प्रमुख खबरें
Health Benefits Of Curd

रोजाना दही खाने के हैं 7 कमाल के फायदे, लेकिन किस समय खाना है सही?

योगर्ट यानी दही (Curd), दूध के लैक्टिक फेरमेंटशन को कहा जाता है। फेरमेंटशन प्रोसेस के दौरान, दूध में बैक्टीरिया लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं, जो दूध को गाढ़ा कर देता है। इसे अपनी स्मूदनेस, फ्रेश और मजेदार स्वाद के लिए जाना जाता है। यह स्वास्थ्यवर्धक और सबसे वैल्युबल थेराप्यूटिक खाद्य पदार्थों में से एक है। यह कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन बी-12 पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। रोजाना अपनी डायट में एक कप दही (Curd) को शामिल करने से कई हेल्थ और ब्यूटी बेनेफिट्स हो सकते हैं। दही (Curd) की कंसिस्टेंसी स्मूद या गाढ़ी हो सकती है। जानें रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) के बारे में। यह भी जानें कि इसे दिन के किस समय खाना चाहिए? रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार दही (Curd) बहुत न्यूट्रिशियस होता है और इसे रोजाना खाने से हेल्थ के लिए कई तरह से फायदेमंद है, जैसे इसे खाने से हार्ट डिजीज और ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क कम होता है और वजन को सही बनाए रखने में भी मदद मिलती है। रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) इस प्रकार हैं: 1. पेट के लिए बेहतरीन  दही (Curd) में फायदेमंद बैक्टीरिया के लाइव कल्चर्स होते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स (Probiotics) कहा जाता है। यह प्रोबायोटिक्स (Probiotics) पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। यह पाचन को सही रखते हैं, पोषक तत्वों के एब्जोर्प्शन में मदद करते हैं और बोवेल मूवमेंट को सही बनाए रखने में मदद करते हैं। 2. इम्युनिटी बढ़ाए दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) इम्यून सेल्स के प्रोडक्शन को और नेचुरल किलर सेल्स की एक्टिविटी को बढ़ाते हैं। इससे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है और कई इंफेक्शंस व बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है और इम्यून सिस्टम में सुधार होता है। 3. पाचन को सुधारे दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में पाचन में सुधार शामिल है। दही (Curd) में मौजूद लाइव कल्चर लैक्टोज को ब्रेक डाउन करने में मदद करते हैं और इससे लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले लोगों के लिए इसे पचाना आसान होता है। इसके साथ ही प्रोबायोटिक्स (Probiotics) हेल्दी गट बैक्टीरिया की ग्रोथ में भी फायदेमंद है। इससे डाइजेस्टिव डिसऑर्डर्स जैसे डायरिया, कब्ज आदि का जोखिम कम होता है। 4. न्यूट्रिएंट एब्जोर्प्शन में फायदेमंद दही (Curd) में लैक्टिक एसिड होता है। यह दूध में मौजूद प्रोटीन को ब्रेकडाउन में मदद करता है और कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स के एब्जोर्प्शन को बढ़ाता है। इससे हड्डियों के स्वास्थ्य और शरीर में न्यूट्रिएंट्स के उपयोग में सुधार करने में मदद मिल सकती है।  5. वजन रहे सही दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में वजन को सही बनाए रखना भी जरूरी है। दही (Curd) में कैलोरीज कम और प्रोटीन अधिक मात्रा में होती है। इससे भूख कम होती है और वजन को सही बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अधिक प्रोटीन कंटेंट से लीन मसल मास की डेवलपमेंट में भी हेल्प मिलती है। 6. बोन हेल्थ दही (Curd) कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है। हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए यह एक जरुरी मिनरल है। दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों से बचाव और बोन हेल्थ को सही बनाए रखना शामिल है। 7. हार्ट के लिए अच्छा दही (Curd) में बायोएक्टिव पेप्टिड्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट रखने और हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) को कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार भी जोड़ा जाता है। यानी इसके फायदों में हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करना शामिल है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत दही खाने का सही समय दही खाना सबके लिए फायदेमंद है लेकिन इसे सही मात्रा में ही खाना चाहिए। कुछ खास बीमारियों से पीड़ित लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे खाने से उनकी स्थिति बदतर हो सकती है। दही खाने का बेहतरीन समय है सुबह या दोपहर। आयुर्वेदा की मानें तो लंच और डिनर के बाद दही (Curd) खाने से डाइजेशन सही रहता है। रात को इसे खाने से स्लीप साइकिल में समस्या हो सकती है और कई पाचन सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Health benefits of curd #Healthbenefitsofeatingcurddaily #Probiotics #Benefitsofcurd #curd

आगे और पढ़ें
UCEED Counselling 2025

UCEED Counselling: काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू, जल्दी करें आवेदन और सुरक्षित करें अपनी सीट

अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी को आईआईटी बॉम्बे द्वारा आयोजित किया जाता है। इन्होने इसका रिजल्ट 7 मार्च 2025 को घोषित कर दिया है। अब आईआईटी बॉम्बे( IIT Bombay) ने इसके लिए कॉउंसलिंग शुरू कर दी है और इसके लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी की गयी है। उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस कॉउंसलिंग के आधार पर ही योग्य उम्मीदवारों को देश के बेहतरीन डिजाइन इंस्टीट्यूट्स में यूजी डिजाइन कोर्सेस में प्रवेश मिलेगा। अधिक जानकारी आप ऑफिशियल वेबसाइट पर पा सकते हैं। आइए पाएं जानकारी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के बारे में। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling): पाएं जानकारी जो उम्मीदवार यूसीडी परीक्षा में सफल हुए हैं, वो आईआईटी के विभिन्न परिसरों में बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्रमम में प्रवेश के लिए कॉउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रोसेस में भाग ले सकते हैं। इस कॉउंसलिंग प्रोसेस में भाग लेने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स में आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay), आईआईटी गुवाहाटी और आईआईआईटीडीएम जबलपुर आदि शामिल हैं। इस कॉउंसलिंग में कैंडिडेट्स को उनके रैंक्स, सीट्स, प्राथमिकता आदि के अनुसार सीट मिलने का मौका मिलेगा। अन्य जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) प्रोसेस और फीस यूसीडी परीक्षा में भाग लेने वाले कैंडिडेट्स को 4000 रुपए फीस जमा करानी होगी और यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है यानी यह बापस नहीं होगी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा इसके बारे में पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। इसमें इस प्रोग्राम के लिए 245 सीटें उपलब्ध हैं। यह सीट आवंटन कैंडिडेट्स को मेरिट लिस्ट और उमीदवार की प्राथमिकता के आधार पर होगा। इस बात का ध्यान रखें कि इस सीटों का आवंटन स्टेप बाय स्टेप तरीके से किया जाएगा। अगर किसी कैंडिडेट को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है, तो वो अगले राउंड में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह से पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी भी प्रतियोगियों को पहले ही प्रदान कर दी जाएगी। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन और अन्य जानकारी अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी की परीक्षा के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन पिछले साल 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था और इसकी परीक्षा 19 जनवरी 2025 को आयोजित की गयी थी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन के लिए पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इस हर एक रौँफ के बाद कट-ऑफ लिस्ट को निकाला आएगा, जिससे यह तय होगा कि किस उम्मीदवार को अगले रॉउंड में सीट मिलेगी। कैसे करें अप्लाई? जो कैंडिडेट यूसीईईडी परीक्षा में उपस्थित हुए थे और कॉउंसलिंग के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वो इस तरह से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं: इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता ध्यान रखें कि अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और यह पांच राउंड्स में होगी। कॉउंसलिंग के लिए आप इस रेजिस्ट्रेशन को  केवल 31 मार्च तक ही कर सकते हैं। इसके बाद आप रेजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 21 अप्रैल को आएगा।  इस बात का भी ध्यान रखें कि ऑनलाइन सीट अलॉट करने की प्रोसेस के दौरान किया गया एडमिशन ऑफर ही फाइनल होगा। जरूरी फीस के भुगतान, डाक्यूमेंट्स के वेरिफिएशन और अन्य फॉर्मलिटीज के बाद ही प्रतियोगी को प्रवेश मिलेगा। योग्य उमीदवार इस मौके को न गवाएं और आज ही यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के लिए आवेदन करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news UCEED Counselling #UndergraduateCommonEntranceExaminationforDesign #UCEED #UCEEDCounselling #IIT Bombay #IIT

आगे और पढ़ें
Colors of Holi

बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंगों को हटाने के लिए आसान टिप्स

