COVID variant update

कोविड-19 के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, जानें कोविड-19 वेरिएंट्स और म्यूटेशन के बारे में

कोविड-19 (Covid-19) यानी कोरोना वायरस (Coronavirus) एक संक्रामक बीमारी है, जिसे 2019 में चाइना में पहचाना गया था। इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैल गया था और इसके कारण करोड़ों लोग प्रभावित हुए थे। यह वायरस रेस्पिरेटरी ड्रॉप्लेट्स और दूषित सरफेस से फैल सकता है। यही नहीं, यह वायरस एयरबोर्न ट्रांसमिशन यानी वायुजनित संक्रमण के माध्यम से भी स्प्रेड हो सकता है, विशेष रूप से बंद स्थानों में। अब तक इसके कई अलग-अलग कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) सामने आ चुके हैं जैसे अल्फा, बीटा, डेल्टा, ओमिक्रॉन आदि। इसका कारण हैं म्यूटेशन। आइए जानें कि कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) कौन-कौन से हैं? कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate) यह भी जानें?   इस प्रकार है कोविड-19 (Covid-19) के वेरिएंट्स की लिस्ट अल्फा: यह वो वेरिएंट है, जो यूनाइटेड किंगडम में सबसे पहले पहचाना गया था। असली वायरस की तुलना में यह वेरिएंट 40-80% अधिक संक्रामक है।  इनके अलावा ऐसे कई कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) हैं, जिन्हें अभी मॉनिटर किया जा रहा है जैसे  JN.1,KP.3, KP.3.1.1, JN.1.18, LB.1, LP.8.1, NB.1.8.1 और XEC। आजकल कई देशों में एक नया वेरिएंट फैला हुआ है जिसका नाम है NB.1.8.1। भारत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, थाईलैंड, चीन आदि में इसके कई मामले सामने आ रहे हैं। हमारे देश में इस समय इसके लगभग 6500 एक्टिव मामले हैं। अब जानते हैं कि कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate)? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate)? एक्सपर्ट्स का मानना है कि वायरस हमारे शरीर में पहले से ही मौजूद हैं और बी हम इन्हें नष्ट करने की कोशिश करते हैं तो यह वायरस अपने रूप को बदलते हैं ताकि वो नष्ट न हो बल्कि सर्वाइव कर सकें। इस प्रोसेस में यह वायरस अधिक स्प्रेड होने और कम खतरनाक वेरिएंट्स में बदल सकता है।  एक्सपर्ट्स के अनुसार कोरोना वायरस (Coronavirus) के सभी वेरिएंट्स में ओमिक्रॉन वेरिएंट अधिक स्प्रेड हुआ था लेकिन इसके लक्षण सीरियस नहीं थे। संक्षेप में कहा जाए तो म्यूटेशन के बाद वायरस अधिक फैलता तो है लेकिन इसका प्रभाव पहले से कम हो सकता है। यही कारण है कि हाल ही में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के वेरिएंट्स को इतना खतरनाक नहीं माना जा रहा। एक्सपर्ट्स भी यह मान रहे हैं कि कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) में यह वेरिएंट कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक प्रभावित कर सकता है। लेकिन, लोग सावधानियां अवश्य बरतें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचाव हो सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Covid-19 variants #covid19 #newvariant #coronavirusupdate #mutation #covidmutation #covidnews #healthalert #covidindia #virusupdate #publichealth

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Coronavirus new variant 2025

JN.1 variant of interest: WHO ने क्यों कहा JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट? जानिए कोरोना वायरस JN.1 वेरिएंट के लक्षण और बचाव

कोरोना वायरस के फैलने की खबर एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले सिंगापूर, हॉन्गकॉन्ग और थाइलैंड में कोरोना वायरस फैलने की जानकारी मिली और अब धीरे-धीरे भारत में भी इस इंफेक्शन का खतरा एक बार फिर से बढ़ चुका है। कोरोना वायरस (Coronavirus) एक इंफेक्सियस डिजीज है और जब भी इस वायरस का नाम सामने आता है तो साल 2020 और 2021 की घटनाएं ना चाहते हुए हम सभी के जहन में आ जाता है।  ऐसे में फिर इंफेक्शन का फैलना की खबरे लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। इस बार कोविड 19 का JN.1 वेरियंट (COVID 19 JN.1 Variant) काफी चर्चा में है। क्या है JN.1 वेरिएंट (JN.1 Variant), JN.1 के लक्षण (Symptoms of JN.1 Variant)  क्या हो सकते हैं और JN.1 से बचाव कैसे संभव है ये सब समझेंगे।  क्या है JN.1 वेरिएंट?  नेशनल सेंटर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार कोरोना वायरस का JN.1 वेरिएंट है। इस बार कोविड-19 इंफेक्शन का कारण ओमिक्रोन वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को माना जा रहा है। JN.1 इंफेक्शन ओमिक्रोन के BA.2.86 फेमली से होने वाला एक नया वेरिएंट है। जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन (John Hopkins Medicine) के रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार JN.1 की पहचान पहली बार अगस्त 2023 में की गई थी। इस वेरिएंट में लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम (Immune System) से बचने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ अन्य म्यूटेशन भी होते हैं, जो इसके तेजी से फैलने की क्षमता को बढ़ाते हैं। हालांकि BA.2.86 वेरिएंट SARS-CoV-2 वेरिएंट्स में शामिल नहीं हुआ। क्या है JN.1 वेरिएंट के लक्षण? NCBI के अनुसार JN.1 वेरिएंट (Symptoms of JN.1 Variant) के लक्षण कोरोना वायरस के लक्षणों के समान हैं। जैसे: ऊपर बताए लक्षण JN.1 वेरिएंट के लक्षण  (Symptoms of JN.1 Variant) हो सकते हैं। इसलिए अगर ऊपर बताए लक्षणों में कोई भी लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।  कितना खतरनाक है कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant)? कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant) कितना खतरनाक है, इसकी जानकारी अब तक शेयर नहीं की गई है और WHO इसपर नजर बनाए हुए है और इसे JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट (JN.1 as a variant of interest) कहा है। लेकिन ये जरूर कहा जा रहा है कि कमजोर इम्मुनिटी वाले लोगों में कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) का भी खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इम्मुनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाए रखना बेहद जरुरी है।  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां JN.1 वेरिएंट से बचाव कैसे संभव है?  JN.1 वेरिएंट से बचाव के लिए नीचे दिए पॉइंट्स को ध्यान रखें और फॉलो करें- इन ऊपर बताए बिंदुओं को फॉलो कर JN.1 वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है।  ध्यान रखें कि किसी भी बीमारी या  इंफेक्शन से आसानी से बचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए सतर्कता जरुरी है। इसलिए किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी महसूस होने पर डरे नहीं और हेल्थ एक्सपर्ट से अपनी शारीरिक समस्या के बारे में बात करें। कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) संक्रामक जरूर है लेकिन इससे आसानी से बचा जा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi (NCBI) #JN1Variant #COVID19 #WHOAlert #CoronavirusUpdate #CovidSymptoms #JN1Symptoms #VirusPrevention #HealthAlert

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