Trump Gaza ceasefire

Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees: ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास 

इजरायल और ईरान में सीजफायर कराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल और हमास में भी सीजफायर (GazaCeasefire) कराने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इजरायल और हमास में 60 दिन का युद्धविराम हो सकता है। हालाँकि इससे पहले भी जनवरी 2025 में 15 महीने की जंग के बाद इजरायल और हमास के बीच 6 सप्ताह का युद्धविराम हुआ (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। खैर, इजरायल सीजफायर के लिए तैयार है, बात हमास को लेकर अटकी है। दोनों के बीच सीजफायर हो सके इसलिए वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इजरायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रान डर्मर से बातचीत भी की। बड़ी बात यह कि इस मुलाकात में इजरायल के मंत्री हमास के साथ सीजफायर की शर्तों को मानने के लिए राजी हो गए हैं। इस मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ]सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर इजरायल और हमास में सीजफायर होने की उम्मीद जताई। गौरतलब हो कि “दोनों पक्षों में संघर्ष विराम की बात तब उठी, जब गाजा को खाली करने नया आदेश जारी हुआ।” जरायल ने 60 दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है सहमति  राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात की जानकारी अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट के रूप में दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि “अमेरिका के प्रतिनिधियों ने आज गाजा के साथ युद्धविराम के मुद्दे पर इजरायलियों के साथ लंबी बैठक की। इजरायल ने 60 दिन के युद्धविराम (GazaCeasefire) के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर सहमति जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है। दोनों पक्षों में संघर्ष विराम तभी होगा, जब सभी मिलकर एक साथ प्रयास करेंगे। कतर और मिस्र सीजफायर के अंतिम प्रस्ताव को पेश करेंगे। उम्मीद है कि मध्य पूर्व की भलाई के लिए हमास सीजफायर के समझौते को स्वीकार करेगा, क्योंकि अगर युद्ध चलता रहा तो हालात और बदतर होते जाएंगे। इसलिए हमास भी संघर्ष विराम के लिए आगे आए।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर किया था (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) हमला  कहने की जरूरत नहीं कि गाजा में सीजफायर हेतु दुनिया की नजरें अब हमास के रुख पर (GazaCeasefire) टिकी हैं। हमास ने इससे पहले कहा था कि “वह इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी और गाजा में युद्ध खत्म करने के बदले सभी बंधकों को रिहा करने को तैयार है।” लेकिन इजरायल ने अपनी सेना की वापसी और युद्ध पूरी तरह खत्म करने के हमास के प्रस्ताव को खारिज कर दिया (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। बता दें कि पिछले 20 महीने से इजरायल-हमास युद्ध चल रहा है। लगातार जारी युद्ध की वजह से हालात दिन-ब-दिन ख़राब होते जा रहे हैं। इस जंग का मकसद हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठनों को खत्म करना हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1200 इजरायली मारे गए और 250 से अधिक लोग बंधक बनाए गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल ने गाजा में हवाई और जमीनी हमला किया। आज तक चले संघर्ष में गाज में रहने वाले 56000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस युद्ध में इजरायल के 726 सैनिक और 1200 लोगों ने जान गंवाई। खैर, ऐसे में एक पक्ष सीजफायर के लिए तैयार है। दूसरे पक्ष को अपना फैसला करना है। अब अमेरिका की शांति कराने की कोशिश किस हद तक सफल होती है, यह तो आनेवाला वक्त ही बताएगा, लेकिन बड़ी बात यह कि अमेरिका ने संघर्ष विराम के लिए इजरायल को मना लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news  Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees #trump #gaza #ceasefire #israel #hamas #middleeast #gazawar #gazaceasefire #trumpnews #breakingnews

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Iran vs Israel war 2025

‘हैदर के नाम पर ईरान ने किया इजरायल के खिलाफ जंग का ऐलान’…, खामेनेई ने कहा यहूदी शासन पर दया नहीं दिखाएंगे 

