Russia Ukraine conflict escalation

Putin destroy Ukraine to prove his power: रूस ने निकाला परमाणु हथियारों का जखीरा, महाविनाश तय, यूक्रेन बर्बाद कर के ही मानेंगे पुतिन?

रूस तकरीबन पिछले 2 वर्षों से युद्ध में उलझा हुआ है। इस बीच यूक्रेन-रूस युद्ध दिन-ब-दिन घातक होता जा रहा है। ऐसे में दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की आहट को अनदेखा नहीं कर सकती। इसके पीछे की वजह यह कि पुतिन ने परमाणु हथियारों का जखीरा निकाल लिया है। इस कदम से रूस और यूक्रेन की जंग अब विश्व युद्ध में तब्दील होती दिखायी दे रही है। दरअसल, एक न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूस ने 50 हजार सेना के जवान तैनात किए हैं। ये कीव पर बड़ा हमला कर सकते हैं। इससे पहले की रूस कुछ करता यूक्रेन ने रूस पर भीषण ड्रोन अटैक कर दिया। इस हमले से रूस को बड़ा भारी नुकसान पहुंचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में रूस के 2 एयरबेस के अलावा मॉस्को स्थित परमाणु स्टेशन पर भी ड्रोन अटैक हुए हैं। यूक्रेन द्वारा रूस में बड़ा ड्रोन हमला करके उसके 5 एयरबेस पर तबाही मचाने के बाद रूस ने यह कदम (Putin destroy Ukraine to prove his power) उठाया है। इस तबाही से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के धैर्य की सीमा टूट चुकी है। यहाँ तक कि पुतिन ने यूक्रेन पर ओरेशनिक वारहेड्स से अटैक करने की धमकी दी है। रूस ने आरपार की लड़ाई का मूड बना लिया है। बहुत मुमकिन है कि जल्द ही पुतिन भी इस ड्रोन हमले का करारा जवाब दें। कारण यही जो रूस ने फाइटर परमाणु स्टेशन को हाई अलर्ट पर रखा है।  हमारे ओरेशनिक वारहेड्स सूर्य के तापमान तक पहुंचते हैं, यह बेहद विनाशकारी (Putin destroy Ukraine to prove his power) होते हैं यही नहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद रूसी राष्ट्रपति (Vladimir Putin) का पहला बयान भी आ गया है। पुतिन ने कहा, हम यूक्रेन पर ऐसे वारहेड से जवाबी हमला करेंगे, जो जिनकी गर्मी सूर्य के तापमान तक पहुंच (Putin destroy Ukraine to prove his power) जाती है। सख्त लहजे में पुतिन ने आगे कहा कि हमारे ओरेशनिक वारहेड्स सूर्य के तापमान तक पहुंचते हैं। यह बेहद विनाशकारी होते हैं। पुतिन ने यूक्रेन को खतरनाक तीखी चेतावनी जारी करते हुए कहा, रूस अब लक्ष्य चुन रहा है और यह लक्ष्य यूक्रेन की सीमाओं से भी परे हो सकते हैं। इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि यदि रूस यूक्रेन पर हमले के लिए ओरेशनिक वारहेड्स का इस्तेमाल करता है, तो भयानक तबाही मच सकती है। पुतिन के इस बयान को पश्चिमी सहयोगियों, अमेरिका और नाटो के लिए एक सीधी धमकी माना जा रहा है। खैर, इस बीच ब्रिटिश एक्टिविस्ट जिम फार्ग्यूसन की माने तो, रूस ने एंटी मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सैटेलाइट डेटा से मिली जानकारी के अनुसार, वारहेड मार्गों पर असामान्य सैन्य गतिविधि के संकेत मिल रहे हैं। फार्ग्यूसन के मुताबिक इस तरह की गतिविधियां क्यूबा मिसाइल संकट के बाद कभी नहीं देखी गयीं। इस दौरान उन्होंने कहा, यह सिर्फ परमाणु धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि नाटो-गठबंधन वाले यूक्रेन और रूस के बीच परमाणु युद्ध के संकेत हैं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ओरेशनिक वारहेड्स रूस की हाइपरसोनिक मिसाइलें (Putin destroy Ukraine to prove his power) हैं बता दें कि ओरेशनिक वारहेड्स रूस की हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। ये किसी भी देश के मौजूदा एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर बेहद तेज़ और सटीक हमले करने में सक्षम हैं। यह ध्वनि की गति से 5 गुना अधिक तेज चलती हैं। जानकारी के मुताबिक रूस के पास ऐसे ओरेशनिक वारहेड्स हैं जो 3 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से उड़ते हैं और टारगेट पर गिरते समय उनका तापमान 4000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। जोकि लगभग सूर्य की सतह के तापमान के बराबर है। यह रूस की अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल वॉरहेड्स (Putin destroy Ukraine to prove his power) हैं। यह महाविनाश और भयानक तबाही लाने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यदि पुतिन यूक्रेन पर ओरेशनिक वारहेड्स से हमला करते हैं तो, यह दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध में भी धकेल सकता है। पुतिन के इस बयान के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो बड़े चिंतित हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि पुतिन (Vladimir Putin) का यह संदेश सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी है। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र समेत कई यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्ध को और आगे बढ़ने से रोकने की अपील की है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Putin destroy Ukraine to prove his power #Putin #UkraineWar #NuclearWeapons #RussiaUkraineConflict #WW3 #GlobalTensions #Zelensky #RussiaNews

