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Mumbai Fire: दादर की Kohinoor Square बिल्डिंग के होटल में लगी आग, दमकल ने पाया काबू

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: मुंबई के दादर वेस्ट स्थित Kohinoor Square बिल्डिंग में सोमवार सुबह एक होटल की रसोई में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह इमारत शिवसेना भवन के सामने स्थित है। मुंबई फायर ब्रिगेड को सुबह 9:18 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद सुबह 9:25 बजे इसे लेवल-1 फायर घोषित किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। होटल की पहली मंजिल की रसोई में लगी आग फायर ब्रिगेड के अनुसार, आग Kohinoor Square की पहली मंजिल पर स्थित एक होटल की रसोई तक सीमित थी। घटना के सामने आए वीडियो में इमारत के अंदर धुआं दिखाई दिया। इस दौरान होटल के कर्मचारियों को बाहर निकलते हुए भी देखा गया। 50 मंजिला इमारत में मचा हड़कंप Kohinoor Square एक ग्राउंड प्लस 50 मंजिला इमारत है। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड के साथ मुंबई पुलिस, BEST, PWD, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस और संबंधित वार्ड के कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया। ऊंची इमारत में आग लगने की खबर से आसपास के क्षेत्र में चिंता बढ़ गई। आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने के लिए कार्रवाई की। दमकल विभाग ने आग पर पाया काबू ताजा जानकारी के मुताबिक, दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय पर आपातकालीन कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली। आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा फिलहाल आग लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी आग के स्रोत और उससे हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी। समय पर कार्रवाई से टला बड़ा हादसा Kohinoor Square जैसी ऊंची इमारत में आग लगने के कारण शुरुआती धुएं के वीडियो ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार आग होटल की रसोई तक सीमित रही और दमकल विभाग ने उस पर काबू पा लिया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। Source: PTI, Mid-Day, NDTV Marathi, Free Press Journal जय राष्ट्र न्यूज़

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मोहन भागवत बोले—भारत में धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, धर्म के संकट का असर राष्ट्र पर भी पड़ेगा

मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत में धर्म और राष्ट्र को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे पर निर्भर हैं और अगर धर्म संकट में आता है तो उसका असर राष्ट्र पर भी पड़ता है। भागवत मुंबई के बोरीवली में आयोजित All India Vihar Seva Group के 14वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। ‘राष्ट्र और धर्म एक-दूसरे पर निर्भर’ मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में राष्ट्र और धर्म अलग नहीं हैं। उनके मुताबिक राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने दोनों को एक-दूसरे के अस्तित्व से जुड़ा बताया। धर्म कमजोर हुआ तो राष्ट्र पर भी असर भागवत ने कहा कि अगर धर्म पर संकट आता है तो देश भी उससे अछूता नहीं रह सकता। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्र और धर्म की मजबूती एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और दोनों का संरक्षण जरूरी है। मुंबई के बोरीवली में दिया बयान RSS प्रमुख यह संबोधन मुंबई के बोरीवली में आयोजित All India Vihar Seva Group के 14वें सम्मेलन में दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, अध्यात्म, समाज और वैश्विक चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे। दुनिया की चुनौतियों का किया जिक्र भागवत ने कहा कि आज दुनिया कई तरह के विरोधाभासों और चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने विकास बनाम पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम पारिवारिक जीवन और धार्मिक आस्था बनाम संघर्ष जैसे मुद्दों का जिक्र किया। भारत की ज्ञान परंपरा को बताया महत्वपूर्ण RSS प्रमुख ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा इन वैश्विक समस्याओं को देखने का एक अलग दृष्टिकोण देती है। उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता, जैन आगम, त्रिपिटक और गुरु ग्रंथ साहिब जैसी परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका मूल उद्देश्य मानव कल्याण है। ‘सभी का मंगल’ भारतीय दृष्टि भागवत ने कहा कि भारतीय सोच केवल बहुसंख्यकों के कल्याण तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार भारतीय परंपरा ‘सभी के मंगल’ की बात करती है और किसी वर्ग के हित के लिए दूसरे वर्ग का नुकसान स्वीकार नहीं करती। बिना विजय या धर्मांतरण ज्ञान फैलाने की बात उन्होंने कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से अपने ज्ञान और दर्शन को दुनिया में फैलाने के लिए सैन्य विजय या जबरन धर्मांतरण का रास्ता नहीं अपनाया। भागवत ने इसे भारत की ज्ञान परंपरा की विशेषता बताया। संत परंपरा और सेवा पर जोर अपने संबोधन में RSS प्रमुख ने संत परंपरा और समाज सेवा की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी मोहन भागवत के धर्म और राष्ट्र को लेकर दिए बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। TMC सांसद सौगत रॉय ने उनके बयान से असहमति जताते हुए कहा कि धर्म को संकट नहीं है और RSS जैसे संगठनों पर सवाल उठाए। इससे बयान राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गया। RSS के वैचारिक दृष्टिकोण की फिर चर्चा भागवत का यह बयान RSS के राष्ट्र, संस्कृति और धर्म को लेकर लंबे समय से सामने आते रहे वैचारिक दृष्टिकोण के अनुरूप माना जा रहा है। हालांकि ‘धर्म’ शब्द की उनकी व्याख्या धार्मिक पहचान से व्यापक सामाजिक और नैतिक व्यवस्था के रूप में पेश की गई। source – The Indian Express / PTI / Loksatta / ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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IIT Bombay छात्र Sahil Wakode Death Case में प्रोफेसर Suryanarayana Doolla से Crime Branch ने करीब 8 घंटे पूछताछ की

