Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

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Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi: मोदी सरकार के इस फैसले के बाद WiFi से भी सुपरफास्ट चलेगा इंटरनेट

इंटरनेट की स्पीड को लेकर बहुतों की शिकायत रहती है। बढ़ते समय के साथ-साथ इंटरनेट का धीमा होना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। दरअसल, वर्तमान में भारत में अधिकतर वाई-फाई राउटर 2.4 GHz और 5 GHz फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। इन दोनों बैंड पर अधिक क्राउड होने की वजह से इंटरनेट की सपीड स्लो हो जाती है। जानकारी के मुताबिक बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारत सरकार ने 6 GHz बैंड का एक हिस्सा (5925 MHz से 6425 MHz तक) बिना किसी लाइसेंस के इस्तेमाल करने की इजाजत देने वाला ड्राफ्ट जारी किया (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। इसके तहत 6 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड को घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बिना लाइसेंस के इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट नियमों में कहा गया है कि 5925-6425 MHz बैंड में काम करने वाले लो-पावर इंडोर या बहुत लो-पावर आउटडोर डिवाइस के लिए अब कोई लाइसेंस या अनुमति की जरूरत नहीं होगी। बस शर्त यह है कि ये डिवाइस दूसरों के सिग्नल में दखल न दें।  कहने की जरुरत नहीं, इसका सीधा असर देशभर के यूजर को होगा।  अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं इस्तेमाल  इसकी मंजूरी मिलते ही Wi-Fi 6E और Wi-Fi 7 जैसे नए राउटर, इस नए फ्रीक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल कर सकेंगे। कहा जा रहा है कि यह बैंड तेज स्पीड, कम लेटेंसी और बढ़िया परफॉर्मेंस देता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इससे वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग एकदम स्मूथ हो जाएगी। बता दें कि अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को इस्तेमाल कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं। खैर,अब भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ाने जा है। आसान भाषा में समझें तो यदि आपके पास Wi-Fi 6E या Wi-Fi 7 राउटर है या आप आने वाले समय में खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह नियम विशेषकर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे घर के भीतर आपको तेज इंटरनेट और बेहतर नेटवर्क क्वालिटी मिलेगी। लेकिन ध्यान रहे यह सुविधा सिर्फ घर के भीतर के लिए है। ध्यान यह भी रहे कि इसका इस्तेमाल गाड़ियों, जहाजों, ड्रोन या खुले मैदान में नहीं किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि इस पर फ्रीक्वेंसी सिर्फ लो-पावर डिवाइस ही इस फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकेंगे ताकि दूसरों के नेटवर्क में खलल न आये।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर ले (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) जाएगा आगे   अच्छी बात यह कि इंडस्ट्री ग्रुप जैसे आईएएफआई (IAFI) और बीआईएफ (BIF) ने मोदी सरकार के इस फैसले की सराहना की (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। उनका मानना है कि इससे विशेषतः स्कूलों, अस्पतालों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। आईएएफआई के अध्यक्ष भारत भाटिया ने इसे दूरदर्शी कदम हुए कहा कि “यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर आगे ले जाएगा।” वहीं BIF के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने कहा कि “500 MHz का यह कदम सही दिशा में है लेकिन भविष्य में और ज्यादा बैंड को खोलने की जरूरत होगी ताकि पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके।” देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कितनी जल्दी इसपर करती है और लोगों को धीमे इंटरनेट से राहत प्रदान करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi #ModiGovt #InternetSpeed #DigitalIndia #WiFiUpgrade #5GIndia #SuperfastInternet #BroadbandIndia #IndiaTech #TechNews #Modi2025

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Airtel SpaceX partnership: जिओ के सुस्त इंटरनेट से मिलेगी मुक्ति, अब ग्राहकों को मिलेगा सुपर-फास्ट इंटरनेट

एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की भारत में एंट्री होने तो जा रही है। भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और ग्राहकों को सुपर-फास्ट इंटरनेट देने के लिए भारती एयरटेल और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (Airtel SpaceX partnership) ने हाथ मिलाया है। इस डील के तहत स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट को भारत में लॉन्च किया जाएगा। दरअसल, एयरटेल ने मंगलवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इस एग्रीमेंट की जानकारी दी। यह तो ठीक, लेकिन यह डील अभी भारत सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। गौर करने वाली बात यह कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क की हालिया मुलाकात के कुछ हफ्ते बाद ही आया है। बता दें कि मोदी ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान मस्क से मुलाकात की थी, जिसमें इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर सहयोग बढ़ाने की बात हुई थी। मुख्य बात यह कि एलन मस्क लंबे समय से स्टारलिंक को भारत में लाना चाहते थे, लेकिन रेगुलेटरी चुनौतियों और रिलायंस जिओ जैसे घरेलू टेलीकॉम दिग्गजों के विरोध के चलते मामला अटका हुआ था। यही नहीं, नवंबर 2022 में भारतीय टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि “स्टारलिंक ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया है, जिससे उसका सैटेलाइट कम्युनिकेशन लाइसेंस रुका हुआ है।” कहने की जरूरत नहीं, भारत एक बड़ा बाजार है, जहां 1.4 अरब लोगों में से तकरीबन 40 फीसदी लोगों के पास अभी भी इंटरनेट नहीं है।  सस्ता और भरोसेमंद इंटरनेट मिल सके इसलिए स्टारलिंक एयरटेल के उत्पादों (Airtel SpaceX partnership) को बनाएगा बेहतर  एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के साथ हुए समझौते पर (Airtel SpaceX partnership) एयरटेल के वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल का कहना है कि “भारत में स्पेसएक्स के साथ काम करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह अगली पीढ़ी की उपग्रह कनेक्टिविटी के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाता है।” यह साझेदारी हमें भारत के सबसे दूरस्थ इलाकों में भी हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने की क्षमता देगी। प्रत्येक भारतीय को सस्ता और भरोसेमंद इंटरनेट मिल सके इसलिए स्टारलिंक एयरटेल के उत्पादों को और बेहतर बनाएगा। तो वहीं इस डील पर स्पेसएक्स की प्रेसिडेंट ग्विन शॉटवेल ने कहा कि “हम एयरटेल के साथ काम करके भारत के लोगों के लिए स्टारलिंक के ट्रांसफॉर्मेटिव प्रभाव को लेकर उत्साहित हैं। एयरटेल की टीम ने भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है, इसलिए उनके साथ काम करना हमारे लिए सही कदम है।” इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी का हमला: जाफर एक्सप्रेस हाईजैक, 400 से ज्यादा यात्री बंधक स्पेसएक्स को इंडियन अथॉरिटी से लाइसेंस मिलना है (Airtel SpaceX partnership) बाकी  भले ही एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की भारत में एंट्री होने तो जा रही है लेकिन अभी तक स्पेसएक्स को इंडियन अथॉरिटी से लाइसेंस मिलना बाकी है। ऐसे में सवाल ये है कि स्टारलिंक (Airtel SpaceX partnership) अगर भारत में दस्तक देती है तो इससे क्या फायदा होगा? इस डील का बड़ा फायदा यह कि भारत में स्टारलिंक एयरटेल के जरिए अपने इक्विपमेंट्स बेच सकेग। इस पार्टनरशिप से दोनों ही कंपनियों को फायदा होगा। इससे एयरटेल स्टारलिंक का इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकेगा, तो वहीं मस्क की कंपनी के लिए भारत में अपना विस्तार करना आसान हो जाएगा। दोनों कंपनियां ग्रामीण स्कूलों, हेल्थकेयर सेंटर्स और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए मिलकर काम करेंगी। और तो और इससे एयरटेल के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा स्टारलिंक को भी मिलेगा। इससे भारत में न सिर्फ इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि रूरल और रिमोट एरिया में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा मिल सकेगी। यही नहीं भारत में किफायती दरों पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड एक्सेस मिल सकेगा। इसके अलावा दूरदराज के जिन इलाकों में कनेक्टिविटी नहीं है, वहां भी आसानी से इंटरनेट पहुंच पाएगा। बड़ी बात यह कि आम लोगों को सबसे कम कीमत वाली सैटेलाइट इंटररनेट सर्विस मिल सकेगी Latest News in Hindi Today Hindi news #AirtelSpaceXPartnership #StarlinkIndiaLaunch #HighSpeedInternetIndia #SatelliteInternet #DigitalIndia #ElonMusk #BhartiAirtel #SpaceX #InternetRevolution #JioCompetitor

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