Indus Waters Treaty

भारत सिंधु जल संधि बहाल करे, नहीं तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर करेगा कब्जा- बिलावल भुट्टों की गीदड़भभकी

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवादों में रही सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को भारत की तरफ से स्थगित करने के बाद से पाकिस्तान लगातार दर्द से बिलबिला रहा है। इस मुद्दे पर अब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने भारत को युद्ध की धमकी देते हुए कहा है कि भारत के पास सिर्फ दो विकल्प हैं। बिलावल का यह बयान गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) के एक बयान के बाद आया है। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में बात करते हुए कहा कि भारत का सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को बहाल करने का कोई इरादा नहीं है। शाह के इस बयान के बाद से ही पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हडकंप मची हुई है।  अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता, तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर कब्जा कर सकता है बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने भी अमित शाह (Amit shah) के इसी बयान का जवाब देते हुए एक रैली में भारत को सीधे तौर पर युद्ध की धमकी दी। बिलावल ने कहा, “भारत के पास अब केवल दो विकल्प हैं, या तो वह सिंधु जल संधि को मानते हुए हमारे साथ सहयोग करे या पाकिस्तान से युद्ध के लिए तैयार रहे।” बिलावल यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता, तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर कब्जा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिलावल भुट्टो का यह बयान पाकिस्तान की बौखलाहट को दिखाता है। भारत ने जब से सिंधु जल संधि पर रोक लगाया है, पाकिस्तान तभी से इस तरह की गीदड़भभकी दे रहा है।  हम सिंधु सभ्यता के संरक्षक हैं और इसकी रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता भी अपनाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने यह भी कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित करना “शांति को खत्म करने जैसा कदम” है। यह सिर्फ जल संकट नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अस्तित्व का सवाल है और पाकिस्तान की सरकार इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। बिलावल ने धमकी देते हुए कहा, “हम सिंधु सभ्यता के संरक्षक हैं और इसकी रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता भी अपनाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे।” बता दें कि बिलावल भुट्टों इससे पहले भी इस तरह का भड़काऊ बयान दे चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर से पहले बिलावल ने भारत को धमकी देते हुए कहा था, “या तो नदियों में पानी बहेगा, या फिर भारत का खून।” इस तरह के बयान न केवल भारत-पाक के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की छवि को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमित शाह के बयान के बाद बौखलाया पाकिस्तान गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने हाल में एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें कहा था कि, भारत सिंधु जल समझौते को बहाल नहीं करेगा। शाह ने कहा, “भारत को अब अपने अधिकारों को जानने और उन पर अमल करने का समय आ गया है।” शाह के इस बयान को पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि भारत अब अपनी जल कूटनीति को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करने को तैयार है। इस बयान के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे “अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन” बताया और वैश्विक मंचों पर भारत की शिकायत करने की चेतावनी दी। वहीं बिलावल भुट्टों भारत को युद्ध की धमकी देने लगे। लेकिन भारत ने अब तक इस मुद्दे पर संयम दिखाया है और कभी भी युद्ध जैसी कोई भाषा नहीं अपनाई, लेकिन पाकिस्तान के राजनीतिक वर्ग द्वारा बार-बार युद्ध की धमकी देना कहीं न कहीं उनकी राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक दबावों को दर्शाता है। सिंधु जल संधि: क्या है विवाद की जड़? बता दें कि सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में हुई थी। इस संधि के तहत छह नदियों का पानी दोनों देशों में बांटा गया। भारत को रावी, ब्यास, सतलुज का पानी मिला था और पाकिस्तान को सिंधु, झेलम, चिनाब का पानी मिला था। इस संधि के तहत भारत पाकिस्तान की नदियों के पानी को रोक नहीं सकता, लेकिन सीमित सिंचाई, जल-विद्युत और घरेलू उपयोग के लिए संरचनाएं बना सकता है। हालांकि, भारत हमेशा से इस संधि को गलत मानता रहा, लेकिन कभी रोक नहीं लगाया। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया है। भारत का कहला है कि पाकिस्तान के साथ यह संधि अच्दे रिश्ते और शांति के लिए किए गए थे, लेकिन बदले में पाकिस्तान ने भारत में आतंकवाद और हिंसा फैलाई। पानी और खून अब एक साथ नहीं बह सकता। इसलिए पाकिस्तन जब तक आतंकवाद को खत्म नहीं करता, तब तक यह संधि स्थगित रहेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Amit shah Bilawal Bhutto #IndusWatersTreaty #BilawalBhutto #IndiaPakistan #RiverDispute #SouthAsiaTensions #Geopolitics #BreakingNews #PakistanThreat

