PM Modi warns Pakistan against double standards on terrorism at BRICS summit

‘आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं, चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत…’, PM मोदी ने पाक को BRICS के मंच से जमकर धोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपनी 8 दिवसीय विदेश यात्रा के 6 दिन ब्राजील पहुंचे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने यहां रियो डी जनेरियो में चल रहे 17वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में हिस्सा लिया। इस समिट में उन्होंने आतंकवाद मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”पहलगाम में जो अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। यह सामान्य आतंकी हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”  पीएम मोदी (PM Modi) ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी देशों के बीच शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जता, लेकिन साथ ही पड़ोसी मुल्क पर आतंकवाद के लिए निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने कहा, ”दोहरे मापदंडों की इस दुनिया में कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश आतंकवाद का भरण पोषण कर रहा है, तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। आतंकियों पर कार्रवाई करने और उन पर प्रतिबंध लगाने में किसी को  कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद पर मौन सहमति को भारत जिस तरह से बर्दाश्त नहीं कर रहा है, उसी तरह सभी देशों को आतंकवाद पर निर्णायक फैसला लेना चाहिए।  पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती है और उनके द्वारा दिखाए गए शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने को लेकर प्रतिबध है। हमारे सामने चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थितियां आएं, हमारे लिए शांति और मानवता का कल्याण ही सबसे बेहतरीन मार्ग रहेगा।  पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स देशों ने की निंदा  ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में भारत को बड़ी सफलता मिली है। इस समिट में शामिल सभी देशों ने एकजुट होकर कड़े शब्दों में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के हर प्रारूप, सीमापार आतंकवाद और आतंकवाद व आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ प्रति जीरो टॉलरेस नीति बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई। ब्रिक्स देशों की तरफ जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि, ”हम 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम आतंकवाद के हर प्रारूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाने का आग्रह करने के साथ आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को भी पूरी तरह से खारिज करते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और जयशंकर ने की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कई दूसरे देश के लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की है। पीएम मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चीन्ह, मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इन बैठकों का लक्ष्य द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत बनाना और अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करना था।  वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने भी दूसरे देश के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। एस जयशंकर (S Jaishankar) ने सबसे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के साथ उसे और आगे ले जाने पर सहमति जताई। इसके अलावा जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ भी बैठक की। इस द्विपक्षीय मुलाकात में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री के साथ की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘हमारी बातचीत हाल के अहम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।’ विदेश मंत्री जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश सचिव जुआन रामोन डे ला फ़ुएंते के साथ भी अहम बैठक की। इस मुलाकात में देानों देशों के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे अहम मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।  Latest News in Hindi Today Hindi news BRICS Summit #PMModi #BRICSSummit #Pakistan #Terrorism #ModiSpeech #IndiaPakistan #BRICS2025

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India won’t bow to Pakistan’s nuclear blackmail

India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail: पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल से नहीं डरेंगे- विदेश मंत्री एस. जयशंकर