ईरान ने इजरायल के बीच छह दिनों से चल रहा भीषण संघर्ष अब घोषित युद्ध (Israel–Iran War) में बदल चुका है। युद्ध का ऐलान ईरान ने किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘महान हैदर के नाम पर, जंग शुरू हो गयी है।’ इसके कुछ देर बाद एक दूसरे पोस्ट में खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने लिखा- “ ईरान कभी भी इजरायल से समझौता नहीं करेगा। आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। हम उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” ईरान के इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष को अब युद्ध (Israel–Iran War) कहा जाएगा। बता दें कि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को चेतावनी देते हुए बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि, हमें पता है कि “सुप्रीम लीडर’ कहां पर छिपा है, हम उसे मारने वाले नहीं हैं, अभी तो कम से कम नहीं मारेंगे। लेकिन हम सभी का धैर्य अब जवाब दे रहा है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए। छठे दिन और भीषण हुई जंग  इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, साथ ही यह अब युद्ध में बदल गया है। ईरान ने युद्ध का ऐलान करने के साथ इजरायल पर मिसाइल हमले भी तेज कर दिए हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इनमें फत्ताह मिसाइलें भी शामिल हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से चलती है। इस मिसाइल को रोकना किसी भी ऐयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव में कई जगह धमाके की आवाज सुनी गई। कई जगहों पर आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि इजरायली सेना ने उसके खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन फैसेलिटी को निशाना बनाया है। यहां पर इरान भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल बनाता है।  अमेरिका भी जंग में हो सकता है शामिल ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस जंग में अमेरिका भी शामिल हो सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इजराइल को सहयोग देने पर विचार कर रहे हैं। रॉयटर्स ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि ईरान का भूमिगत फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा इजरायल के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। इजरायल (Ayatollah Ali Khamenei) यहां पर हवाई हमला कर चुका है, लेकिन यह परमाणु ठिकाना एक पहाड़ के नीचे 300 फीट की गहराई में मौजूद है, जिसकी वजह से इजरायली हमले से इसे कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसलिए इजरायल अब अमेरिका से मदद मांगी है, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक तेहरान छोड़ रहे लोग, ट्रैफिक से सड़कें हुई जाम इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान को जल्द से जल्द खाली करने की चेतावनी जारी होने के बाद लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। लाखों लोगों के एक साथ सड़क पर आ जाने के कारण हर जगह ट्रैफिक जाम नजर आ रहा है। तेहरान को पश्चिम एशिया के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यहां पर एक करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। इजरायल के बढ़ते हवाई हमलों के कारण हर कोई इस शहर को छोड़ कर भाग रहा है। कहा जा रहा है कि इजरायल जल्द ही अमेरिका के साथ मिलकर इस शहर पर भीषण हमला कर सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ayatollah Ali Khamenei #Iran #Israel #Haider #Khamenei #MiddleEast #ZionistRegime #IranIsraelConflict

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Pakistan nuclear attack

Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel: क्या सच में पाकिस्तान इजरायल पर कर देगा परमाणु हमला?

ईरान और इजरायल के बीच तनावपूर्ण माहौल है। गुजरते समय के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच तनाव है कि बढ़ता जा रहा है। इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलें बरसा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच अब पाकिस्तान की इंट्री हो गई है। इसी बीच ईरान ने इजरायल को परमाणु बम की धमकी दे डाली है। दरअसल, ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान ईरान के सपोर्ट में खड़ा है। एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान ने इजरायल को परमाणु हमले की धमकी दी (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) है। तुर्किए टुडे की एक खबर की माने तो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सीनियर जनरल और ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य मोहसेन रेजाई ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, पाकिस्तान ने हमें भरोसा दिलाया है कि अगर इजरायल परमाणु मिसाइलों से अटैक करता है, तो हम भी उस पर परमाणु हथियारों से हमला करेंगे।  इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है पलटवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनरल मोहसेन रेजाई एक टीवी शो में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैमरे के सामने दावा किया कि इजरायल कुछ भी नहीं कर सकता है। अगर इस तनाव के बीच इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर पलटवार (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है। मोहसेन रेजाई ने कहा, ईरान के पास कई छिपी रणनीतियां और क्षमताएं हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि रेजाई के इन दावों में कितना दम है? पाकिस्तान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ईरान का समर्थन करने की बात कही थी। उन्होंने 14 जून को नेशनल असेंबली में कहा कि मुस्लिम देशों को इजरायल के खिलाफ एकता दिखानी चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने कहा, इजरायल ने ईरान, फिलिस्तीन और यमन को निशाना बनाया है। अगर मुस्लिम देश अब एकजुट नहीं हुए, तो सभी का यही हाल होगा। हालांकि ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ सभी डिप्लोमेटिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। इस बीच उन्होंने इजरायल के खिलाफ रणनीति बनाने की भी बात कही।  इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था फूल प्रूफ प्लान  गौरतलब हो कि इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर उसके न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी निशाना बनाया। ईरान ने इसका जवाब दिया और उसने इजरायल में कई जगहों पर ड्रोन से अटैक किया। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए और 370 से अधिक अन्य घायल हो गए। खैर, अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का फूल प्रूफ प्लान बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीटो कर दिया है। कमाल यह कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन खबरों पर चुप्पी साध रखी है। खैर, कुछ भी हो, पाकिस्तान सिर्फ ईरान को धोखे में रख रहा है। इजरायल से टकराने की हिम्मत अकेले न तो पाकिस्तान में है और न ही ईरान में। पकिस्तान तो वैसे भी चाहकर कुछ नहीं कर सकता, इसकी बड़ी वजह यह कि जब तक अमेरिका का हाथ इजरायल के सिर पर रहेगा तब तक इजरायल का बाल भी बांका नहीं हो सकता और पाकिस्तान में इतनी कूवत नहीं है कि वो अमेरिका के खिलाफ जाकर इजरायल से सीधी टक्कर ले। और वैसे भी ऑपरेशन सिन्दूर ने समूची दुनिया को दिखा ही दिया है कि पाकिस्तान कितने पानी में है। रही बात इजरायल पर परमाणु हमला करने की तो वो सिर्फ कहने के लिए ठीक भर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel #pakistan #israel #nuclearattack #worldwar3 #middleeastcrisis #breakingnews #globaltension #nuclearwar #pakistanvsisrael #warnews