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Modi Pakistan speech

PM Modi sends stern warning to Pakistan: पीएम मोदी की पाकिस्तान को सीधी चेतावनी, कहा “जो सिंदूर मिटाएगा उसका खुद का मिटना तय”

ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता के बाद सोमवार यानी 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “आज देश निराशा से निकलकर विश्वास के उजाले में तिरंगा फहरा (PM Modi sends stern warning to Pakistan) रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने आतंकवादियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “जो हमारी माताओं बहनों का सिंदूर मिटाने की कोशिश करेगा, उसका मिटना तय है।” पीएम मोदी ने कहा कि “जरा सोचिए, जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने जो कुछ किया, क्या भारत चुप बैठ सकता है? क्या मोदी चुप बैठ सकता है? अगर कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाएगा तो उसका भी मिटना तय हो जाता है। इसलिए ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है बल्कि ये हम भारतीयों के संस्कारों और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति है।” पीएम ने हुंकार भरते हुए कहा कि “आतंकवादियों ने 140 करोड़ भारतीयों को चुनौती दी थी, इसलिए मोदी ने वही किया, जिसके लिए देशवासियों ने मुझे प्रधान सेवक की जिम्मेदारी दी है।” आतंक फैलाने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल हो सकता (PM Modi sends stern warning to Pakistan) है जनसभा से रूबरू होते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि “आतंक फैलाने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि मोदी से मुकाबला करना इतना मुश्किल हो सकता (PM Modi sends stern warning to Pakistan) है। आतंकियों को ढूंढ़ निकाला। 22 तारीख को उन्होंने जो खेल खेला था, हमने उनको मिट्टी में मिला दिया। हमारी सेना ने पाकिस्तानी फौज को धूल चटा दी। हम देश की सेना के शौर्य को नमन करते हैं। पाकिस्तान का एकमात्र काम भारत से दुश्मनी करना है।” वो यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि “देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, वो हम भारत में ही बनाएं, ये आज के समय की मांग है।” उन्होंने आगे कहा कि “आज हम खिलौने से लेकर सेना के अस्त्र शस्त्र दुनिया के देशों में निर्यात कर रहे हैं। आज भारत रेल, मेट्रो और इसके लिए जरूरी टेक्नोलॉजी खुद बनाता भी है और दुनिया में एक्सपोर्ट भी करता है। थोड़ी देर पहले यहां हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।” विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “कुछ लोगों को आदत हो गई है गालियां देने की। वे कहते थे कि चुनाव आया मोदी जी ने शिलान्यास किया, कुछ बनने वाला नहीं है। आज तीन साल बाद इस फैक्ट्री में पहला इलेक्ट्रिक लोकोमॉटिव बनकर तैयार हो गया, आज उसे हरी झंडी दिखाई।” इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात 26 मई 2014 में आज के ही दिन पहली बार मैंने प्रधानमंत्री के तौर पर ली (PM Modi sends stern warning to Pakistan) थी शपथ- पीएम मोदी  देश की तरक्की की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “आज 26 मई का दिन है। साल 2014 में आज के ही दिन पहली बार मैंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली (PM Modi sends stern warning to Pakistan) थी। गुजरात के आप सभी लोगों ने मुझे भरपूर आशीर्वाद दिया है। आपके आशीर्वाद से हम देशवासियों की सेवा में लगे रहे हैं। आपके कारण हमने देश में कई बड़े फैसले लिए हैं। देश हर एक सेक्टर में आगे बढ़ा है। आज गुजरात को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। गुजरात के शत-प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।” Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi sends stern warning to Pakistan #PMModi #PakistanWarning #SindoorStatement #IndiaPakistan #ModiSpeech #BoldStatement #IndianPolitics