मुंबई: IIT Bombay के छात्र Sahil Wakode की मौत के मामले में मुंबई Crime Branch ने प्रोफेसर Suryanarayana Doolla से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी ने छात्र और प्रोफेसर के बीच शैक्षणिक संबंध, कथित विवाद और मृतक द्वारा पहले लगाए गए आरोपों से जुड़े सवाल पूछे। प्रोफेसर ने पूछताछ के दौरान जातिगत टिप्पणी या उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। करीब आठ घंटे चली पूछताछ Crime Branch की टीम ने प्रोफेसर Doolla को पूछताछ के लिए बुलाया और उनसे कई घंटे तक सवाल किए। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ करीब आठ घंटे चली, जिसमें Sahil Wakode के academic record, supervision और दोनों के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी ली गई। जातिगत टिप्पणी के आरोप से प्रोफेसर का इनकार जांच के दौरान प्रोफेसर से उन आरोपों के बारे में भी सवाल किए गए जिनमें कथित तौर पर casteist remarks का जिक्र था। प्रोफेसर ने ऐसे किसी भी बयान या भेदभाव से इनकार किया और कहा कि उनका छात्र के साथ व्यवहार अकादमिक दायरे तक सीमित था। Sahil Wakode की मौत के बाद शुरू हुई जांच IIT Bombay के छात्र Sahil Wakode की मौत के बाद परिवार और छात्र संगठनों ने मामले की गहराई से जांच की मांग की थी। इसके बाद पुलिस और Crime Branch ने कॉलेज प्रशासन, faculty members और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटानी शुरू की। Academic pressure और कथित harassment भी जांच के दायरे में जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि Sahil पर किसी तरह का academic pressure, harassment या discrimination था या नहीं। इन सभी पहलुओं की जांच statements, electronic records और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है। अभी किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। परिवार ने उठाए थे गंभीर सवाल Sahil के परिवार ने पहले आरोप लगाया था कि छात्र मानसिक दबाव में था और उसे संस्थान में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। परिवार की शिकायतों के बाद मामले ने व्यापक ध्यान खींचा और छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की। IIT Bombay प्रशासन से भी जानकारी ली जा रही Crime Branch संस्थान से संबंधित records और communication भी देख रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि Sahil ने किसी औपचारिक grievance mechanism का इस्तेमाल किया था या नहीं और क्या संस्थान को पहले किसी शिकायत की जानकारी थी। छात्र संगठनों का प्रदर्शन भी जारी मामले के बाद कई छात्र संगठनों ने campus में प्रदर्शन किए और पारदर्शी जांच की मांग उठाई। छात्र समूहों का कहना है कि academic institutions में grievance redressal और anti-discrimination mechanisms को मजबूत किया जाना चाहिए। ये छात्र संगठनों के दावे और मांगें हैं। Crime Branch आगे और लोगों से कर सकती है पूछताछ जांच एजेंसी मामले में अन्य faculty members, छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी सवाल कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी। अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी फिलहाल प्रोफेसर से पूछताछ जांच का हिस्सा है और इसे दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में लगाए गए आरोपों और अलग-अलग पक्षों के दावों की सत्यता पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से तय होगी। Source – India Today / The Indian Express / Mumbai Police जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई! 39 हजार से ज्यादा निर्माण रडार पर

