महाराष्ट्र में टूटेगा कांग्रेस-उद्धव ठाकरे का गठबंधन या रहेंगे साथ! बिहार चुनाव में क्या पड़ेगा असर?
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) इस साल के अंत तक होनी है। जिसको लेकर राजनीतिक पार्टियां जोड़-तोड़ और गठजोड़ में जुटी हैं। इन सबके बीच एक घटना ने इंडिया गठबंधन (India Alliance) यानी (महाविकास आघाड़ी) में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) फिर से एक साथ आ गए हैं। दोनों ठाकरे बंधु बीते शनिवार को वर्ली में एक साथ मंच साझा किया, लेकिन इस भरत मिलाप से कांग्रेस (Congress) ने दूरी बनाए रखी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इंडिया गठबंधन (India Alliance) यानी (महाविकास आघाड़ी) में फूट पड़ गया है? क्या कांग्रेस (Congress) महाराष्ट्र में अब भी शिवसेना यूबीटी साथ रहेगी? एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने ठाकरे बंधुओं के मिलन के बाद कटाक्ष करते हुए महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को नए नाम से संबोधित किया। निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, ”यह एमवीए गठबंधन नहीं, बल्कि टीवीए यानी ठाकरे विकास आघाड़ी गठबंधन है।” संजय निरुपम ने कहा कि, महाराष्ट्र में कांग्रेस (Congress) को गठबंधन से घटाकर एक नया राजनीतिक गठबंधन बना है। पहले इस गठबंधन को एमवीए कहा जाता था यानी महा विकास अघाड़ी, लेकिन अब इसका नया नाम टीवीए रख देना चाहिए, क्योंकि यह ‘ठाकरे विकास अघाड़ी’ बन चुका है। बिहारियों पर अत्याचार करने वालों के साथ कांग्रेस- केसी त्यागी बिहार चुनावों (Bihar Assembly Elections) से ठीक पहले महाराष्ट्र में हुए इस गठबंधन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के साथ अभी भी गठबंधन में रहेगी या फर इनसे दूरी बना लेगी। इस नए गठबंधन पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने निशाना साधा था। चव्हाण ने मीडिया से बातचीत में कहा था राज उद्धव अगर मराठी भाषा को लेकर सरकारी आदेश वापस लेने का श्रेय अकेले लेना चाहते हैं, तो हमें कोई परेशानी नहीं। लेकिन अगर वे राजनीतिक रूप से हमारे साथ आना चाहते हैं, तो इस पर सोचना पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक हर्षवर्धन सपकाल ने भी कहा कि ठाकरे परिवार अगर साथ मिलकर सरकारी आदेश वापस लेने का जश्न मनाना चाहता हैं तो हमे कोई परेशानी नहीं, लेकिन भाइयों के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन पर अलग मत है। वहीं दूसरी तरफ जेडीयू नेता केसी त्यागी ने भी इंडिया गठबंधन पर हमला होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता का सबसे ज्यादा उत्पीड़न मुंबई में होता है। वहां पर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी गठबंधन में हैं, लेकिन बिहारियों के शोषण का विरोध नहीं कर रही है। जो बताता है कि कांग्रेस किस तरह से बिहारियों पर अत्याचार पर मौन सहमति दे रही है। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ उद्धव और राज के साथ दिखने पर बिहार में कांग्रेस को हो सकता है नुकसान राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार में जल्द ही चुनाव होने हैं, ऐसे में उद्धव और राज ठाकरे के बिहार विरोधी स्वभाव को देखते हुए कांग्रेस अब उद्धव ठाकरे के साथ रहने से परहेज कर सकती है। अगर कांग्रेस अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की कोशिश करती है तो उसे हिंदी भाषी बिहार के आगामी चुनाव (Bihar Assembly Elections) में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बता दें कि राज ठाकरे (Raj Thackeray) की राजनीति ही उत्तर भारतीयों का विरोध करने पर टिकी है। इनकी पार्टी के कार्यकर्ता आए दिन उत्तर भारतीयों को पीटने को लेकर चर्चा में रहते हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी इस मामले में मनसे के पाले में ही खड़ी नजर आती है। महाराष्ट्र में इसी साल के अंत तक स्थानीय निकाय चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में यहां पर उत्तर भारतीयों का खिलाफ जहर उगलने की राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है। Latest News in Hindi Today Hindi news Uddhav Thackeray #congress #shivsenaupta #uddhavthackeray #maharashtrapolitics #biharelections2025 #politicalnews #alliancebreak #indianpolitics

