Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot

Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot: कातिल बनी पत्नी और बेटी, प्रेमी से करवाया पिता का कत्ल, इस तरह खुला राज़

हवस में इंसान इस कदर अँधा हो जाता है कि वो अपने सगे का व्ही कत्ल करने से बाज नहीं आता। क्या आदमी और क्या औरत दोनों कम नहीं हैं। मोबाइल के इस युग में किसी के प्रेम में पड़ना और प्रेम में पड़कर किसी की जान ले लेना आम हो गया है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुआ है जहाँ एक पत्नी और बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पिता को ठिकाने लगा दिया। दिल को दहला देने वाला खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है कि माँ बेटी दोनों ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) है। अच्छी बात यह कि यूपी पुलिस ने महज 13 दिन के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। जानकारी के मुताबिक 23 जून 2025 को खेत से घर लौट रहे 45 वर्षीय किसान सुभाष उपाध्याय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड से हड़कंप मच गया। पहले तो यह मामल आपसी रंजिश का लगा। खैर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। महज 13 दिन में थाना जानी पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम के संयुक्त ऑपरेशन ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया।   दोनों माँ बेटी समझ गयी कि जब तक ये जिंदा है, बात आगे बढ़ नहीं (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) पायेगी पुलिस को जांच में पता चला कि सुभाष की नाक के नीचे दोनों माँ बेटी चक्कर चला रही थीं। जब सुभाष को दोनों के प्रेम प्रसंग का पता चला तो वह आग बबूला हो उठा। घर में कई बार इस बात को लेकर वाद-विवाद भी हुआ। एक तरह से पति सुभाष दोनों के प्रेम में बाधा उत्पन्न करने लगा था। दोनों माँ बेटी समझ गयी कि जब तक ये जिंदा है, बात आगे बढ़ नहीं (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) पायेगी। सुभाष को रिश्तों में बाधा बनता देख मां-बेटी ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। यही नहीं, पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मृतक सुभाष की बड़ी बेटी डॉली ने कुछ महीने पहले अपनी मर्जी से एक दलित युवक से प्रेम विवाह किया था। इसके अलावा पत्नी कविता का गांव के ही एक गुलजार नामक युवक से अवैध संबंध था। माँ के नक्शेकदम पर चलते हुए बेटी का भी मेरठ निवासी युवक विपिन से प्रेम संबंध था। मां-बेटी अपने प्रेमियों से शादी करना चाहती थीं, लेकिन सुभाष उनके रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट था। इसी कारण उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।  कविता और सोनम ने सुभाष की हत्या के (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) लिए अपने प्रेमियों को तैयार किया जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बीए फाइनल की छात्रा बेटी सोनम को जब मां के अवैध संबंधों की जानकारी मिली तो, उसने मां को ही ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने धमकी दी कि अगर उसकी शादी विपिन से नहीं कराई गई तो वह मां की प्रेम कहानी सबको बता देगी। इस दबाव में दोनों ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक कविता और सोनम ने सुभाष की हत्या के (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) लिए अपने प्रेमियों को तैयार किया। विपिन ने अपने दोस्त अजगर उर्फ शुभम के साथ मिलकर तमंचा व कारतूस का इंतजाम किया। 23 जून को जब सुभाष खेत में पानी देने गया, तभी कविता और सोनम ने वॉट्सऐप कॉल के जरिए विपिन को जानकारी दी। विपिन ने अजगर इस बात की जानकारी दी और अजगर ने सुभाष की कमर में गोली मार दी। एक राहगीर ने सुभाष को जैसे-तैसे अस्पताल तो पहुंचा दिया, लेकिन सुबह उसकी मौत हो गई।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म रात सुभाष को खेत से घर लौटते समय सुनियोजित तरीके से गोली मारी (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) गई महज 13 दिन में हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने  मां कविता, बेटी सोनम और उनके प्रेमियों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2025 को 45 वर्षीय किसान सुभाष उपाध्याय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में यह मामला आपसी रंजिश का लगा, लेकिन पुलिस की गहन जांच, सर्विलांस और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड का खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने बताया कि “23 जून की रात सुभाष को खेत से घर लौटते समय सुनियोजित तरीके से गोली मारी (Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot) गई। जांच के दौरान पुलिस ने जब मोबाइल डेटा खंगाला तो पाया कि हत्या के दिन विपिन और अजगर की लोकेशन मौके पर ही थी। साथ ही, सोनम, कविता, विपिन और गुलजार के बीच लगातार वॉट्सऐप पर कॉल्स व चैटिंग चल रही थी। एसपी देहात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि “सुभाष की हत्या के मामले में चार पुलिस टीमों ने लगातार जांच कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार लोगों में पत्नी कविता, बेटी सोनम, गुलजार, विपिन और अजगर शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया है।” हत्या में इस्तेमाल अवैध तमंचा और कारतूस पुलिस ने बरामद कर लिया है। घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Wife, Daughter Kill Father Using Lover in Shocking Plot #crime #truecrime #familymurder #indianews #shockingnews #murdermystery #crimealert #breakingnews

