Elon Musk warns Trump of launching a new ‘American Party’

एलॉन मस्‍क की राष्ट्रपति ट्रंप को खुली धमकी- ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पास हुआ तो बनाऊंगा नई ‘अमेरिकन पार्टी’

अरबपति एलॉन मस्क (Elon Musk) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ‘वन बिग, ब्यूटीफुल बिल’ की एक बार फिर से जमकर आलोचना की है। इस आलोचना के दौरान एलॉन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को खुली धमकी भी दे डाली। उन्‍होंने कहा कि इस बिल को अगर सीनेट मंजूरी देती है, तो वह बिल पास होने के अगले ही दिन ‘अमेरिकन पार्टी’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। एलॉन मस्क ने इस बिल को ट्रंप का पागलपन बताते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों  टैक्‍सपेयर्स पर एक बोझ की तरह होगा।   बता दें कि ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ ट्रंप का ड्रीम बिल है। इसमें टैक्स कटौती, अवैध प्रवासियों को देश से निकालने और सेना का बजट बढ़ाने जैसी अहम योजनाओं पर खर्च को कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। डोनाल्ड ट्रंप इस खास बिल के जरिए साल 2017 में लागू किए गए टैक्स कटौती योजना को और आगे ले जाना चाहते हैं। साथ ही देश से प्रवासियों को निकालने के साथ सेना को और मजबूत बनाना चाहते हैं। इस बिल में 4.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। इस भारी भरकम बिल के कारण ही आलोचक इसका विरोध कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि अगर यह बिल पास होता है तो अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज में करीब 3.3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोत्तरी होगी साथ ही गरीबों के हेल्थकेयर में 1 ट्रिलियन डॉलर की कटौती की जाएगी।  एलॉन मस्क ने सांसदों को भी दे दी खुली धमकी  एलॉन मस्क (Elon Musk) ने इस बिल का शुरू से ही तीखा विरोध कर रहे हैं। इस बिल की वजह से ही वो ट्रंप के दोस्त से उनके दुश्मन बन चुके हैं। ट्रंप प्रशासन का साथ छोड़ने के बाद से ही वो इस बिल का खुला विरोध करते आ रहे हैं। इस बार भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘देश का हर वो सांसद जो देश के पैसे का बर्बादी नहीं चाहता और खर्च कम करना चाहता है। अगर वो कर्ज बढ़ाने वाले इस ऐतिहासिक बिल के पक्ष में वोट देता है, उसे शर्म आनी चाहिए।’ इस के साथ मस्क ने यह भी धमकी दी कि, ‘अगर किसी सांसद ने इस बिल के पक्ष में वोट किया, तो उसे मैं अगले साल उनके प्राइमरी चुनाव में हराकर दम लूंगा, इसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।’ लोगो को नया विकल्प देने के लिए बनाउंगा नई पार्टी- मस्क  एलॉन मस्क ने अपने एक दूसरे पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर ये ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पास हुआ, तो वे अगले ही दिन ‘अमेरिकन पार्टी’ के नाम से नई पार्टी बनाएंगे। अब वक्त है कि अमेरिकी लोगों को रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स के अलावा एक तीसरी राजनीतिक पार्टी का भी विकल्प दिया जाए। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।   इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ सीनेट में वोटिंग शुरू, 7 घंटे में मात्र 14 वोट  बता दें कि, अमेरिकी सीनेट में इस बिल पर सोमवार को वोटिंग की गई। अमेरिका में किसी भी बिल के संशोधन पर अलग-अलग वोटिंग होती है। इस बिल पर पहले 7 घंटे के दौरान मात्र 14 वोट ही पड़े। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी इस बिल को शुक्रवार तक सीनेट में पास कराना चाहती है, लेकिन यहां पर रिपब्लिकन पार्टी अल्पमत में है। जिसकी वजह से इस बिल के सीनेट में लटकने की संभावना ज्यादा है। अगर यहां से यह बिल पास हो जाता है तो इसे हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रखा जाएगा, जहां रिपब्लिकन बहुमत में हैं। हालांकि डेमोक्रेट्स के साथ कुछ रिपब्लिकन भी इस बिल का खुल कर विरोध कर रहे हैं। ऐसे लोगों का दावा है कि अगर यह बिल आया तो लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप इस बिल को अपनी नीतियों की बड़ी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk #ElonMusk #DonaldTrump #AmericanParty #USPolitics #OneBigBeautifulBill #MuskVsTrump #USElection2025

