Owaisi's Absence

Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?: क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी?

साल के अंत में बिहार में चुनाव होने हैं। चुनाव भले ही साल के अंत में होने हैं लेकिन सरगर्मियां अभी से गई हैं। सभी राजनीतिक दल अभी से अपना-अपना नफा नुकसान देखने लगे हैं। इसी कड़ी में हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी भी अपनी पैठ जमाने के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल होना चाहते (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) हैं। इसके चलते एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने बाकायदा लालू यादव को पत्र लिखा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर ऐसी कौन सी वजह है जो ओवैसी लालू के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं? ओवैसी इंडिया गठबंधन में इसलिए भी शामिल होना हैं क्योंकि उनकी नजर मुस्लिम वोटों पर है। वैसे तो बिहार में हर बार की तरह इस बार भी सभी की नजर मुस्लिम वोटो पर है। हो भी क्यों न, बिहार में 50 से अधिक सीटों पर मुस्लिम वोटर्स काबिज जो हैं। बता दें कि मुस्लिम बिहार की कुल आबादी का 17 प्रतिशत है। ध्यान देने वाली बात यह कि बिहार में कभी भी मुस्लिम वोटर एकतरफा वोट कास्ट नहीं करते हैं। बिहार में मुस्लिम जेडीयू, आरजेडी को वोट करते रहे हैं। 2020 के विधानसभा में 76 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स इंडिया गठबंधन के साथ (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक इंडिया गठबंधन को मुस्लिम वोट सबसे ज्यादा मिलता रहा है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को 87 प्रतिशत मुस्लिमों ने वोट किया था। जबकि 2020 के विधानसभा में 76 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स इंडिया गठबंधन के साथ (Will Owaisi’‘s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे। बात करें साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव की तो इस चुनाव में आरजेडी को ओवैसी की पार्टी ने काफी नुकसान पहुंचाया था। जिसका सीधा फायदा जेडीयू को हुआ था। जेडीयू पिछले चुनाव में मात्र 43 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। जिसके लिए वे चिराग पासवान की पार्टी को जिम्मेदार मानते हैं। हालांकि उनको जो सीटें मिली हैं उसमें सीमांचल का योगदान अधिक है। इसकी सबसे बड़ी वजह ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम थी। वैसे भी जिस राज्य में मुस्लिम आबादी अधिक होती है, वहां पर ओवैसी पहुंच जाते हैं और विपक्षी पार्टियों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाते हैं। कारण यही जो विरोधी दल उन्हें बीजेपी की बी भी कहते हैं। हालांकि ओवैसी और बीजेपी दोनों इसे सिरे से ख़ारिज करते हैं।  चुनाव के कुछ समय बाद ही ओवैसी के 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे कहने की जरूरत नहीं, साल 2020 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों के बिखरने से एनडीए को फायदा हुआ था। हालांकि ये बात आरजेडी ख़ारिज करती है। ऐसा इसलिए कि आरजेडी के मुखिया लालू यादव को लगता है कि बिहार में अमूमन अधिकतर मुस्लिम वोटर्स उन्हीं की पार्टी को वोट करता है। दरअसल, लंबे समय से लालू यादव बिहार में एमवाई समीकरण को साधे हुए (Will Owaisi’‘s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) हैं। बड़ा कारण यही जो बिहार में उन्हें मुस्लिम वोटर्स के लिए किसी अन्य पार्टी से गठबंधन की जरूरत नहीं है। वो बात और है कि पिछली बार उन्हें कुछ सीटों का नुकसान हुआ था, लेकिन चुनाव के कुछ समय बाद ही ओवैसी के 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। एक बड़ी वजह यह भी जो लालू यादव ओवैसी को बिहार में बड़ी चुनौती नहीं मानते।  इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? ओवैसी यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो मुस्लिम वोटर एक मुस्त होकर इंडिया गठबंधन को वोट (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) करेंगे वैसे भी बीजेपी कभी नहीं चाहेगी कि ओवैसी कभी इंडिया गठबंधन में शामिल हों। क्योंकि ओवैसी यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो मुस्लिम वोटर एक मुस्त होकर इंडिया गठबंधन को वोट करेंगे। इसमें नुकसान बीजेपी का (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) होगा। इसके अलावा बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू ने वक्फ बिल का सपोर्ट किया था। ऐसे में इस बार उससे मुस्लिम वोटर्स के छिटकने का भी डर है। इसके बावजूद दोनों पार्टियों ने मुस्लिम वोटर्स को रिझाने की रणनीति बना ली है। दरअसल, बिहार की 17 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स की आबादी में से 10 प्रतिशत पसमांदा यानी अति पिछड़े मुस्लिम हैं। जेडीयू का मानना है कि नए वक्फ कानून से पसमांदा मुस्लिमों को फायदा होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू और बीजेपी का यह पैंतरा इंडिया गठबंधन के खिलाफ कितना कारगर सिद्ध होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi’ #Owaisi #LaluYadav #BiharElections2025 #AIMIM #BiharPolitics #Mahagathbandhan #MuslimVotes #PoliticalAnalysis