होली (Holi) यानि रंगों का त्यौहार, जिसे हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छी की जीत का भी प्रतीक माना जाता है। सर्दियों के अंत और वसंत के आने पर इसका मजा दोगुना हो जाता है। इसमें लोग एक दूसरे को रंग लगते हैं, मिठाईयां खाते हैं और कुछ धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि रंगों से खेलना मौज-मस्ती से भरा और आनंददायी होता है। लेकिन, इसके बाद रंग को रिमूव करना एक मुश्किल काम है। कई बार यह होली के रंग (Colors of Holi) और रंगों को छुड़ाने का तरीका स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानें कि बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं? बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin): पाएं जानकारी द योगा इंस्टिट्यूट (The yoga institute) के अनुसार होली (Holi) का उल्लास खत्म होने के बाद रंगों के निशान भयभीत करने वाले होते हैं। यही नहीं, कुछ रंग त्वचा में जलन को दाग का कारण बन सकते हैं। ऐसे में बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं, इस बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।  स्किन को साफ करें रेगुलर टिश्यू कि जगह स्किन से होली (Holi) के रंग को रिमूव करने के लिए सबसे पहले वाइप्स का इस्तेमाल करें। इसके लिए वेट वाइप्स का प्रयोग करना एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए ऐसे वाइप्स का इस्तेमाल करें जिसमें नेचुरल और स्किन के लिए लाभदायक इंग्रेडिएंट्स मौजूद हों। इसके लिए आप नेचुरल ऑयल्स का भी प्रयोग कर सकते हैं जैसे कोकोनट ऑयल, ओलिव ऑयल और बेबी ऑयल आदि। कुछ फैसपैक्स आ सकते हैं काम कुछ घर पर बनाए नेचुरल फेस मास्क न केवल स्किन से रंगों को निकाल सकते ,हैं बल्कि स्किन और शांत और नरिश भी कर सकते हैं। इन फेस पैक्स को आप आसानी से बना सकते हैं। बेसन और दही, मुल्तानी मिटटी और रोज वॉटर या एलोवेरा और शहद का फेसपैक आपकी स्किन के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इनसे स्किन को पोषण मिलेगा। स्क्रब का इस्तेमाल  होम मेड स्क्रब से भी होली के रंग (Colors of Holi) को छुड़ाया जा सकता है। इसके लिए बेसन दही और हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डेड स्किन के साथ-साथ होली (Holi) के जिद्दी रंगों को स्किन से निकालने में मदद मिलती है। स्किन पर इस स्क्रब लगाएं, आराम से मालिश करें और फिर धो लें। इसके साथ ही निम्बू के रस और शहद का मिश्रण भी इसमें लाभदायक हो सकता है। निम्बू की ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज रंग को कम करने में मदद कर सकती हैं। आर्गेनिक साबुन का इस्तेमाल  बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) में आर्गेनिक साबुन के इस्तेमाल शामिल है। बाजार में कुछ ऐसे ऑर्गनिक साबुन मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल से होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाए जा सकते हैं। ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें, जिनमे हार्श केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेग्नेंस न हों। इससे स्किन से रंग आसानी से निकल जाते हैं और त्वचा नरिश व मॉइस्चराइज होती है। यह तो थे होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाने के कुछ तरीके। अब जानिए कि त्वचा को कोई नुकसान न हो इसके लिए होली (Holi) से पहले आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत होली से पहले रखें इन बातों का ध्यान होली (Holi) खेलने से पहले भी आप कुछ बातों का ध्यान रख कर अपनी स्किन को नुकसान से बचा सकते हैं। यह तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Ways to remove Holi colours #ColorsofHoli #Holi #WaystoremoveHolicolourswithoutharmingskin #harmfulcolors

आगे और पढ़ें
Benefits of clove water

लौंग के पानी के फायदे: वजन कम करने से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक

लौंग को अंग्रेजी में क्लोव कहा जाता है और यह एक ऐसा सामान्य मसाला है, जो लगभग सभी रसोईघरों में पाया जाता है। यह मसाला हर व्यंजन की खुशबु और स्वाद को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इसमें कई मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होती हैं? यह मसाला कई जरूरी पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है और इसमें मौजूद कंपाउंड कुछ हेल्थ कंडीशंस में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इस मसाले के ही नहीं बल्कि लौंग का पानी (Clove water) पीने के भी कई फायदे हैं। आइए पाएं जानकारी लौंग के पानी के फायदे (Benefits of clove water) के बारे में विस्तार से। लौंग के पानी के फायदे (Benefits of clove water): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार लौंग एक बेहतरीन मसाला है, जो स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। यह मसाला एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर होता है और इसमें ब्लड शुगर को रेगुलेट करने और बैक्टीरिया को नष्ट करने आदि के गुण होते हैं। लौंग के पानी के फायदे (Benefits of clove water) इस प्रकार हैं:  एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर लौंग का पानी (Clove water) अपनी एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज के लिए जानी जाती है। आयुर्वेदा के अनुसार खाली पेट इस पानी को पीने से कई हानिकारक फौरन एजेंट्स से शरीर को लड़ने में मदद मिलती है। इससे कई समस्याओं से छुटकारा पाने में सहायत मिल सकती है।  डाइजेशन को सही रखने में मददगार लौंग के पानी के फायदे (Benefits of clove water) पेट से भी जुड़े होते हैं। खाली पेट इस पानी को पीने से डाइजेशन बूस्ट करने में मदद मिलती है। इससे डाइजेशन सिस्टम सुधरता है। लौंग अपने वायुनाशक गुणों के लिए जाना जाता है, जो गैस और सूजन से राहत दिलाने में मदद करता है। इम्युनिटी को मजबूत करे लौंग का पानी (Clove water) इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर को इन्फेक्शन्स से लड़ने में मदद करते हैं। लौंग के पानी को नियमित रूप से पीने से कई बीमारियों का जोखिम कम होता है जैसे फ्लू सीजन। यह सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सही रखने और सामान्य सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए जरूरी है। लिवर फंक्शन को सुधारे लौंग का पानी (Clove water) लिवर हेल्थ के लिए बेहतरीन हैं। यह लिवर शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लौंग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) टॉक्सिन्स और फ्री रेडिकल्स के कारण लिवर को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से लिवर फंक्शन सही रहने में मदद मिलती है। वजन को रखे सही लौंग के पानी के फायदे (Benefits of clove water) में वजन को सही रखना भी शामिल है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं या अपने वजन को सही बनाए रखना चाहते हैं, तो अपनी रूटीन में इस पानी को शामिल करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद कंपाउंड्स से ब्लड शुगर को रेगुलेट रखने और क्रेविंग को कम करने में मदद मिलती है। सुबह खाली पेट इसे पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जिससे आसानी से वजन कम हो सकता है। एनर्जी लेवल को बढ़ाये अपने दिन की शुरुआत लौंग के पानी से करने से प्राकृतिक रूप से एनर्जी बूस्ट होती है। लौंग ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन डिलीवरी को सुधारता है। जिससे पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है। ओरल हेल्थ को सुधारे  लौंग का पानी (Clove water) ओरल हेल्थ पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। लौंग में प्रकृति एंटीसेप्टीक गुण होते हैं, जिससे सांस की बदबू को ओरल इंफेक्शंस को कम करने में सहायता होती है। लौंग का पानी (Clove water) दांत के दर्द और मसूड़ों की परेशानी को कम करने में भी फायदेमंद है। यानी, यह सम्पूर्ण दांतों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।  इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत कैसे बनाएं लौंग का पानी? लौंग का पानी (Clove water) बनाने के लिए एक गिलास पानी को थोड़ा गर्म कर लें और उसमें तीन से चार लौंग ड़ाल दें। इस पानी को रात भर ऐसे ही रहने दें। सुबह इस पानी को लगभग दस मिनटों तक उबाल लें। इस पानी को ठंडा होने दें और सुबह खाली पेट इसे पीएं। इस पानी को पीने से आपको कई हेल्थ बेनेफिट्स मिलेंगे। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi   #Clovewater #Benefitsofclovewater #clove #antioxidants