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PM Modi and President Trump

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘भारत के साथ ट्रेड डील लगभग फाइनल, चीन को लेकर भी कर दी बड़ी घोषणा

अमेरिका और भारत के बीच हो रहे ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ा संकेत दिया है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने व्हाइट हाउस में हो रहे बिग ब्यूटीफुल बिल इवेंट में बोलते हुए कहा कि वो जल्द ही भारत के साथ एक बहुत बड़ी डील (Indo-US Trade Deal) करने जा रहे हैं। यह डील अमेरिका और भारत दोनों के लिए फायदेमंद रहने वाला है। इसी इवेंट में ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील हो चुकी है। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने इसी साल 2 अप्रैल को कई देशों पर भारी भरकम टैक्स लगाने की घोषणा की थी। इसी दौरान भारत से आने वाले कई सामानों पर भी 26 फीसदी तक एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की घोषणा की गई थी। हालांकि, दबाव बढ़ने पर ट्रंप प्रशासन ने नए ट्रैरिफ पर 90 दिनों की रोक लगाते हुए कहा था कि यह टैक्स 9 जुलाई से दोबारा लागू होगा। इसके बाद से ही ट्रंप प्रशासन के अधिकारी कई देशों के साथ बातचीत कर इस ट्रेड डील करने में जुटा है। पिछले कई दिनों से अमेरिकी अधिकारी भारत से भी ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) करने में जुटे हैं। भारत चाहता है कि उसे अमेरिका द्वारा थोपे गए इस एक्स्ट्रा टैक्स से पूरी तरह छूट मिले। वहीं, अमेरिका चाहता है कि उसके कृषि उत्पादों के लिए  भारत अपने बाजार को पूरी तरह खोले और कुछ खास प्रोडक्ट्स पर टैक्स छूट दे। ट्रंप ने ट्रेड डील के बारे में क्या कहा? बिग ब्यूटीफुल बिल इवेंट में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसी मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि, “हर कोई हमारे साथ सौदा करना चाहता है और ट्रेड डील का हिस्सा बनना चाहता है। आप लोग याद कीजिए कुछ महीने पहले मीडिया कहती थी कि, क्या वाकई कोई देश है जिसकी हमारे साथ ट्रेड डील करने में कोई दिलचस्पी हो? छोड़ो, हमने कल ही खास ट्रेड डील पर चीन के साथ हस्ताक्षर किए हैं। हमने पिछले कुछ दिनों में कई बेहतरीन सौदे किए हैं। हमारे पास एक और बड़ा सौदा करने वाले हैं, शायद भारत (Indo-US Trade Deal) के साथ। यह बहुत बड़ा होने वाला है। जहां हम एक तरफ भारत के दरवाजे अपने लिए खोलने जा रहे हैं, वहीं चीन के दरवाजे अपने लिए खोल चुके हैं।”  ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा कि इस तरह का खास सौदा हर देश के साथ नहीं किया जाएगा। इस तरह का सौदा कुछ खास देशों के लिए ही है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम हर किसी के साथ इस तरह का सौदा नहीं करेंगे। कुछ देशों को हम सिर्फ पत्र भेजकर उनका धन्यवाद करेंगे। ऐसे देशों को अमेरिका में अपना प्रोडेक्ट बेचने के लिए 25, 35, 45 फीसदी टैरिफ का भुगतान करना ही होगा। यह तरीका सभी के लिए आसान होगा।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भारत और चीन से डील के बारे विस्तार से नहीं बताया  ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान न तो यह बताया कि अमेरिका ने चीन के साथ किस तरह की डील की है और न ही यह बताया कि भारत के साथ किस तरह की डील करने जा रहे हैं। हालांकि इसी माह के शुरुआत में CNN ने चीन के साथ ट्रेड डील को लेकर एक रिपोर्ट लिखी थी, जिसमें बताया था कि दोनों देश एक नया व्यापार समझौता करने के बेहद करीब हैं। यह डील अमेरिका के लिए ज्यादा फायदेमंद होने वाला है। इसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि भारत और अमेरिका भी ट्रेड डील पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान में सीजफायर कराने का जबरन श्रेय लेने के कारण भारत इस डील को धीमा कर दिया है। हालांकि ट्रंप के बयान से ऐसा लग रहा है कि दोनों देश इस डील के करीब पहुंच गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indo-US Trade Deal #donaldtrump #indiatradedeal #usindiarelations #chinaannouncement #trumplatestnews

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What is Truth Social?