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Netanyahu on Gaza

Netanyahu on Gaza: गाजा हमले में 400 लोगों की मौत के बाद नेतन्याहू ने कहा, अभी तो ये शुरुआत भर है

तकरीबन दो महीने तक इजरायल (Israel) और हमास के बीच चला युद्धविराम आखिरकार टूट गया। दरअसल, हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को इजरायल ने (Netanyahu on Gaza) गाजा पट्टी पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की। इस बमबारी में तकरीबन 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए हैं। इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब रजमान के दौरान लोग तड़के सहरी की तैयारी कर रहे थे। विदित हो कि जनवरी में युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद गाजा पर इजरायल का यह सबसे बड़ा हवाई हमला है। कहने की जरूरत नहीं इजरायली हमलों से गाजा में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। गाजा के अस्पतालों में शवों का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक गाजा में “हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 404 लोगों की मौत हुई है और 560 ज्यादा घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले से पहले इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस के साथ विचार-विमर्श किया था। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इन्कार कर दिया और युद्ध का रास्ता चुना।”  प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा (Netanyahu on Gaza) कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि (Netanyahu on Gaza) इजरायल ने युद्धविराम को कई सप्ताह तक बढ़ाया, जिस दौरान हमें बंधक नहीं मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “बातचीत करने वाली टीमों को कतर और मिस्र भेजा गया, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।” नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है।” यही नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए आगे कहा कि “गाजा पर हवाई हमले सिर्फ शुरुआत हैं। युद्ध विराम के लिए सभी वार्ताएं युद्ध के दौरान ही होंगी।” एक बयान में उन्होंने  यह भी कहा कि “इजरायल तब तक आगे बढ़ता रहेगा जब तक वह युद्ध के अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। इन लक्ष्यों को हासिल करने से इजरायल को कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि इन लक्ष्यों में हमास का सफाया और उसके कब्जे से सभी बंधकों की रिहाई शामिल है।”  जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेंगे हमले (Netanyahu on Gaza) इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि “उसने दर्जनों लक्ष्यों पर हमला (Netanyahu on Gaza) किया। हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरत होगी।” इसके अलावा सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा खाली करने का निर्देश दिया है। बेशक इससे आशंका जताई जा रही है कि संभवतः इजरायली सेना गाजा में फिर से जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इजरायल ने कहा है कि वह हमास के कब्जे से बंधकों को मुक्त कराने के लिए और ज्यादा बल का प्रयोग करेगा। तो वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने और स्थायी शांति के लिए मध्यस्थों के प्रयासों को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इजरायल ने पिछले दो सप्ताह से गाजा के लिए सहायता आपूर्ति रोक रखी है। इसकी वजह से मानवीय संकट गहरा गया है।  इसे भी पढ़ें:- इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो और भी तेज होगा ऑपरेशन  बता दें कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था। हमास के इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के सफाए के लिए गाजा में सैन्य अभियान चला रखा था। 15 महीने तक चले इस अभियान में गाजा में तकरीबन 48 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस नरसंहार के बाद जनवरी में इजरायल और हमास के बीच छह सप्ताह के लिए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ था। बता दें कि अभी भी हमास के कब्जे में 59 बंधक हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि “अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो ऑपरेशन (Netanyahu on Gaza) और भी तेज हो जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu on Gaza Israel #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #Netanyahu #MiddleEastCrisis #WarNews #BreakingNews #Palestine #Israel #GazaCrisis #GlobalConflict

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