Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud

Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud : ऑनलाइन धोखाधड़ी में 46 साल के शख्‍स ने गंवाए साढ़े 11 करोड़

लालच बुरी बला है। जैसा कि बड़े-बुजुर्ग कह भी गए हैं कि लालच चार जगह डुबाती है। खैर, आज के इस आधुनिक दौर में ऑनलाइन फ्रॉड होना कोई नई बात नहीं है। विगत वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले प्रकाश में आएं हैं। हालंकि राज्य सरकारें अपने स्तर पर कार्रवाई कर तो रही हैं लेकिन कामयाबी न के बराबर है। ठग एक न एक नए तरीके से ठगने का जुगाड़ भिड़ा ही लेते हैं। चाहे वो डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ठगने हों या फिर सेक्सटॉरशन के जरिये ठगना हो। एक कांड के बाद वो दूसरा काण्ड बिलकुल ही नए तरीके से करते हैं। वैसे तो ऑनलाइन ठगी में कइयों ने लाखों गंवाएं हैं, लेकिन क्या आपका पता है कि एक शख्स ने जल्द अमीर होने की चाहत में 46 साल के शख्‍स ने साढ़े 11 करोड़ रुपये गंवा (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) दिए। गौर करने वाली बात यह कि खुद पुलिस के बड़े अधिकारी ने मामले की तस्‍दीक की है और गृह मंत्रालय के साइबर दोस्‍त एक्‍स हैंडल पर इस बारे में विस्‍तार में बताया गया है। फोन में रॉलेट कसीनो का ऐड आया, जिसमें उसने क्लिक कर (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) दिया प्राप्त जानकारी के मुताबिक साइबर दोस्‍त एक्‍स हैंडल पर डीसएपी स्तर के एक बड़े अधिकारी ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। डीसएपी के मुताबिक यह धोखाधड़ी फेक बैटिंग साइटों पर हुई। कमाल की बात यह कि जो शख्स इस ठगी का शिकार हुआ है वो अच्छा-खासा पढ़ा लिखा है। एमबीए कर चुका है। यही नहीं एक अच्‍छी कंपनी में करोड़ों के पैकेज पर काम कर रहा है। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि शख्‍स के साथ सबकुछ ऑनलाइन हो गया। धोखाधड़ी तीन महीनों तक जारी रही। बता दें कि साइबर दोस्‍त द्वारा एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट किए गए वीडियो के मुताबिक, 46 साल के एक शख्‍स को एक दिन उसे फोन में रॉलेट कसीनो का ऐड आया, जिसमें उसने क्लिक कर दिया। क्‍ल‍िक करते ही वह ऐसी वेबसाइट पर चला गया जहां कई बैटिंग साइटें मौजूद थीं। वह पैसा इन्‍वेस्‍ट करके कई गुना मुनाफे का लालच दे (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) रही थीं।  तीन महीनों तक उसके साथ होती रही (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) धोखाधड़ी  फिर क्या था युवक भी बैटिंग वेबसाइटों के झांस में आ गया। पुलिस के अनुसार, युवक ने बैटिंग साइट में पैसे लगाने शुरू कर दिए। शुरुआत में उसे कुछ कमाई भी हुई। शुरूआती कमाई को देख उसके मन में लालच आ गया। और इसी कमाई के लालच में उसने तकरीबन 17 करोड़ रुपये की रकम लगा दी। इस तरह उसे कुल साढ़े 11 करोड़ का नुकसान हुआ। पुलिस की माने तो तीन महीनों तक उसके साथ धोखाधड़ी होती रही। और तो और कमाल की बात यह कि इस दौरान शख्‍स के पैसे 100 से ज्‍यादा अकाउंट में ट्रांसफर किए (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) गए। उसने इस उम्‍मीद दांव लगाया कि उसे फायदा होगा। लेकिन लालच में उसे तगड़ा नुकसान हो गया। इस बीच जबतक युवक को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास होता, बहुत देर हो गई थी। धोखाधड़ी का अहसास होते ही अंततः उसने 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को दर्ज कराई गई है लेकिन अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि इतने वक्‍त तक धोखाधड़ी कैसे होती रही। हालाँकि इस मामले में पुलिस ने कितनी रकम रिकवर की है, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला जल्‍दी अमीर बनने का सपना देख रहे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का हो (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) जाते हैं शिकार  इसके पीछे की बड़ी वजह है लालच, जल्‍दी पैसा कमाने और अमीर बनने का सपना देख रहे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो  (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud)  जाते हैं। आए दिन इस तरह के केस दर्ज हो रहे हैं। सरकार अपनी तरफ से लोगों को जागरूक कर रही है। ऐसा नहीं है, केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकार ने बाकायदा 1930 नंबर को साइबर फ्रॉड से मुकाबले के लिए जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके लोग अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud #OnlineFraud #CyberScam #DigitalFraud #FraudAwareness #CyberCrime #FinancialFraud #ScamAlert #OnlineScam #BankFraud #InternetCrime

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Cybercrime in India: क्यों नहीं थम रहे देश में साइबर अपराध के मामले, आखिर क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह?