ऑपेरशन सिंदूर के बाद से भारत पाकिस्तान पर हमलावर है। पाकिस्तान की करतूतों को उजागर करने का एक भी मौका भारत जाने नहीं देता। इस कड़ी में पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने कहा कि “पहलगाम आतंकवादी हमला आर्थिक युद्ध का नया कृत्य था। जिसका मकसद कश्मीर में पर्यटन खत्म करना था। इसका उद्देश्य धार्मिक हिंसा को भड़काना भी था क्योंकि लोगों को मारने से पहले उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा गया था।” पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि “भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु ब्लैकमेल (nuclear blackmail) की पाकिस्तान की नीति भारत को पड़ोसी देश से उत्पन्न आतंकवाद का जवाब देने से नहीं रोक (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) पाएगी।” दरअसल, समाचार पत्रिका न्यूजवीक के सीईओ देव प्रगाद के साथ मैनहट्टन में 9/11 स्मारक के पास वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित प्रकाशन के मुख्यालय में आयोजित एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की।  पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध का कृत्य था, इसका उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन को तबाह (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) करना था जयशंकर ने कहा कि “भारत में पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान से प्रेरित कई आतंकवादी हमले हुए हैं और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में यही भावना है कि अब बहुत हो गया।” विदेश मंत्री जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने कहा कि “पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध का कृत्य था। इसका उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन को तबाह करना था, जो वहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) है। इसलिए हमने तय किया कि हम आतंकवादियों को दंडित किए बिना नहीं छोड़ सकते। वे सीमा के उस तरफ हैं और इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती, मुझे लगता है कि इस तरह के विचार को चुनौती देने की आवश्यकता है और हमने यही किया।” जयशंकर ने कहा कि “हम यह भी बहुत लंबे समय से सुनते आ रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और इसलिए कोई और शख्स आएगा और खौफनाक चीजें करेगा, लेकिन आप कुछ नहीं कर सकते क्योंकि इससे दुनिया चिंतित हो जाती है। अब हम इसके झांसे में नहीं आने (nuclear blackmail) वाले हैं। अगर वे आकर कुछ करेंगे तो हम वहां जाएंगे और जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें निशाना बनाएंगे। हम परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकने वाले हैं, आतंकवादियों को कोई छूट नहीं मिलेगी, उनके छिप छिपकर हमलों को बख्शा नहीं जाएगा। हमें अपने लोगों की रक्षा के लिए जो करना है, करेंगे।” उन्होंने कहा कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि आतंकवादियों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। हम अब उन पर परोक्ष रूप से नहीं बल्कि सीधा सीधा हमला करेंगे और उस सरकार को नहीं बख्शेंगे जो उनका समर्थन, वित्तपोषण और कई तरीकों से उन्हें बढ़ावा देती है। परमाणु ब्लैकमेल की नीति हमें जवाब देने से नहीं रोकेगी।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था-जयशंकर   गौरतलब हो कि जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस बीच मंगलवार को चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी जाएंगे। क्वाड चार देशों – भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का समूह है। विदेश मंत्री ने अपनी यात्रा की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित आतंकवाद की मानवीय कीमत शीर्षक वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करके (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) की। इस दौरान जयशंकर ने कहा कि “भारत के खिलाफ हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तान के आतंकवादी गुप्त रूप से काम नहीं करते हैं और इन आतंकी संगठनों के पाकिस्तान के घनी आबादी वाले शहरों में कॉरपोरेट मुख्यालय सरीखे ठिकाने हैं। हर कोई जानता है कि संगठन ‘ए’ और संगठन ‘बी’ का मुख्यालय क्या है और ये वे इमारतें, मुख्यालय हैं जिन्हें भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट कर दिया।” बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले का बदला लेना था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे और पाकिस्तान के आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  S Jaishankar #India #Pakistan #NuclearThreat #SJaishankar #NationalSecurity #IndiaForeignPolicy

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Pakistan suicide bombing, 13 soldiers killed

13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack: पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमले में सेना के 13 जवानों की मौत, 10 घायल

आतंकियों को पनाह देने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अब खुद ही आतंवाद का शिकार होने लगा है। वहाँ आये दिन बम धमाके में लोगों की जान जाती रहती है। ताजा मामला है पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी हिस्से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले का जहाँ एक आत्मघाती हमले में 13 सैनिकों की मौत हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गई। जानकारी के मुताबिक आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरे वाहन में सवार था। और उसने सेना के काफिले को सीधी टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद हुए धमाके में पाकिस्तानी सेना के 13 जवानों की मौत हो गई। इस हमले में 10 गंभीर रुप से घायल हुए हैं और 19 आम नागरिक भी चोटिल हुए हैं।  धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गए इस पूरे मामले पर स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि एक “आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को सैन्य काफिले में घुसा दिया। इसके बाद हुए धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गए। इस हमले में आस-पास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है।” पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “विस्फोट के कारण दो घरों की छतें भी गिर गईं, जिससे छह बच्चे घायल हो गए।” अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पीटीआई की माने तो घटना के समय सैन्य आवाजाही के कारण इलाके में कर्फ्यू लगाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोट के बाद राहत अभियान शुरू किया है। गौरतलब हो कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पाकिस्तान के सबसे तनावपूर्ण इलाकों में से एक है। यहां अक्सर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमले होते रहे हैं। यही नहीं, पाकिस्तान में पिछले कुछ समय में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी हुई है।  यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) हुआ यहाँ गौर करने वाली बात यह कि पिछले एक साल में पाकिस्तानी सेना पर कई आतंकी हमले हुए हैं। दिसंबर 2024 में एक हमले में 16 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे और 8 घायल हुए थे। यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने ली। फिर जनवरी में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच में 35 हमले किए।  इन हमलों में 94 सैनिकों की मौत का दावा किया गया। इसके बाद जून में ग्वादर के सयाबद में बलोच आर्मी ने हमला किया था, जिसमें 16 सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमले बड़ी तेजी से बढ़े हैं। कहने की जरूरत नहीं, ऐसे में एक और बड़ा हमला पाकिस्तान की चिंता बढ़ाने वाला है। बेशक यह दिखाती है कि पिछले एक वर्ष में पाकिस्तानी सेना को कई आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) था जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च में पाकिस्तानी सेना ने बड़ा दावा करते हुए कहा था कि उसने टीटीपी से संबंध रखने वाले 10 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) है। दरअसल दक्षिणी वजीरिस्तान स्थित जंडोला चेकपोस्ट के पास फ्रंटियर कोर के शिविर पर एक आत्मघाती हमला हुआ था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया था। एएफपी के मुताबिक साल की शुरुआत से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान दोनों में सरकार से लड़ने वाले सशस्त्र समूहों द्वारा अब तक लगभग 290 लोग, जिनमें ज्यादातर सुरक्षा अधिकारी हैं, मारे गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news 13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack #pakistan #suicidebombing #soldierskilled #terrorattack #breakingnews #pakistanarmy #worldnews

