Fake doctor : ब्रिटिश कार्डियोलॉजिस्ट बनकर की हार्ट सर्जरी, 7 लोगों की गई जान, फर्जी डॉक्टर प्रयागराज से हुआ अरेस्ट
अक्सर अपने फर्जी पुलिस, फर्जी आईएएस और फर्जी पत्रकार से जुड़ी खबरें सुनी होंगी। लेकिन क्या आपने कभी फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के बारे में सुना है? फर्जी पुलिस या पत्रकार बनकर आप कुछ पैसे ही ऐंठ सकते हैं। यह इतना घातक नहीं है, लेकिन फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ बन हार्ट सर्जरी कर देना, वो भी एक दो नहीं, बल्कि 15, ये न सिर्फ घातक है बल्कि जानलेवा भी है। कहने का अर्थ यह कि आप सीधे-सीधे दूसरे की जान से खेल रहे हैं। फर्जी डॉक्टर, (Fake doctor) वो भी दूसरे का नाम इस्तेमाल कर हार्ट सर्जरी कर देना। जाहिर सी बात है, मामला गंभीर है। पोल खुलने पर कई दिनों से फरार चल रहे फर्जी डॉक्टर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ का नाम है डॉक्टर नरेंद्र यादव। डॉक्टर यादव को खुद को लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम बताते थे। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में दमोह के मिशन अस्पताल में लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम के नाम पर फर्जी डॉक्टर यादव ने ढाई महीने में 15 हार्ट ऑपरेशन कर दिए। जिनमें से 7 मरीजों की मौत हो चुकी है। फर्जी डॉक्टर (Fake doctor) को प्रयागराज के औद्योगिक थाना के ओमेक्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 511 से किया गया गिरफ्तार मामला प्रकाश में आने के बाद से फर्जी डॉक्टर (Fake doctor) फरार चल रहे थे। दरअसल, 4 अप्रैल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई थी। जिसमें मिशनरी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव द्वारा हार्ट सर्जरी की गई जिसमें 7 मरीजों की मौत के बारे में बताया गया था। इस पोस्ट के बाद मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए। जिसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश पुलिस ने सोमवार को प्रयागराज के औद्योगिक थाना के ओमेक्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 511 से गिरफ्तार किया। पुलिस को उसके पास से कई फर्जी आईडी भी मिली है। आरोपी अगस्त 2024 से पहचान बदलकर यहां रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश पुलिस उसे दमोह लेकर चली गई। आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर से मिलते-जुलते फर्जी प्रमाण पत्र (Fake doctor) किए थे जमा दमोह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि “हमारी टीम ने छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। हमारी टीम उसे यहां ला रही है।” उन्होंने आगे बताया कि “आरोपी को बाद में अदालत में पेश किया जाएगा। और उसके बाद सीएमएचओ द्वारा शिकायत में उठाए गए सवालों पर आरोपी से पूछताछ की जाएगी।” हालांकि एसपी सोमवंशी ने यह भी कहा कि “अस्पताल में मरीजों की मौत के संबंध में जिलाधिकारी ने सीएमएचओ की रिपोर्ट के बाद जांच जबलपुर मेडिकल कॉलेज को सौंपी है। उनकी (जबलपुर मेडिकल कॉलेज) रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।” जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों ने अस्पताल से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। दस्तावेजों की जाँच के दौरान पाया गया कि आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर से मिलते-जुलते फर्जी प्रमाण पत्र (Fake doctor) जमा किए थे। दमोह के जिलाधिकारी सुधीर कोचर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि “मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इसे भी पढ़ें:- जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों (Fake doctor) की सही संख्या बता पाना बहुत ही मुश्किल है हालांकि मेडिकल फर्जीवाड़े का यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2023 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक घटना देखने को मिली थी, जहां झोलाछाप डॉक्टर की वजह से 33 लोग एचआईवी पॉजिटिव हो गए थे। वैसे भी भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों (Fake doctor) की सही संख्या बता पाना मुश्किल है। मजे की बात यह कि सरकार के पास भी इसकी कोई जानकारी नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 2-3 लाख फर्जी डॉक्टर हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Fake doctor #FakeDoctor #BritishCardiologist #HeartSurgeryScam #PrayagrajNews #MedicalFraud #IndiaNews #CrimeAlert #DoctorArrested #HealthScam #BreakingNews

