Modi government internet speed

Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi: मोदी सरकार के इस फैसले के बाद WiFi से भी सुपरफास्ट चलेगा इंटरनेट

इंटरनेट की स्पीड को लेकर बहुतों की शिकायत रहती है। बढ़ते समय के साथ-साथ इंटरनेट का धीमा होना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। दरअसल, वर्तमान में भारत में अधिकतर वाई-फाई राउटर 2.4 GHz और 5 GHz फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। इन दोनों बैंड पर अधिक क्राउड होने की वजह से इंटरनेट की सपीड स्लो हो जाती है। जानकारी के मुताबिक बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारत सरकार ने 6 GHz बैंड का एक हिस्सा (5925 MHz से 6425 MHz तक) बिना किसी लाइसेंस के इस्तेमाल करने की इजाजत देने वाला ड्राफ्ट जारी किया (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। इसके तहत 6 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड को घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बिना लाइसेंस के इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट नियमों में कहा गया है कि 5925-6425 MHz बैंड में काम करने वाले लो-पावर इंडोर या बहुत लो-पावर आउटडोर डिवाइस के लिए अब कोई लाइसेंस या अनुमति की जरूरत नहीं होगी। बस शर्त यह है कि ये डिवाइस दूसरों के सिग्नल में दखल न दें।  कहने की जरुरत नहीं, इसका सीधा असर देशभर के यूजर को होगा।  अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं इस्तेमाल  इसकी मंजूरी मिलते ही Wi-Fi 6E और Wi-Fi 7 जैसे नए राउटर, इस नए फ्रीक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल कर सकेंगे। कहा जा रहा है कि यह बैंड तेज स्पीड, कम लेटेंसी और बढ़िया परफॉर्मेंस देता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इससे वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग एकदम स्मूथ हो जाएगी। बता दें कि अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को इस्तेमाल कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं। खैर,अब भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ाने जा है। आसान भाषा में समझें तो यदि आपके पास Wi-Fi 6E या Wi-Fi 7 राउटर है या आप आने वाले समय में खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह नियम विशेषकर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे घर के भीतर आपको तेज इंटरनेट और बेहतर नेटवर्क क्वालिटी मिलेगी। लेकिन ध्यान रहे यह सुविधा सिर्फ घर के भीतर के लिए है। ध्यान यह भी रहे कि इसका इस्तेमाल गाड़ियों, जहाजों, ड्रोन या खुले मैदान में नहीं किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि इस पर फ्रीक्वेंसी सिर्फ लो-पावर डिवाइस ही इस फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकेंगे ताकि दूसरों के नेटवर्क में खलल न आये।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर ले (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) जाएगा आगे   अच्छी बात यह कि इंडस्ट्री ग्रुप जैसे आईएएफआई (IAFI) और बीआईएफ (BIF) ने मोदी सरकार के इस फैसले की सराहना की (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। उनका मानना है कि इससे विशेषतः स्कूलों, अस्पतालों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। आईएएफआई के अध्यक्ष भारत भाटिया ने इसे दूरदर्शी कदम हुए कहा कि “यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर आगे ले जाएगा।” वहीं BIF के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने कहा कि “500 MHz का यह कदम सही दिशा में है लेकिन भविष्य में और ज्यादा बैंड को खोलने की जरूरत होगी ताकि पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके।” देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कितनी जल्दी इसपर करती है और लोगों को धीमे इंटरनेट से राहत प्रदान करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi #ModiGovt #InternetSpeed #DigitalIndia #WiFiUpgrade #5GIndia #SuperfastInternet #BroadbandIndia #IndiaTech #TechNews #Modi2025

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Mahakaleshwar Temple

महाकाल का शृंगार: क्यों हर दिन बदलता है भगवान शिव का स्वरूप?

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के रूप महाकाल (Mahakaal) का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। आइए जानते हैं कि प्रतिदिन महाकाल का शृंगार अलग-अलग क्यों किया जाता है और इसके पीछे की क्या कहानी है। महाकाल का शृंगार: एक दिव्य परंपरा महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में भगवान शिव के रूप महाकाल का शृंगार प्रतिदिन अलग-अलग तरीके से किया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। महाकाल का शृंगार उनके विभिन्न रूपों और भावों को दर्शाता है, जो भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप के करीब ले जाता है। शृंगार के पीछे का धार्मिक महत्व महाकाल का शृंगार (Mahakal Shringar) केवल सजावट नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक अनुष्ठान है। यह शृंगार भगवान शिव के विभिन्न रूपों और उनकी लीलाओं को दर्शाता है। प्रतिदिन अलग-अलग शृंगार करने के पीछे का उद्देश्य भक्तों को भगवान शिव (Lord Shiva) के विभिन्न रूपों के दर्शन कराना और उनकी कृपा प्राप्त करना है। महाकाल का अनूठा शृंगार 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन में विराजित बाबा महाकाल का हर दिन विभिन्न रूपों में शृंगार होता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह भगवान शिव (Lord Shiva) के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। हर दिन अलग-अलग रूप में महाकाल के दर्शन करने से भक्तों को एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। महाकाल के शृंगार के विभिन्न रूप इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व महाकाल के शृंगार का महत्व उज्जैन स्थित महाकाल (Mahakaleshwar Temple) के मंदिर में हर दिन आरती के बाद बाबा को एक अलग रूप में सजाया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह भगवान शिव के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। हर दिन अलग-अलग रूप में महाकाल के दर्शन करने से भक्तों को एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। महाकाल के शृंगार (Mahakal Shringar) का यह अनूठा तरीका भक्तों को भगवान शिव की विभिन्न लीलाओं और रूपों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है। यह शृंगार न केवल भक्तों की आस्था को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें भगवान शिव (Lord Shiva) के प्रति समर्पण और भक्ति का संदेश भी देता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mahakaleshwar Temple #UddhavThackeray #BJP #ModiGovt #MaharashtraPolitics #ShivSena #LokSabhaElections #IndianPolitics #PoliticalAttack #MaharashtraNews #ModiVsOpposition

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