PM मोदी करेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट और मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन, मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब

PM मोदी करेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट और मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन, मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को महाराष्ट्र के दौरे पर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करने जा रहे हैं. करीब 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट माना जा रहा है. यह एयरपोर्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है और इसे डीबी पाटिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम दिया गया है, जो किसान नेता दीनबंधु पाटिल को समर्पित है. मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब… बढ़ती भीड़ को कम करने की योजना एनएमआईए मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) के साथ मिलकर काम करेगा ताकि बढ़ती भीड़ को कम किया जा सके और मुंबई को मल्टी एयरपोर्ट सिस्टम की ग्लोबल कैटेगरी में शामिल किया जा सके. एयरपोर्ट की खासियत इस एयरपोर्ट की खासियतों की बात करें तो यह 1160 हेक्टेयर में फैला है और सालाना 9 करोड़ यात्रियों और 32.5 लाख मीट्रिक टन सामान को संभालने की क्षमता रखता है. एयरपोर्ट का डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है और इसे मशहूर Zaha Hadid Architects ने तैयार किया है. इसमें ऑटोमेटेड पीपल मूवर सिस्टम, Digi Yatra, सेल्फ बैगेज ड्रॉप, ऑटोमेटिक लगेज सिस्टम जैसी स्मार्ट सुविधाएं होंगी. साथ ही सड़क, मेट्रो, रेल और वॉटर टैक्सी से एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा भी दी जाएगी. मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन इसके साथ ही पीएम मोदी ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन करेंगे, जो आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैला है. इस लाइन की कुल लंबाई 33.5 किलोमीटर है और इसमें 27 स्टेशन होंगे. इसकी कुल लागत 37,270 करोड़ रुपये है और इससे रोजाना करीब 13 लाख यात्रियों को फायदा मिलेगा. ‘मुंबई वन’ ऐप की शुरुआत पीएम मोदी ‘मुंबई वन’ नामक एकीकृत कॉमन मोबिलिटी ऐप की भी शुरुआत करेंगे, जो मेट्रो, मोनोरेल, लोकल ट्रेन और बस सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगा. सुरक्षा के कड़े इंतजाम पीएम के दौरे को देखते हुए मुंबई और नवी मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप, बम निरोधक दस्ते, विशेष सुरक्षा इकाई और ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया गया है. कल गुरुवार को पीएम मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर की मेजबानी भी करेंगे और दोनों नेता ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हिस्सा लेंगे.

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जयपुर SMS अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

जयपुर SMS अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई. आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई. जयपुर के अस्पताल में हुए इस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे पर पीएम मोदी और राज्य के सीएम भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है. जयपुर की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जयपुर स्थित एक अस्पताल में आग लगने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है. उन्होंने आगे कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.” सीएम भजनलाल शर्मा ने भी जताया दुख राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें. राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने से कई मरीजों की मृत्यु हृदय विदारक है. पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहन संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना है.” पूर्व सीएम ने गहलोत ने क्या कहा? राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने लिखा, “एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो. प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें.”अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके. गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखा पोस्ट केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पोस्ट में लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है. इस हादसे में लोगों के असमय निधन की सूचना व्यथित करने वाली है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. अस्पताल और जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है तथा घायलों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

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पहली बर्फबारी से कांपा उत्तर भारत, बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी ठंड

पहली बर्फबारी से कांपा उत्तर भारत, बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी ठंड

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊँचे इलाकों में सीज़न की पहली बर्फबारी के साथ ही ठंडी हवाओं का असर अब मैदानों तक पहुँच गया है. दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों ने अब सर्दियों के कपड़े निकाल लिए हैं. ऊँचाई वाले इलाकों में सफेद चादर केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित उत्तराखंड के कई पहाड़ी हिस्सों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजुम और लाहौल घाटी में बर्फ की मोटी परत जम गई है. जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, ज़ोजिला और पहलगाम में भी बर्फ गिरने से चारों ओर सफेद नज़ारे छा गए हैं. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक 4,000 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों में और अधिक बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. ठंडी हवाओं का रुख अब मैदानी इलाकों की ओर है, जिससे उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.  दिल्ली-एनसीआर में गुलाबी ठंड का असर पहाड़ों की बर्फबारी का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में देखा जा रहा है. सोमवार की सुबह हल्की बारिश और बादलों ने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री नीचे रहा जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई. लोगों ने सुबह-शाम ठंड महसूस करनी शुरू कर दी है. सर्द हवाओं के चलते लोग अब गर्म कपड़े पहनने लगे हैं. बाजारों में सर्दियों के कपड़ों की मांग बढ़ रही है, वहीं मौसम में आए बदलाव ने एयर क्वालिटी में थोड़ा सुधार भी किया है. प्रशासन ने जारी की चेतावनी उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने 6 और 7 अक्टूबर तक सभी ट्रेकिंग रूट्स को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. मौसम विभाग ने भी यात्रियों को चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन और दृश्यता कम होने के कारण यात्रा न करें. मौसम विशेषज्ञों की राय  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है. हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और बारिश की यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है. इससे उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी तापमान गिरने की संभावना है.  लोगों के लिए सुझाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है. बुजुर्गों और बच्चों को ठंडी हवा से बचाने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की ताज़ा अपडेट पर नज़र बनाए रखने को कहा है. उत्तर भारत में यह बर्फबारी जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं पर्यटकों के लिए पहाड़ों ने फिर से एक बार आकर्षण का केंद्र बनने का संकेत दे दिया है. मौसम के इस बदलते मिज़ाज के साथ सर्दियों की दस्तक अब साफ सुनाई देने लगी है.

