Gaza airstrike: इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत
आखिरकार दो महीने तक इजरायल और हमास के बीच चला युद्धविराम टूट ही गया। दरअसल, मंगलवार की सुबह अचानक इजरायल ने गाजा पट्टी पर हमला (Gaza airstrike) कर दिया। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 2 बजे एयर स्ट्राइक शुरू हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस हमले में तकरीबन 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस तरह इजरायल ने हमला करके सीजफायर तोड़ दिया है। बता दें कि पिछले सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने युद्धविराम को बढ़ाने की कोशिश की और दोनों पक्षों के सामने एक प्रस्ताव रखा था। कतर की राजधानी दोहा में हुई यह बातचीत बेनतीजा साबित हुई थी। इस पर अधिक जानकारी देते हुए वाइट हाउस ने कहा कि “हमास ने उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।” वैसे यह हमला अचानक से नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने पहले ही ट्रंप प्रशासन को इस हमले की जानकारी दे दी थी। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक वाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्धविराम बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया और युद्ध का विकल्प चुना।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यह सीजफायर टूटा क्यों? आईडीएफ के हमला करने के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री बयान जारी कर कहा कि “आज रात हम गाजा की लड़ाई में वापस आ गए हैं।” हमास की ओर से बंधकों को रिहा करने से मना करने और आईडीएफ सैनिकों को नुकसान पहुंचाने की धमकियों के मद्देनजर यह हमला किया गया है। गौर करने वाली बात यह कि इजरायल ने गाजा पर ऐसे समय में हमला किया है जब अमेरिका यमन के हूतियों पर बम बरसा रहा है। हमास द्वारा हमारे बंधकों को रिहा करने से बार-बार इनकार करने के बाद हुआ हमला इस हमले पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “उन्होंने युद्ध विराम को बढ़ाने के लिए चल रही बातचीत में प्रगति की कमी के कारण हमलों (Gaza airstrike) का आदेश दिया। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि क्या यह ऑपरेशन एक बार की दबाव रणनीति थी या 17 महीने पुराना युद्ध फिर से शुरू किया जा रहा है।” नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि “यह हमास द्वारा हमारे बंधकों को रिहा करने से बार-बार इनकार करने और अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव विटकॉफ और मध्यस्थों से प्राप्त सभी प्रस्तावों को अस्वीकार करने के बाद हुआ है।” तो वहीं हमास के एक अधिकारी ताहिर नुनू ने इजरायली हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय एक नैतिक परीक्षण का सामना कर रहा है, या तो वह कब्जे वाली सेना द्वारा किए गए अपराधों की वापसी की अनुमति देता है या फिर वह गाजा में निर्दोष लोगों के खिलाफ आक्रामकता और युद्ध को समाप्त करने की प्रतिबद्धता को लागू करता है।” इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इजराइली हवाई हमलों में (Gaza airstrike) मरने वालों की संख्या 200 के आस-पास बताई जा रही है जानकारी के लिए बता दें कि इजराइल ने सोमवार को गाजा पट्टी, दक्षिणी लेबनान और दक्षिणी सीरिया में हवाई हमले किए, जिसमें कई लोग मारे गए। इजराइली हवाई हमलों में (Gaza airstrike) मरने वालों की संख्या 200 के आस-पास बताई जा रही है। इजराइली सेना ने कहा कि “वह हमलों की साजिश रच रहे आतंकवादियों को निशाना बना रही थी।” उसने आगे कहा कि “वह दक्षिणी सीरिया में सैन्य कमांड सेंटर और उन जगहों को निशाना बना रही थी, जहां असद की सेना के हथियार और वाहन थे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल एक बार फिर जमीनी आक्रमण की योजना बना रहा है. गाजा में यह इजरायली सैनिकों की वापसी का संकेत है। बता दें कि इजरायल और हमास का युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ जब हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था। तब से लेकर अब तक युद्ध में 48,000 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की रिपोर्ट्स आई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Gaza airstrike #IsraelGazaWar #GazaAirstrike #MiddleEastConflict #IsraelAttack #GazaUnderAttack #WarCrimes #BreakingNews #PalestineCrisis #CeasefireBroken #HumanRights