आगे और पढ़ें
Manipur violence 2025

फिर जला उठा मणिपुर, कई जिलों में कर्फ्यू, जानें क्यों और कैसे भड़की हिंसा?

मणिपुर में कुछ माह शांति के बाद एक बार फिर से हिंसा (Manipur Violence) भड़क उठी है। इस बार हिंसा का कारण मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लड़ाई नहीं, बल्कि मैतेई समुदाय का प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन है। दरअसल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने शनिवार को मैतेई समुदाय के संगठन अरम्बाई टेंगोल (Arambai Tengol) के एक नेता को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से ही राज्य कके मैतेई बहुल जिलों में उग्र प्रदर्शन (Manipur Violence) शुरू हो गया, जो कुछ ही देर में हिंसा में बदल गई। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से राज्य में हिंसा फैलाने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर रही हैं। यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही है। बीते शनिवार को भी एनआई (NIA) की टीम ने दो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। साथ ही टेंग्नौपाल जिले में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद किया। बताया जा रहा है कि इन गिरफ्तार उग्रवादियों में एक कानन सिंह भी है। यह अरम्बाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) में अहम भूमिका निभाता है। इस गिरफ्तारी की खबर जैसे ही मणिपुर में फैली, उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया। एक प्रदर्शनकारी की मौत, दर्जनों लोग घायल  कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें सुरक्षाकर्मियों समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इंफाल ईस्ट जिले में हिंसक भीड़ ने बसों में आग लगा दी। क्वाकेथेल में प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से कई राउंड गोलियां भी चलाई गई। इम्फाल एयरपोर्ट के बाहर भी हिंसक प्रदर्शन (Manipur Violence) हुआ। प्रदर्शनकारियों को सूचना मिली थी कि उनके गिरफ्तार नेता को सुरक्षा बल राज्य से बाहर ले जा रहे हैं। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट को घेर लिया। इसके अलावा कई दूसरी जगहों पर भी सुरखा बलों और प्रदर्शकारियों में हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की गई लाठी चार्ज में कथित तौर पर एक व्यक्ति की मौत हो गई। बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर जिले और काकचिंग घाटी में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के साथ कर्फ्यू लागू कर दिया है।   इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  क्या है अरमबाई टेंगोल और क्या करता है काम? बता दें कि जिस नेता को गिरफ्तार करने से यह हिंसा भड़की है, वह अरमबाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) से जुड़ा हुआ है। यह मैतेई समुदाय का एक संगठन है, जो सांस्कृतिक पुनरुत्थानवादी समूह के रूप में कार्य करता था। लेकिन राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही यह संगठन एक उग्रवादी संगठन बन गया और इससे जुड़े सदस्यों पर बड़े पैमाने पर जातीय हिंसा (Manipur Violence) को अंजाम देने का आरोप लगा। इस संगठन के कई सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कई सदस्य हाल ही में राज्यपाल के सामने आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, इस संगठन के सैकड़ों सदस्य अब भी राज्य में हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिसके कारण ही सुरक्षा एजेंसियां अब इस संगठन के बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने में जुटी हैं। जिस कानन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद यह हिंसा भड़की है, वह संगठन का कोर मेंबर था। कहा जा रहा है कि वह संगठन के सदस्यों तक हाथियारों पहुंचाने और हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने का कार्य करता था। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस उग्रवादी नेता को गिरफ्तार कर गुवाहाटी लाया गया है और वहीं पर उससे पूछताछ की जा रही है।    Latest News in Hindi Today Hindi news  #Manipur #Violence #Curfew #EthnicConflict #IndiaNews #ManipurNews #NorthEastIndia #ManipurClashes #LatestUpdate

