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कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं यह 6 फूड्स, इन्हें करें अपनी डायट में शामिल

कैंसर (Cancer) एक गंभीर बीमारी है जो सेल्स की असामान्य ग्रोथ और फैलने की वजह से होती है। कैंसर के कई प्रकार हैं और यह पूरे शरीर में फैल सकता है। इसका मुख्य कारण जेनेटिक म्यूटेशन को माना जाता है। हालांकि, इसके अन्य कई कारण भी हैं जैसे जीवनशैली में खराबी या एनवायरनमेंट फैक्टर्स आदि। कैंसर (Cancer) के रिस्क से बचाव पूरी तरह से संभव नहीं है। लेकिन, अपनी जीवनशैली में सही बदलाव से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। कुछ फूड्स को भी इसमें फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) के बारे में। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कुछ फूड्स खाने से कैंसर (Cancer) के विकसित होने का रिस्क कम हो सकता है और कैंसर ग्रोथ भी कम हो सकती है। इनमें सब्जियां, मसाले, फल आदि शामिल हैं। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) इस प्रकार हैं: डार्क चॉकलेट डार्क चॉकलेट में कोकोआ होता है जो फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स युक्त होता है। इससे कुछ कैंसरस का रिस्क कम होता है। यही नहीं इसमें पॉलीफेनोल और फ्लेवेनोल भी होते हैं, जो हेल्दी गट बैक्टीरिया के लिए अच्छे हैं। लेकिन, ध्यान रखें इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। लहसुन लहसुन को अपनी खुशबु और स्वाद के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल कुकिंग और मेडिसिन में किया जाता है। गार्लिक में एलिसिन होता है, जो एक प्रोटेक्टिव सल्फर कंपाउंड है। यह कैंसर (Cancer) को बढ़ने से रोकता है। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से इसका सेवन करने से कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होता है। हालांकि, इसके बारे में और अधिक स्टडी की जा रही है। बेरीज बेरीज यानी ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी आदि कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) में शामिल हैं। इनमें विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं जैसे एंथोसायनिन, एलाजिक एसिड और रेस्वेराट्रोल आदि। इन्हें खाने से डायजेस्टिव ट्रैक्ट के कैंसर (Cancer) के रोकथाम में मदद मिलती है। शोध यह बताते हैं कि रोजाना इनका सेवन करने से कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होने में भी हेल्प मिल सकती है। फिश मच्छी न्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन से भरपूर होती है खासतौर पर सालमोन, टूना आदि। यह मच्छलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का अच्छा स्त्रोत है। ऐसा माना गया है कि यह फिश इन्फ्लेमेशन को रोकती हैं और ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर (Cancer) से बचाव में फायदेमंद हैं।  मेवे कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि कुछ मेवे कैंसर (Cancer) के रिस्क को कम करते हैं। ऐसा माना गया है कि ब्राजील नट व अखरोट को कैंसर के रिस्क को कम करने में फायदेमंद हैं। अख़रोट में खासतौर पर कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसलिए, इनका सेवन कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम किया जा सकता है। नट्स को आप ऐसे भी खा सकते हैं या सलाद आदि में मिला कर भी इनका सेवन कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक साबुत अनाज साबुत अनाज का सेवन करना भी कैंसर (Cancer) जैसे कोलोरेक्टल कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। इनमे फाइबर के साथ ही अन्य मिनरल, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। इसलिए साबुत अनाज खाने से भी सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में सहायता मिल सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Cancer #CancerPrevention #HealthyEating #Superfoods #AntiCancerDiet #WellnessTips #EatClean #NutritionMatters

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Millennials Face Rising Appendix Cancer Risk

मिलेनियल्स में बढ़ रहा है एपेंडिक्स कैंसर खतरा, जानिए कैसे बचें इस दुर्लभ बीमारी से

एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) एक दुर्लभ बीमारी है, जिसे एपेंडिसियल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या तब होती है जब हमारे एपेंडिक्स में मौजूद सेल्स में बदलाव होता है और इनकी ग्रोथ असामान्य हो जाती है। अगर बात की जाए एपेंडिक्स की, तो यह हमारे डायजेस्टिव सिस्टम का भाग है। यह अंग पेट के दाई तरफ होता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक आजकल युवाओं यानी मिलेनियल्स में इस कैंसर (Cancer) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मिलेनियल्स उस जनरेशन को कहा जाता है जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच में हुआ हो। यही नहीं यह भी पाया है कि 1980 से 1985 के बीच पैदा हुए लोगों में यह मामले तीन गुना बढ़ गए हैं। आइए जानें मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर (Appendix Cancer in Millennials) के बारे में। मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर (Appendix Cancer in Millennials): क्या कहती है स्टडी? कैंसर काउंसिल (Cancer Council) के अनुसार इस कैंसर (Cancer) के कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। यही नहीं, इसके रिस्क फैक्टर्स भी नहीं हैं लेकिन ऐसे माना गया है कि यह समस्या जेनेटिक हो सकती है। उम्र के बढ़ने से भी इसका जोखिम बढ़ सकता है। एक स्टडी के अनुसार मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर ((Appendix Cancer in Millennials)) का रिस्क बढ़ता जा रहा है और इसका कारण खराब जीवनशैली, एनवायर्नमेंटल रिस्क और जेनेटिक को माना जा रहा है। चिंत्ता का विषय यह है कि एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) का शुरू में पता नहीं चलता, जिससे इलाज थोड़ा मुश्किल हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवाओं में इस कैंसर (Cancer) में बढ़ोतरी एक गंभीर हेल्थ रिस्क है। ऐसे में जरूरी है कि सभी अपनी जीवनशैली में सुधार करें। हेल्दी खाएं और जंक फ़ूड से बचें। यही नहीं, लक्षणों को पहचानें और नियमित चेकअप कराएं। आइए जानें कि एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण (Appendix cancer symptoms) क्या हो सकते हैं? एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण (Appendix cancer symptoms) जैसा की पहले ही बताया गया है कि इस एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण  (Appendix cancer symptoms) अधिकतर रोगियों में नजर नहीं आते हैं। लेकिन, इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: कई बार एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) के साथ एक दुर्लभ स्थिति भी हो सकती है, जिसे स्यूडोमाइक्सोमा पेरिटोन कहा जाता है, जिसमें कैंसर सेल्स जैली जैसे पदार्थ को निकालते हैं, जो एपेंडिक्स परेशानी का कारण बन सकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एपेंडिक्स कैंसर से बचाव हालांकि, एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) से पूरी तरह से बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ चीजों का ध्यान रख कर इसकी संभावना को कम किया जा सकता है। एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: इसके साथ ही नियमित चेकअप और जेनेटिक काउन्सलिंग व टेस्टिंग भी जरूरी है। एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) के बारे में पूरी जानकारी और जल्दी निदान से सही उपचार में मदद मिल सकती है।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Appendix cancer #Appendixcancer #cancer #appendixcancersymptoms #appendixcancerprevention #appendixcancerinmillennials

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