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India Halts Indus River Water to Pakistan

India Stops Indus Water to Pakistan: इस हरकत की वजह से पाकिस्तान को नहीं देंगे सिंधु नदी का एक बूंद भी पानी

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के बाद भी शीत युद्ध है कि जारी रही है। दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। 22 अप्रैल को आत्मघाती आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ जितने भी समझौते हुए थे सभी रद्द कर दिए गए हैं। यहाँ तक कि पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापार को भी रद्द कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan) गया है। इस बीच विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से गुरुवार को कहा गया है कि “पाकिस्तान की ओर से जब तक सीमा पर आतंकवाद को समर्थन दिया जाता रहेगा तक सिंधु नदी का एक बूंद पानी तक पड़ोसी मुल्क को नहीं दिया जाएगा।” दरअसल, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को पुनः जोर देते हुए कहा कि “पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।” बता दें कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत अपने निर्णय पर कायम है।  अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ (India Stops Indus Water to Pakistan) दे पाकिस्तान  इस बीच रणधीर जायसवाल ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारत और पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ (India Stops Indus Water to Pakistan) देगा।” इस बीच कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में भारत और पाकिस्तान की मदद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रुचि पर जवाब देते गए जायसवाल ने कहा कि “भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी बातचीत द्विपक्षीय होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। जहां तक आतकंवाद की बात है, तो पाकिस्तान को उन आतंकियों को भारत को सौंपना चाहिए जिनकी सूची कुछ साल पहले पड़ोसी मुल्क को दी गई थी। पाक के साथ जम्मू कश्मीर चर्चा तभी हो सकती है जब सीमा पार आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलने बंद हों।”  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ऐलान कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan)  है कि पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा इस दरम्यान रणधीर जायसवाल ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ऐलान कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan)  है कि पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा। ऐसे में सिंधु जल संधि समझौता को रद्द करने का फैसला किया गया है। यह समझौता तब तक रद्द रहेगा जब तक सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाता रहेगा। भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ है। आतंकवादियों को जो लोग पनाह दे रहे हैं उनके खिलाफ बिना रुके भारत की लड़ाई जारी रहेगी।” यही नहीं, इस बीच प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने राजस्थान की धरती से पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ खुली चेतावनी दी। पीएम ने बीकानेर में आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को साफ करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद से निपटने के तीन सूत्र तय कर दिए हैं। पहला- जावब देने का समय और तरीका सेना तय करेगी, एटम बम की गीदड़भभकी से भारत डरने वाला नहीं है। आतंक के आका और आतंक को पनाह देने वालों को अलग-अलग नहीं देखेंगे। हालांकि पीएम ने यह भी कहा, “पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया को दिखाया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news India Stops Indus Water to Pakistan #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #IndusRiver #WaterDispute #ModiGovernment #Geopolitics #IndiaNews #PakistanNews

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Pakistan aggressive statement

Ishaq Dar’s Threat Risks Ceasefire With India: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की गीदड़भभकी, इसके चलते खतरे में पड़ जाएगा सीजफायर