आगे और पढ़ें
Himanta Biswa Sarma arms policy

Assam arms policy: इस वजह से असम सरकार आम जनता के हाथ में देने जा रही है हथियार

असम की सरकार अपने राज्य के बासिंदों को हथियार रखने की अनुमति देने जा (Assam arms policy) रही है। दरअसल, सरकार ने जनता के हाथ में हथियार देने की स्कीम को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम कैबिनेट बांग्लादेश के पास दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले मूल निवासियों और स्थानीय नागरिकों को हथियार देगी। इस पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का कहना है कि “इससे लोगों को साहस मिलेगा।” यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “इस स्कीम के तहत धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव और दक्षिण सलमारा-मनकचर, रूपाही, ढिंग और जानिया जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन इलाकों में हमारे लोग माइनॉरिटी में हैं। इन जिलों में असम के लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, खासकर बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों से, उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमलों का खतरा है। इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में असम के लोग 1979-85 में हुए असम आंदोलन के बाद से सुरक्षा के लिए लाइसेंस वाले हथियार की मांग कर रहे हैं।” बंगाली-मुस्लिम मूल के संदिग्ध अवैध विदेशियों के असम में अतिक्रमण की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि “पिछली सरकारों ने यदि उन्हें हथियारों के लाइसेंस दिए होते, तो कई लोगों को अपनी जमीनें बेचकर जगह नहीं छोड़नी पड़ती। हम बहुत सारी जमीनों पर कब्जा होने से बचा सकते थे।” सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं मांग- हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि “इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं, उनकी इस मांग को रिव्यू करने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इसलिए, अगर लोग इसके लिए आवेदन करते हैं तो हम गुवाहाटी शहर के हतीगांव इलाके में रहने वाले अपने लोगों को हथियार देने पर विचार कर सकते हैं।” सीएम सरमा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम और संदिग्ध विदेशियों के खिलाफ राज्य सरकार के हालिया अभियान के चलते, ऐसे क्षेत्रों में स्वदेशी लोगों को लगता है कि उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमला हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि “सरकार इस स्कीम के लिए एलिजिबल लोगों को लाइसेंस देने में नरमी अपनाएगी। जो लोग असम के मूल निवासी हैं और राज्य के कमजोर और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले स्वदेशी समुदाय हैं, उन्हें इस स्कीम से साहस मिलेगा।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  भारतीय आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है खैर, बात करें 1959 के भारतीय आर्म्स एक्ट की तो आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है। निषिद्ध बोर (प्रोहिबिटेड बोर) और गैर-निषिद्ध बोर (नॉन-प्रोहिबिटेड बोर ) पीबी हथियारों को आमतौर पर सेना, राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसी सरकारी एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं। एनपीबी व्यक्ति के लिए होता है। नॉन-प्रोहिबिटेड बोर उन लोगों को दिया जाता जिन्हें अपनी जानमाल का खतरा होता है। प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस गृह मंत्रालय जारी करता है तो वहीं नॉन-प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस डीएम और राज्य सरकार जारी करती हैं। यही नहीं, इन हथियारों को रखने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। शर्त यह कि इसके लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। हिंसा से जुड़े किसी भी अपराध का दोषी न ठहराया गया हो। इसके अलावा शांति बनाए रखने हेतु बॉन्ड भरने का आदेश न दिया गया हो और शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो। इन बेसिक शर्तों के आधार पर ही लइसेंस आवंटित किया जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #AssamArmsPolicy #AssamNews #SelfDefenseIndia #WeaponsLicense #HimantaBiswaSarma #IndiaNews #CitizensWithGuns #ArmsPolicyChange

आगे और पढ़ें
BSF IG Shashank Anand

Operation Sindoor is ongoing: पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, ऑपरेशन सिंदूर जारी है- आईजी बीएसएफ शशांक आनंद

