Modi meets Muhammad Yunus

Modi meets Muhammad Yunus: 9 महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस ने थाईलैंड राजधानी बैंकॉक में की मुलाकात  

शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश-भारत के रिश्ते लगातार तल्ख बने हुए हैं। भले बांग्लादेश के अंतरिम लीडर लगातार भारत विरोधी स्टैंड दिखाते रहे लेकिन पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेकरार भी दिखे। बांग्लादेश को उम्मीद थी कि भारत की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद यह द्विपक्षीय वार्तो हो जाएगी। ऐसा ही हुआ भी। हालांकि जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई (Modi meets Muhammad Yunus) तो, पीएम मोदी गंभीर और शांत दिखे जबकि यूनुस के चेहरे पर मुस्कान दिखी। इस बैठक में भारत की ओर से एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल और अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे। दरअसल, 4 अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड की यात्रा पर हैं।  40 मिनट तक चली पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus)  बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली मुलाकात थी। बैंकॉक में दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इससे पहले गुरुवार की रात बिम्सटेक नेताओं के डीनर प्रोग्राम में भी दोनों एक-दूसरे के बगल में ही बैठे थे। सूत्रों की माने तो भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत हुई है। पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus) 40 मिनट तक चली है। बड़ी बात यह कि ढाका ने ही बिम्सटेक बैठक से इतर नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आग्रह किया था। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी और यूनुस बैंकॉक में बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए थे।  इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी नहीं दिखे खुश  गौरतलब हो कि मोहम्मद यूनुस ने भारत संग दुश्मनी निभाने का कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब से शेख हसीना की सरकार गई है, तब से बांग्लादेश ने चीन का दामन थाम रखा है। हाल ही में मोहम्मद यूनुस ने चीन का दौरा किया था और बीजिंग में उन्होंने  बांग्लादेश को समंदर का गार्जियन बताया था और पूर्वोत्तर पर बयान देकर भारत को नाराज किया था। हालांकि, जयशंकर ने बिम्सटेक के मंच से ही बांग्लादेश को अच्छे से सुनाया था। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात वाली इन तस्वीरों पर हैरानी इसलिए है, क्योंकि पीएम मोदी जब भी किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो उमसें गर्मजोशी दिखती है। वह खुले दिल से गले मिलते हैं। लेकिन तस्वीर देख लग नहीं रहा कि मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी खुश दिखे हों। संभवतः इसकी वजह भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी ही हो सकती है। हालांकि यूनुस और मोदी के इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक भी मौजूद थे। बता दें कि मोदी से मुलाकात के लिए यूनुस लगातार कोशिश कर रहे थे। आखिरकार अब जाकर उनकी मुलाकात संभव हो सकी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Modi meets Muhammad Yunus NarendraModi #PMModi #MuhammadYunus #ModiInBangkok #IndiaThailandRelations #ModiMeetsYunus #InternationalDiplomacy

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Modi Successor 2029 BJP’s Next PM Fadnavis’ Big Reveal

Modi successor 2029: साल 2029 में बीजेपी जीती तो कौन होगा पीएम? देवेंद्र फडनवीस ने किया बड़ा खुलासा

