Iran US tensions

Iran: Military Will Decide Response to US Actions: अमेरिका को कब, कहां और कैसे जवाब देना है? ये अब सेना तय करेगी- ईरान

रविवार को ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने अपने B2 बॉम्बर्स से ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों नातांज, फोरदो और इस्फहान पर हमले किए। हमले के बाद ईरान ने अमेरिका से इस हमले का बदला लेने का संकेत दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबीक संयुक्त राष्ट्र में इसका ऐलान करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा, हम कब-कहां और कैसे बदला लेंगे, ये ईरानी सेना तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि दुश्मन ने बड़ी भारी भूल की है, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम दुश्मन पर हमले तेज करेंगे। गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी। यहूदी देश ने बड़ी भयंकर भूल की है। उसे सजा मिलनी चाहिए और ये उसे मिलकर रहेगी। उसे सजा मिल भी रही है।  ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद ईरान में तबाही मची है। इस हमले के बाद ईरान ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अमेरिका ने देश के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। बता दें कि रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसके तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करने के बाद ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे। राजदूत ने बैठक में कहा, हम सभी आवश्यक उपाय करेंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय करेगी। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को घेरते हुए इरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तुरंत ऐसे अन्याय और कानूनों के उल्लंघन के मामले में कदम उठाना चाहिए। ऐसा नहीं होता है तो यूएन खुद अपनी हैसियत खो देगा।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत इरावानी यहीं नहीं रुके, उन्होंने ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पश्चिम का घटिया काम करने और अमेरिकी विदेश नीति को हाईजैक करने में सफल होने का आरोप लगाया, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है। हमले के बाद उनका गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता को अंतर्राष्ट्रीय कानून का स्पष्ट और घोर उल्लंघन करार दिया। इरावानी ने कहा कि इस सप्ताह ईरान के विदेश मंत्री ने कई यूरोपीय समकक्षों के साथ बातचीत की, संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि इस स्थिति से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? पश्चिमी देशों के दृष्टिकोण से, ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लौटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर बिना सोचे समझे अपनी सुरक्षा को सिर्फ इसलिए दांव पर लगाया है कि नेतन्याहू को बचाया जा सके, लेकिन ईरान को अपनी आत्मरक्षा का वैधानिक अधिकार है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran: Military Will Decide Response to US Actions #iran #usairstrikes #middleeastcrisis #iranmilitary #geopolitics #breakingnews #worldnews #irannews #tensionsrise

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Iran nuclear strikes

Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes: ईरान के न्यूक्लियर साइट्स तबाह करने के बाद इस वजह से ट्रंप ने दिए खामेनेई को सत्ता से बेदखल करने के संकेत 

13 जून से ईरान-इजरायल के बीच जारी युद्ध है की थमने के नाम ही नहीं ले रहा है। तेहरान को न्यूक्लियर वेपन हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया था। अक्टूबर 2023 से गाजा में इजरायल के लंबे युद्ध के बाद पहले से ही चरम पर है ऊपर से ईरान और इजरायल युद्ध ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। इस दरम्यान दोनों के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका की भी इंट्री हो गई। सरेंडर करने की हिदायत को अनदेखा करने के बाद अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर बी 2 बॉम्बर के जरिए अटैक किया। दरअसल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केन्द्रों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर यह हमला किया। इस अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की तारीफ की। ध्यान देने वाली बात यह कि इस हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना को अमेरिका के साथ काम करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर भी बड़ा चौंकाने वाला बयान दिया (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) है। बयान के मुताबिक उन्होंने खामेनेई को सत्ता से बाहर करने का स्पष्ट संकेत दिया है।  ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा शासन परिवर्तन? रविवार को ईरान की परमाणु साइट्स पर अमेरिका के बड़े पैमाने पर सटीक हमलों के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने  इस्लामी गणराज्य में शासन परिवर्तन की संभावना का न सिर्फ संकेत दिया बल्कि देश की मौजूदा नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाया। दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किये एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, शासन परिवर्तन शब्द का उपयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा? MIGA (मेक ईरान ग्रेट अगेन) यही नहीं, अपने एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, ईरान में परमाणु स्थलों को हुआ नुकसान बड़ा है। हमले कठोर और सटीक थे। हमारी सेना ने शानदार कौशल दिखाया। ट्रंप ने कहा, महान बी-2 पायलट अभी-अभी मिसौरी में सुरक्षित रूप से उतरे हैं। बेहतरीन काम के लिए धन्यवाद! डोनाल्ड जे. ट्रंप, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति। बड़ी बात यह कि ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा ऑपरेशन मिडनाइट हैमर शुरू करने के एक दिन बाद आई है।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) थे स्पष्ट आदेश- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ इसके अलावा रविवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान में अमेरिका द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन की सफलता की (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) पुष्टि की। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी सैनिकों या नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। बता दें कि संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ एयर फोर्स के अध्यक्ष जनरल डैन कैन के साथ मीडिया से रूबरू होते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फ़हान और नतांज में सफलतापूर्वक सटीक हमले किए हैं। पिछली रात, राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों- फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने या उसे गंभीर रूप से सीमित करने के लिए आधी रात को सटीक हमला किया। यह एक अविश्वसनीय और जबरदस्त सफलता थी। हेगसेथ ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के आदेश स्पष्ट थे। उन्होंने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नष्ट कर दिया। हमारे कमांडर-इन-चीफ से हमें जो आदेश मिला वह केंद्रित था, यह शक्तिशाली था, और स्पष्ट था। हमने ईरानी परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes #Trump #Khamenei #IranStrike #USIranTensions #NuclearSiteAttack #MiddleEastCrisis #BreakingNews