रस्सी जल गई पर बल नहीं गया, हिंदी की यह कहावत पाकिस्तान पर बखूबी बैठती है। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए सीजफायर समझौते के बाद पड़ोसी दुश्मन मुल्क पाकिस्तान ने एक बार फिर गीदड़ भभकी दी है। पाकिस्तान है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। पाक विदेशी मंत्री इशाक डार ने गीदड़भभकी देते गए कहा कि “अगर सिंधु जल संधि का मसला हल नहीं हुआ तो इसका मतलब नहीं रह (Ishaq Dar’s Threat Risks Ceasefire With India) जाएगा।” बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों पर हमले की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को गहरा नुकसान पहुंचाया था। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने हाल ही में सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा कि “अगर भारत और पाकिस्तान के सिंधु जल संधि को लेकर मसला नहीं सुलझा तो सीजफायर खतरे में पड़ सकता है। अगर यह मामला हल नहीं हुआ तो इसे एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा।” गौरतलब हो कि पाकिस्तान इससे पहले भी जल संधि को लेकर गीदड़भभकी दे चुका है। यही नहीं, पाकिस्तान के कई नेता भारत को परणामु बम की धमकी दे चुके हैं।  पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों के साथ-साथ कई एयरबेस को कर दिया (Ishaq Dar’s Threat Risks Ceasefire With India) था तबाह  22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हुए कायराना हमले का बदला भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर लिया था। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाक और पीओके में स्थित पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों के साथ-साथ कई एयरबेस को तबाह कर दिया (Ishaq Dar’s Threat Risks Ceasefire With India) था। इस हमले में 100 से आतंकियों के मारे गए थे। कहने की जरूरत नहीं, इस हमले में पाकिस्तान को बड़ा भारी नुकसान हुआ। यही नहीं, बड़ी बात यह कि यह बात खुद पाकिस्तान ने कबूल की है। उसने कहा कि “भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके 11 जवान मारे गए हैं और 70 से ज्यादा जवान घायल भी हुए हैं।” इसे भी पढ़ें:- कर्रेगुट्टा हिल्स पर ‘ऑपरेशन संकल्प’ में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सली किए ढेर, 20 शवों की हुई पहचान ऑपरेशन अभी सिंदूर खत्म नहीं हुआ है, इसे कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है गौरतलब हो कि ऑपरेशन अभी सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। इसे कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच पीएम मोदी मंगलवार सुबह अचानक आदमपुर एयरबेस पहुंच (Ishaq Dar’s Threat Risks Ceasefire With India) गए। यहां उन्होंने सेना के जवानों से मुलाकात की। मजे की बात यह कि पाकिस्तान ने आदमपुर एयरबेस को उड़ाने का झूठा दावा किया था। पीएम मोदी ने यहां पहुंचकर पाक को न सिर्फ करारा जवाब दे दिया बल्कि आतंकवाद के मसले को पर उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ishaq Dar’s Threat Risks Ceasefire With India #IshaqDar #IndiaPakistan #CeasefireThreat #LoC #PakistanNews #ForeignMinister #IndoPakTensions #IndiaNews #Geopolitics #BreakingNews

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India’s Military Operation

Operation Sindoor triggers panic in Pakistan: ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में मचा हड़कंप, नहीं लिया सबक तो भारत कर सकता है इससे भी बड़ी कार्रवाई