आगे और पढ़ें
Iran nuclear weapons,

Iran nuclear weapons: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन ने चेताया, परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है ईरान

कई दिनों से यह खबर चर्चा में है की ईरान कभी भी परमाणु बम बना (Iran nuclear weapons) सकता हैं। कारण यही जो, अमेरिका आए दिन ईरान को परमाणु कार्यक्रम न शुरू करने की धमकी देते रहता है। अमेरिका के बाद अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चेतावना जारी की है। आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि “तेहरान परमाणु हथियार बनाने के खतरनाक रूप से बेहद करीब है।” बता दें कि ग्रॉसी बुधवार से तेहरान के दौरे पर हैं। उनका यह बयान तेहरान पहुंचने से पहले आया है। दरअसल, ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर उसके अधिकारियों और नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए आईएईए के प्रमुख तेहरान पहुंचे हैं। फ्रांस के समाचार पत्र ली मोंडे से हुई बातचीत में राफेल ग्रॉसी ने कहा कि “उनके पास यह टुकड़ों में है और वे एक दिन इसे जोड़ सकते हैं। इसके पहले कि वे हथियार बना लें, हमें उन तक पहुंचने का एक रास्ता है। लेकिन हमें यह बात माननी पड़ेगी कि वे इससे दूर नहीं हैं।” गौरतलब हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि “ईरान परमाणु हथियार बनाने के काफी करीब पहुंच चुका है।” अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता रोम में (Iran nuclear weapons) होगी ईरान ने बुधवार को पुष्टि की कि “अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता रोम में (Iran nuclear weapons) होगी। हालांकि पहले इस बात को लेकर भ्रम था कि वार्ता कहां होगी।” लेकिन खबर के मुताबिक ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने अब इस बारे में जानकारी दी है। गौर करने वाली बात यह कि ये घोषणा ऐसे वक्त हुई है, जब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने उन उपराष्ट्रपति में से एक के इस्तीफे को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है, जो दुनिया के ताकतवर देशों के साथ 2015 के परमाणु समझौते में तेहरान की ओर से प्रमुख वार्ताकार थे।  इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मंगलवार देर रात मोहम्मद जवाद जरीफ के संबंध में (Iran nuclear weapons) की घोषणा  दरअसल, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मंगलवार देर रात मोहम्मद जवाद जरीफ के संबंध में घोषणा (Iran nuclear weapons) की। इसके बाद सरकारी टीवी चैनल ने कहा कि “ओमान फिर से वार्ता की मध्यस्थता करेगा।” मुख्य बात यह कि ओमान के विदेश मंत्री ने पिछले सप्ताहांत ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। सोमवार को कई अधिकारियों ने कहा था कि “वार्ता रोम में होगी, तो वहीं, ईरान मंगलवार तक कह रहा था कि “वार्ता  ओमान में ही होगी।” हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वार्ता कहां होगी। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक को फोन किया था। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी बुधवार से ईरान दौरे पर हैं। ग्रॉसी के दौरे में इस पर बातचीत हो सकती है कि किसी प्रस्तावित समझौते के तहत उनके निरीक्षकों को क्या पहुंच मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran nuclear weapons #IranNuclearThreat #IAEAWarning #NuclearWeapons #MiddleEastTensions #GlobalSecurity #IranCrisis #NuclearDeal #WorldPeaceThreat #IranNews #UNAlert

आगे और पढ़ें
Translate »