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर की झोपड़पट्टियों में 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाले अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। यह कार्रवाई 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी। BMC के मुताबिक पूरे मुंबई में ऐसे 39,111 ढांचे चिन्हित किए गए हैं। कार्रवाई के ऐलान के बाद झोपड़ीवासियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की ओर से विरोध भी शुरू हो गया है। 1 अक्टूबर से शुरू होगा तीन महीने का अभियान BMC ने 19 सितंबर को घोषणा की कि झोपड़पट्टी क्षेत्रों में किए गए अनधिकृत अतिरिक्त निर्माण और 14 फीट या उससे अधिक ऊंचे ढांचों के खिलाफ विशेष कार्रवाई शुरू की जाएगी। महानगरपालिका ने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे अनधिकृत हिस्से खुद हटा लें। ऐसा नहीं करने पर नागरिक निकाय की टीम कार्रवाई करेगी। यह अभियान 31 दिसंबर तक जारी रहने वाला है। 39,111 निर्माणों की पहचान BMC के आंकड़ों के मुताबिक शहर और उपनगरों में कुल 39,111 ऐसी झोपड़ी संरचनाएं चिन्हित की गई हैं जिनकी ऊंचाई 14 फीट या उससे अधिक है। इनमें लगभग 3,348 संरचनाएं मुंबई शहर, 4,536 पश्चिमी उपनगरों और 31,227 पूर्वी उपनगरों में स्थित हैं। BMC के अनुसार मुंबई में कुल करीब 2.23 लाख झोपड़ी संरचनाएं दर्ज हैं। 14 फीट की सीमा पर उठे सवाल BMC के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा है कि कार्रवाई के लिए 14 फीट की ऊंचाई को ही आधार क्यों बनाया गया। 24 सितंबर को BMC की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में अलग-अलग दलों के पार्षदों ने प्रशासन से इस सीमा का आधार स्पष्ट करने को कहा। कई सदस्यों ने यह भी सवाल किया कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों से चर्चा क्यों नहीं की गई। पुनर्वास के बिना कार्रवाई का विरोध समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि इससे हजारों परिवारों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि किसी भी तरह की तोड़फोड़ से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की स्पष्ट योजना बनाई जाए। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड समेत कुछ विपक्षी नेताओं ने भी “पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई” की मांग की है। ये संबंधित नेताओं के राजनीतिक रुख हैं। BJP पार्षद ने भी नोटिस रोकने की मांग की BMC के फैसले पर विरोध केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है। BJP पार्षद और BMC हाउस के नेता गणेश खनकर ने भी नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर कार्रवाई और नोटिस प्रक्रिया रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि झोपड़पट्टियों में बड़ी आबादी रहती है और किसी भी कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास व वैकल्पिक आवास को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। कानूनी नोटिस भी भेजा गया गोवंडी के New Sangam Welfare Society की ओर से BMC कमिश्नर, SRA, MMRDA और महाराष्ट्र सरकार के हाउसिंग विभाग को कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कार्रवाई की प्रक्रिया और प्रभावित निवासियों के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रईस शेख का दावा है कि इस अभियान से लगभग 34 हजार निवासियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। यह संख्या उनका दावा है, BMC का आधिकारिक प्रभावित-जनसंख्या आंकड़ा नहीं। कुछ इलाकों में नोटिस भेजे जाने शुरू मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BMC ने कुछ झोपड़ी धारकों को कार्रवाई से जुड़े नोटिस जारी करना भी शुरू कर दिया है। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ कोलीवाड़ा और गांवठाण क्षेत्रों में भी नोटिस मिलने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है। क्यों शुरू की गई कार्रवाई? BMC का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य झोपड़पट्टी क्षेत्रों में किए गए अनधिकृत अतिरिक्त निर्माणों को हटाना और सुरक्षा जोखिम कम करना है। हाल में कुर्ला समेत कुछ पहाड़ी और भूस्खलन-प्रभावित इलाकों में जोखिम सामने आने के बाद प्रशासन ने ऐसी ऊंची और अनधिकृत संरचनाओं पर कार्रवाई की जरूरत बताई है। कार्रवाई से पहले बढ़ा सियासी और कानूनी दबाव अभियान शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन इससे पहले ही BMC पर राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ गया है। जहां महानगरपालिका इसे सुरक्षा और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई बता रही है, वहीं कई पार्षद और नेता पुनर्वास, 14 फीट की सीमा के आधार और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि BMC 1 अक्टूबर से तय योजना के मुताबिक अभियान शुरू करती है या विरोध के बाद इसमें कोई बदलाव किया जाता है। source – The Indian Express / Hindustan Times / Times of India / Mid-Day जय राष्ट्र न्यूज़

