Kanya Pujan 2024 Auspicious Date & Maa Durga’s Blessings

5 या 6 अप्रैल? जानें कब करें कन्या पूजन, मिलेगा मां दुर्गा का आशीर्वाद

हिंदू धर्म में नवरात्रि (Navratri) का विशेष महत्व होता है। यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है—चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) और शारदीय नवरात्रि। इस साल चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरू होकर 7 अप्रैल 2025 तक चलेगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा (Lord Durga) के नौ रूपों की पूजा की जाती है, और अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है।  कन्या पूजन 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त इस साल चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) की अष्टमी 5 अप्रैल 2025 को और नवमी 6 अप्रैल 2025 को पड़ रही है। ऐसे में कन्या पूजन को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि यह पूजा 5 अप्रैल को करनी चाहिए या 6 अप्रैल को। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल में कन्या पूजन (Kanya Pujan) करना सबसे शुभ माना जाता है। इस बार अष्टमी तिथि 5 अप्रैल को सुबह 06:03 बजे से शुरू होकर 6 अप्रैल को सुबह 05:13 बजे तक रहेगी। इसलिए, कन्या पूजन के लिए सबसे उत्तम समय 5 अप्रैल की संध्या या 6 अप्रैल की सुबह होगा। कन्या पूजन मुहूर्त 2025 (अष्टमी एवं नवमी तिथि विवरण) अष्टमी तिथि कन्या पूजन समय: नवमी तिथि कन्या पूजन समय: कन्या पूजन का धार्मिक महत्व कन्या पूजन (Kanya Pujan) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, विशेषकर नवरात्रि (Navratri) के पावन अवसर पर। इस पूजन में 2 से 10 वर्ष की कुमारी कन्याओं को देवी दुर्गा (Lord Durga) के विभिन्न रूपों के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विभिन्न आयु वर्ग की कन्याओं को देवी के विशेष स्वरूपों से जोड़ा गया है। प्रत्येक आयु वर्ग की कन्या देवी के एक विशेष रूप का प्रतिनिधित्व करती है – दो वर्षीया कुमारी, तीन वर्षीया त्रिमूर्ति, चार वर्षीया कल्याणी, पांच वर्षीया रोहिणी, छह वर्षीया कालिका, सात वर्षीया चंडिका, आठ वर्षीया शाम्भवी, नौ वर्षीया दुर्गा और दस वर्षीया सुभद्रा के रूप में पूजनीय हैं। धर्मशास्त्रों में इन कन्याओं को साक्षात दैवीय शक्ति का अवतार माना गया है। दुर्गा सप्तशती सहित विभिन्न पवित्र ग्रंथों में कन्या पूजन के महत्व पर विशेष बल दिया गया है। यह अनुष्ठान नारी शक्ति और सृष्टि के सृजनात्मक पहलू का सम्मान है। नवरात्रि (Navratri) में कन्या पूजन करने से भक्तों को देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? कन्या पूजन विधि कन्या पूजन से जुड़ी विशेष मान्यताएं नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Kanya Pujan #KanyaPujan #Navratri2024 #MaaDurga #AuspiciousDay #FestivalVibes #NavratriRituals #HinduFestival

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