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Pakistan nuclear attack

Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel: क्या सच में पाकिस्तान इजरायल पर कर देगा परमाणु हमला?

ईरान और इजरायल के बीच तनावपूर्ण माहौल है। गुजरते समय के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच तनाव है कि बढ़ता जा रहा है। इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलें बरसा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच अब पाकिस्तान की इंट्री हो गई है। इसी बीच ईरान ने इजरायल को परमाणु बम की धमकी दे डाली है। दरअसल, ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान ईरान के सपोर्ट में खड़ा है। एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान ने इजरायल को परमाणु हमले की धमकी दी (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) है। तुर्किए टुडे की एक खबर की माने तो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सीनियर जनरल और ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य मोहसेन रेजाई ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, पाकिस्तान ने हमें भरोसा दिलाया है कि अगर इजरायल परमाणु मिसाइलों से अटैक करता है, तो हम भी उस पर परमाणु हथियारों से हमला करेंगे।  इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है पलटवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनरल मोहसेन रेजाई एक टीवी शो में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैमरे के सामने दावा किया कि इजरायल कुछ भी नहीं कर सकता है। अगर इस तनाव के बीच इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर पलटवार (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है। मोहसेन रेजाई ने कहा, ईरान के पास कई छिपी रणनीतियां और क्षमताएं हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि रेजाई के इन दावों में कितना दम है? पाकिस्तान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ईरान का समर्थन करने की बात कही थी। उन्होंने 14 जून को नेशनल असेंबली में कहा कि मुस्लिम देशों को इजरायल के खिलाफ एकता दिखानी चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने कहा, इजरायल ने ईरान, फिलिस्तीन और यमन को निशाना बनाया है। अगर मुस्लिम देश अब एकजुट नहीं हुए, तो सभी का यही हाल होगा। हालांकि ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ सभी डिप्लोमेटिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। इस बीच उन्होंने इजरायल के खिलाफ रणनीति बनाने की भी बात कही।  इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था फूल प्रूफ प्लान  गौरतलब हो कि इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर उसके न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी निशाना बनाया। ईरान ने इसका जवाब दिया और उसने इजरायल में कई जगहों पर ड्रोन से अटैक किया। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए और 370 से अधिक अन्य घायल हो गए। खैर, अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का फूल प्रूफ प्लान बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीटो कर दिया है। कमाल यह कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन खबरों पर चुप्पी साध रखी है। खैर, कुछ भी हो, पाकिस्तान सिर्फ ईरान को धोखे में रख रहा है। इजरायल से टकराने की हिम्मत अकेले न तो पाकिस्तान में है और न ही ईरान में। पकिस्तान तो वैसे भी चाहकर कुछ नहीं कर सकता, इसकी बड़ी वजह यह कि जब तक अमेरिका का हाथ इजरायल के सिर पर रहेगा तब तक इजरायल का बाल भी बांका नहीं हो सकता और पाकिस्तान में इतनी कूवत नहीं है कि वो अमेरिका के खिलाफ जाकर इजरायल से सीधी टक्कर ले। और वैसे भी ऑपरेशन सिन्दूर ने समूची दुनिया को दिखा ही दिया है कि पाकिस्तान कितने पानी में है। रही बात इजरायल पर परमाणु हमला करने की तो वो सिर्फ कहने के लिए ठीक भर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel #pakistan #israel #nuclearattack #worldwar3 #middleeastcrisis #breakingnews #globaltension #nuclearwar #pakistanvsisrael #warnews

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Israel bombings Gaza

Israel Gaza Conflict: इजरायल ने गाजा को किया तबाह, दिन-रात हो रही बमबारी, पलायन या मौत दो ही विकल्प

