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Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War: ट्रंप के बाद नेतन्याहू ने दी खामेनेई को धमकी, अमेरिका के बाद ईरान-इजरायल युद्ध में रूस की भी हुई इंट्री

बीतते समय के साथ-साथ ईरान-इजरायल तनाव लगातार जारी है। आठवें दिन भी लगातार तनाव बना हुआ है। जारी तनाव के बीच गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, इजरायली हमलों से कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी निशाने पर हो सकते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से करना (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) चाहिए। दरअसल, नेतन्याहू ने यह टिप्पणी दक्षिणी इजरायली शहर बीरशेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर के दौरे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। गौरतलब हो कि गुरुवार सुबह ईरान ने मिसाइल हमला किया था। ईरानी हमले से तिलमिलाए नेतन्याहू ने कहा, मैंने निर्देश दिए हैं कि कोई भी इससे अछूता नहीं है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह कुछ बोलने में नहीं, बल्कि कार्रवाई करके दिखाने में भरोसा करते हैं।  युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से किया (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) चाहिए- प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हालाँकि इस बीच नेतन्याहू ने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से किया चाहिए और कार्रवाई में सटीकता होनी चाहिए। सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने बात को वहीं खत्म करते हुए कहा कि प्रेस में इस बारे में बात न करना ही बेहतर है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि ईरान में इजरायल की कार्रवाई उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल भंडार के खिलाफ थी, न कि ईरान की तरह निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने के (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) लिए। अस्पतालों पर बमबारी हुई बमबारी पर नेतन्याहू ने कहा कि वे उन अस्पतालों पर बमबारी करते हैं, जहां लोग खतरे से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे कार्यशील लोकतंत्र और इन हत्यारों के बीच का अंतर है, जो कानून का पालन करता है। ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ हमले को दी (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) थी मंजूरी  बता दें कि ईरान और इजरायल युद्ध पर अमेरिका भी अपनी नजर बनाए हुए है। जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद और बिना शर्त आत्मसमर्पण करने हेतु कहा था। इसके अलावा लगातार ईरान पर दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ हमले को मंजूरी दे दी (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) थी। खैर, उन्होंने अधिकारियों को अंतिम फैसले के लिए रुकने के लिए कहा था। इस पूरे मामले पर बोलते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप अगले दो हफ्ते में ईरान को लेकर फैसला कर सकते हैं। इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! ईरानी जनता कभी घुटने नहीं टेकेगी- ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ध्यान देने वाली बात यह कि ट्रंप के आत्मसमर्पण के प्रस्ताव को ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने यह कहते हुए ठुकरा था कि जो लोग ईरान के इतिहास और उसकी संघर्षशीलता से वाकिफ हैं, वे हमें कभी धमकाने की कोशिश नहीं करेंगे। ईरानी जनता कभी घुटने नहीं टेकेगी। समर्पण करना तो दूर उन्होंने ट्रंप को सीधे चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इजरायल की मदद करने की कोशिश करता है या सैन्य हस्तक्षेप करता है, तो उसे ऐसे नुकसान उठाने पड़ेंगे जो पूरी तरह से कभी भर नहीं पाएंगे।  अमेरिका इस संघर्ष से (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) ही रहे दूर- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन महत्वपूर्ण बात यह कि अमेरिका के बाद इजरायल-ईरान युद्ध में रूस की भी एंट्री हो (Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War) चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को खुली चेतावनी देते हुए कहा, अमेरिका इस संघर्ष से दूर ही रहे। पुतिन ने ईरान पर अमेरिकी हमले की अटकलों को लेकर कहा कि हम वाशिंगटन को ऐसे काल्पनिक विकल्पों के खिलाफ भी आगाह करते हैं। ऐसा कोई भी कदम पूरे हालात को गंभीर रूप से अस्थिर कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu Threatens Khamenei, Russia Enters Iran War #Netanyahu #Khamenei #Russia #IranIsraelWar #Trump #MiddleEastConflict #GlobalTension #WW3Alert

