BJP slams Congress

BJP slams Congress over delegation: झूठ बोल रही है कांग्रेस, नहीं माँगा था कोई नाम, इसलिए युसूफ पठान कर गए प्रतिनिधिमंडल से किनारा

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के पक्ष को दुनिया के अन्य देशों के समक्ष रखने हेतु केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का एलान किया गया है। सरकार सात प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग देशों के दौरे पर भेजेगी, जिसके हर प्रतिनिधिमंडल में छह से सात सांसद होंगे। बता दें कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दुनिया के समक्ष बेनकाब करने के लिए अलग-अलग देशों में जा रहे सांसदों के सात प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस (Congress) के कुल चार सांसद शामिल (BJP slams Congress over delegation) हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि सांसद शशि थरूर इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस इस बात को लेकर उखड़ी हुई है कि सरकार ने उनकी पार्टी के सदस्यों का चुनाव कैसे किया? दरअसल, केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात करने हेतु विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए उनसे चार सांसदों के नाम मांगे थे, लेकिन बाद में सरकार ने उनमें से तीन नाम को रिजेक्ट कर दिया।  कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए बीजेपी ने बताया निराधार (BJP slams Congress over delegation) हालाँकि केंद्र की बीजेपी (BJP) सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए निराधार करार (BJP slams Congress over delegation) दिया। इस पूरे मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रतिनिधिमंडलों के बारे में सिर्फ जानकारी दी गई थी। यह सिर्फ एक शिष्टाचार था।” उन्होंने आगे कहा कि “कांग्रेस से सिर्फ जानकारी के लिए नाम मांगे थे। थरूर को उनकी काबिलियत के आधार पर चुना गया।” दरअसल, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया से हुई बातचीत में रिजिजू ने कहा कि “पार्टियों से उनके उम्मीदवार का नाम पूछना पहले कभी नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि “हमने उन्हें सिर्फ शिष्टाचार के तौर पर बताया। हमने कांग्रेस की अंदरूनी बातों पर ध्यान नहीं दिया।” कांग्रेस के आरोपों पर रिजिजू ने कहा कि “सरकार ने यह देखा कि प्रतिनिधिमंडल के काम के लिए कौन सबसे सही रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि “हमें हैरानी है कि शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे सदस्यों के नाम पर कांग्रेस विरोध कर रही है। ये दोनों विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर हमेशा अपनी बात रखते हैं। अभी एक साल भी नहीं हुआ है जब कांग्रेस ने थरूर को विदेश मामलों की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाने की सिफारिश की थी।”  इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात थरूर और मनीष तिवारी को इसलिए चुना गया ताकि पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाया (BJP slams Congress over delegation) जा सके तो वहीं इस पर कांग्रेस का कहना है कि “थरूर और मनीष तिवारी को इसलिए चुना गया ताकि पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाया जा सके।” इस पर रिजिजू ने कहा, “यह गलत आरोप है। हमने किसी पार्टी की अंदरूनी बातों और उससे होने वाली जलन और असुरक्षा को ध्यान में नहीं (BJP slams Congress over delegation) रखा। हमने सलमान खुर्शीद और पंजाब से उनके सांसद अमर सिंह को भी चुना है। इस बारे में आपका क्या कहना है?” गौरतलब हो कि कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सरकार की घोर आलोचना करते हुए कहा था कि “सरकार ने राहुल गांधी की सिफारिशों को दरकिनार कर थरूर और मनीष तिवारी के नामों को चुना।” सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “यह मोदी सरकार की पूरी तरह से बेईमानी दिखाता है। यह दिखाता है कि वह राष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा घटिया राजनीति करते हैं।” दरअसल, कांग्रेस का मानना है कि थरूर को इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि पहले संयुक्त राष्ट्र में थे और विदेश राज्य मंत्री भी रह चुके हैं, बल्कि उन्हें इसलिए चुना गया क्योंकि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर पार्टी से अलग राय रखी थी। दरअसल, पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि “उन्हें ऑपरेशन पर गर्व है।” गौर करने वाली बात यह कि उन्होंने यह बात तब कही थी जब कांग्रेस ने यह आरोप लगाने के फ़िराक में थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ युद्धविराम कराया था।  पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल में नहीं होंगे शामिल  कांग्रेस पार्टी से अलग-थलग राय रखने के सवाल पर थरूर ने कहा कि “वह एक गर्वित भारतीय के तौर पर बोल रहे हैं।” बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने आनंद शर्मा, राजा वारिंग, गौरव गोगोई और सैयद नसीर हुसैन के नामों की लिस्ट से थरूर का नाम हटा दिया (BJP slams Congress over delegation) था। सरकार ने सिर्फ शर्मा को चुना, जो पहले वाणिज्य मंत्री थे। खैर, इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार के आतंकवाद विरोधी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा है कि “पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल में नहीं शामिल होंगे।” जानकारी के मुताबिक सांसद यूसुफ पठान का नाम सूची में शामिल था। इस मामले पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि “टीएमसी पहले और अभी भी केंद्र सरकार के साथ खड़ी हैं। जहाँ देश की बात होती हैं वहां राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसे ऐसे नहीं देखना चाहिए कि हमने डेलीगेशन में जाने से मना किया हैं। लेकिन यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारे पार्टी से कौन जाएगा, ये हम तय करेंगे, न कि बीजेपी सरकार।” बता दें कि सरकार ने टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन टीएमसी सांसद ने इसमें शामिल होने से साफ़ इनकार कर दिया था। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP slams Congress over delegation #BJPCongressClash #YusufPathan #PoliticalNews #IndianPolitics #CongressControversy #BJPNews #DelegationDispute #BreakingNews #BJPvsCongress #PathanExit