बीएसएफ के महानिरीक्षक, जम्मू फ्रंटियर, शशांक आनंद ने मंगलवार को कहा कि “सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने दी है और ऑपरेशन सिंदूर जारी है, क्योंकि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।” सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों के बारे में आशंका जताते हुए आईजी ने कहा कि “बीएसएफ हाई अलर्ट (Operation Sindoor is ongoing) पर है।” दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर को संबोधित करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद ने कहा कि “हम एक सेकंड के लिए भी अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने देंगे। हम सीमा पर यथासंभव उच्चतम सतर्कता बनाए हुए हैं। वे पाकिस्तानी गोलाबारी की आड़ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादी घुसपैठ की संभावना और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उठाए गए सुरक्षा उपायों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।” विस्तार से बात रखते हुए उन्होंने कहा कि “ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि दुश्मन किसी तरह की शरारत, सीमा पार से गोलीबारी या घुसपैठ की योजना बना सकता है। हम तैयार और सतर्क हैं।”  सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा (Operation Sindoor is ongoing) रहा है आईजी आनंद ने कहा कि “पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता (Operation Sindoor is ongoing) है।” इस दरम्यान उन्होंने बताया कि “सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि हम अपने निगरानी उपकरणों और प्रणालियों को तेजी से उन्नत कर रहे हैं। हम ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं जो हमें सीमा पार से किसी भी घुसपैठ की गतिविधि के बारे में अग्रिम जानकारी देती है। उन्होंने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बीएसएफ पर भरोसा जताया।” इस दौरान उन्होंने कहा कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की बिना उकसावे की गोलीबारी और बमबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस कार्रवाई में बीएसएफ ने पाकिस्तान की 76 सीमा चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया। बीएसएफ ने बताया कि उसने उन तीन आतंकी लॉन्च पैड को भी नष्ट किया, जहां से आतंकवादियों के घुसपैठ की आशंका थी। हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी (Operation Sindoor is ongoing) की यही नहीं, अधिकारियों ने बताया कि “बीएसएफ की यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा 60 भारतीय चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर भारी गोलीबारी और बमबारी शुरू करने के बाद हुई, जिसका मकसद कथित तौर पर 40-50 आतंकवादियों को सीमा पार घुसपैठ कराना (Operation Sindoor is ongoing) था।” बीएसएफ के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चित्रपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि “पाकिस्तान ने हमारी 60 सीमा चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की। जवाब में हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की।” इस दौरान आईजी शशांक आनंद ने बीएसएफ की महिला कर्मियों की भी सराहना की। कमांडेंट नेहा भंडारी सहित बीएसएफ की महिला कर्मियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सांबा सेक्टर में एक चौकी का नाम ऑपरेशन सिंदूर और दो अन्य का नाम शहीदों के नाम पर रखने का प्रस्ताव कर रहे हैं। इस बीच बीएसएफ द्वारा पहले भी घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम करने का जिक्र करते हुए उन्होंने विस्तार से कहा कि “बीएसएफ ने गोलाबारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 40 से 50 संदिग्ध आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था।” इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट (Operation Sindoor is ongoing) हुए हैं  डीआईजी चित्रपाल सिंह ने बताया कि “पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस द्वारा सुंदरबनी सेक्टर के पास संचालित एक प्रमुख आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया गया है।” अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “अब उस क्षेत्र से कोई हलचल नहीं देखी (Operation Sindoor is ongoing) गई है।” यही नहीं, बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने कहा कि “खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट हुए हैं और सटीक हमलों के दौरान आतंकवादियों और पाकिस्तानी रेंजर्स में से कई की मौत हो गई।” विदित हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने मौत का नंगा नाच खेला था। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले का करारा जवाब देने हेतु ही भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिन्दूर (Operation Sindoor is ongoing) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अड्डों एयर एयर बेस को तबाह किया था। सेना की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भी पलटवार करना शुरू किया था। मामला गंभीर होता देख पाकिस्तानी के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम रोकने पर सहमति जताई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor is ongoing #OperationSindoor #BSF #ShashankAnand #Pakistan #BorderSecurity #IndiaNews #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis

Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis: बेहतर परवरिश हो सके इसलिए गरीबी की मार झेल रहे पिता ने अपनी ढाई साल की बेटी का 40 हजार में किया सौदा