क्या है Truth Social? पीएम मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप भी एक्टिव हैं इस अकाउंट पर

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platform) न केवल बातचीत का माध्यम है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को भी दिशा दे रहे हैं। इसी संदर्भ में एक नाम तेजी से चर्चा में आया है और वह है ट्रुथ सोशल (Truth Social)। इस प्लेटफॉर्म पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) द्वारा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का भी अकाउंट बना हुआ है।   ट्रुथ सोशल (Truth Social) क्या है? ट्रुथ सोशल (Truth Social) एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  (Social Media Platform) है जिसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2021 में लॉन्च किया था। यह प्लेटफॉर्म ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (Trump Media & Technology Group {TMTG}) के अंतर्गत आता है। इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने का उद्देश्य था एक ऐसा मंच तैयार करना जो फ्री स्पीच (Free Speech) को प्राथमिकता दे और पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स  (Social Media Platforms) जैसे ट्विटर (X), फेसबुक (Facebook) आदि के मुकाबले एक अन्य विकल्प हो। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का ट्विटर अकाउंट 2021 में अमेरिकी संसद पर हुए हमले के बाद स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने  ट्रुथ सोशल (Truth Social) की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म को एक रूढ़िवादी विकल्प (Conservative alternative) के रूप में देखा गया, जो विशेष रूप से उन विचारधाराओं को मंच देने का दावा करता है जो मुख्यधारा के प्लेटफॉर्म्स पर सेंसर हो सकती हैं। ट्रुथ सोशल (Truth Social) की क्या है खासियत?  पीएम मोदी भी हैं Truth Social पर एक्टिव   2025 में यह खबर सामने आई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भी ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर अपना आधिकारिक अकाउंट बनाया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि भारत सरकार भी वैकल्पिक सोशल मीडिया मंचों पर अपनी मौजूदगी को मजबूत करना चाहती है। पीएम मोदी सोशल मीडिया (Social Media) के प्रभाव को समझने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने पहले भी ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे मंचों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।  ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर उनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार वैश्विक और वैकल्पिक मंचों पर भी सक्रिय रहना चाहती है, खासकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर जो फ्री-स्पीच को प्राथमिकता देते हैं। इसे भी पढ़ें:-  Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान ट्रंप और  ट्रुथ सोशल का क्या है रिश्ता?  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस प्लेटफॉर्म के संस्थापक और प्रमोटर हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल (Truth Social) को बिग टेक (Big Tech) के खिलाफ एक हथियार के रूप में खड़ा किया है। ट्रंप का आरोप रहा है कि ट्विटर, फेसबुक जैसी कंपनियां दक्षिणपंथी विचारों को दबाने का काम करती हैं। ट्रुथ सोशल के ज़रिए वे एक ऐसी जगह तैयार करना चाहते थे जहाँ उनके समर्थक बिना डर या सेंसरशिप के अपनी बात कह सकें। हालांकि ट्रंप को बाद में ट्विटर (अब एक्स) पर वापस बुला लिया गया, लेकिन उन्होंने अभी भी ट्रुथ सोशल (Truth Social) को बरकरार रखा है।  ट्रुथ सोशल (Truth Social) ने शुरुआत में बड़ी चर्चा बटोरी थी, लेकिन यह अभी भी ट्विटर या फेसबुक जैसी वैश्विक लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया है। इसके सीमित यूज़रबेस, तकनीकी गड़बड़ियों और राजनीतिक विवादों ने इसकी गति को कुछ हद तक धीमा कर दिया। इसके अलावा यह मंच मुख्य रूप से अमेरिकी उपयोगकर्ताओं पर केंद्रित रहा है। लेकिन पीएम मोदी जैसे वैश्विक नेता का इस पर आना इस बात का संकेत हो सकता है कि यह प्लेटफॉर्म आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खुद को स्थापित करने की कोशिश करेगा। ट्रुथ सोशल एक वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जो फ्री स्पीच (Free Speech) के विचार को आगे बढ़ाने का दावा करता है। डोनाल्ड ट्रंप की पहल से शुरू हुआ यह मंच अब वैश्विक नेताओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इसमें शामिल होना इस दिशा में एक बड़ा संकेत है कि भारत वैश्विक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाना चाहता है। ट्रुथ सोशल (Truth Social) का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि यह किस तरह खुद को ग्लोबली रिप्रेजेंट करता है और क्या यह अपने वादे के अनुसार वाकई एक स्वतंत्र और निष्पक्ष मंच है या नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi Truth Social #truthsocial #PMModi #DonaldTrump #SocialMediaNews #TruthApp #ModiTrump #TrendingNews