भारत द्वारा देर रात चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान में हड़कंप (Operation Sindoor triggers panic in Pakistan) मचा हुआ है। इस ऑपरेशन ने भारत ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर के 9 आंतकी ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए हैं। खबर के मुताबिक तकरीबन 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है। हमले में आतंकी मसूद अजहर के परिवार की लाशें बिछ गईं। इस अटैक में आतंकी मौलाना मसूद अजहर के परिवार के 10 और 4 करीबी भी मारे गए। यही नहीं, लश्कर चीफ हाफिज सईद को भी तगड़ी चोट लगी है और उसका खासमखास मारा गया है। भारत की स्ट्राइक से पाकिस्तान में अफरा-तफरी का माहौल है। पाकिस्तान इस कदर डरा हुआ है कि उसने भी गीदड़ भभकी देते हुए भारत को मुंह तोड़ जवाब देने की बात कही है। खैर, भारत ने दुनिया को ऑपरेशन सिंदूर से अवगत करा दिया है।  भारत ने यह साफ़ किया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद क्या था, क्यों यह जरूरी था, पूरी दुनिया को सबूत के साथ भारत ने जपाब दे दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही भारत ने यह भी इशारा कर दिया कि पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर अभी झांकी है।  इस दौरान वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका ने कहा कि “अगर पाकिस्तान ने दुस्साहस की तो भारत पूरी तरह से तैयार है और उसे आगे भी जवाब दि जाएगा।”  पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे की पोस्ट से मचा (Operation Sindoor triggers panic in Pakistan) हड़कंप  खैर, यहाँ गौर करने वाली बात यह कि ठीक इसी तरह की बात आर्मी के पूर्व चीफ भी कह रहे हैं। पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऐसा पोस्ट किया है जिससे पाकिस्तानी आवाम के होश फाख्ता हो (Operation Sindoor triggers panic in Pakistan) गए हैं। उनके पोस्ट ने पूरे पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। दरअसल, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पोस्ट करते हुए लिखा कि “अभी पिक्चर बाकी है।” इस पर कुछ लोग लिख रहे हैं कि क्या अगला टारगेट इस्लामाबाद है? एक यूजर ने लिखा कि अभी ऐसे धमाके और होने हैं तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि “बिल्कुल सर, पिक्चर अभी बाकी है।”   इसे भी पढ़ें:-  जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना भारत इससे भी बड़ा (Operation Sindoor triggers panic in Pakistan) कर सकता है हमला  कहने की जरूरत नहीं, भारत ने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान दिया, उससे एक बात तो साफ है कि पाकिस्तान ने अगर भूलकर भी किसी तरह की गलती की, तो भारत इससे भी बड़ा हमला (Operation Sindoor triggers panic in Pakistan) कर सकता है। सूत्रों का तो यहाँ तक कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर तो अभी झांकी है। पाकिस्तान अगर इतने से भी सबक नहीं लेता है, तो उसे पूरी पिक्चर दिखाई जाएगी। वैसे भी आर्मी के पूर्व चीफ का यह कहना कि “पिक्चर अभी बाकी है, यह ऐसे ही नहीं हो सकता।” बता दें कि भारत के इस ऑपरेशन से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Operation Sindoor triggers panic in Pakistan #OperationSindoor #IndiaPakistan #SurgicalStrike #IndianArmy #PakistanNews #BorderTension #DefenseNews #IndiaStrong #Retaliation #BreakingNews

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Operation Sindoor

Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी, फिर गड़बड़ी की तो खैर नहीं, और भी आतंकी ठिकानों की कर ली है पहचान

