Water crisis affecting marriages: इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल
आमतौर पर लड़कों की शादी नहीं होने की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, रंग-रूप नौकरी-चाकरी खानदान इत्यादि। यह तो समझ में आता है कि लड़का गैरजिम्मेदार है या नौकरीपेशा नहीं है तो शादी नहीं हो होती या शादी में दिक्क्तें आती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कहीं पानी के लिए शादी लड़कों की शादी नहीं हो रही है? जी हाँ, सही पढ़ा आपने। बता दें कि ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव में पानी की किल्लत की वजह से लड़कों की शादी (water crisis affecting marriages) नहीं हो पा रही है। एक तो गर्मी का गर्म मौसम और ऊपर से बढ़ती पानी की किल्लत दोनों बदाबरली गांव की हालत खस्ता कर दी है। मौजूदा समय में बदाबरली गाँव भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि यहाँ के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहाँ तक कि न सिर्फ पानी की कमी के चलते युवाओं की शादी हो रही है बल्कि महिलाएं ससुराल छोड़कर अपने मायके लौट जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवारों को रोज पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से (water crisis affecting marriages) कर रहे हैं मना बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव बदाबरली इस वक्त भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। यहां पानी की ऐसी हालत हो चुकी है कि न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि युवाओं की शादी भी टल रही है और कई महिलाएं ससुराल छोड़कर वापस अपने मायके लौट रही हैं। आलम यह है कि गांव के सारे हैंडपंप खराब हो चुके हैं। यही नहीं, आस-पास कोई तालाब या कुआं भी नहीं है। स्थनीय लोगों की माने तो रोजाना उन्हें 1.5 से 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर झरनों से पानी लाना पड़ता है या फिर दूसरे गांवों में जाकर पानी लाना पड़ता है। इसी पानी की किल्लत के चलते लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव के ही निवासी रवींद्र नाग ने बताया कि “हमारे गांव में पानी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से मना (water crisis affecting marriages) कर रहे हैं। गांव के तकरीबन 80 युवाओं की शादी नहीं हो पाईहै। इस परेशानी के चलते कई महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल छोड़कर चली गईं।” इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई नहीं (water crisis affecting marriages) निकला समाधान शिकायत करने की बात पर गांव वालों का कहना है कि “उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं (water crisis affecting marriages) निकला। गांव को आधिकारिक तौर पर वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन घोषित किया गया है। बदाबरली गांव के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट की योजना बनी थी, जिससे पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों को पानी मिलना था। लेकिन यह योजना नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति न मिलने के चलते अधर में ही अटकी हुई है। खैर, इस बीच रूरल वाटर सप्लाई एंड सनिटेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने बताया कि “बदाबरली गांव को हमने हाइड्रोलॉजिकल मैप के आधार पर रेड जोन पाया है। पहले गांव में 4 ट्यूबवेल थे, जिनमें 3 खराब हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि जून तक पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों तक पानी पहुंचाया जाए।” तो वहीं गाँववालों का कहना है कि “यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब सड़क और बिजली गांव तक पहुंच सकती है, तो पीने का पानी क्यों नहीं? कुछ भी हो, सरकार को बिना अधिक देर गंवाए जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में पानी की किल्लत का संकट गहरा सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi News water crisis affecting marriages #WaterCrisis #MarriageProblems #VillageLife #IndianVillages #WaterShortage #BridesLeaving #RuralIndia #WaterScarcity #MarriageCrisis #VillageNews

