इजरायल-ईरान और रूस-यूक्रेन तनाव के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 511 अंक लुढ़का

देश और दुनिया में बढ़ते तनावों के बीच सोमवार यानी 23 जून को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भारी गिरावट दर्ज की गई। खासकर इजरायल-ईरान (Israel-Iran) और रूस-यूक्रेन (Russia-Ukraine) के बीच जारी संघर्ष और इसके बीच अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अचानक हमले ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। बाजार का हाल सोमवार को कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 511.38 अंकों की गिरावट के साथ 81,896.79 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) 140.5 अंक गिरकर 24,971.90 पर बंद हुआ, जो कि 25,000 के अहम स्तर से नीचे है। यह गिरावट हाल के हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आई सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल के दाम बीते सप्ताह अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर किए गए हवाई हमले ने वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 प्रति बैरल के पार चली गई। भारत, जो अपनी ज़रूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। इससे न केवल व्यापार घाटा बढ़ सकता है बल्कि मुद्रास्फीति (महंगाई) भी ऊंचाई पकड़ सकती है। किन सेक्टरों पर पड़ा असर भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में सोमवार को आई गिरावट में अधिकांश सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा नुकसान बैंकिंग, आईटी, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर्स में देखा गया। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई, जिसमें HDFC बैंक, ICICI बैंक, और Axis बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियां जैसे Infosys और TCS भी वैश्विक अनिश्चितता और क्लाइंट खर्चों में संभावित गिरावट के चलते प्रभावित हुईं। तेल और गैस सेक्टर में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही — जहाँ ONGC जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा हुआ, वहीं रिफाइनरी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों पर दबाव बना रहा। महंगाई की चिंता कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी ने एक बार फिर से आयातित महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो इससे घरेलू ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ना तय है। इस समय भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। ऐसे में तेल की कीमतों में उछाल उसकी नीतियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर सकता है। विशेषज्ञों की राय बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) में जो गिरावट आई, वह मुख्यतः भावनात्मक प्रतिक्रिया थी। शेयर बाजार (Stock Market) से जुड़े जानकारों के अनुसार बाजार की गिरावट फिलहाल डर और अनिश्चितता के कारण है। अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में तेज़ रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? निवेशकों के लिए सलाह ऐसे अस्थिर माहौल में विशेषज्ञ निवेशकों को धैर्य और विवेक से काम लेने की सलाह दे रहे हैं। उनके अनुसार: ईरान, इजरायल और रूस-यूक्रेन के बीच बढ़ते संघर्षों ने वैश्विक बाज़ारों की स्थिरता को चुनौती दी है, और भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। हालांकि देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की मौलिक स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन निकट भविष्य में बाजार की चाल पूरी तरह से वैश्विक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। Latest News in Hindi Today Hindi  RBI NSE Nifty 50 #sensex #stockmarket #marketcrash #israeliran #russiaukraine #globaltensions #sharemarketnews #nifty #bse #nse

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Donald Trump Market Crash

Donald Trump market crash: क्या सच में जानबूझकर मार्केट गिरा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?

रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने के बाद से दुनियाभर के शेयर बाजार में हंगामा मचा हुआ है। अमेरिका से लेकर जापान समेत भारत भी इस आग की जद्द में आ गया है। क्या चीन क्या भारत सब टैरिफ की आग में बुरी तरह झुलस रहे हैं। एक तरफ जहां दुनियाभर के विशेषज्ञ इसे दुनिया के लिए खतरनाक बता रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ट्रंप का कहना है कि इससे अमेरिका अमीर बन जायेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप अमेरिका को बनाने के लिए जानबूझकर बाजार गिरा (Donald Trump market crash) रहे है? इसके पीछे उनकी कोई गहरी सोची समझी साजिश है? उनकी इस हरकत एक सोशल मीडिया पोस्ट ने हवा दे दी है। दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो साझा किया। साझा किये इस वीडियो में यह दावा किया गया कि “वे जानबूझकर अमेरिकी शेयर बाजार को गिरा रहे हैं। इस रणनीति को वीडियो में वाइल्ड चेस मूव बताया गया और कहा गया कि शेयर बाजार से पैसा निकलकर ट्रेजरी बॉन्ड्स में जाएगा, जिससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें घटाने का दबाव बढ़ेगा। नतीजतन डॉलर कमजोर होगा। मॉर्गेज दरें घटेंगी और सरकारी कर्ज सस्ता हो जाएगा।  ट्रंप बाजार पर गिरने का (Donald Trump market crash) बना रहे हैं दबाव  ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि उनके इस पोस्ट से भी साफ़ हो रहा है कि “कैसे वो बाजार पर गिरने का दबाव (Donald Trump market crash) बना रहे हैं।” और तो और ट्रंप की यह रणनीति अमेरिका के बढ़ते कर्ज बोझ के संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि साल 2025 में अमेरिका को लगभग $7.2 ट्रिलियन का कर्ज रिफाइनेंस करना है। अगर ब्याज दरें कम हों, तो सरकार की भुगतान क्षमता पर बड़ा फर्क पड़ सकता है। ऐसे में यदि ब्याज दरें 4.3% से घटकर 3.3% हो जाती हैं, तो अमेरिका को सालाना तकरीबन $72 बिलियन की बचत हो सकती है।  इसे भी पढ़ें:– ड्रैगन ने दिखाई आंख तो अमेरिका ने ठोक दिया 104% टैरिफ, चीन पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा अटैक ताकि निवेशक सुरक्षित विकल्पों जैसे बॉन्ड्स इत्यादि में (Donald Trump market crash) लगाएं पैसा  इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि ट्रंप की रणनीति साफ है कि बाजार में भय का माहौल बनाओ, ताकि डर के मारे निवेशक सुरक्षित विकल्पों जैसे बॉन्ड्स इत्यादि में पैसा (Donald Trump market crash) लगाएं। सुरक्षित विकल्प में निवेश बढ़ने से यील्ड घटेगी और सरकार सस्ते ब्याज दर पर कर्ज जुटा सकेगी। ताकि इस बचत को अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं, मसलन रक्षा या स्पेस इत्यादि में लगाया जा सके। ऐसे में बहुत मुमकिन है कि अमेरिका को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अनिश्चितता जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके पीछे की बड़ी वजह यह कि यदि गलती से भी शेयर बाजार में गिरावट लंबी चली या उपभोक्ता विश्वास डगमगाया मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि व्यापारिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो ट्रंप का यह दांव अमेरिका को दीर्घकालिक लाभ पहुंचा सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसकी कीमत वैश्विक बाजारों की स्थिरता और निवेशकों के विश्वास में गिरावट के रूप में चुकानी पड़ सकती है। खैर, यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ट्रंप कहाँ तक सही साबित होते हैं। फ़िलहाल रेसिप्रोकल टैरिफ से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump market crash #DonaldTrump #MarketCrash #StockMarketNews #USEconomy #TrumpStrategy #WallStreet #FinancialNews #TrumpNews #MarketUpdate #EconomicCrash

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