देश में साइबर अपराध इस कदर अपना पैर पसार (Cybercrime in India) चुका है कि इसपर नकेल कसना सरकार के बाद की बात नहीं रह गई है। देश में साइबर अपराध के मामले न थमने का मुख्य कारण है साइबर अपराधी द्वारा लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल करना। कारण यही जो उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, लोगों की साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचे की अनुपलब्धता भी एक बड़ी वजह है। गौर करने वाली बात यह कि साइबर हमलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और सेक्टार्शन जैसी चीजें ही शामिल नहीं हैं बल्कि इनमें डाटा चोरी, रैनसमवेयर, अवैध सट्टेबाजी एप, ऑनलाइन हेट क्राइम, साइबर बुलिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर साइबर अटैक इत्यादि भी शामिल हैं। इससे भी बड़ी ध्यान देने वाली बात यह कि अपराधी इनका इस्तेमाल कर देश की अर्थव्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा को खोखला बनाने का काम कर रहे हैं। साइबर अपराधों के खिलाफ देश में अलग से कानून नहीं है और आइटी एक्ट में संशोधन के तहत 2022 में लाये गये प्रावधानों के जरिये इन्हें रोकने की कोशिश हो रही है। इसीके चलते साइबर अपराधों के विरुद्ध केंद्र ने साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का गठन किया है।  लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है हालाँकि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है। इसके पीछे की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, साइबर अपराधी अपराध करने के नित्य नए तरीके खोजते रहते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। खास बात यह कि हर बार नए शिकारी को नए तरीके से साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोग अमूमन साइबर सुरक्षा के प्रति अनजान होते हैं। जिससे वे आसानी से साइबर अपराधों का शिकार बन जाते हैं। इसके अलावा देश में देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचा नहीं है। र्याप्त कानूनी ढांचा न होने के कारण अपराधियों को आसानी से बच निकलने का मौका मिल जाता है। साइबर अपराधियों के न पकड़े जाने जाने के पीछे एक सबसे बड़ी वजह यह है कि वो देश की सरहदों को पर कर अपराध करते हैं। ऐसे में इंटरनेशनल कानूनों की आड़ लेकर साइबर अपराधी हाथ नहीं आते। ऐसे अपराधियों को पकड़ना या खोजना पुलिस के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। साइबर अपराधियों की बढ़ती संख्या पुलिस के सिरदर्द बनी हुई है। इसका अलाम यह है कि पुलिस के साइबर क्राइम के मॉडल को समझने का प्रयास कर रही होती है कि तब टक अपराधी एक नए तरीके से नए क्राइम को अंजाम दे देते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से दिया गया था अंजाम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय से जुड़ी एजेंसी सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएफसीएफआरएमएस) की माने तो नवंबर तक साइबर धोखाधड़ी की 12 लाख शिकायतें मिली। आपको जानकार हैरानी होगी कि इनमें से 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से अंजाम दिया गया था। बता दें कि बीते अगस्त में संसद सत्र के दौरान गृह मंत्रालय ने कहा था कि “अन्य अपराधों की तरह साइबर अपराध रोकना भी राज्य की जिम्मेदारी है। सच यह है कि साइबर अपराध रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित कानून बनाने के साथ केंद्रीय स्तर पर साइबर आर्मी और राज्यों में साइबर पुलिस का गठन करने की सख्त आवश्यकता है। ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ हाथ पर हाथ धीरे बैठी है। साइबर ठगी से बचने के लिए सरकार हर संभव लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है। यह तो ठीक, लेकिन वर्तमान भारत में आज भी जागरूकता की कमी के कहते ही लोग ढगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Cybercrime in India #CybercrimeInIndia #OnlineFraud #CyberSecurity #DataBreach #InternetScam #DigitalSafety #CyberThreats #IndiaNews #TechAlert #CyberAwareness

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