Indore digital city

इंदौर बनेगा देश का पहली डिजिटल सिटी: हर घर को मिलेगा यूनिक डिजिटल एड्रेस

भारत के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रसिद्ध इंदौर अब एक और बड़ी उपलब्धि की ओर अग्रसर है। मध्य प्रदेश का यह शहर देश की पहली डिजिटल सिटी (Digital City) बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। स्वच्छता में छह बार नंबर वन रह चुके इंदौर ने अब टेक्नोलॉजी और स्मार्ट गवर्नेंस को मिलाकर नागरिक सुविधाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की योजना शुरू कर दी है। यह परियोजना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि प्रत्येक नागरिक को डिजिटल पहचान देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। क्या है डिजिटल सिटी प्रोजेक्ट? इस परियोजना के तहत इंदौर के हर घर को एक यूनिक डिजिटल एड्रेस (Digital Address) दिया जाएगा, जो GPS आधारित होगा। इस यूनिक एड्रेस (Unique Address) को एक QR कोड (QR Code) के माध्यम से घर के बाहर लगाया जाएगा। इस क्यूआर कोड (QR Code) को कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन से स्कैन (Scan) करेगा तो संबंधित संपत्ति की विस्तृत जानकारी तुरंत मोबाइल स्क्रीन (Mobile Screen) पर दिखेगी। इस डिजिटल पते में शामिल होगी: यह सभी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) पर उपलब्ध होगी, जिससे नागरिकों को सेवाएं पाने में सुविधा होगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। वार्ड 82 से शुरुआत, पूरे शहर को कवर करने की तैयारी इंदौर में इस डिजिटल सिटी प्रोजेक्ट (Digital City Project) की शुरुआत वार्ड 82 से की गई है। पहले दिन इस योजना के तहत 20 घरों को जोड़ा गया और इसकी शुरुआत सुदामा नगर में साहित्यकार सदाशिव कौतुक के घर से की गई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार अगले 20 दिनों में पूरे वार्ड के लगभग 7,000 घरों को इस योजना के तहत शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद इंदौर के बाकी 81 वार्डों में यह योजना एक साथ लागू की जाएगी, जिससे अगले दो महीनों में इंदौर पूरी तरह डिजिटल सिटी (Digital City Indore) बन जाएगा। दावा-आपत्ति और नागरिक शिकायतों के लिए भी तय समय सीमा के भीतर समाधान का प्रावधान रखा जाएगा, जिससे जनता की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। डिजिटल एड्रेस (Digital Address) का क्या होगा फायदा? स्मार्ट गवर्नेंस (Smart Governance): नगर निगम को अब घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की ज़रूरत नहीं होगी। QR कोड स्कैन (QR Code Scan) कर अधिकारी सीधे डिजिटल डेटा देख सकेंगे। नागरिकों को सुविधा: लोगों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पानी-बिजली के बिल, टैक्स की स्थिति, अस्पताल से संबंधित सेवाएं एक क्लिक पर मिलेंगी। ट्रांसपरेंसी: डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Record) होने से टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और शहरी विकास में वास्तविक आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकेंगे। आपातकालीन सेवाएं तेज़: किसी भी मकान की सही लोकेशन को क्यूआर कोड (QR Code) के ज़रिए तत्काल साझा किया जा सकेगा, जिससे एम्बुलेंस या फायर सर्विस जैसी सेवाएं जल्दी पहुंच सकेंगी। डिजिपिन से कनेक्टिविटी: यह पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के डिजिपिन प्लेटफॉर्म (Digipin Platform) से जुड़ा है। डिजिपिन यानी डिजिटल पिन (Digital Pin) के ज़रिए नागरिकों की पहचान और लोकेशन को एक साथ जोड़ दिया जाएगा। इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  डिजिटल भारत की दिशा में अहम कदम इंदौर का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की डिजिटल इंडिया मुहिम (Digital India campaign) के तहत एक बड़ा मॉडल बन सकता है। जहां देशभर के शहर डिजिटल गवर्नेंस को लेकर योजनाएं बना रहे हैं, वहीं इंदौर इस पर वास्तविक काम कर रहा है और उदाहरण पेश कर रहा है। इससे पहले इंदौर ने स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट, सफाई ऐप्स और डिजिटल बिलिंग जैसी कई योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है। अब डिजिटल एड्रेसिंग प्रणाली से यह शहर न सिर्फ स्मार्ट बनेगा, बल्कि यह भारत के अन्य शहरों को भी नई दिशा दिखाएगा। इंदौर का डिजिटल सिटी (Digital City) बनने का यह प्रयास सिर्फ एक तकनीकी पहल नहीं है, बल्कि यह सिटी गवर्नेंस और नागरिक सुविधा का आधुनिक मॉडल बन रहा है। हर घर का डिजिटल एड्रेस (Digital Address) न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा, बल्कि नागरिकों के लिए भी जीवन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के अन्य शहर भी इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। डिजिटल युग में इंदौर एक बार फिर देश को रास्ता दिखा रहा है और इस बार स्वच्छता नहीं, स्मार्ट नागरिक सेवाओं के जरिए। Latest News in Hindi Today Hindi news  Prime Minister Narendra Modi #indoredigitalcity #firstdigitalcity #smartcityindia #digitaladdress #indorenews

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