बीते कई दिनों से गाजा में हर दिन हमला तीव्र होता जा (Israel Gaza Conflict) रहा है। गाजा में आये दिन औसतन 200 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। हालांकि इजराइल-हमास में जारी संघर्ष के बीच नेतन्याहू ने गाजा पर नियंत्रण का ऐलान कर दिया है। लेकिन, एक तरफ जहाँ इजराइल ने गाजा पर नियंत्रण की घोषणा की है तो वहीं दूसरी तरफ हमास आम नागरिकों को ढाल बना रहा है। इजराइली सेना और हमास के बीच जारी संघर्ष अब इस स्थिति में पहुँच गया जहाँ सिर्फ मौत ही मौत है। इजरायल आये दिन गाजा पर बमबारी कर रहा है। इस बमबारी के बीच हमास आम लोगों को शील्ड बनाकर इजराइली हमले रोकना चाहता है। इसके चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है। बढ़ते दबाव के चलते डोनाल्ड ट्रंप ने दोहरी नीति अपना ली है। उनकी इस नीति की वजह से यूरोपीय देशों के बीच मतभेद होने लगे हैं। होने वाले अगले एक्शन को लेकर सभी ने चिंता जाहिर की है। खैर, इजरायल द्वारा किये जा रहे हमलों की वजह से गाजा में खाद्य संकट का खतरा गहरा गया है। हालाँकि बढ़ते संकट के बीच इजराइल कुछ सहायता पहुंचाने की बात कर रहा है। ऐसे में लोग अपनी जान बचाकर पलायन कर रहे हैं।  फिलिस्तीनियों के पलायन तक जिंदा रहने की आखिरी उम्मीद वाला एक ही शहर (Israel Gaza Conflict) है राफा  बता दें कि गाजा का अंतिम दक्षिणी सिरा राफा है, जो फिलिस्तीनियों के पलायन तक जिंदा रहने की आखिरी उम्मीद वाला शहर (Israel Gaza Conflict) है, लेकिन ये शहर अब जमींदोज होने के कगार पर है। गाजा पर ये कार्रवाई इजराइली सेना ऑपरेशन गिडियंस चैरियट के तहत कर रही है और हैरानी की बात ये है कि, न तो इजराइल के इस ऑपरेशन पर ट्रंप कुछ बोल रहे हैं, न ही उन्हें इस संहार कार्यक्रम से कोई फर्क पड़ रहा है। ऐसे में बहुत मुमकिन है कि ऑपरेशन गिडियंस चैरियट को ट्रंप का मूक समर्थन है। इसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि गाजा में जारी संहार ट्रंप के प्लान के तहत ही हो रहा है। और तो और कहना यह भी गलत नहीं होगा कि गाजा के विनाश की योजना भी पेंटागन में ही तैयार की गई थी? खैर, बीच वैश्विक समुदाय की नज़र गाजा की तरफ घूम चुकी है। जिसके चलते ट्रंप खुद को इस कार्रवाई से अलग करने ढोंग करने लगे हैं।  अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हम गाजा पर नियंत्रण (Israel Gaza Conflict) रखेंगे- पीएम बेंजामिन नेतन्याहू इस बीच इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हम गाजा पर नियंत्रण (Israel Gaza Conflict) रखेंगे। इस स्थिति में गाजा पर खाद्यान्न का संकट मंडरा सकता है। इसलिए हम सहायता आपूर्ति पर लगी रोक हटा रहे हैं।” हालाँकि इस बयान के अनुरूप इजराइली कार्रवाई भी दिख रही है। ये रोकी गई सहायता है, जिसे शुरू किया जाना है, तो दूसरी तरफ इजराइली सेना ने गाजा पर विध्वंसक हमले भी जारी रखे हैं। बता दें कि राफा,खान यूनिस, बेत लाहिया और नुसीरत शिविर में इतने भयावह हमले हुए हैं कि इसे रोकने के लिए फिलिस्तीन हाथ जोड़ गुजारिश कर रहा है। राफा शहर जमींदोज होने के कगार पर है। हालांकि इस कार्रवाई के बीच इजराइल ने गाजा से बाहर निकलने की ढील भी दी है जिसमें चुनिंदा फिलिस्तीनी ही बाहर जा सकते हैं और ये सख्ती इसलिए बरती गई है, ताकि हमास के लड़ाके गाजा से बाहर न निकल सकें। कारण यही जो, इस सख्ती ने यूरोप के कई देशों को भी इजराइल के खिलाफ खड़ा कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल गाजा तक पहुंचने वाली सहायता पर प्रतिबंध नहीं हटाता है तो इजराइल के खिलाफ हमें कोई करनी (Israel Gaza Conflict) पड़ेगी ठोस कार्रवाई  इस पूरे बवाल पर फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा ने संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि “अगर इजराइल गाजा पर नए हमले नहीं रोकता है, गाजा तक पहुंचने वाली सहायता पर प्रतिबंध नहीं हटाता है तो इजराइल के खिलाफ हमें कोई ठोस कार्रवाई करनी (Israel Gaza Conflict) पड़ेगी।” यह तो ठीक, लेकिन नेतन्याहू ने गाजा पर नियंत्रण के लिए कदम आगे बढ़ा दिया है। बेशक नेतन्याहू को रोक पाना सबके बस की बात नहीं है। हालांकि ट्रंप टाल सकते हैं, लेकिन ट्रंप ने कुछ और ही सोच रखा है। कुछ भी ही इजरायल गाजा को वीरान कर के ही मानेगा। और बड़ी बात यह कि ट्रंप खुद भी यही चाहते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #IsraelAirstrikes #MiddleEastCrisis #PalestineConflict #GazaWar #BreakingNews #HumanitarianCrisis #GazaNews #PrayForGaza