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पटना मेट्रो का उद्घाटन आज, नीतीश कुमार करेंगे आईएसबीटी से भूतनाथ तक ब्लू लाइन की शुरुआत

बिहार की राजधानी पटना को सोमवार को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे. यह मेट्रो कॉरिडोर ISBT (पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) से भूतनाथ तक फैला हुआ है और इसे ब्लू लाइन कहा जा रहा है. इस लाइन के तीन प्रमुख स्टेशन हैं- आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ, जो यात्रियों को शहर के अहम हिस्सों से जोड़ेंगे. अगस्त महीने में ट्रायल में हुई देरी के बाद आखिरकार अधिकारियों ने मेट्रो सेवाओं को हरी झंडी दे दी है. पटना मेट्रो कल, यानी 7 अक्टूबर से जनता के लिए दौड़ेगी. इस ब्लू लाइन कॉरिडोर की लंबाई 4.3 किलोमीटर है और इसे बिहार सरकार के सहयोग से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DMRC) ने तैयार किया है. मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद शहर की बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है. कॉरिडोर-2 और इसकी सुविधाएं पटना मेट्रो का कॉरिडोर-2 हिस्सा 14.5 किलोमीटर लंबा है और इसमें पांच एलिवेटेड तथा सात अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं. यह कॉरिडोर पटना जंक्शन को आईएसबीटी से जोड़ता है. प्रत्येक मेट्रो ट्रेन में तीन डिब्बे होंगे जो आईएसबीटी से भूतनाथ तक जाएगी और फिर डिपो लौटेगी. ट्रेन की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे है और मेट्रो सेवा सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी. डिब्बों में 158 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, जिसमें महिलाओं और दिव्यांगों के लिए 12 आरक्षित सीटें हैं. खड़े होने की जगह 940 लोगों के लिए है. आधुनिक डिब्बों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, एमर्जेंसी गेट और दो हिस्सों में बंटे स्लाइडिंग दरवाजे जैसी सुविधाएं हैं. यात्रियों को स्टेशन पर मेट्रो कार्ड और टोकन मिलेंगे, जिनका किराया 15 रुपये से 30 रुपये तक रहेगा. बिहार की सांस्कृतिक छाप पटना मेट्रो में बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया है. हर कोच में गोलघर, महावीर मंदिर और बुद्ध की आकृतियों जैसी झलकियाँ हैं, जिन्हें केसरिया रंग में रंगा गया है. यह न केवल एक यातायात सुविधा है, बल्कि पटना की सांस्कृतिक पहचान को भी उजागर करता है. पटना देश का 24वां ऐसा शहर बन गया है, जहाँ मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है. अब शहरवासियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलने वाला है.

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केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’, करेंगे देश की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट का उद्घाटनकेंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

