथ इंडिया के आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका इस्तेमाल करी, चटनी, चावल से बनी डिशेज और सूप आदि में किया जाता है। कड़ी पत्ता (Curry leaves) एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ए, बी और सी और कई मिनरल्स से भरपूर होता है जैसे कैल्शियम, फोस्फोरस, आयरन आदि। इसमें कई मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होती हैं। आइए जानें कड़ी पत्ते के बेनेफिट्स (Benefits of curry leaves) के बारे में विस्तार से। कड़ी पत्ते के बेनेफिट्स (Benefits of curry leaves): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कड़ी पत्ता कड़ी के पौधे (जिसे मुरैना कोएनिगी कहा जाता है) के पत्ते हैं। यह पत्ते बहुत ही खुशबूदार होते हैं और इनका स्वाद भी अनोखा होता है। आइए जानें कड़ी पत्ते के बेनेफिट्स (Benefits of curry leaves) के बारे में। डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद ऐसा पाया गया है कि कड़ी पत्ता (Curry leaves) ब्लड शुगर को मैनेज करने में फायदेमंद है।अपने एंटी-हाइपरग्लायसेमिक गुणों के कारण यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम कर सकते हैं और ब्लड शुगर लेवल को सही बनाए रखते हैं। हालंकि, इसके बारे में और अधिक शोध किया जाना आवश्यक है। स्किन के लिए लाभदायक  अगर आप अच्छी स्किन पाना चाहते हैं, तो कड़ी पत्ता (curry leaf) या इससे बने एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल करें, जो इंफ्लेमेटरी सेल्स के अगेंस्ट काम करते हैं। अगर इसका इस्तेमाल स्किन बर्न्स, नील आदि पर किया जाए तो भी त्वचा को हील होने में आसानी होती है। इसलिए कड़ी पत्ते (Curry leaves) से बने एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल क्रीम्स आदि में किया जाता है। यही नहीं, इन्हें दाग-धब्बों, खुजली, रिंगवर्म, मुहांसों आदि के लिए भी फायदेमंद पाया गया है। कोलेस्ट्रॉल को रखे सही कड़ी पत्ते के बेनेफिट्स (Benefits of curry leaves) कोलेस्ट्रॉल से भी जुड़े हुए हैं। इन पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जिससे यह कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने में हेल्प करते हैं। यानी, यह पत्ते कोलेस्ट्रॉल और फैट मेटाबॉलिज्म को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  लिवर हेल्थ को रखे सही कुछ शोध यह बताते हैं कड़ी पत्ते (Curry leaves) का एक्सट्रेक्ट लिवर एंजाइम्स की एक्टिविटीज को बढ़ाते हैं। यह एंजाइम्स लिवर में लिपिड्स की ऑक्सीडेशन को सपोर्ट करते हैं। यानी, कड़ी पत्ता (curry leaf) के उपयोग से लिवर को किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके बारे में भी और अधिक स्टडी की जानी जरूरी है।   इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा बालों के स्वास्थ्य को रखे सही कड़ी पत्ता (curry leaf) हेयर ग्रोथ को बढ़ाता है और इससे बालों का झड़ना भी कम हो सकता है। इनमें कुछ ऐसे न्यूरिएंट्स भी होते हैं, जो हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाते हैं। इसके साथ ही बालों को जल्दी सफेद से भी यह बचाता है। वजन को करे कम  वजन को कम करने में भी कड़ी पत्ते (Curry leaves) को लाभदायक पाया गया है। इन पत्तों के सेवन से डायजेशन सही रहता है और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यही नहीं यह मेटाबॉलिज्म को कम करने में भी यह हेल्पफुल है।  आंखों के लिए फायदेमंद कड़ी पत्ता (curry leaf) को आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना गया है। यह विटामिन ए का अच्छा स्त्रोत है जो आंखो के स्वास्थ्य के लिए बेनेफिशियल पाया गया है। इसके नियमित सेवन से आंखों संबंधी कई समस्याओं से राहत पाई जा सकती है जैसे मोतियाबिंद। यह नहीं विजन को भी इससे सुधारा जा सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Curry leaves #currybenefits #weightloss #eyehealth #ayurvedicherbs #naturalremedies #healthylifestyle #curryleaves

