MP Court Gives Death Sentence in 6-Year-Old Rape Case

6-year-old rape and murder: एमपी में 6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 6 साल की बच्चे के साथ रेप और उसकी हत्या (6-year-old rape and murder) करने के अपराधी को मौत की सजा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 88 दिन चली सुनाई के बाद शुक्रवार शाम आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान किया।  यही नहीं उन्होंने बच्ची पर कविता लिखकर संवेदना भी जताई है। दरअसल, आरोपी अजय ने 9 जनवरी की रात को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने उसका मुंह दबाकर (6-year-old rape and murder) कर दी थी हत्या  जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी की रात 9 बजे आरोपी अजय ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या (6-year-old rape and murder) कर दी थी। हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इस बीच बच्ची के परिवार ने पूरे गांव में उसकी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआत में न नुकुर करने के बाद अजय ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया था।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सुनाई सजा  बता दें कि इस मामले में 13 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में कुल 39 गवाह पेश किए गए थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। इसके अलावा 96 दस्तावेज और 33 सबूत पेश किए गए। मुख्य बात यह कि डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने शासन का पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सजा सुनाई है। बच्चों के खिलाफ इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं। आलम यह है कि दरिंदें हर नुक्कड़ और चौराहे पर बैठे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता की सबब बनते जा रही है। मौजूदा दौर में बच्चों के प्रति बढ़े अपराध के बाद तो यही कहा जा सकता है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक उनके हौसलें पस्त नहीं होंगे। सरकार को ऐसे कानून बनाने चाहिए जिससे ऐसे दुर्दांत अपराधियों को ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका ही न मिले। Latest News in Hindi Today Hindi News 6-year-old rape and murder #MPNews #ChildAbuse #JusticeForVictims #DeathPenalty #IndiaNews #RapeCase #CrimeNews #CourtVerdict #SaveChildren #LegalJustice

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