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भक्त के मुड़ते ही दान गायब? लालबागचा राजा की दानपेटी का VIDEO चर्चा में; पारदर्शिता पर सवाल!

मुंबई: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अभिनेत्री मधू शाह भगवान गणेश के चरणों में ₹500 का नोट अर्पित करती दिखाई देती हैं। उनके पीछे मुड़ते ही पास खड़ा एक व्यक्ति नोट उठाकर कपड़े के पीछे या नीचे रखता नजर आता है। कुछ सेकंड के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने दान की प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि वीडियो से यह साबित नहीं होता कि नोट चोरी हुआ या दान की रकम गलत तरीके से इस्तेमाल की गई। मधू शाह ने चढ़ाया था ₹500 का नोट अभिनेत्री मधू शाह 21 सितंबर 2026 को गणेशोत्सव के दौरान लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंची थीं। वायरल वीडियो में उन्हें गणपति के चरणों में ₹500 का नोट रखते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद वह पीछे मुड़कर वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाती हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति आगे बढ़कर वह नोट उठा लेता है और उसे पास मौजूद कपड़े के पीछे या नीचे रखता दिखाई देता है। वीडियो वायरल होते ही उठे सवाल सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल किया कि दान में दिया गया नोट इतनी जल्दी क्यों हटाया गया और उसे खुले तौर पर दान संग्रह में रखने के बजाय कपड़े के पीछे क्यों रखा गया। कुछ यूजर्स ने इसे कथित “दान घोटाले” से जोड़कर भी टिप्पणियां कीं। हालांकि ये सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं हैं और इनसे किसी अनियमितता की पुष्टि नहीं होती। क्या सच में ‘गायब’ हो गया दान? वायरल वीडियो में नोट हटाया जाना स्पष्ट दिखाई देता है, लेकिन वीडियो अकेले यह नहीं बताता कि उस व्यक्ति ने नोट क्यों उठाया, वह व्यक्ति लालबागचा राजा मंडल से जुड़ा था या नहीं, और बाद में वह रकम कहां जमा की गई। इसलिए केवल कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर इसे चोरी या घोटाला कहना उचित नहीं होगा। TV9 Marathi और Navbharat Live की रिपोर्ट्स ने भी कहा है कि नोट हटाने की असली वजह और संबंधित व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट नहीं है। लालबागचा राजा में करोड़ों का आता है दान लालबागचा राजा मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडालों में शामिल है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां नकद, सोना और चांदी चढ़ाते हैं। 2026 के गणेशोत्सव के पहले पांच दिनों में मंडल को करीब ₹3.1 करोड़ नकद, 1.12 किलो सोना और 19.75 किलो चांदी प्राप्त होने की रिपोर्ट सामने आई थी। दान की आधिकारिक गिनती के दौरान Bank of Maharashtra के कर्मचारी, BMC कर्मी और मंडल के सदस्य व सलाहकार मौजूद रहते हैं। मंडल के कोषाध्यक्ष मंगेश दलवी के अनुसार प्राप्त रकम का इस्तेमाल dialysis centre, patient schemes, computer centre, library और book bank जैसे सामाजिक कार्यों में किया जाता है। वायरल वीडियो पर मंडल की सफाई का इंतजार 24 सितंबर तक उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स में वायरल ₹500 नोट वाले वीडियो को लेकर लालबागचा राजा मंडल की कोई विस्तृत सार्वजनिक सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में नोट उठाने वाला व्यक्ति कौन था और क्या वह दान एकत्र करने की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा था। पारदर्शिता पर फिर शुरू हुई चर्चा इस वीडियो ने धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले दान को संभालने की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर नई चर्चा शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई देने वाला दृश्य सवाल जरूर खड़ा करता है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की चोरी या वित्तीय अनियमितता साबित करने वाला स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है। पूरे मामले की स्थिति मंडल की आधिकारिक प्रतिक्रिया या अन्य सत्यापित जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। source – India Today / Mirror Now / TV9 Marathi / Navbharat Live / Lalbaugcha Raja Mandal जय राष्ट्र न्यूज़