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Owaisi Slams UP Govt Over Kawad Yatra

Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses: कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे”

एक बार फिर कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कुछ सख्त नियम जारी किए हैं। इसमें खाने-पीने की दुकानों पर मालिक के नाम की अनिवार्यता के साथ ही लाइसेंस और पहचान पत्र जरूरी कर दिया गया है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कहा है कि ढाबा और रेस्टोरेंट में मालिक और मैनेजर का नेमप्लेट जरूरी है। खैर, पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी में बवाल मचा हुआ है। दरअसल, यूपी में उन दुकानों को बंद कराने की खबरें आ रही हैं, जिनके पास नाम और लाइसेंस नहीं हैं। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। ओवैसी ने कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) कहा कि “मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालय चलाने वाले दुकानदारों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।”  बीजेपी पर तंज करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये अफसोस की बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल साफ तौर पर निर्देश दिए थे, फिर भी यूपी सरकार ऐसे विजिलेंटे ग्रुप्स को खुली छूट दे रही है। आखिर इनको रोका क्यों नहीं जा रहा?” सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ऐसे फैसलों पर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद ऐसा रवैया है, जो कि प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल है।” बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस बिक्री ना होने के साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती के निर्देश और संचालक को अपना नाम लिखे होने के निर्देश दिए हैं। पहले कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होती थी, लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते थे, चाहे वे किसी भी धर्म के क्यों (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) न हों सूबे की सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए ओवैसी ने कहा कि “पहले कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होती थी, लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते थे, चाहे वे किसी भी धर्म के क्यों न हों, लेकिन अब कुछ तत्व संगठित होकर यात्रा के बहाने अराजकता फैला रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि “मुजफ्फरनगर में बाईपास के पास पहले ऐसी कोई दिक्कत नहीं होती (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) थी। अब कोई ग्रुप बनाकर होटल वालों से आधार कार्ड मांगा जाता है। अरे तुम कौन होते हो पूछने वाले? न तुम एसपी हो, न आरडीओ, न एसडीएम।” इस बीच ओवैसी ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि “एक युवक से आधार कार्ड मांगने के बाद जब उसने नहीं दिखाया, तो उसका कपड़ा उतार दिया गया। बाद में पता चला कि उसका नाम गोपाल था।” इस कृत्य की आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा कि वो चाहे वो गोपाल हो या कोई और हो, किसी को ये अधिकार नहीं कि वो इस तरह की गुंडागर्दी करे।”  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  पुलिस ने भले ही नोटिस दिया हो, लेकिन क्या वह इन लोगों को गिरफ्तार (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) करेगी? यही नहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “पुलिस ने भले ही नोटिस दिया हो, लेकिन क्या वह इन लोगों को गिरफ्तार (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) करेगी? क्या बुलडोजर का डर दिखाया जाएगा? सरकार की मंशा पर शक जताते हुए उन्होंने कहा कि “अगर सरकार की नीयत कमजोर है तो ये लोग खुद को सत्ता के संरक्षित मानकर जो चाहें करेंगे।” बता दें कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बिना लाइसेंस वाले दुकानों को बंद करने की बात एक बार फिर उठ रही है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार और प्रशासन पर करारा हमला किया। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ओवैसी ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद यूपी सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अराजकता फैलाने वाले तत्वों की कड़ी आलोचना की।” खैर, देखना दिलचस्प होगा कि आगे यह बवाल शांत होता है या फिर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर इसे और तूल दिया जाता है? Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi #Owaisi #KawadYatra #UPGovt #ShopLicense #PoliticalNews #IndiaNews #Controversy

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Owaisi Slams EC

Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar: बिहार में चुनाव आयोग के इस प्रोसेस पर भड़के ओवैसी, कहा- “करोड़ों वोटर्स नहीं डाल सकेंगे वोट”

इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी माहौल के मद्देनजर राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है। यहाँ सबसे बड़ी चर्चा यहां पर वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चर्चा जोरों पर है। अमूमन सभी विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। इस कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की योजना कर विरोध किया (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) है। न सिर्फ विरोध किया है बल्कि इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि “बूथ स्तर के अधिकारियों के लिए इतने कम समय में करोड़ों वोटर्स के रिकॉर्ड को अपडेट करना करीब-करीब असंभव है।” उन्होंने कहा, “आप चाहते हैं कि यह प्रक्रिया एक महीने में निपटा ली जाए। यह कैसे संभव है? आप इसे महज एक महीने में कैसे कर सकते हैं? इसके पीछे क्या तर्क है?” करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) जाएंगे और वे वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में ओवैसी ने यह चेतावनी भी दी कि इस संशोधन की वजह से वोटिंग लिस्ट से करोड़ों नाम छूट सकते हैं। ओवैसी ने कहा, “आप जल्दबाजी करके इन चीजों को रद्द नहीं कर सकते। अगर कल चुनाव होते हैं तो मुझे पूरा यकीन है कि इसमें कई नाम छूट जाएंगे। इसका दोष कौन लेगा? ऐसा करना अभी असंभव है और मेरी आशंका है कि हजारों नहीं, बल्कि लाखों, शायद करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) जाएंगे और वे वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे।” खैर, इस बीच एआईएमआईएम चीफ ने लाल बाबू हुसैन केस का भी हवाला दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि जिस व्यक्ति का नाम पहले से ही वोटर लिस्ट में है, उसे बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के हटाया नहीं जा सकता।  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  बीएलए के लिए एक महीने में इसे कर पाना कैसे संभव (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) होगा गौरतलब हो कि चुनाव आयोग की तरफ से एसआईआर की प्रक्रिया 24 जून को अधिसूचित की गई थी। इसकी कड़ी आलोचना करते हुए एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने कहा कि “इसमें वोटर्स को नुकसान (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) होगा। बिहार के ज्यादातर युवा पलायन कर चुके हैं। वे आर्थिक और अन्य वजहों से केरल, मुंबई, हैदराबाद, पंजाब और दिल्ली आदि राज्यों में चले जाते हैं, इसी तरह सीमांचल का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ की वजह से करीब छह महीने तक कटा रहता है। अब, आप इसे एक महीने में करना चाहते हैं।” यही नहीं, चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए ओवैसी ने कहा कि “बीएलए आपके घर कितनी बार आएगा? शायद वह एक बार, दो बार और तीन बार आएगा। यह काफी चौंकाने वाला है कि चुनाव आयोग ऐसा कर रहा है।” उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 8 करोड़ वोटर्स हैं। बीएलए के लिए एक महीने में इसे कर पाना कैसे संभव होगा? यह मानवीय रूप से असंभव है।” ऐसा ही नहीं है कि ओवैसी ही नहीं बल्कि अन्य राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने कल बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को कराने के समय से जुड़ी अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कराई जा रही इस कवायद की वजह से राज्य के 2 करोड़ लोग वोट डालने का अधिकार खो सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi #Owaisi #BiharElections #ElectionCommission #VotingRights #AIMIM #BiharNews #IndianPolitics

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi

Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims: वक्फ बिल पर ओवैसी का नया राग, “काूनन बनाकर मुस्लिमों को नहीं डरा सकते”

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) को लेकर पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाते हुए बड़ा बयान (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) दिया है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जो लोग मानते हैं कि वे इस तरह के कानून बनाकर मुस्लिम समुदाय को डरा सकते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि पीएम मोदी या भाजपा सरकार हमसे वक्फ के तहत जमीन नहीं छीन सकती।  मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी- असदुद्दीन ओवैसी दरअसल। कर्नाटक के रायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये लोग समझ रहे हैं कि मुस्लिमों को ये कानून बनाकर डराया जाएगा। पीएम मोदी और मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी। ये काला कानून है। ये संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है। जोकि चैप्टर 3 का अधिकार है। ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुस्लिमों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?” इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा, यह कानून असंवैधानिक (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है एआईएमआईएम के मुखिया ने कहा कि “वक्फ कानून में पांच साल के प्रावधान पर सवाल उठाए गए हैं। ये 5 साल के मुसलमान का कानून क्या है? ये 5 साल का नियम कहां से लगाया गया (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है।” गौरतलब हो कि ओवैसी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि “वे गांधी की तरह इस बिल को फाड़ रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा। यह कानून असंवैधानिक है।” इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा। वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है- सांसद इमरान प्रतापगढ़ी यही नहीं, बीते सोमवार को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि “केंद्र की मोदी सरकार की ओर से वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है। आने वाले दिनों में जब भी केंद्र में सरकार बदलेगी तब एक झटके में वक्फ संशोधित कानून को बदल दिया जाएगा, इसलिए आप मायूस न हो।” बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी रांची के बरियातू के पहाड़ी मैदान में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से आयोजित तहफ्फुज-ए-औकाफ कॉन्फ्रेंस में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? जाने क्या है वक्फ संसोधन बिल? दरअसल , वक्फ बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक ऐसा विधेयक है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है। इसके साथ ही वक्फ बिल में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देने और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान भी शामिल है। अब विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। उनका दावा है कि यह बिल सिर्फ वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा बल्कि सरकारी हस्तक्षेप को भी बढ़ाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims #owaisi #waqfbill #aimim #muslimrights #indianpolitics

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AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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