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Donald Trump General Munir meeting

ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पाकिस्तान के सेना प्रमुख व फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) के बीच व्हाइट हाउस में बुधवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में लंच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel War) और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की क्षेत्रीय समझ की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। हमें उनकी कूटनीतिक शक्ति और अनुभव का लाभ लेना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।” डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान की उस भूमिका को भी महत्व देते हैं जो उसने हाल ही में भारत-पाक सीमा पर तनाव कम करने में निभाई है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश का असर? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बैठक के बाद प्रत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह बैठक जनरल मुनीर (Asim Munir) द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश किए जाने के बाद आयोजित की गई थी। अन्ना केली ने कहा, “फील्ड मार्शल मुनीर ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने इस सम्मान के लिए आसिम मुनीर (Asim Munir) का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर की उस भूमिका की सराहना की जिससे भारत-पाक तनाव के बीच सैन्य संघर्ष टल सका। उन्होंने इसे एक “साहसिक और जिम्मेदार” कदम बताया। दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में केवल कूटनीतिक मसलों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान और भारत के साथ त्रिपक्षीय व्यापारिक बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की आर्थिक चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं। व्यापारिक मोर्चे पर शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है, और हम आगे बढ़ने को तैयार हैं।” हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या स्पष्ट ढांचे पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर दिए कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन ट्रंप के झूठे दावों को नाकार चुका भारत  बता दें कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला किया था, जवाब में पाकिस्तान (Asim Munir) ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जिससे सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई थी। भारते ने जब पाकिस्तान के एयर बेस पर हमला किया तो उसने संघर्ष रोककर बातचीत की अपील की। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी पहल पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूका, लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इंकार कर दिया। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के अपील पर रोका गया। हालांकि, इस संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तान की लीडरशीप ट्रंप की चापलूसी करने में जुटी है। इसी के तहत मुनीर ने ट्रंप को शांति दूत बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी। पाकिस्तान के इस अपील से गदगद हुए ट्रंप ने मुनीर को मिलने के लिए व्हाइट हाउस बुला लिया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Asim Munir #Trump #Pakistan #IranIsraelConflict #GeneralMunir #MiddleEastPeace #USForeignPolicy

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Pakistan nuclear attack

Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel: क्या सच में पाकिस्तान इजरायल पर कर देगा परमाणु हमला?

