SC on jurisdiction allegations

SC on jurisdiction allegations: हम पर लग रहे कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण के आरोप- सुप्रीम कोर्ट 

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ एक्ट के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान वहां पर हिंसा भड़क उठी जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और सुप्रीम कोर्ट पर हो रही बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस याचिका पर सुनवाई की मांग वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट से की थी। अधिवक्ता विष्णु ने कहा कि “बंगाल में पैरा मिलिट्री फोर्स की तत्काल तैनाती की आवश्यकता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति को परमादेश जारी करें? वैसे भी हम पर कार्यपालिका में अतिक्रमण करने के आरोप लग (SC on jurisdiction allegations) रहे हैं।”  इसपर विष्णु जैन ने कहा कि “याचिका में एक आवेदन दाखिल करने की मंजूरी दें।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “ठीक है।” दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के विरोध में बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर उन्होंने यह टिप्पणी की है।   सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई है एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग  बता दें कि एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि “कल मामला सुनवाई के लिए लगा है। मैं कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि “इलाके में शांति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट केंद्र को फोर्स तैनात करने का आदेश दे। गौरतलब हो कि बंगाल में हिंसा से जुड़ी याचिका काफी समय से लंबित है औऱ यह याचिका पहले से ही लिस्टेड है। विष्णु शंकर जैन ने उसी याचिका में नया आवेदन दाखिल किया है और उसमें हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने नए आवेदन की जानकारी कोर्ट को दी। अब कल वाली सुनवाई में वह नए आवेदन को भी कोर्ट में रखेंगे। बता दें कि दूसरी याचिका वकील शशांक शेखर झा की ओर से दायर की गई है। याचिका के जरिए मुर्शिदाबाद हिंसा की की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग की गई है। फिलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। दरअसल, मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर दाखिल 2 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें? गौरतलब हो कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते दिन कहा था कि “देश में जितने भी गृहयुद्ध हो रहे हैं, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई संजीव खन्ना जिम्मेदार हैं।” ध्यान देने वाली बात यह कि ऐसे में ये बयान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी चर्चा में रहा है। कोर्ट ने कहा कि “हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें?” मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद वहां कई घर ऐसे मिले जहां से परिवार पलायन कर चुके हैं और लूटपाट के बाद उनके घरों को जला दिया गया है। सिर्फ राज्यपाल ही नहीं महिला आयोग की टीम ने भी मुर्शिदाबाद का दौरा किया। जिसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि “यहां लोग इतने दर्द में हैं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC on jurisdiction allegations #SupremeCourt #Jurisdiction #ExecutivePowers #Judiciary #SCIndia #IndianConstitution #SeparationOfPowers #CourtNews #LegalUpdate #SCVerdict

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