नवरात्रि 2025 भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

नवरात्रि 2025 : भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

आज से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। सुबह से ही देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देवी मां की जयकारों से वातावरण गूंज उठा और जगह-जगह कलश स्थापना, दुर्गा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वे हिमालय की पुत्री हैं और शक्ति के आरंभिक स्वरूप के रूप में पूजित होती हैं। शुभ मुहूर्त में भक्तों ने घरों और मंदिरों में घटस्थापना की, वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालु उपवास और पूजा-अर्चना में लीन रहे। इस दिन का रंग सफेद माना गया है, जो निर्मलता और शांति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व श्रद्धा, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने आशा जताई कि यह नवरात्रि देश को नई शक्ति और उमंग प्रदान करेगी। खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि का आगाज जीएसटी सुधारों की घोषणा के साथ हुआ है। केंद्र सरकार ने “जीएसटी बचत उत्सव” की शुरुआत की है, जिससे आम जनता को रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों पर राहत मिलने की उम्मीद है। भक्ति और उत्साह के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपवास रखने वालों के लिए सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, स्मूदी और मौसमी फलों के रस जैसे पेय पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और डिहाइड्रेशन की समस्या न हो। कई जगह पर “सात्विक आहार” के मेले और स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि व्रतधारी आसानी से उपयुक्त भोजन पा सकें। सोशल मीडिया पर नवरात्रि का क्रेज भी चरम पर है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर गारबा और डांडिया की रिहर्सल के वीडियो वायरल हो रहे हैं। गूगल जेमिनी एआई से बने पारंपरिक परिधानों और नवरात्रि-थीम वाले सेल्फी ट्रेंड में हैं। युवा पीढ़ी उत्सव को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ रही है। वहीं, ज्योतिषाचार्यों और धार्मिक आचार्यों ने नौ दिनों के अनुष्ठान, देवी के स्वरूपों और उनसे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी साझा की है। विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतज़ाम किए हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर गारबा और डांडिया महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के मैहर में नवरात्रि के दौरान मांसाहार और शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख देवी स्थलों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। नवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व भक्ति, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। लोगों की आस्था है कि मां दुर्गा की उपासना से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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Kalash Sthapana Time & Significance

चैत्र नवरात्रि 2025: कलश स्थापना का सही समय और महत्व, गलत मुहूर्त में करने से बचें

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा (Devi Durga) की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह नवरात्रि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है और नवमी तिथि तक चलती है। साल 2025 में चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगी और 7 अप्रैल तक चलेगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जो देवी दुर्गा के आगमन का प्रतीक है। लेकिन कलश स्थापना का सही समय और मुहूर्त जानना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गलत मुहूर्त में कलश स्थापना करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथि और समय साल 2025 में चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) 30 मार्च से शुरू होगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी, जो 30 मार्च को होगी। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है: कलश स्थापना का महत्व कलश स्थापना (Kalash Sthapana) नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। कलश को देवी दुर्गा (Devi Durga) का प्रतीक माना जाता है, और इसे स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। कलश स्थापना के दौरान जल, नारियल, आम के पत्ते और लाल कपड़े का उपयोग किया जाता है। कलश स्थापना के बाद देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और नवरात्रि के नौ दिनों तक उनकी आराधना की जाती है। कलश स्थापना के दौरान क्या करें? इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व चैत्र नवरात्रि और कलश स्थापना चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जो देवी दुर्गा के आगमन का प्रतीक है। कलश स्थापना के बाद नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। कलश स्थापना के दौरान सही मुहूर्त का चयन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गलत मुहूर्त में कलश स्थापना करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। कलश स्थापना (Kalash Sthapana) के नियम और विधि नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #KalashSthapana #NavratriMuhurat #NavratriPuja #NavratriSignificance #ChaitraNavratri #Ghatasthapana #HinduFestivals #NavratriVrat #NavratriWorship

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