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 बेकसूर लोग मारे गए। इस हमले की साजिश पाकिस्तान की कोख में पल रहे लश्कर-ए-तैयबा नामक आतंकी संगठन ने की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद लोगों को बेसब्री से इस पल का इंतजार था कि भारत कब इस कायराना हमले का बदला लेगा। आखिरकार, भारत ने बदला ले ही लिया। पहलगाम हमले का जवाब देते हुए ठीक 14 दिन बाद 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की आशंका है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है। बड़ी बात यह कि इस हमले में भारत ने पाकिस्तान के सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। यह पाकिस्तान पर किया गया भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला है। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान पर स्ट्राइक करने की बात को कन्फर्म किया है। इस बीच पाकिस्तान में किए गए स्ट्राइक के बाद भारत का सबसे बड़ा बयान सामने आया है। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि “अगर उसने फिर कोई गड़बड़ी की तो भारत फिर से हमला करेगा।” ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, यूएई और सऊदी अरब से की है बात  बता दें कि पाकिस्तान में स्ट्राइक करने के बाद भारत पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि “अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई गड़बड़ी की तो भारत उस पर फिर से हमला करेगा। भारत ने पाकिस्तान के कुछ अन्य आतंकी ठिकानों की पहचान कर ली है।” इस हमले के बाद भारत ने कुछ देशों से बात करते हुए उन्हें इसकी जानकारी भी दी है। जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, यूएई और सऊदी अरब से बात की है। एयर स्ट्राइक के दौरान भारतीय वायुसेना ने मुरीदके, बहावलपुर, कोटली, गुलपुर, मुजफ्फराबाद, भिंबर, अमरू और सियालकोट में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।   इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का मकसद सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को तबाह करना था, न कि पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाना इस दौरान रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि “ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का मकसद सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को तबाह करना था, न कि पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाना। तो वहीं पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, कोटली, मुजफ्फराबाद और बहावलपुर के अहमद ईस्ट इलाके में भारी तबाही हुई है। इसके अलावा पाक सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि “भारतीय हमलों के बाद उनके फाइटर जेट्स हाई अलर्ट पर हैं।” इसके अलावा बड़ी बात यह कि मुजफ्फराबाद में हमले के बाद पूरा इलाका ब्लैकआउट में चला गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे युद्ध जैसी स्थिति बताते हुए भारत को खुलेआम चेतावनी दी। बेशक इससे सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका लगाईं जा सकती है।  Latest News in HindiToday Hindi news  Operation Sindoor #OperationSindoor #IndiaPakistan #TerrorAlert #IndianArmy #PakistanWarning #CrossBorderStrike #NationalSecurity #TerrorCamps #IndiaDefence #BreakingNews

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India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

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India Pakistan legal action

Pakistanis leave India: 24 घंटे में यदि पाकिस्तानियों ने नहीं छोड़ा भारत, तो की जाएगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त करते हुए हज़ारों पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकों में अपने देश जाने को लेकर अफरा तफरी मच गई। अफरा-तफरी का आलम यह है कि वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। समय सीमा समाप्त होने तक कुछ सौ लोग ही हैं जो पाकिस्तान वापस गए हैं। ऐसे में सरकार ने डेडलाइन के बाद भारत में रहने वाले पाकिस्तानियों पर कार्रवाई की चेतावनी (Pakistanis leave India) दी है। सरकारी आंकड़ों की माने तो देश भर में हजारों पाकिस्तानी मौजूद हैं। दिल्ली में 5 हजार तो मुंबई और यूपी में तक़रीबन 2000 हजार पाकिस्तानियों के होने की खबर है। गौर करने वाली बात यह कि डेड लाइन खत्म होने के बाद सिर्फ 537 पाकिस्तानी अपने देश वापस लौटे हैं। तो वहीं भारतीय नागरिकों की बात की जाए तो पाकिस्तान से 1387 भारतीय अपने देश लौट चुके हैं। बता दें कि इनमें कई डिप्लोमेट समेत अधिकारी भी हैं।  29 अप्रैल (Pakistanis leave India) की है डेडलाइन  गौरतलब हो कि सरकार के आदेश के बाद अटारी-वाघा इंटरनेशनल बॉर्डर से अब तक कई पाकिस्तान वापिस लौटे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल को 191 पाकिस्तानी नागरिक और 287 भारतीय नागरिक तो वहीं  26 अप्रैल को 75 पाकिस्तानी नागरिक 335 भारतीय नागरिक वापस आए थे। इसके अलावा सार्क वीजा वालों के लिए देश छोड़ने की अंतिम तारीख 26 अप्रैल थी और मेडिकल वीजा वालों के लिए अंतिम तारीख 29 अप्रैल (Pakistanis leave India) है। ध्यान देने वाली बात यह कि सरकार की तरफ से दी गई पहली डेडलाइन 27 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। और अब दूसरी डेडलाइन 29 अप्रैल को खत्म होगी। इस लिहाज से अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि हजारों पाकिस्तानियों को कैसे वापस भेजा जाएगा? एक बात तो तय है कि यदि डेड लाइन खत्म होने के बाद कोई पाकिस्तानी भारत में रहता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और उसपर कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस (Pakistanis leave India) को सौंप दी है इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है, ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा यूपी में 1800 से अधिक तो वहीं मुंबई में तकरीबन 2 हजार और उत्तराखंड में भी अधिक 250 पाकिस्तानी नागरिक रहे हैं। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य सरकार की तरफ से आदेश के बाद न सिर्फ जांच तेज हो गई बल्कि पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है और उन्हें वापस भेजने की तैयारी भी हो रही (Pakistanis leave India) है। कुल मिलाकर बता यह कि भारत सरकार की डेडलाइन खत्म होने के बाद यहाँ रह रहे पाकिस्तानियों का रहना गैरकानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Pakistanis leave India #drunkman #grpfight #violenceincident #grp #policebrutality #streetviolence #drunkanddisorderly #instastory #viralnews #currentnews #breakingnews #indiaupdate #newsviral #policeincident #viralpost