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Netanyahu on Gaza

Netanyahu on Gaza: गाजा हमले में 400 लोगों की मौत के बाद नेतन्याहू ने कहा, अभी तो ये शुरुआत भर है

तकरीबन दो महीने तक इजरायल (Israel) और हमास के बीच चला युद्धविराम आखिरकार टूट गया। दरअसल, हमास द्वारा शेष बंधकों की रिहाई नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को इजरायल ने (Netanyahu on Gaza) गाजा पट्टी पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की। इस बमबारी में तकरीबन 400 से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे गए और 560 से अधिक घायल हुए हैं। इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब रजमान के दौरान लोग तड़के सहरी की तैयारी कर रहे थे। विदित हो कि जनवरी में युद्ध विराम प्रभावी होने के बाद गाजा पर इजरायल का यह सबसे बड़ा हवाई हमला है। कहने की जरूरत नहीं इजरायली हमलों से गाजा में एक बार फिर लोग दहशत में हैं। गाजा के अस्पतालों में शवों का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक गाजा में “हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 404 लोगों की मौत हुई है और 560 ज्यादा घायल हुए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले से पहले इजरायल ने ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस के साथ विचार-विमर्श किया था। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि “हमास युद्ध विराम को आगे बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इन्कार कर दिया और युद्ध का रास्ता चुना।”  प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा (Netanyahu on Gaza) कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि (Netanyahu on Gaza) इजरायल ने युद्धविराम को कई सप्ताह तक बढ़ाया, जिस दौरान हमें बंधक नहीं मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “बातचीत करने वाली टीमों को कतर और मिस्र भेजा गया, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।” नेतन्याहू ने कहा कि “हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है।” यही नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “पूर्व में हुई रिहाई से साबित होता है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दवाब जरूरी है।” उन्होंने जोर देते हुए आगे कहा कि “गाजा पर हवाई हमले सिर्फ शुरुआत हैं। युद्ध विराम के लिए सभी वार्ताएं युद्ध के दौरान ही होंगी।” एक बयान में उन्होंने  यह भी कहा कि “इजरायल तब तक आगे बढ़ता रहेगा जब तक वह युद्ध के अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। इन लक्ष्यों को हासिल करने से इजरायल को कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि इन लक्ष्यों में हमास का सफाया और उसके कब्जे से सभी बंधकों की रिहाई शामिल है।”  जब तक जरूरत होगी, तब तक जारी रहेंगे हमले (Netanyahu on Gaza) इस बीच इजरायली सेना ने कहा कि “उसने दर्जनों लक्ष्यों पर हमला (Netanyahu on Gaza) किया। हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरत होगी।” इसके अलावा सेना ने लोगों को पूर्वी गाजा खाली करने का निर्देश दिया है। बेशक इससे आशंका जताई जा रही है कि संभवतः इजरायली सेना गाजा में फिर से जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। इजरायल ने कहा है कि वह हमास के कब्जे से बंधकों को मुक्त कराने के लिए और ज्यादा बल का प्रयोग करेगा। तो वहीं, हमास ने इजरायल पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने और स्थायी शांति के लिए मध्यस्थों के प्रयासों को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। यही नहीं, इजरायल ने पिछले दो सप्ताह से गाजा के लिए सहायता आपूर्ति रोक रखी है। इसकी वजह से मानवीय संकट गहरा गया है।  इसे भी पढ़ें:- इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो और भी तेज होगा ऑपरेशन  बता दें कि सात अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला किया था। हमास के इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के सफाए के लिए गाजा में सैन्य अभियान चला रखा था। 15 महीने तक चले इस अभियान में गाजा में तकरीबन 48 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस नरसंहार के बाद जनवरी में इजरायल और हमास के बीच छह सप्ताह के लिए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ था। बता दें कि अभी भी हमास के कब्जे में 59 बंधक हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि “अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो ऑपरेशन (Netanyahu on Gaza) और भी तेज हो जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Netanyahu on Gaza Israel #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #Netanyahu #MiddleEastCrisis #WarNews #BreakingNews #Palestine #Israel #GazaCrisis #GlobalConflict

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