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7 महीने में 3 घटनाएं, IIT Bombay में छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल

मुंबई: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान IIT Bombay में सात महीनों के भीतर तीन छात्रों की मौत ने छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सितंबर में दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद सैकड़ों छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया और प्रशासन से पारदर्शी जांच तथा बेहतर छात्र सहायता व्यवस्था की मांग की। सितंबर की घटना के बाद कैंपस में प्रदर्शन 18 सितंबर 2026 को Energy Science and Engineering विभाग के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत हुई। इससे पहले उसी दिन परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर उनसे पूछताछ हुई थी। IIT Bombay ने शुरुआती बयान में कहा था कि छात्र को समझाया गया था और उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। घटना के बाद 400 से अधिक छात्र कैंपस में जुटे और संस्थान की प्रक्रिया, मानसिक स्वास्थ्य सहायता तथा जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। मध्य-सेमेस्टर परीक्षाएं भी स्थगित की गईं। फरवरी में भी हुई थी छात्र की मौत इससे पहले 4 फरवरी 2026 को IIT Bombay के दूसरे वर्ष के Civil Engineering छात्र नमन अग्रवाल की हॉस्टल परिसर में गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस ने उस समय Accidental Death Report दर्ज की थी और कमरे से एक हस्तलिखित नोट मिलने के बाद परिस्थितियों की जांच शुरू की थी। जुलाई में दूसरे वर्ष के छात्र की मौत इसके करीब पांच महीने बाद जुलाई 2026 में 20 वर्षीय दूसरे वर्ष के छात्र सोहिल राजकुमार सांगवान अपने हॉस्टल कमरे में मृत पाए गए। पुलिस ने मामले में ADR दर्ज कर छात्र के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों समेत कई पहलुओं को देखा जा रहा था। सात महीने में तीन मामले सितंबर में हुई घटना के साथ IIT Bombay में सात महीनों के भीतर तीन छात्र मौतें दर्ज की गईं। इसी कारण कैंपस में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को लेकर बहस तेज हो गई है। छात्रों ने मांग की कि ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र जांच हो, counselling व्यवस्था मजबूत की जाए और अकादमिक या अनुशासनात्मक मामलों में छात्रों के साथ अधिक संवेदनशील प्रक्रिया अपनाई जाए। छात्रों की 18 मांगों पर बनी सहमति साहिल वाकोडे की मौत के बाद तीन दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई मांगें रखीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक संस्थान ने 18 मांगों पर सहमति जताई, जिनमें स्वतंत्र जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, छात्र प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने जैसी बातें शामिल थीं। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप साहिल वाकोडे के परिवार ने मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। IIT Bombay से जुड़े शिक्षकों के एक समूह ने संबंधित प्रोफेसर का बचाव भी किया है। ऐसे में मामले में अलग-अलग दावे सामने आए हैं और जांच जारी है। Crime Branch कर रही जांच मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, छात्रों और शिक्षकों के बयान तथा डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी छात्र के परीक्षा कक्ष से निकलने के बाद के घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है। छात्र सुरक्षा पर बढ़े सवाल लगातार हुई इन घटनाओं ने IIT Bombay जैसे बड़े शिक्षण संस्थानों में academic pressure, counselling support, grievance redressal और student welfare mechanisms को लेकर व्यापक बहस को जन्म दिया है। फिलहाल सितंबर की घटना की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन सात महीनों में तीन छात्रों की मौत ने कैंपस में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है। source – The Indian Express / NDTV / India Today / Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई कोस्टल रोड पर BMW हादसा, 3 लोगों की मौत; तेज रफ्तार कार बैरियर तोड़कर नीचे गिरी

