Pradhan Mantri Mudra Yojana

सरकारी स्कीम से पाएं 20 लाख तक का लोन, कारोबार को दें नई दिशा

आजकल हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह जीवन में कुछ अच्छा करे। जिससे न केवल उसे व्यक्तिगत संतुष्टि मिले, बल्कि फाइनेंशियल स्टेबिलिटी भी प्राप्त हो। यही कारण है कि आजकल लोग नौकरी की जगह अपने बिजनेस (Business) को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके कारण यह भी हैं कि अपने बिजनेस (Business) में आपको असीमित आय, पूर्ण स्वंत्रता के साथ-साथ संतुष्टि भी मिलती है। अपना कारोबार शुरू करने में सबसे बड़ी समस्या होती है पर्याप्त धन न होना। अगर आप भी अपना बिजनेस (Business) शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जानकारी होना जरूरी है कि सरकार इसके लिए आपको 10 लाख तक का लोन दे सकती है। सरकार की इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana)। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) भारत सरकार की एक मुख्य योजना है, जिसमें छोटे और मध्यम व्यवसायियों को 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। यह योजना नॉन-एग्रीकल्चर क्षेत्र में उत्पादन, व्यापर और अन्य सर्विसेज के सेक्टर में आय उत्पन्न करने वाले छोटे और मध्यम इंटरप्राइजेज के लिए है जैसे मुर्गीपालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन, आदि। इन माइक्रो एवं लघु संस्थाओं में लाखों प्रोप्रिएटरशिप / पार्टनरशिप फर्मेंस शामिल हैं, जो स्माल मैनुफैचरिंग यूनिट्स, सर्विस सेक्टर यूनिट, दुकानदार, फल/सब्जी विक्रेता, ट्रक ऑपरेटर, फ़ूड सर्विस यूनिट्स, मरम्मत की दुकानें, मशीन ऑपरेटर, लघु उद्योग, कारीगर आदि के रूप में काम कर रही हैं। कब शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana)?  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) को शुरू हुए पूरे दस साल हो चुके हैं। इस योजना को 8 अप्रैल, 2015 लांच किया गया था। इस सरकारी योजना (Government scheme) के तहत दस सालों में 32.61 लाख करोड़ रुपए वैल्यू के 52 करोड़ से अधिक लोन दिए गए हैं। इस सरकारी योजना (Government scheme) को निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए लांच किया गया था:  इस योजना को तीन भागों में बांटा गया है और यह तीन भाग हैं:  इसे भी पढ़ें: सक्सेसफुल बिजनेसमैन एंड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Arif R.B. Khan ने डिजिटल सेक्टर में “VAATU Enterprises LLP” की शुरुआत की कौन कर सकता है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए अप्लाई? प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के तहत, निम्नलिखित लोग अप्लाए कर सकते हैं: इस बात का ध्यान रखें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के लिए अप्लाई करने के लिए एप्लिकेंट किसी भी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीटूशन का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और उसका क्रेडिट ट्रैक रिकॉर्ड भी सही होना चाहिए। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि इसके लिए अप्लाई करने वाला एप्लिकेंट सभी जरूरी क्राइटेरियाज को पूरा करता हो। इस सरकारी योजना (Government scheme) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pradhan Mantri Mudra Yojana #Governmentschemebenefits  #Governmentscheme #PradhanMantriMudraYojana

आगे और पढ़ें
Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

आगे और पढ़ें
Translate »