कहते हैं गरीबी से बड़ा कोई अभिशाप नहीं होता। गरीबी एक ऐसी चीज है जो इंसान से क्या नहीं करवा सकती। गरीबी की मुख्य वजह है बेरोजगारी। बेरोजगार इंसान से बड़ा गरीब कोई नहीं होता। जाहिर सी बात जब हाथ में काम नहीं होगा तो पैसे भी नहीं होंगे, और पैसे नहीं होंगे तो आर्थिक तंगी होगी। और यही आर्थिक तंगी गरीबी को जन्म देती है। फिर यही गरीबी, इंसान को अपना और अपने परिवार का पेट पालने हेतु हर काम करने पर मजबूर करती है। आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक शख्स ने नर्स की मदद से अपनी बेटी का सौदा 40,000 रुपये में (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) कर दिया। दरअसल, मामला बिहार के दानापुर स्थित माल सलामी के भैंसानी टोला का है। जहाँ बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने अपनी पत्नी की नजर से बचाकर बेटी को ग्राहकों के हवाले बेच दिया। खैर, इस बीच थोड़ी देर बाद जब मां ने अपनी बेटी की खोजबीन की तो जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। खुलासा होते ही माँ ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।  बच्ची को सारण में रहने वाली एक दंपति ने (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) खरीदा  सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने आनाकानी करते हुए पुलिस को ही गुमराह करने की कोशिश की लेकिन फिर पुलिसिया धमक के आगे टूट गया। फिर उसने पूरी सच्चाई पुलिस को बताई। इसके आधार पर पुलिस ने एक नर्स को हिरासत में लिया। पुलिस ने जब नर्स से पूछताछ की तो पता चला कि बच्ची को सारण में रहने वाली एक दंपति ने (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) खरीदा है। इसके बाद पुलिस ने सारण में दबिश देकर दंपति को भी गिरफ्तार कर लिया है। न सिर्फ गिरफ्तार किया बल्कि पुलिस ने इनके पास से मासूम बच्ची को भी सही सलामत बरामद कर लिया है। फ़िलहाल पुलिस हर एंगल से आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी जाँच रही है कि कहीं यह मामला मानव तस्करी से तो नहीं जुड़ा है? आर्थिक तंगी के चलते परिवार का पालन-पोषण दूभर हो चुका (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) था पूछताछ में बेटी बेचने के आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि “मैं काफी समय से बेरोजगार था। इस वजह से घर की माली हालत ठीक नहीं थी। पैसे न होने के चलते बीतते समय के साथ परिवार का पालन-पोषण दूभर हो चुका (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) था। इस बीच एक दिन इस संबंध में मैंने दानापुर के निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स से चर्चा की। नर्स से कहीं नौकरी दिलाने की विनंती की। नर्स ने भी भरोसा दिया था कि जल्द ही वह इस संबंध में कुछ करेगी। इसी बीच संयोग से पत्नी कुछ दिनों के लिए मायके चली गई।”  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला दूसरे परिवार में जाकर इस बच्ची का ठीक से हो (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) सकेगा पालन पोषण आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि “पत्नी की गैरमौजूदगी में एक दिन नर्स ने उसे बुलाया और बेटी का सौदा करने का ऑफर दिया। उसने कहा था कि उसे अपनी ढाई साल की बेटी को बेचने पर 40 हजार रुपये मिल जाएंगे। इस बीच नर्स ने उसे भावनात्मक ब्लैकमेल करते हुए कहा कि “वह अपनी बटी को ढंग से खिला-पिला नहीं रहा है। ऐसे में दूसरे परिवार में जाकर इस बच्ची का ठीक से पालन पोषण हो (Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis) सकेगा।” एक तो वो ऐसे ही परेशान था सो, बिना अधिक विचार किये उसने इस सौदे को मान लिया और अपनी मासूम बेटी को नर्स के जरिए दंपति को सौंप दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Father Sells Toddler for 40K Amid Poverty Crisis #FatherSellsDaughter #PovertyCrisis #IndiaNews #ChildRights #ShockingNews #SocialIssues #ChildWelfare #HumanityCrisis

आगे और पढ़ें
newlywed murder case

Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage : 6 महीने पहले हुई थी शादी, इसके चलते पत्थर से सिर कुचलकर उतारा पत्नी को मौत के घाट 

