Tharoor vs Congress leaders

Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim: शशि थरूर से इस कांग्रेस नेता को ही होने लगी है दिक्कत, कहा- ये तो उनका पब्लिसिटी स्टंट है

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनाये गए ऑल पार्टी डेलीगेशन में गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेशों में पाकिस्तान की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहाँ थरूर विदेशों में पाकिस्तान की पोल खोल रहे हैं तो वहीं देश में उनकी ही पार्टी के नेता उनपर तंज कसने से बाज नहीं आ (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रहे हैं। पता नहीं क्यों कांग्रेस के कुछ नेताओं को पाकिस्तान से क्यों प्रेम है? थरूर से चिढ़े कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि “बीजेपी के नेता जो बात नहीं कह रहे हैं, वो शशि थरूर कह रहे हैं। ये बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। ऐसा तो इस सरकार में हो रहा है कि सेना का श्रेय बीजेपी ले रही है। कांग्रेस सरकार में सेना की कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया जाता था।” उदित राज ने शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बताते हुए कहा कि “शशि थरूर बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। जो बीजेपी नेता नहीं कह रहे हैं, यानी पीएम मोदी और सरकार के पक्ष में बोल रहे हैं, वह शशि थरूर कर रहे हैं। क्या उन्हें पता भी है कि पहले की सरकारें क्या करती थीं?” ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं- उदित राज मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उदित राज ने कहा कि “ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं। पहले सर्जिकल स्ट्राइक होती थी पता नहीं चलता था। ये मोदी जी जैसा नहीं कि कुछ करेंगे नहीं और प्रचार करेंगे, शेखी बघारेंगे। सेना की कार्रवाई का लाभ लेंगे।” उन्हें बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने ऐसा नहीं किया और सेना की कार्रवाई को पब्लिक डिक्लेयर नहीं करती थी, लेकिन ये सेना का सारा श्रेय खुद ही ले रहे हैं। इसमें सेना का कोई सम्मान नहीं है। ये तो शशि थरूर का पब्लिसिटी स्टंट है। ये भारतीय जनता पार्टी के इस समय प्रवक्ता बन गए हैं।”  पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रखा जारी  गौरतलब हो कि पनामा में एक डेलीगेशन का नेतृत्व करते हुए शशि थरूर ने कहा कि “पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को जारी रखा।” इस दौरान उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की घनघोर आलोचना करते हुए कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है वह यह है कि आतंकवादियों को अब पता है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) पड़ेगी।” वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है, वह यह है कि आतंकवादियों को भी एहसास हो गया है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।” थरूर ने जोर देते हुए कहा कि इस रंच मात्र भी  संदेह नहीं होना चाहिए। जब ​​पहली बार भारत ने सितंबर 2016 में उरी में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया था। पहले से ही कुछ ऐसा था जो हमने पहले कभी नहीं किया था।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी पार  कांग्रेस सांसद ने कहा कि “कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा पार नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी। हालांकि, उरी में उसने ऐसा किया और इसके बाद जनवरी 2019 में पुलवामा हमला हुआ।” उन्होंने कहा कि “इस बार हमने न केवल नियंत्रण रेखा बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा भी पार की और बालाकोट में आतंकवादी मुख्यालय पर हमला किया। इस बार हम उन दोनों से आगे निकल गए हैं। हम न केवल नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा से आगे निकल गए हैं। हमने नौ जगहों पर आतंकी ठिकानों, प्रशिक्षण केंद्रों और आतंकी मुख्यालयों पर हमला करके पाकिस्तान के पंजाबी गढ़ पर हमला किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim #ShashiTharoor #CongressRift #PublicityStunt #IndianPolitics #CongressParty #PoliticalNews

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Caste census revolt

Caste census sparks internal revolt in Congress: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस में फूट, अगड़े नेताओं ने की राहुल गांधी के खिलाफ बगावत

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) के नेता राहुल गाँधी ने जातिगत जनगणना (Caste census) के मुद्दे को बड़े जोर-शोर उठाया था। यही नहीं, इस मुद्दे के सहारे बीजेपी पर दबाव भी बनाया था। वैसे भी कांग्रेस लंबे समय से जाति जनगणना की मांग कर रही थी। खैर, बाद में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। कहने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार का यह फैसला देश में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों के अंदर ही बेचैनी पैदा कर दी है। मजे की बात यह कि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं की अलग-अलग राय सामने आई है। कई नेता ऐसे भी हैं जो सवाल भी उठा (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे हैं। विशेषकर अगड़ी जातियों के नेताओं में इस बात की चिंता है कि इससे उनकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। जानकारी के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के भीतर की फूट पड़ गई है।  कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे नदारद  कांग्रेस पार्टी (Congress) में फूट का आलम यह है कि हाल में हुई कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता नदारद (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ये नेता जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में नहीं हैं। जाति सर्वेक्षण की इन रिपोर्टों के मुताबिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कहीं ज्यादा अधिक है। दरअसल, उनका कहना है कि “उन्हें डर है कि अगर जाति के आंकड़े सामने आए तो उनकी आबादी की तुलना में उनकी सियासी ताकत ज्यादा होने की बात उजागर हो जाएगी। जिससे उनका प्रभाव कम हो सकता है। बता दें कि तेलंगाना और बिहार में हाल ही में हुई जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह बात उजागर हुई है कि गैर-पिछड़ी जातियां को इनमें अन्य जातियां या सामान्य वर्ग की कैटगरी में रखा गया है। आंकड़ों की माने तो इन राज्यों में इनकी आबादी सिर्फ 15 फीसदी हैं। ऐसे में यहाँ बड़ा सवाल यह कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ इसी तरह आंकड़े आते हैं, तो भविष्य में ऊपरी जातियों का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, कांग्रेस के एक नेता ने राहुल गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा कि “राहुल गांधी को वीपी सिंह का उदाहरण याद रखना चाहिए। वीपी सिंह ने मंडल कमीशन लागू किया लेकिन ओबीसी समुदाय ने उन्हें कभी अपना नेता नहीं माना क्योंकि वे राजपूत थे।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी है इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष  कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष की भावना बनी हुई है। हालांकि पार्टी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि वह उस साल जाति जनगणना (Caste census) नहीं करेगी। अब इस फैसले को लेकर बीजेपी के अपने ही कुछ नेता सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि “पार्टी हमेशा से हिंदू एकता की बात करती रही है और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की वकालत करती रही है। ऐसे में जाति जनगणना का समर्थन करना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लगता है।” यही नहीं उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे कहा जाता है कि वैश्विक नेतृत्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) की बात करें। एक हैं तो सेफ हैं जैसे नारे दें, देश को तोड़ने वाली साजिशों का विरोध करें, लेकिन अब हमें जाति जनगणना का समर्थन करना पड़ रहा है।” यही नहीं, बीजेपी के कई नेताओं को तो यह भी डर है कि कहीं कांग्रेस का यह आरोप सच न साबित हो जाये कि बीजेपी उनके विचारों को कॉपी कर रही है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Caste census sparks internal revolt in Congress #CasteCensus #CongressRift #RahulGandhi #PoliticalCrisis #IndianPolitics #UpperCasteLeaders #CongressNews #CastePolitics #CongressSplit #BharatJodo

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