मुंबई के कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार BMW कार का भीषण हादसा हो गया। कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बैरियर से टकराई और फ्लाईओवर से नीचे निर्माणाधीन हिस्से में जा गिरी। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5:20 बजे वर्ली के लोटस जेट्टी के पास हुई। मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी BMW पुलिस के मुताबिक काले रंग की BMW कार मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी। कार में चार युवक सवार थे। लोटस जेट्टी के पास पहुंचने पर चालक कथित तौर पर तेज रफ्तार में मोड़ को नियंत्रित नहीं कर पाया। इसके बाद कार बाहरी बैरियर से टकराई और फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद लोगों और आपातकालीन टीमों ने चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तीन छात्रों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में मरने वालों की पहचान 21 वर्षीय शनय गज्जर, 19 वर्षीय आदित्य जकासानिया और 17 वर्षीय धैर्य शेठ के रूप में हुई है। वहीं आदित्य ओसवाल गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें मुंबई के BYL नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चारों युवक गुजरात के अहमदाबाद से थे और मुंबई में पढ़ाई कर रहे थे। CCTV में कैद हुआ हादसा हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में BMW कार तेज रफ्तार से आती दिखाई देती है और कुछ ही सेकंड में बैरियर तोड़ते हुए नीचे गिर जाती है। पुलिस की शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सभी कारणों की आधिकारिक जांच जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कार दूसरे स्तर के रैंप से करीब 70 फीट नीचे निर्माणाधीन पार्किंग क्षेत्र में गिरी। कार चला रहा था शनय गज्जर पुलिस जांच के अनुसार दुर्घटना के समय BMW कथित तौर पर शनय फल्गुन गज्जर चला रहे थे। हादसे में उनकी भी मौत हो गई। बाद की जांच में पुलिस को पता चला कि शनय से जुड़े पहले भी कथित तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामले सामने आए थे। Hindustan Times और Times of India की रिपोर्ट्स के मुताबिक संबंधित BMW पर speeding, signal jumping और सड़क बाधित करने से जुड़े कुछ e-challans भी लंबित थे। हालांकि इन पुरानी घटनाओं को मौजूदा दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना जा सकता और पुलिस वर्तमान हादसे की परिस्थितियों की अलग से जांच कर रही है। छह महीने पहले भी इसी BMW से जुड़ा था मामला Times of India की एक बाद की रिपोर्ट के अनुसार यही BMW करीब छह महीने पहले भी एक सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में सामने आई थी, जब कथित तौर पर कार ने एक दंपती को टक्कर मार दी थी। उस मामले में Gamdevi पुलिस स्टेशन में कथित तेज और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर FIR दर्ज की गई थी। पुराने हादसे का वीडियो मौजूदा दुर्घटना के बाद फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस कर रही है हादसे की जांच मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय वाहन की वास्तविक गति कितनी थी और चालक ने कार पर नियंत्रण क्यों खोया। साथ ही दुर्घटना के बाद फोरेंसिक और अन्य जांच प्रक्रियाएं भी अपनाई गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच के लिए आवश्यक नमूने भी लिए गए हैं। कोस्टल रोड पर स्पीड को लेकर फिर उठे सवाल इस हादसे के बाद मुंबई कोस्टल रोड पर ओवरस्पीडिंग और रोड सेफ्टी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। मुंबई कोस्टल रोड करीब 10.58 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जो दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव को बांद्रा-वर्ली सी लिंक के वर्ली छोर से जोड़ता है। स्थानीय रिपोर्ट्स में इससे पहले भी कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों को लेकर शिकायतों और पुलिस की स्पीड-गन कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे में तीन युवा जान गंवा चुके हैं और एक घायल का इलाज जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के पीछे केवल तेज रफ्तार थी या अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।

