Yusuf Pathan controversy: इस वजह से मुर्शिदाबाद हिंसा में फंसते जा रहे हैं पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नए वक्फ कानून के विरोध को लेकर भड़की हिंसा भले शांत और स्थिति सामान्य हो गई हो लेकिन बहरमपुर से टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान पर लगातार सवालों के घेरे में हैं। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वे आराम फरमाते’ नजर आ रहे थे। हिंसा के समय सोशल मीडिया पर किए उनके पोस्ट ने मानो जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया था। जिसके बाद से वो लगातार निशाने (Yusuf Pathan controversy) पर हैं और हर तरफ उनकी निंदा की जा रही है। यहाँ तक कि उनकी अपनी पार्टी के नेता ही उनके इस रवैये से हैरान हैं। खैर, अब अपने ही संसदीय क्षेत्र से उनकी गैरमौजूदगी पर विपक्ष और पार्टी के भीतर से ही तीखी आलोचना हो रही है। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने बताया है कि “यूसुफ पठान फोन पर संपर्क में हैं। उन्हें जल्द जिले का दौरा करने के लिए कहा गया है।” खबर के मुताबिक पार्टी के एक वर्ग में पठान को टिकट दिए जाने को लेकर भारी असंतोष है। ऐसी घड़ी में उनका नदारद होना पार्टी के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा। इसके अलावा कार्यकर्ताओं से उनका जुड़ाव भी बेहद कम ही है। लोगों के मुताबिक वह एक क्रिकेटर और सेलिब्रिटी हैं। अब वो यहां क्यों आएंगे? हम ज़मीन पर हालात संभालने की कोशिश कर रहे हैं। यही दिक्कत होती है जब सेलिब्रिटीज़ को उम्मीदवार बनाया जाता है।” लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरमपुर जीती (Yusuf Pathan controversy) थी सीट बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में यूसुफ पठान ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरमपुर सीट जीती (Yusuf Pathan controversy) थी। बहरमपुर कांग्रेस का दशकों पुराना गढ़ था। कहा जा रहा है कि पठान की सोशल मीडिया पर हालिया तस्वीरें (जिनमें वे आराम फरमाते’ नजर आ रहे थे) ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी नाराज किया है। टीएमसी के स्थनीय नेताओं का कहना है कि “हिंसा प्रभावित इलाके उनके संसदीय क्षेत्र में नहीं आते, लेकिन जिले में उनकी मौजूदगी जरूरी थी। पार्टी नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।” गौरतलब हो कि पिछले हफ्ते मुर्शिदाबाद जिले के धूलियन, शमशेरगंज, सूटी और जंगीपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। गौर करने वाली बात यह कि ये इलाके बहरमपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर हैं। दरअसल, हिंसा की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधनों के विरोध में हुए प्रदर्शनों से हुई थी। इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका टीएमसी सांसद यूसुफ पठान चाय पीते हुए व्यस्त (Yusuf Pathan controversy) हैं- सुकांत मजूमदार हिंसा के बाद मौके को भुनाते हुए बीजेपी ने टीएमसी पर जमकर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि “टीएमसी नेताओं की शह में बंगाल जल रहा है, लेकिन टीएमसी सांसद यूसुफ पठान चाय पीते हुए व्यस्त (Yusuf Pathan controversy) हैं, जब हिंदू मारे जा रहे हैं। यही टीएमसी का असली चेहरा है।” खैर, टीएमसी सांसद अबू ताहिर खान का कहा कि “यूसुफ पठान आईपीएल में बिजी हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह सांसद से लगातार संपर्क में हैं और उन्हें जिले में आने को कहा गया है।” गौर करने वाली बात यह कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में से शमशेरगंज और धूलियन मालदा दक्षिण लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं। यहाँ कांग्रेस की ईशा खान चौधरी सांसद हैं। जबकि सूटी, जंगीपुर लोकसभा सीट में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व टीएमसी सांसद खलीलुर रहमान करते हैं। तीसरे सांसद अबू ताहिर खान, मुर्शिदाबाद से टीएमसी के ही हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Yusuf Pathan controversy #YusufPathan #MurshidabadViolence #CricketerNews #WestBengal #YusufPathanControversy #BreakingNews #Politics #IndianCricket #TrendingNow #LatestUpdate