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Shehbaz & Bilawal Threaten India After Indus Treaty

Shehbaz & Bilawal India threat: सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद बिलावल भुट्टो और शहबाज शरीफ ने दी भारत को गीदड़भभकी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान जा रही नदियों का पानी रोकने के बाद से पाकिस्तान सदमें में है। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम टेरर अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान पर जो वाटर स्ट्राइक किया है, उससे पाकिस्तान बौखला उठा है। आटे के लिए रोने वाले पाकिस्तान को अब प्यास से मरने का डर सताने लगा है। दरअसल, भारत ने सिंधु जल संधि सस्पेंड कर दिया है। सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के बाद से पाकिस्तानियों में कोहराम मचा हुआ है। पाकिस्तान की छटपटाहट का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने भारत को गीदड़भभकी देने (Shehbaz & Bilawal India threat) लगे हैं। पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए इस आतंकी हमले में 27 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।  पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का (Shehbaz & Bilawal India threat) पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी (Shehbaz & Bilawal India threat) है और कहा कि “पाकिस्तान के पानी को रोकने की जुर्रत ना करे भारत, अगर भारत ने पानी रोका तो पाकिस्तान की सेना इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।” प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।” शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि “किसी को भी इस बारे में कोई गलती नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान 240 मिलियन लोगों का देश है और हम अपने बहादुर सशस्त्र बलों के पीछे हैं। सबको यह संदेश ज़ोरदार और साफ होना चाहिए। शांति हमारी प्राथमिकता है। हम अपनी अखंडता और सुरक्षा पर कभी समझौता नहीं करेंगे।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र छोड़ने के लिए पाकिस्तानियों को मिला 48 घंटे का समय, सीएम फडणवीस के सख्त फरमान से मची खलबली सिंधु हमारी है और यह हमारी ही रहेगी या तो हमारा पानी इस नदी  (Shehbaz & Bilawal India threat) से बहेगा या फिर उनका खून इसमें बहेगा यही नहीं, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के मुखिया बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भड़काऊ बयान देकर स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधे धमकी देते हुए कहा (Shehbaz & Bilawal India threat) कि “मैं सिंधु नदी के किनारे खड़ा होकर भारत को बताना चाहूंगा कि सिंधु हमारी है और यह हमारी ही रहेगी या तो हमारा पानी इस नदी से बहेगा या फिर उनका खून इसमें बहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने “सिंधु पर हमला” किया है। भले ही भारत की आबादी हमसे ज़्यादा है, लेकिन पाकिस्तान के लोग बहादुर हैं। हम सीमाओं पर भी और पाकिस्तान के अंदर भी लड़ेंगे। हमारी आवाज़ भारत को करारा जवाब देगी। उनके इस बयान को भारत के खिलाफ खुले तौर पर हिंसा उकसाने वाला माना जा रहा है। बता दें कि पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें न सिर्फ पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और वापसी के निर्देश शामिल हैं, बल्कि सिंधु जल संधि को सस्पेंड करना भी शामिल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Shehbaz & Bilawal India threat #ShehbazSharif #BilawalBhutto #IndiaPakistan #IndusWaterTreaty #SindhuJalSandhi #IndiaThreat #PakistanWarning #WaterDispute #IndiaPakistanTension #LatestNews

