Khalistanis in Canada,

India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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‘दुनिया से भीख मांगता है पाकिस्तान और उसी पैसे से आतंकवाद फैलाता है’, भाजपा सांसद खटाना ने लंदन में जमकर लताड़ा

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) ने ब्रिटेन में आतंकवाद समर्थित पाकिस्तान की पोल खोलते हुए आड़े हाथों लिया है। गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) ने लंदन के इंडिया हाउस में भारतीय प्रवासियों से बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान एक तरफ तो दुनिया से भीख मांगता है और उसी पैसे से दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाने का काम करता है। संसद का यह डेलीगेशन ब्रिटेन समेत दुनिया को यह संदेश देने आया है कि भारत आतंकवाद के फन को कुचलना अच्छी तरह जानता है। हमे किसी के मध्यस्थता की जरूरत नहीं है, हम इससे खुद निपट लेंगे। बता दें कि गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) जम्मू-कश्मीर से आते हैं और भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। खटाना उस सर्वदलीय डेलीगेशन के हिस्सा हैं जिसका नेतृत्व सांसद रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) कर रहे हैं। यह डेलीगेशन इस समय लंदन में है और यहां पर ब्रिटेन के डेलीगेशन मुलाकात करने के अलावा भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत की।  इस दौरान खटाना ने कहा, ‘पाकिस्तान एक तरफ तो हाथ फैलाकर भीख मांगता है, दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाने का काम करता है। लेकिन अब यह समय चला गया है, अब हम आतंकवाद को कुचलना जानते हैं। इस समय हम यूरोप में हैं और हमारे दूसरे सांसद मित्र दुनिया के दूसरे हिस्सों में यह संदेश दे रहे हैं कि भारत आतंकवाद को अकेले ही खत्म करने में सक्षम हैं। हमें किसी दूसरे देश की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।’ खटाना ने कहा कि, ‘हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। हमारी सेना बॉर्डर पर लड़ेगी, हम यहां कूटनीतिक लड़ाई लड़ेंगे, सोशल मीडिया की लड़ाई लड़ेंगे। हमें लड़ना ही है और अपना दृष्टिकोण दुनिया के सामने स्पष्ट करना है।’ लोकतांत्र में जम्मू-कश्मीर की भागीदारी बढ़ने से पाकिस्तान परेशान खटाना ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद यहां पर लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी है, लोगों का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ा है, पर्यटन बढ़ा है, बुनियादी ढांचे में उछाल आया जिससे पाकिस्तान परेशान है और फिर से आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हम पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस दौरान खटाना ने सिंधु जल समझौता का भी जिक्र किया और कहा, ‘भारत अपने तीन नदियों का पानी पाकिस्तान के साथ साझा करता है, लेकिन बदले में भारत को घुसपैठ, ड्रग्स और आतंकवाद मिला। पिछले 30 वर्षों में घाटी के अंदर 4000 से ज्यादा लोग मारे गए। हजारों बच्चे अनाथ है, हजारों लोग यहां से चले गए, खासकर कश्मीरी पंडित। जो हमारी ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा थे। इसलिए अब भारत ने इस संधि को स्थगित करने का फैसला किया है।’  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा एमजे अकबर ने भी पाकिस्तान को घेरा  इस डेलीगेशन के हिस्सा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (MJ Akbar) ने भी लोगों को संबोधित किया और कहा कि पहलगाम में आतंकवादी हमला जातीय संहार और फासीवाद का आतंक था। यह आतंकवाद का  कोई सामान्य रूप नहीं है। संक्षेप में कहूं तो पाकिस्तान का जन्म ही हिंसा से हुआ है, यह किसी जन आंदोलन से पैदा नहीं हुआ था। पाकिस्तान का अंकुर 1946 के कलकत्ता नरसंहार से पड़ा और 1971 में ढाका नरसंहार के बाद ये खत्म हो गया। लेकिन इसके बाद भी यह देश हिंसा की नीति को अपनाया हुआ है। इस देश की यही नीति इसे पूरी तरह से खत्म कर देगा।’  Latest News in Hindi Today Hindi news Ghulam Ali Khatana #BJPMpKhatana #PakistanTerror #LondonSpeech #GlobalPolitics #PakistanExposed #IndiaUKRelations #TerrorFunding

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