संजय राउत ने दावा किया कि आरएसएस देश में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव चाहता है। इस पर उन्होंने आगे कहा कि “मोदी शायद सितंबर में रिटायरमेंट की अर्जी देने आरएसएस मुख्यालय गए थे।” दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। कहा जाता है भाजपा में 75 वर्ष के बाद किसी भी नेता को पद नहीं दिया जाता। दरअसल, 11 साल में पहली बार रविवार को पीएम मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री नागपुर के आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था। यह दूसरा मौका था जब कोई मौजूदा पीएम आरएसएस मुख्यालय पहुंचा हो। बता दें कि इससे पहले साल 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी वहां गए थे। आरएसएस मुख्यालय के दौरे के बाद से संजय राउत ने मोदी के रिटायरमेंट का अंदेशा जताया था। पीएम नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल साल 2029 में पूरा करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्‍या यह उनका आखिरी कार्यकाल (Modi successor 2029) होगा? फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।  हमारे यहां जब पिताजी जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते- फडणवीस  इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को यह साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चल रही अटकलों में कोई दम नहीं है। मोदी अभी कई वर्षों तक देश का नेतृत्व करते रहेंगे। दरअसल, फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि साल 2029 में भी हम मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे। उनके उत्तराधिकारी की बात करने की कोई जरूरत नहीं है। वे हमारे नेता हैं और आगे भी रहेंगे।” इस बीच उन्होंने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि “जब नेता सक्रिय हो, तब उसके उत्तराधिकार की बात करना ठीक नहीं।” यही नहीं, फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि “हमारे यहां जब पिता जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते। यह मुगल संस्कृति है, हमारी नहीं। अभी इसका समय नहीं आया।  इसे भी पढ़ें:-  मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है-संजय राउत बता दें कि शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने पीएम के नागपुर दौरे के बाद कहा कि “वो रिटायरमेंट की और आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “पीएम मोदी पिछले 10-11 सालों में आरएसएस मुख्यालय नहीं गए थे, अब वहां मोहन भागवत को टाटा, बाय-बाय कहने गए थे। आरएसएस भी देश के नेतृत्व में बदलाव चाहता है, इसलिए पीएम मोदी को बुलाया गया था।” उन्होंने कयास लगाते हुए कहा कि “मुझे जितना समझ में आता है, पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है। पीएम मोदी का समय खत्म हो गया है और वे (आरएसएस नेतृत्व) बदलाव चाहते हैं। वे बीजेपी के अगले अध्यक्ष को भी चुनना चाहते हैं।” जिसके बाद इस बात पर बहस छिड़ गई थी कि क्या पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या नहीं?   Latest News in Hindi Today Hindi News Modi successor 2029 #ModiSuccessor2029 #DevendraFadnavis #BJPPM2029 #IndianPolitics #NarendraModi #BJPNextPM #LokSabhaElections2029 #ModiLegacy #FuturePM #PoliticalNews

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Narendra Modi past life

Narendra Modi past life: बीजेपी सांसद के इस बयान पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक मचा हंगामा, कांग्रेस ने कही यह बात 

मुगल शासक औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है। मचे बवाल के बीच बीजेपी सांसद के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, बीजेपी के सांसद ने शिवाजी महाराज को लेकर ऐसा बयान दिया कि उस पर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि ओडिशा के बारगढ़ से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने संसद में कहा कि “पीएम मोदी (Narendra Modi) पिछले जन्म में (Narendra Modi past life) मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज थे। कहने की जरूरत नहीं सांसद के इस बयान पर बवाल मच गया।” लोकसभा में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि “उनकी मुलाकात एक संत से हुई थी।” इस बीच उन्होंने कहा कि “गिरिजा बाबा नाम के एक संत ने मुझे बताया कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में था। इसीलिए वह राष्ट्र निर्माण में काम कर रहे हैं।” इस पर अधिक जानकारी देते हुए सांसद प्रदीप पुरोहित ने आगे कहा कि “पीएम मोदी वास्तव में छत्रपति शिवाजी महाराज हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र समेत पूरे देश को विकास और प्रगति की तरफ ले जाने के लिए पुनर्जन्म लिया है।” जाहिर सी बात है सांसद के इस बयान में हंगामा मचना ही था। हालांकि इस बयान के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आसन से आग्रह किया कि “अगर इस टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो इसे सदन की कार्यवाही से हटाने के बारे में विचार किया जाए।” खबर के मुताबिक उपसभापति ने उनके बयान को सदन की कार्यवाही को निकालने का आदेश दिया। बता दें कि चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया ने निर्देश दिया कि प्रदीप पुरोहित की बातों की जांच करके उसे सदन की कार्यवाही से हटाने की प्रक्रिया की जाए।  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने जताया विरोध  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध जताया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने प्रदीप पुरोहित के बयान की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनियाभर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेन्द्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए। हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं सोशल मीडिया यूजर्स यही नहीं, सोशल मीडिया यूजर्स भी बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं। नेटिज़ेंस उनपर टूट पड़े हैं। उनका कहना है कि ये छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। एक यूजर ने लिखा कि “शिवाजी महाराज स्वराज्य के संस्थापक थे, न कि किसी पार्टी के प्रतीक। उनके शौर्य, बलिदान और विचारधारा को राजनीति से जोड़ना क्या उनकी महानता को सीमित करना नहीं? बता दें कि वर्तमान समय में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर भी देश में काफी बहस चल रही है। इसलिए छत्रपति शिवाजी और मराठा साम्राज्य को लेकर भी देश में काफी बयानबाजी हो रही है और मुगल साम्राज्य की आलोचना की जा रही है Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi Narendra Modi past life #NarendraModi #ShivajiMaharaj #BJPMPStatement #PoliticalControversy #ParliamentDebate #SocialMediaBuzz #ModiShivajiRow #IndiaPolitics #ViralNews #BreakingNews

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