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Trump T1 phone

डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉन्च किया अपना स्मार्टफोन ‘ट्रम्प टी1’, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन

जैसे आजकल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं, वैसे ही उनके नाम का फोन भी लोगों में प्रसिद्ध हो रहा है। इस फोन का नाम है “ट्रम्प टी1 (Trump T1)”। जैसा की पता चल रहा है कि इस स्मार्टफोन (Smartphone) का नाम डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नाम पर रखा गया है जिसमें टी1 का अर्थ है ट्रंप1। इस फोन को ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन द्वारा लॉन्च किया गया है और यह अपने फीचर्स और डिजाइन की वजह से लोगों को पसंद आ रहा है। इस फोन को बनाने का उद्देश्य अमेरिका में बनाए प्रोडक्ट्स को लोगों में पॉपुलर बनाना है। आइए जानें ट्रम्प टी1 (Trump T1) के बारे में विस्तार से। इसके फीचर्स के बारे में भी जानें। ट्रम्प टी1 (Trump T1) के बारे में जानकारी ट्रम्प टी1 (Trump T1) को “मेड इन यूएसए” टैगलाइन के साथ बाजार में उतारा गया है, ताकि लोग अमेरिकी उत्पादों के प्रति आकर्षित हों और उनका अधिक इस्तेमाल करें। आइए जानें क्या हैं इसके फीचर्स और क्यों है यह खास:   डिजाइन  ट्रम्प टी1 (Trump T1) का डिजाइन एकदम यूनिक और लाजवाब है। इसकी बॉडी गोल्डन रंग की है। अगर बात की जाए इसकी डिस्प्ले की, तो इस फोन की डिस्प्ले  6.8 इंच की है और यह AMOLED डिस्प्ले है। इससे यूजर हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियोज का मजा ले पाएंगे। इसके साथ ही इस स्मार्ट फोन में 120Hz का रिफ्रेश रेट भी है। गेमिंग के शौकीन लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। अगर आप गेमर हैं तो इसे ट्राई कर सकते हैं।  कैमरा अगर आप फोटोग्राफर हैं या फोटोज खींचना व खिंचवाना आपको पसंद है, तो आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के नाम वाला यह स्मार्टफोन (Smartphone) 50MP का प्राइमरी रियर कैमरे के साथ आपको मिलेगा। 16MP का फ्रंट कैमरा की वजह से सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए भी इसका इस्तेमाल बेहतरीन माना गया है। बैटरी ट्रम्प टी1 (Trump T1) की बैटरी 5000mAh की है। इसका अर्थ है कि थोड़ी देर इसे चार्ज करके आप पूरा दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। चार्जिंग की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप इस ट्रंप फोन को खरीद सकते हैं। थोड़ी ही देर में यह पूरा चार्ज हो जाता है और जल्दी डिस्चार्ज नहीं होता। स्टोरेज इस स्मार्टफोन (Smartphone) में 12GB रैम और 256GB की इंटरनल स्टोरेज मौजूद है। आप एक अलग मेमोरी कार्ड से इसे बढ़ा भी सकते हैं। इसकी स्टोरेज अच्छी है, जिसकी वजह से आप कुछ बिना खोये अपनी जरूरी फोटो, वीडियोज और अन्य डाक्यूमेंट्स को स्टोर कर के रख सकते हैं। ट्रम्प टी1 (Trump T1) स्मार्टफोन में एंड्रॉइड 15 है। यही नहीं इनमें  फिंगरप्रिंट सेंसर और एआई फेस अनलॉक जैसे अन्य कई फीचर्स  भी हैं। ट्रम्प टी1 (Trump T1) में केवल एक ही मोबाइल प्लान चलेगा जिसका नाम है द 47 प्लान। इसकी कीमत एक महीने की  47.45 डॉलर है। इस प्लान से यूजर को अनलिमिटेड टॉक, टेक्स्ट और डेटा मिलेगा। अगर बात की जाए इस फोन की कीमत की है तो इसकी कीमत 499 डॉलर यानी लगभग 43,000 रुपए है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डिजाइन बेहतरीन और पावरफुल है ट्रम्प टी1 (Trump T1) फोन एक ऐसा स्मार्टफोन (Smartphone) है जिसका डिजाइन बेहतरीन है और यह पावरफुल है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह फोन एक अच्छा विकल्प है लेकिन आईफोन से इसकी तुलना नहीं की जा सकती है। क्योंकि, इसकी क्वालिटीज और मैनुफेक्चर क्वालिटी आईफोन के समान नहीं है। फिर भी यह एक अच्छा स्मार्टफोन (Smartphone) है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशंसक इस फोन को खरीद कर अमेरिकी फोन की खरीद को बढ़ावा दे सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Trump T1 #trumpt1 #donaldtrump #smartphonelaunch #trumptech #mobilespecs #latesttechnews #trumpphone #trends2025