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guggul benefits

गुग्गुल, एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब जो स्वास्थ्य को सुधारे और रखें हमें स्वस्थ व तंदुरुस्त

यह तो हम सब जानते हैं कि आयुर्वेद (Ayurveda) की उत्पत्ति भारत में हुई है। इसका उद्देश्य सही डायट, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ लोगों के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करना है। गुग्गुल (Guggul) ऐसी हर्ब है जिसे आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही आयुर्वेदिक मेडिसिन्स के किया जाता रहा है। गुग्गुल का अर्थ है बीमारियों को दूर करना। गुग्गुल (Guggul) का सबसे बड़ा बायोएक्टिव कॉम्पोनेन्ट है ओलियो गम रेसिन, जिसके कई चिकित्सीय लाभ हैं। आयुर्वेदा (Ayurveda) के अनुसार यह हर्ब वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने आदि में बहुत बेनेफिशियल है। इसके और भी बहुत से फायदे हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul): पाएं जानकारी हेल्थललाइन (Healthline) के अनुसार गुग्गुल (Guggul) में प्लांट कंपाउंड्स, जरूरी तेलों, फ्लेवोनोइड्स और अमीनो एसिड का मिश्रण होता है। यह सभी हेल्थ के लिए फायदेमंद पाए गए हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। शरीर से हानिकारक तत्वों को निकाले बाहर गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक और विषाक्त चीजों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। अगर शरीर की डेटोक्सिफिकेशन करनी है, तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। यही नहीं,हेल्दी इशूज के लिए भी फायदेमंद है। कोलेस्ट्रॉल को कम करे यह हर्ब कोलेस्ट्रॉल लेवल को हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने की पूरी शक्ति गुग्गुल (Guggul) में होती है। अधिक कोलेस्ट्रॉल से हार्ट प्रॉब्लम्स होने की संभावना बढ़ जाती है। यानी, कोलेस्ट्रॉल को मैनेज कर के हार्ट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। पेट के लिए बेहतरीन ऐसा भी माना गया है कि पाचन क्रिया को सही बनाए रखने में यह हर्ब फायदेमंद है। शरीर की प्राकृतिक पाचन क्षमता को बढ़ाने में यह हर्ब मदद करती है। पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने और पाचन क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।  वजन को रखे सही अगर आप वजन को सही रखना चाहते हैं, तो भी इस हर्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है। गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार है और अधिक टिश्यू के बनने से रोकता है। यह ऑयल और फैट के पाचन में भी सहायता करता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है, जिससे कई तरीकों से वेट मैनेजमेंट में सहायता मिलती है। जोड़ों के लिए फायदेमंद गुग्गुल (Guggul) जॉइंट की मूवमेंट की सपोर्ट में भी फायदेमंद पाया गया है। इसमें डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं जिससे जोड़ों से भी टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं। यह टॉक्सिन्स डिस्कम्फर्ट का कारण बन सकते हैं। यह जोड़ों के अंदर और आसपास के टिशूज को ल्युब्रिकेंट करने और उसकी मरम्मत करने में फायदेमंद पाया है, जिससे जोड़ों की मूवमेंट आसानी से हो पाती है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा स्किन हेल्थ में बेहतरीन गुग्गुल (Guggul) को कुछ स्किन कंडीशंस को दूर करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे एक्जिमा और सोरायसिस। यह दोनों स्किन की वो समस्याएं हैं जिसके कारण स्किन में इन्फ्लेमेशन होती है। हालांकि इसके बारे में अभी अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। कुछ स्टडीज में यह भी बता चला है कि यह हर्ब स्किन में रैशेज और खुजली जैसी समस्याओं से राहत पाने में भी फायदेमंद है। गुग्गुल (Guggul) को आमतौर पर हेल्थ के लिए अच्छा पाया गया है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन कुछ मामलों में नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, इसके बारे में एक्सपर्ट या डॉक्टर से जान लें और उसके बाद ही इसका सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Guggul #guggul #ayurvedicherbs #naturalremedies #herbalhealth #guggulbenefits #ayurvedicmedicine #holistichealth

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Ayurvedic Herb for Women

Ayurvedic Herb for Women: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद की 5 सबसे प्रभावी हर्ब्स

