पुरानी दिल्ली स्टेशन का नाम बदलने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने रेलमंत्री को लिखा पत्र, जानिए कौन थे महाराज अग्रसेन?
दिल्ली की भाजपा सरकार (BJP Government) अब 160 साल पुराने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (Old Delhi Railway Station) का नाम बदलने जा रही है। इस स्टेशन का नाम अब ‘महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन’ (Maharaja Agrasen Railway Station) रखने का विचार किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने पुरानी दिल्ली स्टेशन का नाम बदलने के लिए निवेदन किया है। भाजपा का कहना है कि सीएम रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने यह फैसला सामाजिक न्याय और अहिंसा के प्रतीक माने जाने वाले हमारे महान राजा महाराजा अग्रसेन के सम्मान में लिया है। स्टेशन के नाम में बदलाव (Maharaja Agrasen Railway Station) होने से यहां आने वाले लाखों लोग महाराजा अग्रसेन के बारे में बेहतर तरीके से जान सकेंगे, यह उनके लिए उचित श्रद्धांजलि होगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि स्टेशन के नाम को बदलने के लिए लंबे समय से विचार किया जा रहा था। सीएम चाहती हैं कि इस मामले में रेल मंत्री खुद हस्तक्षेप करें, इसलिए उन्हें पत्र लिखा है। महाराजा अग्रसेन के सामाजिक-आर्थिक विकास का दिल्ली पर गहरा प्रभाव सीएम रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) को लिखे पत्र में नाम बदलने की वजह का भी जिक्र किया है। सीएम लिखती हैं कि, ‘महाराजा अग्रसेन के सम्मान में और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (Old Delhi Railway Station) का नाम बदल कर उनके नाम पर रखना चाहते हैं। महाराजा अग्रसेन हमारे देश के एक सम्मानित और ऐतिहासिक व्यक्तित्व थे। उनकी विरासत का देश के सामाजिक-आर्थिक विकास पर और खास कर दिल्ली में बेहद गहरा प्रभाव पड़ा है।’ सीएम रेखा गुप्ता ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि ‘महाराजा अग्रसेन को सामाजिक न्याय, सामुदायिक कल्याण और आर्थिक दूरदर्शिता के प्रतीक के तौर पर जाना जाता है। उनके वंशज और अनगिनत अनुयायी आज भी दिल्ली को आर्थिक और सांस्कृतिक तरक्की दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अगर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा गया तो यह उनके योगदान के लिए उन्हें एक उचित श्रद्धांजलि होगी। मैं आपके मंत्रालय द्वारा स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव पर जल्द से जल्द विचार करने का निवदेन करती हूं।’ उत्तर भारत का पहला रेलवे स्टेशन है पुरानी दिल्ली बता दें कि चांदनी चौक इलाके में मौजूद पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (Old Delhi Railway Station) दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत का पहला रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन का निर्माण साल 1864 में किया गया था और 1 जनवरी 1867 को यहां पर पहली ट्रेन पहुंची थी। इस स्टेशन के मौजूदा भवन का निर्माण 1893 में शुरू किया गया था और यह 1903 में बन कर तैयार हुई। इस स्टेशन के बनने के बाद ही दिल्ली-कलकत्ता रेलवे लाइन की शुरुआत हुई थी। आज के समय में यहां पर 18 प्लेटफॉर्म्स बने हुए हैं और रोजाना यहां से होकर देश के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों ट्रेनें चलती हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भगवान राम के वंशज थे महाराजा अग्रसेन महाराजा अग्रसेन अग्रोहा रजवाड़े के राजा थे, जो हरियाणा में पड़ता है और आज के समय में हिसार जिले के तौर पर जाना जाता है। महाराजा अग्रसेन सूर्यवंशी क्षत्रिय वंश के थे और इन्हें शासन में समानता, न्याय और अहिंसा को प्राथमिकता देने वाले महान भारतीय राजा के तौर पर याद किया जाता है। कहा जाता है कि इनका वंश भगवान राम से जुड़ा है और वे राम पुत्र कुश की 34वीं पीढ़ी के वंशज थे। इन्हें अग्रवाल समुदाय का पितामह भी कहा जाता है। इन्होंने अपने राज्य में बसने वाले नए परिवार को मदद देने के लिए ‘एक ईंट, एक रुपया’ प्रथा शुरू की थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Rekha Gupta #OldDelhiStation #RekhaGupta #MaharajaAgrasen #IndianRailways #StationRenaming