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Trump cryptic statement

Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir: आखिर ट्रंप ने क्यों कहा, कोई नहीं जानता कि मैं क्या करूंगा, मचा हड़कंप

बीते सप्ताह भर से इजरायल और ईरान के बीच आत्मघाती हमले जारी हैं। एक तरफ जहां इजरायल तेहरान के अलग-अलग हिस्सों में एयर स्ट्राइक कर रहा है और उसके न्यूक्लियर ठिकानों को नुकसान पहुंचा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान इजरायल पर लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहा है। यही नहीं, ईरान-इजरायल युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमले को मंजूरी दे दी है। फिलहाल उन्होंने अंतिम आदेश के लिए रुकने को कहा है। उनके मुताबिक फाइनल आदेश के बाद हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) जाएगा। दरअसल, वो यह देख रहे हैं कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम की हठ छोड़ता है या नहीं। खैर, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आने को तैयार था, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।  आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है फर्क  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अब बातचीत का समय बीत चुका है। ट्रंप ने कहा कि आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी फर्क आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है। अब किसी को नहीं पता कि मेरा अगला कदम क्या होगा, क्योंकि मेरा धैर्य अब खत्म हो गया है। उन्होंने आगे कहा, “ईरान की ओर से व्हाइट हाउस आने का सुझाव भी दिया गया था। यह एक साहसिक कदम था, लेकिन उनके लिए ऐसा करना आसान नहीं होता।” दरअसल, ट्रंप से उस बयान पर पूछा गया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया था। इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं उन्हें सिर्फ शुभकामनाएं दूंगा। अब हमारा सब्र जवाब दे चुका है। उनका देश बर्बादी के कगार पर है। कई लोगों की जान जा चुकी है। जो कि बेहद दुखद है। इस दौरान  जब ट्रंप से यह जानने की कोशिश की गई कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा? तो उन्होंने शांत शब्दों में कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी कि हमला होगा या नहीं।  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया करारा जवाब गौरतलब हो कि राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) के बयान से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को करारा जवाब (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया है। खामेनेई ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान अपने शहीदों के खून की अनदेखी नहीं करेगा और उसे हमेशा याद रखेगा। विदित हो कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खामेनेई को सख्त संदेश देते हुए कहा था कि ईरान को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। इसके जवाब में खामेनेई ने अमेरिका को तीखा संदेश भेजा।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा, और यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे जिनकी भरपाई संभव नहीं होगी। इस दौरान खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान विदेशी शक्तियों की किसी भी धमकी या दबाव के सामने झुकेगा नहीं। खामेनेई ने बेबाकी अंदाज में दो टूक कहा, हम न तो किसी जबरन थोपे गए युद्ध को स्वीकार करेंगे और न ही किसी थोपी गई शांति को हम हर परिस्थिति में डटकर मुकाबला करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir #Trump #DonaldTrump #USPolitics #CrypticStatement #GlobalNews #2025Elections #TrumpNews

