Manimahesh Kailash

मणिमहेश कैलाश: भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है यह पर्वत

हमारे देश में ऐसे कई धार्मिक स्थान हैं, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ऐसा ही एक स्थान है मणिमहेश (Manimahesh)। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) भगवान शिव को समर्पित है और पंच कैलाशों में से एक है। यह स्थान है हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में। यहां पहुंचना आसान नहीं लेकिन यह एक पवित्र स्थान है जो भगवान शिव और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। कैलाश पर्वत के नीचे मौजूद मानसरोवर झील की तरह यहां भी एक झील है। आइए जानें मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि मणिमहेश (Manimahesh) की यात्रा कब की जा सकती है? मणिमहेश (Manimahesh) की कथा  मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) वो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है, जो भगवान शिव जी के प्रेम और शक्ति का संकेत है। ऐसा माना गया है कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बाद इस पर्वत को बनाया गया था। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पर्वत पर भगवन शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।यही नहीं इस पर्वत को उनका निवास स्थान भी माना गया है। मणिमहेश  (Manimahesh) पर्वत की चोटी तक कोई भी चढ़ाई नहीं कर पाया है। ऐसा भी माना गया है कि आज तक कई लोगों ने इसकी चोटी तक पहुंचने की कोशिश की है, लेकिन वो सफल नहीं हो पाएं हैं। एक चरवाहें ने भी अपनी बकरियों के साथ यहां चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन वो पत्थर की बन गई थी। इस पर्वत पर एक झील है जिसका पानी बेहद पवित्र माना गया है और लोग इसे अपने साथ ले जाते हैं। मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक इस पर्वत की यात्रा की जाती है। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के मणि का क्या है अर्थ  यह तो हम सभी जानते हैं कि मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) में मणि का अर्थ है भगवन शिव की मणि। इसके पीछे भी एक कथा है। ऐसा माना गया है कि पूर्णिमा (Purnima) की रात को मणिमहेश झील  (Manimahesh Lake) में इस पर्वत में मौजूद मणि की किरणों से परिवर्तित होती हैं और उसके बाद लोगों को दिखती हैं। लेकिन, यह दृश्य सभी को नहीं दिखाई देता है। हालांकि वैज्ञानिकों का इसके बारे में अलग मत है। उनके अनुसार यह किरणें ग्लेशियर से परावर्तित होकर आती हैं न की मणि से। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कैसे पहुंचा जा सकता है मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash)? मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस साल यह यात्रा 26 अगस्त से शुरू हो रही है। आप जिस भी शहर से आ रहे हैं, वहां से आपको सबसे पहले चम्बा पहुंचना होगा। इस स्थान पर अगर आप वायुमार्ग या रेलमार्ग से आ रहे हैं, तो सबसे नजदीक एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आपको पड़ेगा पठानकोट। चम्बा पहुंचने के बाद आपको भरमौर पहुंचना होगा जो यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। यहां आप बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। भरमौर से आपको हड़सर पहुंचना होगा, जहां आप बस या टैक्सी से जा सकते हैं। हड़सर से ट्रैक शुरू हो जाता है। ट्रैक कर के आप मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक पहुंच सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Manimahesh Kailash #ManimaheshKailash #Manimahesh #ManimaheshLake #Chamba #LordShiva #MataParvati

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