Abu Azmi apologizes to Hindus

Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark: इस वजह से विधायक अबू आजमी को हिंदुओं से मांगनी पड़ी माफ़ी

अक्सर अपने बेतुके बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी (Abu Azmi) एक बार फिर फंसते नजर आ रहे हैं। खुद को फंसता देख उन्होंने वारकरी संप्रदाय की भावनाएं आहत होने पर माफी मांगी है। दरअसल, उन्होंने महाराष्ट्र की प्रसिद्ध वारी यात्रा को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था। पंढरपुर में संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम की पालखी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, इस यात्रा के चलते सड़कों पर जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) है। वो यहीं नहीं रुके, सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुओं के त्योहारों पर मुसलमान कोई आपत्ति नहीं जताते, लेकिन जब मुसलमान नमाज अदा करते हैं, तब शिकायतें की जाती हैं। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, इसका विरोध किया जाता है। लेकिन, हम हमेशा हिंदू भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। उन्होंने आगे कहा, आज तक किसी भी मुसलमान ने यह शिकायत नहीं की कि हिंदू त्योहारों की वजह से रास्ता बंद होता है, लेकिन जब मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है, तो यूपी के मुख्यमंत्री कहते हैं कि अगर बाहर नमाज पढ़ी गई तो पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।  वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) किया हालाँकि अपने बयान में अबू आजमी (Abu Azmi) ने यह भी आरोप लगाया कि मुसलमानों को सार्वजनिक जमीन या आयोजन के लिए आसानी से जगह नहीं मिलती। आज जब मैं सोलापुर आ रहा था, तब मुझे बताया गया कि पालखी आने वाली है, जल्दी निकलो वरना रास्ता जाम हो जाएगा। वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं किया। मुसलमानों के लिए जानबूझकर जमीन नहीं दी जाती।  फिर क्या था, उनके बयान के वायरल होते ही महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल मच गया। बीजेपी समेत अन्य दलों के नेताओं ने अबू आजमी के बयान की (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) कड़ी आलोचना करते हुए इसे सांप्रदायिक मुद्दा बना दिया। खुद को चौतरफा घिरता देख उन्होंने मांफी मांगी। और सफाई देते हुए लिखा, सोलापुर में मेरे द्वारा की गई एक टिप्पणी को लेकर जो गलतफहमियां फैली हैं। मैं उन्हें स्पष्ट करना चाहता हूं। मेरे वक्तव्य को तोड़-मरोड़ कर और दुर्भावनापूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। अगर इससे वारकरी सम्प्रदाय की धार्मिक भावना आहत हुई हो, तो मैं अपने शब्द पूरी तरह से वापस लेता हूं और क्षमा चाहता हूं। मेरी मंशा कभी भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? यह किसी प्रकार की तुलना नहीं थी और मेरी नीयत और मेरी मांग किसी भी रूप में अनुचित नहीं थी- अबू आजमी  अबू आजमी (Abu Azmi) ने सफाई देते हुए कहा, मैं एक समर्पित समाजवादी हूं और हमेशा से हर धर्म, संस्कृति, सूफी संतों तथा उनकी परंपराओं का आदर करता आया हूं। मैं वारी परंपरा का पालन कर रहे सभी वारकरी भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) देता हूं और उनके प्रति अपनी सम्मानभावना प्रकट करता हूं। यह परंपरा महाराष्ट्र की सर्वधर्मीय, समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का गौरवपूर्ण हिस्सा है, जिसका मैं व्यक्तिगत रूप से सम्मान करता हूं। सपा विधायक ने कहा, मेरे द्वारा वारी पालखी का उल्लेख केवल मुस्लिम समाज के साथ हो रहे भेदभाव और उनके अधिकारों के संदर्भ में किया गया था। यह किसी प्रकार की तुलना नहीं थी और मेरी नीयत और मेरी मांग किसी भी रूप में अनुचित नहीं थी। उन्होंने कहा, मेरी केवल इतनी मंशा थी कि सरकार का ध्यान इस बात की ओर आकृष्ट कर सकूं कि उसके दोहरे मापदंड अल्पसंख्यक समुदाय के मन में यह भावना न उत्पन्न करें कि उनके लिए इस देश में अलग कानून हैं, जबकि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कहते हैं सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। आखिर में अपनी बात रखते हुए अबू आजमी ने कहा, हम उपेक्षित समाज के हक़, सम्मान और बराबरी की लड़ाई मजबूती से जारी रखेंगे, लेकिन कभी भी देश की एकता पर आंच नहीं आने देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark #abuazmi #hindusapology #politicalnews #controversialremark #indianpolitics #breakingnews #latestupdate

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