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Trump warns Iran

Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- तेहरान नहीं बना सकता परमाणु बम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर खुली धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा स्पष्ट रूप से कह दिया है कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है। अमेरिका ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा। अमेरिका ने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि पश्चिम एशिया जंग की चपेट में आ सकता है। हैरत यह कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया से अपने कर्मचारियों को बाहर निकालने की कवायद भी शुरू कर (Trump Warns Iran) दी है। यही नहीं, हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बात की ओर इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ कोई खतरनाक कदम उठा सकता है। अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला भी कर सकता है। खैर, इन सब के बीच ट्रंप ईरान को धमकी भरे लहजे में कहा कि मैंने जो कहा है वो सिर्फ बयान नहीं है बल्कि ईरान के लिए सीधी चेतावनी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। इस दरम्यान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था, मैंने उनसे कहा कि अभी ऐसा करना अनुचित होगा क्योंकि हम समाधान के बहुत करीब हैं। सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है इस बीच तेजी से बदलते हालात को देख अमेरिका के विदेश विभाग और सेना ने कहा है, पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए अमेरिका इस क्षेत्र में अपने दूतावासों में उन कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है जिनकी वहां जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है। विदेश विभाग ने इस क्षेत्र को लेकर लेवल 4 कैटेगरी की चेतावनी भी जारी की है और अपने लोगों से इन इलाकों की यात्रा ना करने को कहा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय कमान पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पर पैनी नजर रख रही है। बुधवार शाम को वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें वहां से हटाया जा रहा है क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है। हमने वहां से हटने के लिए नोटिस दे दिया है और हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील  अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा गौरतलब है कि, अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर ईरान पर लगातार दबाव बनाते रहे हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को लेकर कहा था कि आप कौन होते हैं तेहरान को यह बताने वाले कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं। अमेरिका का परमाणु प्रस्ताव हमारी शक्ति के सिद्धांत के 100 फीसदी खिलाफ है। खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा। खैर, यह सब चल ही रहा था कि इस बीच ईरान ने आग में घी डालने का काम करते हुए बड़ा बयान दिया है। ईरान ने हाल ही में दावा किया था उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है। बता दें कि ईरान ने  यह भी कहा था कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। ईरान ने सीधे धमकी देते हुए कहा था कि अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran #trump #iran #donaldtrump #nuclearbomb #iranthreat #usnews #worldnews #breakingnews #internationalnews #globaltensions

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Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

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Trump’s Announcement Sparks Market Rally

