उद्धव की ‘बची-खुची’ शिवसेना का बीएमसी चुनावों में होगा सफाया, कुणाल कामरा का सपोर्ट करने पर भड़के संजय निरुपम
कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) द्वारा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर गद्दार की टिप्पणी करने के बाद से शिवसेना के दोनों गुटों में जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) द्वारा कुणाल कामरा (Kunal Kamra) को सही बताने और भाजपा के सौगात-ए-मोदी कार्यक्रम पर सवाल उठाने के बाद अब शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने जवाबी हमला किया है। निरुपम ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को ‘बची-खुची’ शिवसेना बताते हुए कहा कि संजय राउत हमारे गठबंधन के नेताओं को गधा बता रहे हैं। निरुपम ने कहा कि अगर शिवसेना के नेताओं की यही स्थिति रही तो आगामी बीएमसी चुनावों में बची-खुची शिवसेना को भी लोग खत्म कर देंगे। विदित हो कि इससे पहले गुरुवार को संजय निरुपम ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कुणाल कामरा (Kunal Kamra) को लेकर कहा था कि वह झुकेगा तो नहीं, लेकिन हमसे छिपेगा जरूर। उसे अपने कर्मों की सजा तो भुगतनी ही पड़ेगी। निरुपम ने कहा था कि इस मामले में मुंबई पुलिस जरूर कार्रवाई करेगी। महाराष्ट्र की जनता चुनाव में दे चुकी उद्धव गुट को संदेश संजय निरुपम ने कहा कि उद्धव गुट को जनता लगातार अपना संदेश दे रही है। पहले लोकसभा चुनाव में फिर विधानसभा चुनावों में हराकर महाराष्ट्र की जनता बता चकी है कि कौन असली है और कौन नकली शिवसेना है। विधानसभा चुनावों में हमारी शिवसेना का स्ट्राइक रेट 70.37 प्रतिशत रहा था जबकि उद्धव गुट वाली शिवसेना का स्ट्राइक रेट 21.05 प्रतिशत रहा था। यह जनता द्वारा दिया गया साफ संदेश है। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व उद्धव बाला साहब के बेटे जरूर हैं, लेकिन उनके वारिस नहीं- संजय निरुपम संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर तंज कसते हुए कहा कि वह बाला साहब के बेटे जरूर हैं, लेकिन उनके वारिस नहीं। बाला साहब के असली वारिस एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) हैं। जो उनकी विचारधारा पर चहते हुए पार्टी का विस्तार कर रहे हैं। उद्धव और उनकी पार्टी को अब हार स्वीकार कर लेना चाहिए। वहीं, मीडिया ने जब निरुपम से यह पूछा गया है कि उद्धव ठाकरे ने भाजपा के सौगात-ए मोदी कार्यक्रम की आलोचना की है, तो निरुपम ने इसका जवाब देते हुए कहा कि न तो हम मुस्लिमों के खिलाफ हैं और न ही बाला साहब ठाकरे थे। शिवसेना हो या फिर भाजपा, हम रोहिंग्याओं, बांग्लादेशियों और पाकिस्तान का सपोर्ट करने वाले मुस्लिमों के खिलाफ हैं। निरुपम ने कहा कि, उद्धव ठाकरे को अब सबसे बड़ा डर यही है कि बाला साहब ठाकरे का वोटबैंक पहले ही सिखक चुका है और अब अगर अल्पसंख्यक भी हमारे साथ आ गए तो उनकी शिवसेना खत्म हो जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi News Uddhav Thackeray #UddhavThackeray #ShivSena #BMCelections #KunalKamra #SanjayNirupam #MumbaiPolitics #Maharashtra #BJPvsShivSena #Elections2024 #PoliticalDebate