वीमेन हेल्थ में महिलाओं की शारीरिक, मानसिक और सोशल स्वास्थ्य आदि शामिल है। इनमें रिप्रोडक्टिव हेल्थ और कुछ ऐसी कंडीशंस शामिल हैं, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अलग तरह से प्रभावित करती हैं जैसे हार्ट डिजीज, डायबिटीज आदि। ऐसा माना जाता है कि आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) और स्पाइसेस आयुर्वेदिक मेडिसिन के सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आयुर्वेद (Ayurveda) के बारे में यह भी माना आता है कि यह हर्ब कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती हैं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं और पाचन में भी मदद करती हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको जानकारी देने वाले हैं कुछ आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) के बारे में, जो महिलाओं की हेल्थ केयर के फायदेमंद हैं। जानिए महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) के बारे में। महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care): पाएं जानकारी नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (National center for complementary and integrative health) के अनुसार आयुर्वेद (Ayurveda) एक पुराना इंडियन मेडिकल सिस्टम है जो प्राचीन राइटिंग पर बेस्ड है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक और समग्र एप्रोच पर निर्भर करता है। आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट में हर्ब्स और अन्य उत्पादों के इस्तेमाल के साथ ही डायट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल भी शामिल है। महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) इस प्रकार हैं: आंवला (Gooseberry) आयुर्वेद (Ayurveda) में आंवला को महत्वपूर्ण मेडिसिनल एजेंट है। यह आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलेट करने में मदद करता है और यूटरस को मजबूत बनाता है। आंवला में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पीरियड्स के दौरान टॉक्सिन्स को बाहर निकलने में मदद करते हैं और हॉर्मोन्स के बैलेंस को बनाए रखते हैं। यही नहीं, इनसे पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में भी मदद मिलती है जैसे मोटापा, अनवांटेड ग्रोथ आदि। शतावरी (Shatavari) महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) में शतावरी भी शामिल है। इस आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) में सैपोनिन और फ्लेवोनोइड जैसे फाइटोएस्ट्रोजेन होते हैं। यह शरीर में हॉर्मोनल लेवल को बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है। यह हर्ब फीमेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम को सही रखती है और मेनोपॉजल लक्षणों से राहत पहुंचाती है। यही नहीं, इस हर्ब के इस्तेमाल से स्ट्रेस लेवल और फर्टिलिटी पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। शताबरी का सेवन करने से इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है जिससे महिलाएं कई बीमारियों से बच सकती हैं। गोक्षुरा (Gokshura) गोक्षुरा को महिलाओं और पुरुषों में लिबिडो को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही इससे स्पर्म प्रोडक्शन और ओवुलेशन प्रोमोट होने में मदद मिलती है। यह आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मदद करती है जैसे नाईट स्वेट, नींद सम्बन्धी समस्याएं, वजाइनल ड्राइनेस, मूड स्विंग आदि। महिलाओं में होने वाले ब्रैस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के उपचार के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। शिग्रु (Moringa oleifera) यह हर्ब खासतौर पर महिलाओं के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह एनीमिया, बोन हेल्थ, मीनोपॉज और लैक्टेशन आदि के उपचार में मददगार हो सकती है। ड्रमस्टिक की छाल पत्ते, फल और बीज का उपयोग थेराप्यूटिक पर्पज के लिए किया जाता है। यह हर्ब शरीर को सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज और अनियमित मासिक धर्म की समस्याओं से भी बचाती है। इसे भी पढ़ें: Hantavirus: कैलिफोर्निया में हंता वायरस से दहशत, जानिए हंता वायरस के लक्षण और बचाव अश्वगंधा (Ashwagandha) महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) में अश्वगंधा का नाम भी शामिल है। इसके कई फायदे है जैसे स्ट्रेस कम करना, एजिंग को कम करना, फर्टिलिटी को बढ़ाना आदि। यह नेचुरल हर्ब एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-एजिंग और इम्यूनटी बिल्डिंग इफेक्ट्स के कारण कई तरह से महिलाओं के लिए फायदेमंद है। पीएमएस और मेनोपॉज पीरियड के लक्षणों जैसे रात को पसीना आना और चिंता, अवसाद, आदि की समस्याओं को कम करने में भी यह फायदेमंद है।  नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Ayurvedic Herb #AyurvedicHerbsbeneficialforwomenshealthcare #AyurvedicHerb #aayurveda #womenshealthcare

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