आगे और पढ़ें
Holi Special Recipe

Holi Special 5 Recipe: त्योहार के स्वाद में लाएं खास मिठास

होली का त्योहार सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि स्वादिष्ट पकवानों का भी होता है। इस होली के मौके पर घर-घर में तरह-तरह की पारंपरिक रेसिपी (Holi Special Recipe) बनाई जाती हैं, जो इस त्योहार के उत्साह को दोगुना कर देती हैं। अगर आप भी इस होली पर अपने मेहमानों और परिवार वालों को लज़ीज़ व्यंजनों का स्वाद चखाना चाहते हैं, तो ये 5 खास रेसिपी जरूर ट्राई करें। होली स्पेशल रेसिपी (Holi Special Recipe) गुजिया होली की सबसे खास और पारंपरिक मिठाई (Holi Special Recipe) है। इसकी मीठी खुशबू और स्वाद हर किसी को लुभा लेती है। सामग्री:• 2 कप मैदा• 1/2 कप घी• 1 कप खोया (मावा)• 1/2 कप चीनी• 1/4 कप सूखे मेवे (काजू, बादाम, किशमिश)• 1/2 चम्मच इलायची पाउडर• तलने के लिए तेल विधि:1. सबसे पहले मैदा में घी डालकर अच्छी तरह मिक्स करें और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंध लें।2. मावा को कड़ाही में भूनें और उसमें चीनी, सूखे मेवे और इलायची पाउडर मिला लें।3. अब आटे की लोई बनाकर उसे बेल लें और उसके बीच में तैयार मावा मिश्रण रखें।4. किनारों को मोड़ते हुए गुजिया का आकार दें और तलने के लिए गर्म तेल में सुनहरा होने तक फ्राई करें।5. ठंडा होने के बाद परोसें। होली पर ठंडाई का आनंद लिए बिना त्योहार अधूरा लगता है। ये पेय शरीर को ठंडक देने के साथ ही स्वाद में भी बेमिसाल होता है और होली पर इस रेसिपी (Holi Special Recipe) को जरूर बनाया जाता है। सामग्री:• 1 लीटर दूध• 1/2 कप बादाम• 1/4 कप सौंफ• 2 चम्मच खसखस• 1/4 कप गुलाब की पंखुड़ियां• 1/2 कप चीनी• 1/2 चम्मच काली मिर्च• केसर और पिस्ता सजावट के लिए विधि:1. बादाम, सौंफ, खसखस और गुलाब की पंखुड़ियों को 2 घंटे के लिए भिगो दें।2. इसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें।3. अब दूध में यह पेस्ट और चीनी डालकर उबालें।4. जब दूध अच्छी तरह पक जाए, तो ठंडा करके सर्व करें।5. केसर और पिस्ता से गार्निश करना न भूलें। होली के मौके पर दही भल्ला खाने का मजा ही अलग होता है। इसकी खट्टी-मीठी चटनी का स्वाद सभी को पसंद आता है। सामग्री:• 1 कप उड़द दाल• 1/2 कप मूंग दाल• 2 कप दही• 1/2 चम्मच जीरा पाउडर• 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर• मीठी चटनी और हरी चटनी• स्वादानुसार नमक विधि:1. उड़द और मूंग दाल को 4-5 घंटे के लिए भिगो दें।2. दाल को पीसकर उसका गाढ़ा घोल तैयार करें।3. गर्म तेल में छोटे-छोटे भल्ले डालकर सुनहरा होने तक तल लें।4. भल्लों को गुनगुने पानी में डालें और फिर हल्का निचोड़कर प्लेट में रखें।5. ऊपर से फेंटी हुई दही, मीठी चटनी, हरी चटनी, जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर परोसें। होली पर कुरकुरी मठरी का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। इसे मीठी या नमकीन दोनों तरीकों से बनाया जा सकता है। सामग्री:• 2 कप मैदा• 1/2 कप सूजी• 1/2 चम्मच अजवाइन• 1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर• 4 चम्मच घी• स्वादानुसार नमक• तलने के लिए तेल विधि:1. मैदा, सूजी, अजवाइन, काली मिर्च पाउडर और नमक को अच्छे से मिलाएं।2. इसमें घी डालकर मोयन करें और गाढ़ा आटा गूंध लें।3. आटे को छोटी-छोटी लोइयों में बेलकर कांटे से छेद करें ताकि तलते समय मठरी फूले नहीं।4. गरम तेल में धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत मीठे में हल्की-फुल्की स्नैक के रूप में शक्करपारे होली पर खूब पसंद किए जाते हैं। सामग्री:• 2 कप मैदा• 1 कप चीनी• 1/4 कप घी• 1/2 कप पानी• तलने के लिए तेल विधि:1. मैदा में घी डालकर मोयन करें और गाढ़ा आटा गूंध लें।2. आटे को बेलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।3. गर्म तेल में कुरकुरा होने तक तल लें।4. एक पैन में चीनी और पानी को मिलाकर चाशनी तैयार करें।5. तले हुए शक्करपारों को इस चाशनी में डालकर अच्छे से मिलाएं और ठंडा करके परोसें। होली का त्योहार रंगों और उमंग का प्रतीक है, और इन स्वादिष्ट व्यंजनों (Holi Special Recipe) के बिना इसका मजा अधूरा है। गुजिया से लेकर ठंडाई तक ये पारंपरिक रेसिपी (Holi Special Recipe) हर किसी को पसंद आती हैं। इस बार होली पर इन खास रेसिपीज़ को जरूर आजमाएं और अपने त्योहार को और भी यादगार बनाएं। Latest News in Hindi Today Hindi Holi Special Recipe #HoliSpecialRecipe #HoliFestival #Holi #Holi2025 #HappyHoli