Donald Trump announcement: डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान से बजार में आई तेजी, इन तीन लोगों ने की बंपर कमाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी राहत (Donald Trump announcement) देते हुए टैर‍िफ पर अगले 90 दिनों तक रोक लगा दी है। यह ऐलान होते ही कई द‍िन से ग‍िरावट से जूझ रहे शेयर बाजार में अचानक से बड़ी उछाल देखी गई। इस राहत के सबसे अधिक असर अमेरिकी शेयर बाजार पर पड़ा। शेयर बाजार में आई तेजी का सबसे अधिक ललाभ दुन‍िया के चुन‍िंदा अरबपत‍ियों को हुआ। आपको बता दें कि ज‍िन कारोबार‍ियों को सबसे ज्‍यादा लाभ हुआ है उनमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग और जेफ बेजोस का नाम शामिल है। गौर करने वाली बात यह कि ट्रंप के ऐलान के बाद शेयर बाजार में आई तेजी के दम पर इन तीनों ने चंद घंटों में तकरीबन 80 अरब डॉलर कमा ल‍िये। इस ऐलान का सबसे ज्‍यादा असर टेस्ला, अमेजन और मेटा समेत कई दिग्गज टेक कंपन‍ियों के शेयरों पर देखाा गया। ब्‍लूमबर्ग ब‍िलेन‍ियर इंडेक्‍स की माने तो एलन मस्‍क को सबसे अधिक 35.9 ब‍िल‍ियन डॉलर का फायदा हुआ। इस लाभ के साथ उनकी संपत्‍त‍ि बढ़कर 326 अरब डॉलर हो गई। दुन‍ियाभर के अरबपत‍ियों में मुकेश अंबानी 17वें पायदान पर हैं और उनकी संपत्‍त‍ि इस समय तकरीबन 84 ब‍िल‍ियन डॉलर है।  ट्रंप के ऐलान के बाद (Donald Trump announcement) मस्क ने एक ही द‍िन में 35.9 अरब डॉलर (3,08,883.6 करोड़ रुपये) कमाए  ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक (Donald Trump announcement) मस्क ने एक ही द‍िन में 35.9 अरब डॉलर (3,08,883.6 करोड़ रुपये) कमा ल‍िये। इसके अलावा मार्क जुकरबर्ग को 25.9 अरब डॉलर का फायदा हुआ तो वहीं जेफ बेजोस को 18.5 अरब डॉलर का मुनाफा हुआ। यही नहीं, लैरी एल‍िसन को भी 15 अरब डॉलर का फायदा हुआ। बता दें कि 107 अरब डॉलर की ग‍िरावट के बाद भी एलन मस्क टॉप पर बने हुए हैं। उनकी कुल नेटवर्थ 326 ब‍िलियन डॉलर पर पहुंच गई है। इस ल‍िस्‍ट में जेफ बेजोस 210 ब‍िल‍ियन डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। उन्‍हें शुरुआती तीन महीने में 28.7 ब‍िल‍ियन डॉलर का नुकसान हुआ है।  इसे भी पढ़ें:– क्या सच में जानबूझकर मार्केट गिरा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? ट्रंप द्वारा दी गई राहत (Donald Trump announcement) का सबसे ज्‍यादा असर टेक शेयरों पर देखने को मिला यही नहीं, इस ल‍िस्‍ट में तीसरे नंबर पर मार्क जुकरबर्क हैं। उनकी कुल 207 ब‍िल‍ियन डॉलर की संपत्‍त‍ि है। इस साल उन्‍हें 723 म‍िल‍ियन डॉलर का नुकसान हुआ। बुधवार को टेस्ला के शेयर में करीब 23 प्रत‍िशत का बंपर उछाल देखा गया। ट्रंप द्वारा दी गई राहत (Donald Trump announcement) का सबसे ज्‍यादा असर टेक शेयरों पर देखने को मिला। बता दें कि नैस्डैक में 12.2% की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त का असर मेटा और अमेजन के शेयर पर भी दिखा। दोनों के शेयरों में क्रमश: 15 प्रत‍िशत और 12 प्रत‍िशत की बढ़त देखी गई।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump announcement #DonaldTrump #TrumpAnnouncement #StockMarket #MarketRally #EconomicNews #WallStreet #InvestorsGain #TrumpEffect #USPolitics #FinancialNews

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Donald Trump Market Crash

Donald Trump market crash: क्या सच में जानबूझकर मार्केट गिरा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?

रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने के बाद से दुनियाभर के शेयर बाजार में हंगामा मचा हुआ है। अमेरिका से लेकर जापान समेत भारत भी इस आग की जद्द में आ गया है। क्या चीन क्या भारत सब टैरिफ की आग में बुरी तरह झुलस रहे हैं। एक तरफ जहां दुनियाभर के विशेषज्ञ इसे दुनिया के लिए खतरनाक बता रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ट्रंप का कहना है कि इससे अमेरिका अमीर बन जायेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप अमेरिका को बनाने के लिए जानबूझकर बाजार गिरा (Donald Trump market crash) रहे है? इसके पीछे उनकी कोई गहरी सोची समझी साजिश है? उनकी इस हरकत एक सोशल मीडिया पोस्ट ने हवा दे दी है। दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो साझा किया। साझा किये इस वीडियो में यह दावा किया गया कि “वे जानबूझकर अमेरिकी शेयर बाजार को गिरा रहे हैं। इस रणनीति को वीडियो में वाइल्ड चेस मूव बताया गया और कहा गया कि शेयर बाजार से पैसा निकलकर ट्रेजरी बॉन्ड्स में जाएगा, जिससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें घटाने का दबाव बढ़ेगा। नतीजतन डॉलर कमजोर होगा। मॉर्गेज दरें घटेंगी और सरकारी कर्ज सस्ता हो जाएगा।  ट्रंप बाजार पर गिरने का (Donald Trump market crash) बना रहे हैं दबाव  ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि उनके इस पोस्ट से भी साफ़ हो रहा है कि “कैसे वो बाजार पर गिरने का दबाव (Donald Trump market crash) बना रहे हैं।” और तो और ट्रंप की यह रणनीति अमेरिका के बढ़ते कर्ज बोझ के संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि साल 2025 में अमेरिका को लगभग $7.2 ट्रिलियन का कर्ज रिफाइनेंस करना है। अगर ब्याज दरें कम हों, तो सरकार की भुगतान क्षमता पर बड़ा फर्क पड़ सकता है। ऐसे में यदि ब्याज दरें 4.3% से घटकर 3.3% हो जाती हैं, तो अमेरिका को सालाना तकरीबन $72 बिलियन की बचत हो सकती है।  इसे भी पढ़ें:– ड्रैगन ने दिखाई आंख तो अमेरिका ने ठोक दिया 104% टैरिफ, चीन पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा अटैक ताकि निवेशक सुरक्षित विकल्पों जैसे बॉन्ड्स इत्यादि में (Donald Trump market crash) लगाएं पैसा  इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि ट्रंप की रणनीति साफ है कि बाजार में भय का माहौल बनाओ, ताकि डर के मारे निवेशक सुरक्षित विकल्पों जैसे बॉन्ड्स इत्यादि में पैसा (Donald Trump market crash) लगाएं। सुरक्षित विकल्प में निवेश बढ़ने से यील्ड घटेगी और सरकार सस्ते ब्याज दर पर कर्ज जुटा सकेगी। ताकि इस बचत को अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं, मसलन रक्षा या स्पेस इत्यादि में लगाया जा सके। ऐसे में बहुत मुमकिन है कि अमेरिका को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अनिश्चितता जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके पीछे की बड़ी वजह यह कि यदि गलती से भी शेयर बाजार में गिरावट लंबी चली या उपभोक्ता विश्वास डगमगाया मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि व्यापारिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो ट्रंप का यह दांव अमेरिका को दीर्घकालिक लाभ पहुंचा सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसकी कीमत वैश्विक बाजारों की स्थिरता और निवेशकों के विश्वास में गिरावट के रूप में चुकानी पड़ सकती है। खैर, यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ट्रंप कहाँ तक सही साबित होते हैं। फ़िलहाल रेसिप्रोकल टैरिफ से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump market crash #DonaldTrump #MarketCrash #StockMarketNews #USEconomy #TrumpStrategy #WallStreet #FinancialNews #TrumpNews #MarketUpdate #EconomicCrash

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Donald Trump Imposes 26% Tariff on Indian Goods

26% tariff on Indian goods: डोनाल्ड ट्रम्प ने लागू किया पारस्परिक टैरिफ, भारत पर लगाया 26% लगाया तो चीन और पाक को दिया तगड़ा झटका

आखिरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लागू कर दिया। ट्रम्प ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) लगाया है, जबकि अचीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान पारस्परिक टैरिफ की योजना की घोषणा की। देशों के एक समूह पर संयुक्त राज्य अमेरिका से वसूले जाने वाले टैरिफ की लगभग आधी दर से टैरिफ लागू किया गया है। इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि “यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है। सालों तक, कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को किनारे पर बैठने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अब हमारे समृद्ध होने का समय है।” इस बीच भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “भारत, बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया। यह केवल सात साल पहले की बात है। जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।” अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है वाणिज्य मंत्रालय  गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है।” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक “अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा।” उन्होंने कहा कि “एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।” बता दें कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। बता दें कि मेक्सिको के बाद अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े आयातक चीन को अब इस नई नीति के तहत 34% टैरिफ का देना पड़ेगा। बीजिंग ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी कड़ी असहमति और मजबूत विरोध जताया है। यही नहीं,  चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ फिर भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है (26% tariff on Indian goods) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के टॉप निर्यातक संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) आयात शुल्क से निस्संदेह घरेलू प्लेयर प्रभावित होंगे।” इसके अलावा अजय सहाय ने यह भी कहा कि “भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिस पर वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द संपन्न हो जाएगा, क्योंकि इससे इन पारस्परिक टैरिफ से राहत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 26% tariff on Indian goods #DonaldTrump #IndiaUSTrade #TariffWar #IndianExports #USIndiaRelations #GlobalTrade #TradePolicy #EconomicImpact #TrumpTariff #IndiaChina

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