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रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका रूस के ब्लैक सी के रिसॉर्ट शहर सोची में आयोजित वलदाई डिस्कशन ग्रुप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. यह संदेश सीधे तौर पर भारत से जुड़ा है. पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह भारत पर दबाव बनाना बंद करे, क्योंकि भारत जैसा देश कभी किसी के सामने अपमान स्वीकार नहीं करेगा. रूसी राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि ऐसा कोई भी कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गहरा संकट पैदा कर सकता है. पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा कि अमेरिका भारत और चीन पर दबाव डालकर रूस से ऊर्जा संबंध खत्म नहीं करवा सकता. उन्होंने कहा कि भारत जैसा देश अपने नेतृत्व के फैसलों पर करीब से नजर रखता है और कभी किसी के सामने अपमानजनक स्थिति स्वीकार नहीं करेगा. पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश की गरिमा को ठेस पहुंचे. डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी नीति पर सवाल (Vladimir Putin Target Donald Trump)पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार भारत की आलोचना कर रहा है कि वह रूस से तेल खरीद रहा है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने भी कई बार भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है. पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन बाकी देशों को रूसी ऊर्जा से दूर रहने के लिए कहता है. पुतिन (Vladimir Putin) के संदेश की मुख्य बातेंअमेरिका को भारत और चीन जैसे देशों के साथ बातचीत का तरीका बदलना होगा. अब उपनिवेशवाद का समय खत्म हो चुका है, और इन देशों को बराबरी का सम्मान देना होगा. अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद करता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. लेकिन भारत की जनता और नेतृत्व ऐसा कभी नहीं होने देंगे.अगर अमेरिका रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क लगाता है, तो इससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी.सभी नाटो देश उनके खिलाफ लड़ रहे हैं और अब इसे छिपा भी नहीं रहे. यूरोप में एक केंद्र बनाया गया है जो यूक्रेनी सेना की हर गतिविधि को समर्थन देता है. भारत की मजबूत और संप्रभु स्थितिरूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह तीखा और मुखर बयान अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में भारत की मजबूत और संप्रभु स्थिति को स्पष्ट करता है. उन्होंने न केवल भारत की तेल खरीद नीति का बचाव किया, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति भी गहरा भरोसा जताया. पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत-रूस के व्यापार और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान ब्रिक्स मंच या अन्य चैनलों के जरिये किया जा सकता है. पुतिन के इस बयान से यह साफ होता है कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और वह अमेरिका को चेतावनी दे रहा है कि वह भारत पर दबाव बनाने की कोशिश न करे.

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दिल्ली पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज क्षेत्र में आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वे पारंपरिक रावण दहन समारोह में शामिल होंगे. यह समारोह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. सत्य की जीत का शाश्वत संदेश यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री दिल्ली के दशहरा समारोह में शामिल हो रहे हैं. पिछले साल, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में लव कुश रामलीला में भाग लिया था, जहां उन्होंने रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों को जलाने के लिए तीर चलाया था. उस दौरान पीएम मोदी ने इस त्योहार के साहस, शांति और सत्य की जीत के शाश्वत संदेश पर जोर दिया था. दस संकल्प लेने का आग्रह इसके अलावा, साल 2023 में प्रधानमंत्री ने दिल्ली के द्वारका में डीडीए मैदान में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया था. उस दौरान उन्होंने लोगों से दस संकल्प लेने का आग्रह किया, जिसमें कम से कम एक गरीब परिवार की मदद करना शामिल था. उनका पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया था. इस दौरान हजारों लोग ‘लंका दहन’ के लिए इकट्ठा हुए थे. हथियारों की पूजा, संप्रभुता की रक्षा पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ की थी और नवरात्रि व विजयादशमी की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया, जो सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं. उन्होंने विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि भारत में हथियारों की पूजा आक्रामकता या विजय के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए की जाती है. इस साल आईपी एक्सटेंशन में होने वाले समारोह में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं

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दुर्गा पूजा में 'काबा-मदीना' की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने लाखों हिंदू समाज के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंडाल का उद्घाटन किया, तालियां बजाईं. वहीं उनके करीबी नेता मदन मित्रा मंच पर गाते हुए कहा कि मेरे दिल में काबा है और आँखों में मदीना है. मुद्दे की बातअब सवाल ये उठता है कि दुर्गा पूजा जैसे सनातन पर्व पर इस तरह के गीतों का क्या काम? क्या ये जानबूझकर सनातन भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं है? क्या ये एक सांस्कृतिक अतिक्रमण नहीं है जहां देवी दुर्गा की आराधना के बीच इस्लामी प्रतीकों की बात की जा रही है? वोट के लिए आस्था से खिलवाड़ममता बनर्जी का ये कदम कोई पहली बार नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन कर हिंदू परंपराओं को नजरअंदाज किया था. जबकि शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में कोई नया कार्य या उत्सव शुरू करना अशुभ माना जाता है लेकिन बंगाल की राजनीति में वोट बैंक की मजबूरी शायद आस्था से बड़ी हो गई है. सबसे बड़ी चिंता की बात तो ये है कि इस सबके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती है. न कोई बड़ा संत बोलता है, न कोई संगठन सड़कों पर उतरता है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग जरूर नाराजगी जताते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर विरोध न के बराबर है. पश्चिम बंगाल में सनातन धर्म ना के बराबरक्या बंगाल में सनातन धर्म अब सिर्फ एक मौन दर्शक बनकर रह गया है? क्या दुर्गा पूजा जैसे पर्व अब राजनीतिक मंच बनते जा रहे हैं जहां देवी की आराधना से ज़्यादा नेताओं की पीआर चलती है? इसे भी पढ़ें-अगर अब भी हम चुप रहे, तो आने वाले वर्षों में दुर्गा पूजा में देवी के स्थान पर कोई और प्रतीक खड़ा मिलेगा। ये समय है जागने का, बोलने का और अपनी आस्था की रक्षा करने का वरना इतिहास हमें माफ नहीं करेगा.