आगे और पढ़ें
World kidney day

क्या युवाओं में बढ़ रहा है किडनी कैंसर का रिस्क? जानिए कैसे बचा जा सकता है इस समस्या से?

वर्ल्ड किडनी डे (World kidney day) को हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरूवार को मनाया जाता है। इस साल इसे 13 मार्च को सेलेब्रेट किया जा रहा है। वर्ल्ड किडनी डे (World kidney day) को किडनी और किडनी हेल्थ के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है, ताकि किडनी डिजीज और इससे जुडी समस्याओं के बढ़ते प्रभावों को कम किया जा सके। किडनी कैंसर (Kidney cancer) की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्या युवाओं में भी बढ़ रही है। यह हेल्थ सिस्टम, रोगियों और सोसाइटी के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है। आइए जानें युवाओं में बढ़ती किडनी कैंसर की समस्या (Problem of kidney cancer is increasing among youth) के बारे में। युवाओं में बढ़ती किडनी कैंसर की समस्या (Problem of kidney cancer is increasing among youth) : पाएं इसके बारे में जानकारी नेशनल किडनी फाउंडेशन (National Kidney Foundation) के अनुसार किडनी कैंसर (Kidney cancer) का सबसे सामान्य ट्रीटमेंट है सर्जरी, जिससे किडनी का पूरा या आंशिक भाग रिमूव कर दिया जाता है। हालांकि, इसका उपचार रोग की स्टेज, रोगी की उम्र, हेल्थ और अन्य फैक्टर्स पर निर्भर करता है। किडनी कैंसर (Kidney cancer) रीनल सेल कार्सिनोमा बाकी सब कैंसरों का लगभग 2-3% हिस्सा है। कुछ समय पहले तक यह मामले केवल 60 साल की उम्र से अधिक बुजुर्गों में ही देखे जाते थे। लेकिन, पिछले कुछ दशकों में 30 और चालीस साल के लोगों में भी इसके मामलों में वृद्धि हुई है। इस बात को नेशनल कैंसर रजिस्ट्री में भी इसे नोटिस किया है कि 50 साल से कम उम्र के लोगों में 15-20% बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए बहुत से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं जैसे जीवनशैली में बदलाव या एनवायर्नमेंटल एक्सपोजर आदि। युवाओं में मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) और स्मोकिंग जैसे रिस्क फैक्टर्स भी किडनी कैंसर (Kidney cancer) का कारण बन सकते हैं। इसके लिए लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है, ताकि वो अपनी जीवनशैली को हेल्दी बनाए रखें। इसके अलावा जेनेटिक प्रेडिस्पोसिशन्स (Genetic predispositions) भी कम उम्र के लोगों में किडनी कैंसर का कारण बन सकते हैं। जिन लोगों को इस रोग का अधिक रिस्क होता है, उन्हें जेनेटिक टेस्टिंग की सलाह दी जाती है। यह तो थी जानकारी युवाओं में बढ़ती किडनी कैंसर की समस्या (Problem of kidney cancer is increasing among youth) के बारे में। अब जानिए इसके उपचार और बचाव के बारे में। किडनी कैंसर का उपचार किडनी कैंसर (Kidney cancer) का उपचार कई फैक्टर्स पर निर्भर होता है। इसके उपचार के तरीके इस प्रकार हैं:  अन्य उपचार इसे भी पढ़ें: तुलसी का पानी: जानें क्या हैं रोजाना सुबह इसे पीने के 6 आश्चर्यकारी फायदे किडनी कैंसर से बचाव किडनी कैंसर (Kidney cancer) से बचाव के सामान्य तरीके इस प्रकार हैं: इस वर्ल्ड किडनी डे (World kidney day) किडनी हेल्थ के महत्व के प्रति जागरूक रहने पर अपना ध्यान फोकस करना करें। हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करें, नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग कराएं और किडनी कैंसर (Kidney cancer) के जल्दी निदान और ट्रीटमेंट के बारे में जानें। किडनी हेल्थ पर ध्यान देने से हम युवाओं में किडनी कैंसर की समस्या को कम कर सकते हैं जिसका उपचार न केवल संभव है बल्कि इससे बचा भी जा सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi kidney cancer #kidneycancer #Kidneyhealth #worldkidneyday #Problemofkidneycancerisincreasingamongyouth

