Mohan Bhagwat

हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान 

हनुमान जी हमारे पौराणिक युग के आदर्श हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर में ‘युगांधर शिवराय’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित कर करते हुए कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से भारत वर्ष पर शुरू हुए विदेशियों का आक्रमण लंबे समय तक चला और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण के दौरान सब कुछ नष्ट हो गया। अनेकों लड़ाईयों के बाद भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने इसका समाधान दिया और एक के बाद युद्ध जीत कई वीर गाथाएं लिख दी।  भारत के लिए शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) हमेशा से प्रेरणा रहे हैं- मोहन भागवत मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि आरएसएस (RSS) का काम भी व्यक्ति-आधारित नहीं बल्कि देश आधारित रहा है। भारत के लिए शिवाजी महाराज हमेशा से प्रेरणा रहे हैं। शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत में अपनी वीरता से विजय प्राप्त की, लेकिन उनके पास समय कम था, इसलिए उत्तर की तरफ नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने युद्ध कौशल से भारतीय राजाओं को लगातार मिल रही पराजय के युग को बदल दिया और विजय का रास्ता दिखाया। भागवत ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के हार का सिलसिला सिंकदर के आक्रमण से शुरू हुआ था और देश में इस्लामीकरण तक यह हमला जारी रहा। इस दौरान ही 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना हुई और महाराज शिवाजी अपने युद्ध कौशल से इस समस्या का समाधान लेकर आए। उस समय विजयनगर साम्राज्य और राजस्थान के राजाओं के पास भी यह युद्ध कौशल नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? छात्रपति शिवाजी महाराज आधुनिक युग के हमारे आदर्श मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस (RSS) संस्थापक केबी हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक एमबी गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक एमडी देवरस (देवरस) ने कई बार यह बात कही थी कि हनुमान जी हमारे लिए पौराणिक युग के आदर्श और योद्धा थे और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। ये 250 वर्ष पहले भी हमारे आदर्श थे, आज भी हैं और आगे भी आदर्श रहेंगे। हम सभी व्यक्तियों और भारत वर्ष के लिए उनकी शौर्य गाथा को सुनना सौभाग्य की बात है। मोहन भागवत ने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने एक फिल्म में शिवाजी का रोल अदा किया था। इस फिल्म के आने के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया। जो बताता है कि देशवासी शिवाजी को कितना सम्मान देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Chhatrapati Shivaji Maharaj MohanBhagwat #RSSChief #ChhatrapatiShivaji #LordHanuman #IndianIdeals #NagpurNews #HinduIcons

आगे और पढ़ें
Translate »