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Water strike by India

Water strike by India: मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान

22 अप्रैल (मंगलवार) को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या और 17 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए कड़े कदम उठाए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली है। महत्वपूर्ण  बात यह कि हमला ऐसे समय में हुआ जब भारत सरकार कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही थी। भारत के सख्त तेवर देख पाकिस्तान में डर का (Water strike by India) माहौल है। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की कायराना हरकत के बाद जवाब न दिया हो। याद करें बालाकोट हमला। इस हमले का भारत ने एयरस्ट्राइक से जवाब दिया था और तो और पुलवामा में हमलों का भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया। ऐसे में अब पहलगाम में हमले का भारत ने वॉटर स्ट्राइक से जवाब दिया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत के इस कदम से पाकिस्तान का जीना मुहाल हो जायेगा।  भारत ने सिंधु जल संधि पर लगा दी है (Water strike by India) रोक  यहाँ सबसे यह समझना जरूरी है कि आखिर ये वॉटर स्ट्राइक (Water strike by India) है क्या? दरअसल, भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी है। बता दें कि सिंधु जल संधि साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण जल-बंटवारा समझौता है। इसे विश्व बैंक की मध्यस्थता में तैयार किया गया था। इस संधि का मुख्य उद्देश्य सिंधु नदी प्रणाली के जल संसाधनों के उपयोग को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच होनेवाले विवादों को टालना था। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था। पूर्वी नदियों में ब्यास, रावी और सतलुज का अधिकार भारत को दिया गया था। तो वहीं पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के जल का उपयोग पाकिस्तान को सौंपा गया था। इस समझौते के तहत भारत को अपनी पूर्वी नदियों के जल का पूरा उपयोग करने की अनुमति मिली, तो वहीं वह पश्चिमी नदियों के जल का सीमित उपयोग सिंचाई, घरेलू जरूरतों और गैर-उपभोग वाले उद्देश्यों के लिए कर सकता था। लेकिन अब भारत ने इस समझौते को खत्म कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:-  इसलिए पीएम मोदी ने सऊदी से भारत लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का नहीं किया इस्तेमाल क्या होगा इस वॉटर स्ट्राइक (Water strike by India) का असर  बता दें कि पाकिस्तान की लगभग 80 फीसदी खेती तकरीबन 1.6 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। पाकिस्तान की खेती सिंधु नदी पर पूरी तरह निर्भर है। गौरतलब हो कि इस नदी से मिलने वाले पानी का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा केवल सिंचाई के काम में आता है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि अगर यह पानी न मिले, तो देश में खेती लगभग असंभव हो (Water strike by India) जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह कि सिंधु बेसिन क्षेत्र में रहने वाली पाकिस्तान की 61 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 23.7 करोड़ लोग सिंधु नदी पर निर्भर हैं। यही नहीं, पाकिस्तान के प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं भी सिंधु नदी पर आधारित हैं। ऐसे में भारत द्वारा सिंधु जल समझौता खत्म करने से पाकिस्तान में खाद्य उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जिससे लाखों लोगों की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। सिंधु जल आपूर्ति बाधित होने से पाकिस्तान के शहरी इलाकों में जल संकट उत्पन्न हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Water strike by India #WaterStrike #IndiaPakistan #ModiGovernment #IndusWatersTreaty #IndiaFirst #PakistanWaterCrisis #StrategicStrike #ModiAction #NationalSecurity #WaterWar

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