ईरान और इजरायल के बीच तनावपूर्ण माहौल है। गुजरते समय के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच तनाव है कि बढ़ता जा रहा है। इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलें बरसा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच अब पाकिस्तान की इंट्री हो गई है। इसी बीच ईरान ने इजरायल को परमाणु बम की धमकी दे डाली है। दरअसल, ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान ईरान के सपोर्ट में खड़ा है। एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान ने इजरायल को परमाणु हमले की धमकी दी (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) है। तुर्किए टुडे की एक खबर की माने तो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सीनियर जनरल और ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य मोहसेन रेजाई ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, पाकिस्तान ने हमें भरोसा दिलाया है कि अगर इजरायल परमाणु मिसाइलों से अटैक करता है, तो हम भी उस पर परमाणु हथियारों से हमला करेंगे।  इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है पलटवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनरल मोहसेन रेजाई एक टीवी शो में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैमरे के सामने दावा किया कि इजरायल कुछ भी नहीं कर सकता है। अगर इस तनाव के बीच इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर पलटवार (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है। मोहसेन रेजाई ने कहा, ईरान के पास कई छिपी रणनीतियां और क्षमताएं हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि रेजाई के इन दावों में कितना दम है? पाकिस्तान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ईरान का समर्थन करने की बात कही थी। उन्होंने 14 जून को नेशनल असेंबली में कहा कि मुस्लिम देशों को इजरायल के खिलाफ एकता दिखानी चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने कहा, इजरायल ने ईरान, फिलिस्तीन और यमन को निशाना बनाया है। अगर मुस्लिम देश अब एकजुट नहीं हुए, तो सभी का यही हाल होगा। हालांकि ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ सभी डिप्लोमेटिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। इस बीच उन्होंने इजरायल के खिलाफ रणनीति बनाने की भी बात कही।  इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था फूल प्रूफ प्लान  गौरतलब हो कि इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर उसके न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी निशाना बनाया। ईरान ने इसका जवाब दिया और उसने इजरायल में कई जगहों पर ड्रोन से अटैक किया। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए और 370 से अधिक अन्य घायल हो गए। खैर, अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का फूल प्रूफ प्लान बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीटो कर दिया है। कमाल यह कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन खबरों पर चुप्पी साध रखी है। खैर, कुछ भी हो, पाकिस्तान सिर्फ ईरान को धोखे में रख रहा है। इजरायल से टकराने की हिम्मत अकेले न तो पाकिस्तान में है और न ही ईरान में। पकिस्तान तो वैसे भी चाहकर कुछ नहीं कर सकता, इसकी बड़ी वजह यह कि जब तक अमेरिका का हाथ इजरायल के सिर पर रहेगा तब तक इजरायल का बाल भी बांका नहीं हो सकता और पाकिस्तान में इतनी कूवत नहीं है कि वो अमेरिका के खिलाफ जाकर इजरायल से सीधी टक्कर ले। और वैसे भी ऑपरेशन सिन्दूर ने समूची दुनिया को दिखा ही दिया है कि पाकिस्तान कितने पानी में है। रही बात इजरायल पर परमाणु हमला करने की तो वो सिर्फ कहने के लिए ठीक भर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel #pakistan #israel #nuclearattack #worldwar3 #middleeastcrisis #breakingnews #globaltension #nuclearwar #pakistanvsisrael #warnews

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BSF IG Shashank Anand

Operation Sindoor is ongoing: पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, ऑपरेशन सिंदूर जारी है- आईजी बीएसएफ शशांक आनंद

बीएसएफ के महानिरीक्षक, जम्मू फ्रंटियर, शशांक आनंद ने मंगलवार को कहा कि “सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने दी है और ऑपरेशन सिंदूर जारी है, क्योंकि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।” सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों के बारे में आशंका जताते हुए आईजी ने कहा कि “बीएसएफ हाई अलर्ट (Operation Sindoor is ongoing) पर है।” दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर को संबोधित करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद ने कहा कि “हम एक सेकंड के लिए भी अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने देंगे। हम सीमा पर यथासंभव उच्चतम सतर्कता बनाए हुए हैं। वे पाकिस्तानी गोलाबारी की आड़ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादी घुसपैठ की संभावना और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उठाए गए सुरक्षा उपायों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।” विस्तार से बात रखते हुए उन्होंने कहा कि “ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि दुश्मन किसी तरह की शरारत, सीमा पार से गोलीबारी या घुसपैठ की योजना बना सकता है। हम तैयार और सतर्क हैं।”  सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा (Operation Sindoor is ongoing) रहा है आईजी आनंद ने कहा कि “पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता (Operation Sindoor is ongoing) है।” इस दरम्यान उन्होंने बताया कि “सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि हम अपने निगरानी उपकरणों और प्रणालियों को तेजी से उन्नत कर रहे हैं। हम ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं जो हमें सीमा पार से किसी भी घुसपैठ की गतिविधि के बारे में अग्रिम जानकारी देती है। उन्होंने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बीएसएफ पर भरोसा जताया।” इस दौरान उन्होंने कहा कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की बिना उकसावे की गोलीबारी और बमबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस कार्रवाई में बीएसएफ ने पाकिस्तान की 76 सीमा चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया। बीएसएफ ने बताया कि उसने उन तीन आतंकी लॉन्च पैड को भी नष्ट किया, जहां से आतंकवादियों के घुसपैठ की आशंका थी। हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी (Operation Sindoor is ongoing) की यही नहीं, अधिकारियों ने बताया कि “बीएसएफ की यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा 60 भारतीय चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर भारी गोलीबारी और बमबारी शुरू करने के बाद हुई, जिसका मकसद कथित तौर पर 40-50 आतंकवादियों को सीमा पार घुसपैठ कराना (Operation Sindoor is ongoing) था।” बीएसएफ के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चित्रपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि “पाकिस्तान ने हमारी 60 सीमा चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की। जवाब में हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की।” इस दौरान आईजी शशांक आनंद ने बीएसएफ की महिला कर्मियों की भी सराहना की। कमांडेंट नेहा भंडारी सहित बीएसएफ की महिला कर्मियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सांबा सेक्टर में एक चौकी का नाम ऑपरेशन सिंदूर और दो अन्य का नाम शहीदों के नाम पर रखने का प्रस्ताव कर रहे हैं। इस बीच बीएसएफ द्वारा पहले भी घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम करने का जिक्र करते हुए उन्होंने विस्तार से कहा कि “बीएसएफ ने गोलाबारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 40 से 50 संदिग्ध आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था।” इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट (Operation Sindoor is ongoing) हुए हैं  डीआईजी चित्रपाल सिंह ने बताया कि “पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस द्वारा सुंदरबनी सेक्टर के पास संचालित एक प्रमुख आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया गया है।” अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “अब उस क्षेत्र से कोई हलचल नहीं देखी (Operation Sindoor is ongoing) गई है।” यही नहीं, बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने कहा कि “खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट हुए हैं और सटीक हमलों के दौरान आतंकवादियों और पाकिस्तानी रेंजर्स में से कई की मौत हो गई।” विदित हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने मौत का नंगा नाच खेला था। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले का करारा जवाब देने हेतु ही भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिन्दूर (Operation Sindoor is ongoing) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अड्डों एयर एयर बेस को तबाह किया था। सेना की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भी पलटवार करना शुरू किया था। मामला गंभीर होता देख पाकिस्तानी के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम रोकने पर सहमति जताई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor is ongoing #OperationSindoor #BSF #ShashankAnand #Pakistan #BorderSecurity #IndiaNews #BreakingNews