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Netanyahu on Gaza

Netanyahu on Gaza: गाजा हमले में 400 लोगों की मौत के बाद नेतन्याहू ने कहा, अभी तो ये शुरुआत भर है

तकरीबन दो महीने तक इजरायल (Israel) और हमास के बीच चला युद्धविराम आखिरकार टूट गया। दरअसल, हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को इजरायल ने (Netanyahu on Gaza) गाजा पट्टी पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की। इस बमबारी में तकरीबन 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए हैं। इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब रजमान के दौरान लोग तड़के सहरी की तैयारी कर रहे थे। विदित हो कि जनवरी में युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद गाजा पर इजरायल का यह सबसे बड़ा हवाई हमला है। कहने की जरूरत नहीं इजरायली हमलों से गाजा में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। गाजा के अस्पतालों में शवों का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक गाजा में “हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 404 लोगों की मौत हुई है और 560 ज्यादा घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले से पहले इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस के साथ विचार-विमर्श किया था। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इन्कार कर दिया और युद्ध का रास्ता चुना।”  प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा (Netanyahu on Gaza) कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि (Netanyahu on Gaza) इजरायल ने युद्धविराम को कई सप्ताह तक बढ़ाया, जिस दौरान हमें बंधक नहीं मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “बातचीत करने वाली टीमों को कतर और मिस्र भेजा गया, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।” नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है।” यही नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए आगे कहा कि “गाजा पर हवाई हमले सिर्फ शुरुआत हैं। युद्ध विराम के लिए सभी वार्ताएं युद्ध के दौरान ही होंगी।” एक बयान में उन्होंने  यह भी कहा कि “इजरायल तब तक आगे बढ़ता रहेगा जब तक वह युद्ध के अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। इन लक्ष्यों को हासिल करने से इजरायल को कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि इन लक्ष्यों में हमास का सफाया और उसके कब्जे से सभी बंधकों की रिहाई शामिल है।”  जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेंगे हमले (Netanyahu on Gaza) इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि “उसने दर्जनों लक्ष्यों पर हमला (Netanyahu on Gaza) किया। हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरत होगी।” इसके अलावा सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा खाली करने का निर्देश दिया है। बेशक इससे आशंका जताई जा रही है कि संभवतः इजरायली सेना गाजा में फिर से जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इजरायल ने कहा है कि वह हमास के कब्जे से बंधकों को मुक्त कराने के लिए और ज्यादा बल का प्रयोग करेगा। तो वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने और स्थायी शांति के लिए मध्यस्थों के प्रयासों को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इजरायल ने पिछले दो सप्ताह से गाजा के लिए सहायता आपूर्ति रोक रखी है। इसकी वजह से मानवीय संकट गहरा गया है।  इसे भी पढ़ें:- इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो और भी तेज होगा ऑपरेशन  बता दें कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था। हमास के इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के सफाए के लिए गाजा में सैन्य अभियान चला रखा था। 15 महीने तक चले इस अभियान में गाजा में तकरीबन 48 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस नरसंहार के बाद जनवरी में इजरायल और हमास के बीच छह सप्ताह के लिए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ था। बता दें कि अभी भी हमास के कब्जे में 59 बंधक हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि “अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो ऑपरेशन (Netanyahu on Gaza) और भी तेज हो जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu on Gaza Israel #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #Netanyahu #MiddleEastCrisis #WarNews #BreakingNews #Palestine #Israel #GazaCrisis #GlobalConflict

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