लालच हर हाल में बुरी ही होती है। बड़े बुजुर्गों से अक्सर सुना होगा कि लालच बेवजह निर्माण होने वाली समस्याओं का नाम है। कभी-कभी लोभी इंसान लोभ के चक्कर में इस कदर पागल हो जाता है कि किसी की जान लेने से भी नहीं कतराता। इसी लालच से जुड़ा एक वाकया हुआ है राजस्थान के झुंझुनूं में जहाँ, पत्नी की बीमा की रकम हथियाने के लिए पति ने अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतार (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) दिया। यही नहीं, हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए उसने मनगढ़ंत कहानी भी रची। कहने की जरूरत नहीं, दिल दहला देने वाली इस घटना ने समूचे इलाके को झकझोर दिया है। दरअसल, राजस्थान के झुंझुनूं जिले स्थित नवलगढ़ कस्बे में रहने वाले एक शख्स ने पैसों के लालच में अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरत यह कि अभी 6 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस जघन्य अपराध के पीछे का मकसद 10 लाख रुपये की बीमा राशि हासिल करना था। आरोपी पति ने इस धनराशि को पाने के लिए न सिर्फ अपनी पत्नी की हत्या की, बल्कि पूरे मामले को दुर्घटना का रूप देकर पुलिस को गुमराह भी करने की कोशिश की। चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर की (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) हत्या  जानकारी के मुताबिक आरोपी सहीराम ने अपनी पत्नी कृष्णा सैनी को मौत के घाट उतारने के लिए बाकायदा पहले से सुनियोजित तरीके से योजना बना रखी थी। योजना पर अमल करते हुए 13 मई 2025 की रात को उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने हेतु मनगढंत झूठी कहानी तक रच डाली। इस बीच हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। शुरुआती जांच में आरोपी पति ने सड़क हादसे की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घटना को संदिग्ध मानकर गहनता से छानबीन करना शुरू कर दिया। डिप्टी एसपी राजवीर सिंह और सीआई सुगन सिंह के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने मामले को बड़ी गंभीरता से लिया। इस दौरान प्रारंभिक बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में विरोधाभास देखकर पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। तकनीकी सबूत, कॉल डिटेल्स और घटनास्थल के विश्लेषण से हत्या की योजना का पर्दाफाश हुआ। गौर करने वाली बात यह कि जाँच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले जी सीधे तौर पर शक की तरफ इशारा कर रहे थे। आखिरकार पुलिस द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों ने सच को उजागर कर ही दिया।  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला अपराध का मुख्य मकसद बीमा राशि  (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) थी जाँच में शामिल पुलिस टीम की माने तो मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया। फ़िलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामले की जांच में पता चला कि अपराध का मुख्य मकसद बीमा राशि थी। पति ने 10 लाख की राशि को पाने के लिए नृशंस हत्या का षड्यंत्र अपने चार साथियों के साथ मिलकर (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) रचा। पुलिस के मुताबिक उसने अपने चार साथियों की मदद से पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहीराम सहित सचिन कुमावत, मुकेश कुमार, प्रदीप सिंह और राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी अपराध में संलिप्त थे। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और पुलिस अब आगे की पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के और अन्य पहलुओं को उजागर किया जा सके। Latest News in Hindi Today Hindi news Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage #WifeKilled #DomesticViolence #CrimeNews #MarriageMurder #IndiaNews

