Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि में इन 7 दिव्य मंत्रों से होगी धन की प्राप्ति

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का पावन पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह समय मां दुर्गा (Maa Durga) की आराधना और आशीर्वाद पाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं वे 7 चमत्कारी मंत्र जो आपको जीवनभर धनवान और खुशहाल बनाए रखेंगे। ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा।बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति॥  दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेष जन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।दारिद्र्य दुःख भयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकार करणाय सदार्द्रचित्ता॥ सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥ शरणागत दीनार्तपरित्राण परायणे।सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते।भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥ रोगानशेषानपहंसि तुष्टारुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।त्वामाश्रितानां न विपन्नराणांत्वामाश्रिता हि आश्रयतां प्रयान्ति॥ सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।एवमेव त्वया कार्यम् अस्मद् वैरि विनाशनम्॥ इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व नवरात्रि में 9 देवियों के विशेष बीज मंत्र इस प्रकार हैं: दुर्गा सप्तशती पाठ चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस पवित्र ग्रंथ में 13 अध्याय और 700 श्लोक शामिल हैं, जो माता दुर्गा (Maa Durga) के तीन प्रमुख स्वरूपों का विवरण प्रस्तुत करते हैं। यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि में संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ करने में असमर्थ हो, तो केवल 7 विशेष मंत्रों का जाप करके भी मां दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaitra Navratri #ChaitraNavratri #Navratri2024 #DurgaPuja #DivineFeminine #ShaktiPower #SacredMantras #MantraMeditation #VedicWisdom #SpiritualGrowth

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Chaitra Navratri 2025: कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत

भारत में हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस साल 2025 में चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) का पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है, जो 7 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान देवी दुर्गा (Devi Durga) की पूजा अर्चना की जाती है और भक्त पूरे नौ दिनों तक उपवासी रहकर मां के नौ रूपों की पूजा करते हैं। इस पर्व को विशेष रूप से हिंदू धर्म में महत्व दिया जाता है क्योंकि यह समय देवी के आदिशक्ति स्वरूप की उपासना के लिए समर्पित होता है। चैत्र नवरात्र क्यों मनाए जाते हैं? चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) का पर्व भारतीय पंचांग के अनुसार हर साल बहुप्रतीक्षित होता है। यह पर्व विशेष रूप से हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है। इस पर्व के दौरान, भक्त विशेष रूप से देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। चैत्र नवरात्र का पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जब धरती हरियाली से आच्छादित होती है और नया जीवन मिलता है। इस दौरान देवी दुर्गा की पूजा से जीवन में समृद्धि, सुख, शांति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। शुभ मुहूर्त  चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। साल 2025 में इसकी शुरुआत 30 मार्च को होगी। पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4:27 बजे शुरू होकर 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, 30 मार्च को ही नवरात्रि की पूजा और कलश स्थापना की जाएगी। यह पर्व 7 अप्रैल को समाप्त होगा, और इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाएगी। घटस्थापना समय पंचांग के अनुसार 30 मार्च को घटस्थापना के लिए शुभ समय सुबह 6:13 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है, जो दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा। इन दोनों शुभ समय में कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों का महत्व चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) के नौ दिनों में विशेष रूप से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह नौ रूप हैं – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। प्रत्येक दिन इन रूपों की पूजा की जाती है और भक्त उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धा भाव से अर्चना करते हैं। इसे भी पढ़ें:- इन 3 दिनों तक बंद रहते हैं कपाट, बंटता है अनोखा प्रसाद! नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा विधि चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान विशेष पूजा विधि का पालन किया जाता है। भक्तों को नौ दिनों तक उपवासी रहने की परंपरा है, और इस दौरान वे देवी दुर्गा (Devi Durga) की उपासना करते हैं। इस दौरान शुद्धता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखना होता है। साथ ही, घरों में विशेष रूप से कलश स्थापना की जाती है और मां दुर्गा (Maa Durga) की तस्वीर या मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है। इस दौरान नवरात्रि की आरती और भजन-कीर्तन भी किए जाते हैं। यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #NavratriDates #DurgaPuja #FestivalsOfIndia #Navratri2025 #MaaDurga #HinduFestivals #NavratriCelebration #ChaitraNavratri #DurgaAgman

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