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Congress slams Modi

Congress Hits Back After PM Modi’s Speech: प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद हमलावर हुई कांग्रेस, कही ऐसी बात कि बीजेपी आई बैकफुट पर

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद की कमर तोड़ दी। पाकिस्तान को इस कदर पस्त कर दिया कि 3 दिन के वॉर में ही घुटनों पर आ गया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहल कर दोनों देशों के बीच सीज फायर करवा कर शांति बहाल करने का क्रेडिट लिया। ध्यान देने वाली बात यह कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब तक भारत सरकार को समर्थन करते आई है। सभी विपक्षी पार्टियां एक सुर में सरकार के हर फैसले को अपना पूरा समर्थन देने की बात करती रही। लेकिन, सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद एक बार पुनः इस मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर कई ज्वलंत सवाल उठाए हैं। गौरतलब हो कि पीएम मोदी ने अपने पूरी भाषण में एक भी बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक शब्द नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा। इसी से खफा होकर विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी से एक बार फिर सर्वदलीय बैठक करने की मांग करते हुए भारत सरकार से पूछा कि “क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है?” प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द भी नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा-जयराम रमेश जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया एक्स पर जयराम रमेश ने पोस्ट कर लिखा कि “प्रधानमंत्री का लंबे समय से टलता आ रहा राष्ट्र के नाम संबोधन राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ मिनट पहले किए गए खुलासों से पूरी तरह दब गया। प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द भी नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा। क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है? क्या भारत पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए किसी तटस्थ स्थल पर सहमत हो गया है? क्या अब भारत अमेरिका की इन मांगों को मान लेगा कि वह ऑटोमोबाइल, कृषि और अन्य क्षेत्रों में अपने बाज़ार खोल दे?” यही नहीं, उन्होंने आगे लिखा कि “प्रधानमंत्री को तत्काल सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए। कुछ तो ऐसा है जो उन्होंने पिछले बीस दिनों में सधे ढंग से टाल रखा है। आने वाले महीने सतर्क कूटनीति और सामूहिक संकल्प की मांग करेंगे। सिर्फ़ एक-दो लाइनें बोलना इस वक्त की जरूरतों का विकल्प नहीं हो सकते। हम अपनी सशस्त्र सेनाओं को बिना किसी शर्त के सलाम करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने देश का मान बढ़ाया है। हम हर समय 100% उनके साथ हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को अब भी कई सवालों के जवाब देने बाकी हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी राष्ट्रपति पर भड़के शशि थरूर, कहा, “अपराधी और पीड़ित को एक जैसा दिखाने की कोशिश” मैंने उन्हें कहा कि इसे बंद करो, अगर नहीं बंद किया तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे- अमेरिकी राष्ट्रपति  गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री मोदी के (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) संबोधन से कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि “मैंने उन्हें कहा कि इसे बंद करो, अगर नहीं बंद किया तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे। इसके बाद अचानक दोनों ने कहा कि वे रुक रहे हैं।” कहने की जरूरत इस बयान से यह समझा जा सकता है कि अमेरिका ने दोनों देशों पर व्यापारिक दबाव डालकर सीमा पर गोलीबारी बंद करवाने की कोशिश की है। Latest News in HindiToday Hindi news Congress Hits Back After PM Modi’s Speech #pmmodispeech #congressvsbjp #indianpolitics #modinews #congresscomeback #politicalnews #breakingnewsindia #bjpvscongress #viralpolitics #modiinnews #trendingindia #instapolitics