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1965 के जांबाजों से बोले राजनाथ सिंह

1965 के जांबाजों से बोले राजनाथ सिंह

1965 के जांबाजों से बोले राजनाथ सिंह: भारत पड़ोसियों के मामले में भाग्यशाली नहीं, पर इसे नियति नहीं माना नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के वीर सैनिकों से बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से भारत अपने पड़ोसियों के साथ रिश्तों के मामले में हमेशा भाग्यशाली नहीं रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश ने इस स्थिति को अपनी नियति मानकर कभी स्वीकार नहीं किया। भारत ने हर चुनौती का सामना किया और अपनी तकदीर खुद लिखी। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने 1965 के युद्ध में लड़ने वाले जांबाजों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उस दौर के सैनिकों का साहस, बलिदान और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्हीं की वीरता की बदौलत आज भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और हमारी सेनाओं का मनोबल ऊंचा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति और सहयोग की नीति पर चला है, लेकिन जब-जब हमारी सीमाओं को ललकारा गया है, तब-तब हमारी सेनाओं ने दुश्मन को करारा जवाब दिया है। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत का पड़ोसी कौन होगा यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन उनसे संबंध किस तरह रखने हैं यह हमारे नियंत्रण में जरूर है। उन्होंने यह संदेश दिया कि भारत हमेशा बेहतर रिश्ते बनाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अगर पड़ोसी सहयोग न करें तो भी देश पीछे नहीं हटेगा। रक्षा मंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत किसी से वैरभाव नहीं चाहता, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता भी नहीं करेगा। इस मौके पर उन्होंने हाल के सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए कदमों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने कठिन हालात में भी जीत को अपनी आदत बना लिया है। उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनके साहस और बलिदान को कभी भुला नहीं सकती। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनाथ सिंह का यह बयान मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सीमावर्ती तनावों के बीच बेहद अहम है। चीन और पाकिस्तान के साथ रिश्तों में आए उतार-चढ़ाव की पृष्ठभूमि में रक्षा मंत्री ने साफ संदेश दिया है कि भारत संवाद और दोस्ती की नीति को प्राथमिकता देता है, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी हर चुनौती का सख्ती से सामना भी करेगा। 1965 का युद्ध भारत के इतिहास का एक अहम मोड़ माना जाता है। इस युद्ध में भारतीय सेनाओं ने जिस साहस और रणनीति का परिचय दिया, उसने पूरे देश को गौरवान्वित किया। राजनाथ सिंह का जांबाजों के साथ यह संवाद न केवल इतिहास को याद करने का अवसर था, बल्कि वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा नीतियों पर भी एक सशक्त संकेत था

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Pakistan and Bangladesh feel like home...," said Sam Pitroda, echoing Rahul Gandhi's appeal to Gen-Z

पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसा लगता है…’, बोले सैम पित्रोदा, Gen-Z से दोहराई राहुल गांधी वाली अपील

पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसा लगता है…’, बोले सैम पित्रोदा, Gen-Z से दोहराई राहुल गांधी वाली अपील नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने एक बार फिर बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पित्रोदा ने कहा कि “पाकिस्तान और बांग्लादेश हमारे लिए घर जैसा लगता है”। उन्होंने साथ ही Gen-Z यानी नई पीढ़ी से राहुल गांधी की सोच और संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की। राहुल गांधी की लाइन को दोहराया सैम पित्रोदा ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते हमेशा संवाद और विश्वास पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की “नफरत नहीं, मोहब्बत” वाली लाइन को दोहराते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सीमाओं से आगे बढ़कर भाईचारे और शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। Gen-Z को संदेश उन्होंने खासतौर पर Gen-Z पीढ़ी से कहा कि वे सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए हैं, इसलिए उन्हें सीमाओं से परे सोचकर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। पित्रोदा ने कहा कि भारत का भविष्य तभी मजबूत होगा जब नई पीढ़ी नफरत और विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर साझेदारी और भाईचारे की राह चुनेगी। बीजेपी का पलटवार पित्रोदा के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुद्दों पर “नरम रुख” दिखाती रही है। उनका आरोप है कि इस तरह के बयान से राष्ट्रीय हित और सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। चुनावी संदर्भ में देखा जा रहा बयान विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सीधा-सीधा चुनावी राजनीति से जुड़ा है। कांग्रेस लगातार युवाओं और नए मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के संदेश को आगे बढ़ाकर सैम पित्रोदा भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं।

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