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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई 3.0 की तैयारी! 124 गांवों को मिलाकर बनेगी ‘थर्ड मुंबई’, सिंगापुर-हांगकांग जैसी हाईटेक सिटी!

मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र में एक नए शहरी केंद्र को विकसित करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। ‘थर्ड मुंबई’ या Karnala-Sai-Chirner (KSC) New Town के नाम से प्रस्तावित यह शहर रायगढ़ जिले के 124 गांवों और करीब 323.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और एक आधुनिक आर्थिक एवं लॉजिस्टिक्स हब तैयार करना है। 124 गांवों में बनेगा नया शहरी केंद्र थर्ड मुंबई में उरण, पनवेल और पेण तहसीलों के 124 गांव शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस क्षेत्र को KSC New Town के रूप में अधिसूचित किया था और MMRDA को New Town Development Authority बनाया गया है। यह इलाका अटल सेतु, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बेहद करीब है। यही कनेक्टिविटी इस नए शहर को भविष्य के बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का आधार है। सिंगापुर की कंपनी तैयार करेगी मास्टर प्लान महाराष्ट्र सरकार ने थर्ड मुंबई के मास्टर प्लान के लिए सिंगापुर की Surbana Jurong को कंसल्टेंट के तौर पर मंजूरी दी है। योजना में आधुनिक शहरी नियोजन, लॉजिस्टिक्स, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, आवासीय क्षेत्र और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिंगापुर या हांगकांग जैसी हाईटेक सिटी बनना अभी एक विजन/लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है, न कि पूरी तरह तैयार योजना के रूप में। विस्तृत मास्टर प्लान अभी विकास प्रक्रिया में है। ₹4,000 करोड़ का बड़ा बजट MMRDA के 2026-27 बजट में KSC New Town के लिए करीब ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। परियोजना का फोकस बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है, ताकि नए शहरी क्षेत्र को मुंबई और नवी मुंबई के मौजूदा नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। प्रस्तावित शहर में लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, IT/ITeS, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह विकसित करने की योजना बताई गई है। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंता परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। MMRDA ने 124 गांवों के जमीन मालिकों से सहमति और संबंधित दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया शुरू की है। वहीं, कुछ स्थानीय किसान और सामाजिक कार्यकर्ता परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर किसानों की जमीन और स्थानीय हितों की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए। मुंबई के भविष्य की नई तस्वीर? थर्ड मुंबई का लक्ष्य मौजूदा मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते दबाव को कम करना है। एयरपोर्ट, पोर्ट और अटल सेतु से कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र भविष्य में कारोबार, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। फिलहाल परियोजना अभी निर्माण और नियोजन के चरण में है। आने वाले समय में मास्टर प्लान, जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की प्रगति तय करेगी कि ‘मुंबई 3.0’ वास्तव में देश के सबसे आधुनिक नए शहरों में अपनी जगह बना पाती है या नहीं। स्रोत: MMRDA, Indian Express, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

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