आगे और पढ़ें
Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC

Bihar Police Recruitment 2025: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता

अगर आपके लिए देश की सेवा करना और पुलिस में भर्ती होना एक सपना है, तो अब समय है अपने इस सपने को पूरा करने का, क्योंकि बिहार पुलिस (Bihar Police) 19800 से अधिक पदों पर भर्ती कर रही है। सेंट्रल सिलेक्शन  बोर्ड ऑफ कॉन्स्टेबल्स यानी सीएसबीसी ने सिपाही भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी की है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट (Official website) विजिट कर सकते हैं। यही नहीं, आप आसानी से ऑनलाइन इसके लिए आवेदन भी कर सकते हैं। पाएं जानकारी सीएसबीसी द्वारा बिहार पुलिस वैकेंसी (Police Vacancy) में सिपाही भर्ती (Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC) के बारे में विस्तार से। सीएसबीसी द्वारा बिहार पुलिस वैकेंसी में सिपाही भर्ती (Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC): पाएं जानकारी इस भर्ती के तहत चयन किए गए सिपाहियों को लेवल 3 वेतनमान दिया जाएगा। यानी उन्हें (21,700 से  69,100) तक का वेतन मिलेगा। यह पोस्ट्स बिहार पुलिस (Bihar Police) के विभिन्न जिलों और बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस बटालियन के लिए निकाली गई हैं। सीएसबीसी द्वारा बिहार पुलिस वैकेंसी में सिपाही भर्ती (Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC) के लिए इन पोस्ट्स की डिटेल इस प्रकार है: सीएसबीसी द्वारा बिहार पुलिस वैकेंसी में सिपाही भर्ती (Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC) के लिए योग्यता इस भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवारों के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास या इसके समकक्ष योग्यता होना बहुत आवश्यक है। जैसे बिहार राज्य सरकार मदरसा बोर्ड द्वारा इश्यूड मौलवी प्रमाण-पत्र, बिहार संस्कृत बोर्ड द्वारा इश्यूड शास्त्री या आचार्य प्रमाण पात्र को भी मान्य माना जाएगा। इसके अलावा कुछ शारीरिक योग्यताएं भी हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। शारीरिक योग्यताएं  बिहार पुलिस (Bihar Police) में भर्ती के लिए हाइट सम्बन्धी कुछ मानदंडों का ख्याल रखना चाहिए। जनरल और पिछड़े वर्ग के पुरुषों के लिए उनकी हाइट 165 सेंटीमीटर, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुष उम्मीदवारों के लिए हाइट 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए। महिलाओं के लिए यह हाइट 155 सेंटीमीटर रखी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट (Official website) विजिट कर सकते हैं। इनके अलावा भी कुछ अन्य मापदडों का पालन करना जरूरी है। जनरल और पिछड़े वर्ग के पुरुषों के लिए का सीना बिना फुलाए 81 सेमी और फुलाकर 86 सेमी होना चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुषों उम्मीदवारों का सीना बिना फुलाए 79 सेमी और फुलाकर 84 सेमी होना चाहिए। महिलाओं के लिए मिनिमन वजन 48 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। सीएसबीसी द्वारा बिहार पुलिस वैकेंसी में सिपाही भर्ती (Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC) के लिए आयुसीमा बिहार पुलिस (Bihar Police) की इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों के लिए मिनिमम आयुसीमा 18 साल और मैक्सिमम 25 साल निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को इसमें छूट दी गई है। इसके बारे में पूरी जानकारी आपको ऑफिशियल वेबसाइट (Official website) पर मिल जाएगी। इस पोस्ट्स में भर्ती के लिए इसे भी पढ़े: Prime Minister Internship Scheme 2025: युवाओं के लिए सुनहरा मौका लिखित परीक्षा, फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकल टेस्ट आदि लिए जाएंगे। सीएसबीसी द्वारा बिहार पुलिस वैकेंसी में सिपाही भर्ती (Constable Recruitment in Bihar Police Vacancy by CSBC) के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 मार्च से शुरू होन वाली है और उनके लिए इच्छुक लोग 18 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। यानी, 18 अप्रैल के बाद आप इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं। अगर आप इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो ध्यान रखें की बिहार के निवासियों और अन्य आरक्षित वर्गों, जनरल और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुक्त 675 रुपए निर्धारित किया गया है। जबकि, बिहार के एससी,एसटी, सभी वर्ग की महिलाओं आदि के लिए यह शुल्क 180 रुपए है। आवेदन शुक्ल का भुगतान ऑनलाइन आसानी से किया जा सकता है। अगर आप इच्छुक हैं, तो बिना समय गवाए आज ही इन पदों के लिए अप्लाई करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Police Recruitment 2025 #ConstableRecruitmentinBiharPoliceVacancybyCSBC #OfficialWebsite #BiharPolice #police #CSBC