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Voter List Scam: कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप

एक के एक बाद लगातार कई राज्यों में चुनाव जीतने वाली बीजेपी पर कांग्रेस लंबे अरसे से एवीएम से छेड़छाड़ (Voter List Scam) जैसे कई गंभीर आरोप लगाती आ रही है।  पहले एवीएम और अब मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भगवा पार्टी चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर पहले मतदाता सूची में हेरफेर करती है और फिर चुनाव जीतती है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस का कहना है कि वह इसका समाधान कानूनी, राजनीतिक एवं अन्य तरीकों से निकालने की कोशिश करेगी।  जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने एक ही पहचान संख्या वाले कई मतदाताओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि “पार्टी इस मुद्दे को ऐसे ही जाने नहीं देगी क्योंकि इससे देश के चुनावी लोकतंत्र को गंभीर खतरा है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के नेताओं और विशेषज्ञों के अधिकार प्राप्त कार्य समूह (ईगल) ने एक बयान में कहा कि “यह चुनावी लोकतंत्र के रूप में भारत के विचार के लिए एक गंभीर खतरा है। यह राजनीतिक दलों और राजनीति से परे है। बाबासाहेब आंबेडकर ने चुनावों में विधायिका के हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस इस मुद्दे को मिटने नहीं देगी और वह कानूनी, राजनीतिक, विधायी तथा किसी भी अन्य माध्यम से समाधान की तलाश में सक्रिय रूप से काम कर रही है।” बता दें कि इस समूह में अभिषेक सिंघवी, पवन खेड़ा, अजय माकन, दिग्विजय सिंह, नितिन राउत, गुरदीप सिंह सप्पल और वामशी चंद रेड्डी शामिल हैं। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं (Voter List Scam) के लिए किया जा रहा है कोंग्रेसी समूह ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में हेरफेर (Voter List Scam) में सहभागी है। और यह दावा भी किया कि इस मुद्दे पर कुछ चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। पूरे मामले पर समूह ने कहा कि “एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं के लिए किया जा रहा है, चाहे वे एक ही राज्य के एक ही निर्वाचन क्षेत्र के हों या दूसरे राज्यों के। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला है। प्रत्येक भारतीय मतदाता के लिए एक अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र एक स्वच्छ मतदाता सूची की मूलभूत आवश्यकता और आधार है। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या वाले कई मतदाता एक ही पंजीकरण संख्या वाले कई वाहनों की तरह विचित्र हैं। किसी भी चुनावी लोकतंत्र में ऐसा सुनने में नहीं आता है।” गौरतलब हो कि दिसंबर में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताओं और असामान्य स्थितियों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि यह तार्किक और सांख्यिकीय दोनों तरह से बेतुका है कि निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में (40 लाख) ज्यादा नए मतदाता पंजीकृत किए, जबकि 2019 और 2024 के बीच पूरे पांच साल की अवधि में (32 लाख) इतने मतदाता पंजीकृत नहीं किए गए।”   इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में उठाया था चुनावों में धांधली (Voter List Scam) का मुद्दा  बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह मुद्दा (Voter List Scam) उठाया था। हालांकि इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी बुलाया था। इस दरम्यान कांग्रेस नेताओं ने बयान में कहा कि “निर्वाचन आयोग की चुप्पी ने मतदाता सूची में हेराफेरी में उसकी मिलीभगत को और पुख्ता किया है। जब कई मतदाताओं द्वारा एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के सबूत सामने आए, तो आयोग ने शुरू में यह दावा किया कि एक मतदाता पहचान पत्र संख्या सभी राज्यों में हो सकती है, लेकिन यह किसी एक राज्य के लिए अलग होती है।” उन्होंने कहा कि “यह भी एक सरासर झूठ निकला, क्योंकि एक ही राज्य और एक ही निर्वाचन क्षेत्र में कई मतदाताओं द्वारा एक ही पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद इस पर चुप्पी साध ली गई है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Voter List Scam #VoterListScam #CongressVsBJP #ElectionFraud #IndianPolitics #VoteTampering #BJPCongressClash #ECUnderFire #ElectionScam #DemocracyAtRisk #PoliticalControversy

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