आगे और पढ़ें

Raipur Truck Accident: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मिनी ट्रक और ट्रेलर की भीषण टक्कर में 4 महीने के बच्चे समेत 13 लोगों की हुई मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दिल को दहला देने वाली खबर (Raipur Truck Accident) आई है। जानकारी के मुताबिक देर रात हुए हादसे में 13 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों का उपचार डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में कराया जा रहा है। दरअसल, रायपुर-बलोदाबाजार रोड पर सारागांव के पास देर रात एक भीषण अपघात हुआ। यह हादसा खरोरा-बलौदा बाजार रोड पर हुआ। कहा जा रहा है वाहन में सवार होकर लोग बच्चों के जन्मोत्सव कार्यक्रम से लौट रहे थे तभी इस बीच सामने से आ रही तेज रफ़्तार एक छोटे ट्रक और ट्रेलर की टक्कर हो गई। अचानक हुए इस हादसे में 13 लोगों की जगह पर ही मौत हो गई। मृतकों में 9 महिलाएं, 2 बच्चियां, 1 बच्चा और 6 माह की एक शिशु शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन से जुड़े आला अफसर मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “चटौद गांव का एक परिवार बंसरी गांव में पारिवारिक समारोह में शामिल होने गया था। लौटते समय खरोरा थाना क्षेत्र के सरगांव के पास ट्रक और ट्रेलर में टक्कर हो गई।” मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। रायपुर-बलौदाबाजार रोड के पास हुआ (Raipur Truck Accident) हादसा  इस पूरे मामले में रायपुर के जिला कलेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हादसे में (Raipur Truck Accident) 13 लोगों की मौत हो गई और 11  लोग घायल हो गए।” कलेक्टर ने बताया कि “इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।” रायपुर के एसपी लाल उम्मेद सिंह ने विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि “चटौद गांव से कुछ लोग छठी कार्यक्रम में शामिल होने बाना बनारसी गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रायपुर-बलौदाबाजार रोड के पास हादसा हो गया। इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं। सभी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घायलों को रायपुर के डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।”  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर (Raipur Truck Accident) सवाल खड़ा करता है घटना की खबर (Raipur Truck Accident) मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कहने की जरूरत नहीं, यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें। गौरतलब हो कि बीते दिनों भी छत्तीसगढ़ के ही सरगुजा जिले में एक कार और बाइक की टक्कर में पति-पत्नी की मौत हो गई है। उनके साथ उनका दो माह का बेटा भी था, जिसकी इस सड़क हादसे में मौत हो गई थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Raipur Truck Accident #RaipurAccident #ChhattisgarhNews #RoadTragedy #BreakingNews #IndiaNews #TruckCrash #HighwayAccident #RaipurUpdate #RIP #TrafficSafety

आगे और पढ़ें
Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

आगे और पढ़ें
Bengal violence 2025

Bengal violence 2025: बंगाल में हिंसा पीड़ित महिलाओं का छलका दर्द कहा, “क्या ‘हिंदू’ होना ही हमारा अपराध है?” 

मुर्शिदाबाद में हिंसा थम (Bengal violence 2025) जरूर गई है, लेकिन लोगों के बीच दहशत अभी भी खत्म नहीं हुई है। महिलाओं की आंखों में डर साफ नजर आ रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा ने कई हिंदू परिवारों को बेघर कर दिया है। कई परिवार ऐसे हैं जो घरबार छोड़-छाड़कर राहत कैंप में रहने हेतु मजबूर हैं। इनकी मजबूरी देख दिल पसीज जा रहा है। ऐसे में इन बेघर परिवारों से मिलने के लिए जो भी इनके पास जा रहा है, रोती- बिलखती महिलाएं बस एक ही सवाल कर रही हैं कि “क्या हिंदू होना उनका अपराध है? बता दें कि शुक्रवार को जब बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचे थे तो वो जाफराबाद भी गए थे। जहाँ वो न सिर्फ हिंसा प्रभावित परिवारों से मिले बल्कि उनसे बात भी की। खैर, अपने बीच राज्यपाल को देखकर महिलाओं को बड़ी तसल्ली हुई।  पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025)? खैर, इस दरम्यान अपने जज्बातों को बयां करते हुए पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025) हमें बचाओ।” इतना कहकर व्यथित महिलाओं ने राज्यपाल के पैर पकड़ लिए और उनसे बचाने की गुजारिश। ये सब देख राज्यपाल भी खुद को नहीं रोक पाए और उन्होंने पीड़ित महिलाओं और परिवारों से कहा कि “मुझे शांति बनाए रखने के लिए जो भी करना होगा, करूंगा।” इस बीच महत्वपूर्ण बात यह कि राज्यपाल जाफराबाद में हुई हिंसा में मारे गए हरगोविंद दास और चंदन दास के घर भी गए। वहां जाकर उन्होंने कुछ देर तक शोक संतप्त लोगों से बातचीत की। बोस ने उन्हें आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुर्शिदाबाद के धुलियान के निवासी कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो हम अपने घर बीएसएफ कैंप को दे देंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को वक्फ कानून विरोधी आंदोलन के नाम पर हमले हुए और अंधाधुंध हिंसा हुई थी। अहम बात यह कि हमले के निशान आज भी गांव के जले हुए घरों में मौजूद हैं। इस हिंसा में कई लोगों ने अपनी ज़मीनें खो दी हैं।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे यही नहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे। इल्जाम है कि उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस आरोप के कारण शुक्रवार को पूरे दिन मालदा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद आज (शनिवार) को महिला आयोग की टीम मुर्शिदाबाद पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। यह पल बड़ा ही भावनात्मक था। दरअसल हुआ यह कि महिला आयोग के प्रतिनिधिमंडल के सामने हिंसा की कहानी बताते हुए महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ी। इस बीच महिला आयोग के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि “वे केंद्र से सारी रिपोर्ट उपलब्ध करा देंगे और रिपोर्ट में बीएसएफ कैंप का भी जिक्र करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रतिनिधियों ने कहा कि “हम आपके साथ खड़े हैं। केंद्र की सभी टीमों जमीन पर उतर चुकी हैं। पूरा देश आपके साथ है। चिंता करने की कोई बात नहीं है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Hindu targeted in Bengal #BengalViolence #HinduWomen #ReligiousTargeting #IndiaNews #HumanRights #WomensVoices #BengalCrisis #HinduIdentity #IndiaViolence #JusticeForVictims