आगे और पढ़ें
Pakistan Train Hijack-Baloch Liberation Army

पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी का हमला: जाफर एक्सप्रेस हाईजैक, 400 से ज्यादा यात्री बंधक

पाकिस्तान में एक बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी हो गई है, जहां बलूच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया है। इस ट्रेन में 500 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से करीब 182 लोग अब भी BLA के कब्जे में हैं। इस घटना के बाद पूरे पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। कैसे हुआ हमला? बलूच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) के प्रवक्ता जेयंद बलूच के अनुसार यह ऑपरेशन पहले से सुनियोजित था। BLA के लड़ाकों ने मश्कफ, धादर और बोलन इलाके में रेलवे ट्रैक को विस्फोट कर उड़ा दिया, जिससे ट्रेन को रोक दिया गया। इसके तुरंत बाद, BLA के सशस्त्र सदस्यों ने ट्रेन पर कब्जा कर यात्रियों को बंधक बना लिया। प्रवक्ता के मुताबिक इस अभियान को BLA की तीन प्रमुख इकाइयों – मजीद ब्रिगेड, एसटीओएस और फतेह स्क्वाड ने मिलकर अंजाम दिया है। बीएलए का दावा और चेतावनी BLA ने दावा किया है कि इस हमले में अब तक 20 पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल उन यात्रियों को बंधक बनाया है, जो पाकिस्तानी सेना, पुलिस, आईएसआई या एटीएफ के कर्मी थे और छुट्टी पर पंजाब लौट रहे थे। BLA के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि महिलाओं, बच्चों और बलूच समुदाय के यात्रियों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है। शहबाज शरीफ सरकार को चेतावनी BLA ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तानी सेना किसी भी तरह का आर्मी ऑपरेशन करती है, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। प्रवक्ता ने धमकी देते हुए कहा कि अगर पाक सेना ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। BLA ने अपनी अंतिम चेतावनी में साफ कहा कि यदि पाकिस्तानी सेना के हवाई हमले तुरंत नहीं रोके गए, तो अगले एक घंटे के भीतर सभी बंधकों की हत्या कर दी जाएगी। BLA का कहना है कि इस खून-खराबे के लिए पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना जिम्मेदार होगी। पाकिस्तानी सेना और पुलिस की चुप्पी इस बड़े आतंकी हमले के बाद अब तक पाकिस्तान की सेना या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी प्रशासन अभी भी स्थिति को संभालने में संघर्ष कर रहा है। BLA की बढ़ती गतिविधियां: एक गंभीर चिंता बलूच लिबरेशन आर्मी लंबे समय से पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रही है। यह संगठन पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के खिलाफ कई हिंसक हमलों को अंजाम दे चुका है। BLA का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना बलूच नागरिकों के साथ अन्याय कर रही है और उनके संसाधनों का शोषण कर रही है। BLA द्वारा इस तरह की हाईजैकिंग की घटना ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे भी पढ़ें:- स्पेन में आतंकवाद के खिलाफ बड़ा एक्शन, दस पाकिस्तानी भाईजान गिरफ्तार पाकिस्तान सरकार के सामने अब दो विकल्प हैं — इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी नजर बनाए हुए है। पाकिस्तान के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है क्योंकि एक गलत कदम से सैकड़ों बंधकों की जान खतरे में पड़ सकती है। BLA का यह हमला पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तानी प्रशासन इस संकट का समाधान कैसे निकालता है। क्या शहबाज शरीफ सरकार बातचीत का रास्ता अपनाएगी या फिर सैन्य कार्रवाई के जरिए इस संकट को सुलझाने का प्रयास करेगी? आने वाले कुछ घंटे इस पूरे घटनाक्रम के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Train hijack #PakistanTrain #JaffarExpress #BalochLiberationArmy