आगे और पढ़ें
Man with swords in Ajmer

Man with swords in Ajmer: अजमेर शरीफ दरगाह में तीन तलवार लेकर अंदर घुसा अर्धनग्न व्यक्ति, मचा हड़कंप 

राजस्थान की प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में लाखों हिन्दू और मुस्लिम श्रद्धालु मत्था टेकने जाते हैं। वैसे तो अजमेर शरीफ की सुरक्षा चाकचौबंद होती है लेकिन एक शख्स ने सुरक्षा को धता बताते हुए एक दो नहीं बल्कि 3 तलवारों के साथ अंदर प्रवेश (Man with swords in Ajmer) कर गया। तीन तलवार लेकर घुसे अर्धनग्न व्यक्ति को देख मुस्लिम श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। दरगाह के भीतर जब मौजूद लोगों ने उस शख्स को देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए। मौके की नज़ाकत को समझते हुए लोगों ने त्वरित कार्रवाई की। अहम बात यह कि अजमेर शरीफ दरगाह की सुरक्षा में यह चूक ईद के ठीक अगले दिन हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दरगाह के सभी 10 प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। बता दें कि अजमेर शरीफ का मुख्य द्वार निजाम गेट कहलाता है। वहां पर आरएसी के तकरीबन10 जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर भी लगे हुए हैं। लेकिन, फिर भी व्यक्ति का अंदर तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता ही है।  एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली जानकारी के मुताबिक एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली। इस छीना-झपटी के दौरान युवक जख्मी हो गया। इस दौरान उसके हाथ से खून बहने लगा। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और दिलेरी दिखाते हुए अन्य श्रद्धालुओं की मदद से अर्धनग्न व्यक्ति को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह व्यक्ति कौन था और उसके मंसूबे क्या थे? खैर, पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक हुई तो भी कैसे हुई? हालाँकि इस घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वो बात और है कि इस घटना के बाद से श्रद्धालुओं में डर का माहौल जरूर बना हुआ है। कुछ भी हो लेकिन एक अच्छी बात यह कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और बहादुरी से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।  इसे भी पढ़े:– अजमेर शरीफ पर पीएम मोदी के इस कदम से भड़की हिंदू सेना, कही यह बात प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है (Man with swords in Ajmer) बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण मुस्लिम शासक इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था। जिसे बाद में मुगल सम्राट हुमायूं के शासनकाल में पूरा किया गया। दरगाह का यह स्थल, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गौर करने वाली बात यह कि आज भी यह हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यही नहीं, देश के प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है। लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मुराद कभी खाली नहीं जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Man with swords in Ajmer AjmerSharif #AjmerDargah #BreakingNews #IndiaNews #SecurityBreach #AjmerIncident #DargahAlert #AjmerLatest #ReligiousSite #ViralNews

आगे और पढ़ें
Translate »