आगे और पढ़ें
Prime Minister Internship Scheme 2025

Prime Minister Internship Scheme 2025: युवाओं के लिए सुनहरा मौका

देश के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अगर आप ग्रेजुएशन के बाद इंटर्नशिप का अवसर तलाश रहे हैं, तो पीएम इंटर्नशिप योजना 2025 (Prime Minister Internship Scheme 2025) आपके लिए बेहतरीन मौका है। इस योजना के तहत आपको कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करने का अनुभव मिलेगा, जो आपके करियर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। क्या है पीएम इंटर्नशिप योजना? पीएम इंटर्नशिप योजना (Prime Minister Internship Scheme) भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) द्वारा चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। इस योजना के तहत 1 लाख युवाओं को इंटर्नशिप का मौका दिया जाएगा, जिससे वे अपने कौशल को निखार सकेंगे और कॉर्पोरेट क्षेत्र की बारीकियों को समझ पाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई इस योजना में आवेदन की अंतिम तिथि पहले 12 मार्च 2025 निर्धारित थी, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर मार्च के अंत तक कर दिया है। इससे उन उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा जो आवेदन करने से चूक गए थे। कौन कर सकता है आवेदन? पीएम इंटर्नशिप योजना में आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक योग्यताएं तय की गई हैं: 1. शैक्षिक योग्यता: 2. आयु सीमा: आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज इस योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी: आवेदन फॉर्म भरते समय इन सभी दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया पीएम इंटर्नशिप योजना में उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षिक योग्यता, उम्मीदवार की प्राथमिकता और कंपनियों की आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी, जिससे योग्य उम्मीदवारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिलेगा। आवेदन कैसे करें? पीएम इंटर्नशिप योजना Prime Minister Internship Scheme) के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत ही सरल है। निम्नलिखित चरणों का पालन कर आप अपना आवेदन कर सकते हैं: इसे भी पढ़े: राजस्थान लोक सेवा आयोग में लेक्चरर पदों पर भर्ती: जानें आवेदन करने के लिए क्या है योग्यता? पीएम इंटर्नशिप योजना के फायदे इस योजना के तहत इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को कई लाभ मिलेंगे: पीएम इंटर्नशिप योजना 2025 (Prime Minister Internship Scheme 2025) उन युवाओं के लिए शानदार अवसर है, जो अपनी शिक्षा पूरी कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। इस योजना के माध्यम से युवाओं को न केवल कॉर्पोरेट दुनिया को समझने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे अपने करियर को नई दिशा भी दे सकेंगे। अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो देर न करें और तुरंत pminternship.mca.gov.in पर जाकर अपना आवेदन करें। यह सुनहरा अवसर आपके भविष्य को संवार सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Prime Minister Internship Scheme 2025 #PrimeMinisterInternshipScheme #InternshipScheme #PMModi #India

आगे और पढ़ें
Tomato fever

Tomato Flu: जानें टोमेटो फ्लू के लक्षण और कारण

टोमेटो फ्लू (Tomato flu) वायरस को सबसे पहले 6 मई 2022 को भारत के केरला राज्य में पाया गया था। इसके बाद यह अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, ओडिशा और तमिलनाडु में फैल गया। इस फ्लू को हैंड, फुट और माउथ डिजीज का दूसरा प्रकार भी कहा जा सकता है और इसे टोमेटो फीवर (Tomato fever) नाम से भी जाना जाता है। इस रोग को वयस्कों की तुलना में बच्चों में अधिक पाया गया है। इस रोग में स्किन पर टमाटर जैसे छाले हो जाते हैं, इसीलिए इसका नाम टोमेटो फ्लू (Tomato flu) या टोमेटो फीवर (Tomato fever) पड़ा। यह छाले गोल, फ्लूइड से भरे और दर्दनाक होते हैं। हालांकि, यह कंडीशन घातक नहीं है लेकिन बहुत ज्यादा संक्रामक है। आइए जानें इस समस्या के बारे में और अधिक। टोमेटो फ्लू (Tomato flu): पाएं पूरी जानकारी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) के अनुसार टोमेटो फीवर (Tomato fever) को हैंड फुट और माउथ डिजीज का क्लीनिकल वेरिएंट माना जाता है और यह समस्या एंटरोवायरस समूह के कॉक्ससैकीवायरस ए-6 और ए-16 के कारण होती है। जानिए टोमेटो फ्लू के लक्षण (tomato flu symptoms) क्या हो सकते हैं?  टोमेटो फ्लू के लक्षण (Tomato flu symptoms) बड़े लाल रैशेज, जोड़ों में दर्द और बुखार इस डिजीज के कुछ प्राइमरी लक्षण हैं। इसके अलावा इसके अन्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: यह तो थे टोमेटो फ्लू के लक्षण (Tomato flu symptoms)। इनके अलावा भी रोगी को कुछ अन्य समस्याएं हो सकती हैं। अब जानिए क्या हैं टोमेटो फ्लू के कारण? टोमेटो फलू के कारण शुरुआत में इस बीमारी के कारणों के बारे में जानकारी नहीं थी। कई स्त्रोतों ने मच्छरों द्वारा कैरी किए जाने वाले वायरस को इसका कारण पाया। लेकिन, बाद में की गई स्टडीज से यह पता चला कि यह बीमारी टोमेटो फ्लू (Tomato flu) एंटरोवायरस समूह के कॉक्ससैकीवायरस ए-6 और ए-16 के कारण होती है। इसके अलावा, यह भी पाया गया कि चिकनगुनिया और डेंगू वायरस के अधिक प्रभाव ने कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण भारतीय बच्चों को इस रोग के प्रति अधिक संवेदनशील बना दिया है। टोमेटो फ्लू का उपचार टोमेटो फ्लू (Tomato flu) का कोई खास उपचार नहीं है लेकिन इसके लक्षणों से रोगी को राहत पहुंचाने और जटिलताओं से बचाव के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं, जैसे: इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत टोमेटो फ्लू से बचाव  टोमेटो फ्लू (Tomato flu) या टोमेटो फीवर (Tomato fever) से बचाव के लिए कुछ सावधानियों को बरतना जरूरी है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi Tomato Fever #Tomatoflu #tomatoflusymptoms #tomatofever

आगे और पढ़ें
Translate »