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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Pakistani defense minister

Pakistani minister begs: न्यूक्लियर हमले की धमकी दे रहे पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, गिड़गिड़ाते हुए पाक रक्षा मंत्री ने कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में तकरीबन दो बजे हुए कायराना आतंकी हमले में 28 निर्दोष लोगों की जान गई थी। आतंकियों ने लोगों के धर्म और कलमा पूछ-पूछकर मौत के घाट उतारा था। मरने वालों में 2 विदेशी भी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद से दुनिया भर के लोगों में गुस्सा है। हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच हालात तनावपूर्ण हैं। युद्ध की स्थिति है। तनाव का आलम यह है कि किसी भी समय युद्ध हो सकता है। भारत इस हमले का जवाब देगा। भारत के इस रुख से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई तरह के प्रतिबंध लगाते हुए सिंधु जलसंधि को भी ससपेंड कर दिया है। इसके बाद से पाकिस्तान में भय का माहौल है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pakistani minister begs) ने कहा कि “हम भारत के साथ युद्ध शुरू नहीं करना चाहते, लेकिन अगर युद्ध के हालात बने तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा। भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि “सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान विश्व बैंक से संपर्क करेगा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उसपर अटैक कर सकता है।”  भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है मजे की बात यह कि पाकिस्तान की तरह से लगातार भारत को गीदड़भभकी दी जा रही है। इसी क्रम में ख्वाजा आसिफ ने बेतूका तर्क देते गए कहा कि “अब ऐसा लग रहा है कि भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।” ख्वाजा की बातों से ऐसा लग रहा है मानों भारत ने खुद ही हमला करवा कर निर्दोष लोगों की जान ली है और दोष पाकिस्तान पर मढ़ रहा है। कारण यही जो वो लगातार पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इंकार कर रहा है। इस बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रूसी सरकार द्वारा संचालित आरआईए नोवोस्ती न्यूज एजेंसी को दिए गए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने (Pakistani minister begs) कहा कि “मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक कि पश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं, जिसे जांच का यह काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत या मोदी झूठ बोल रहे हैं या वह सच बोल रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय दल को इस हमले की वास्तविकता का पता लगाने दें।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो- ख्वाजा आसिफ यही नहीं, ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का प्रस्ताव रखा है। ख्वाजा के मुताबिक प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो। खैर, न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तान का पक्ष रखते हुए ख्वाजा के हवाले से कहा कि “पता लगाएं कि भारत में, कश्मीर में इस घटना का दोषी कौन है और कौन इसे अंजाम दे रहा है। बातचीत या खोखले बयानों का कोई असर नहीं होता। इस बात के कुछ सबूत तो होने ही चाहिए कि पाकिस्तान इसमें शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था? ये सिर्फ बयान हैं, खोखले बयान और कुछ नहीं।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistani minister begs #Pakistan #PakDefenseMinister #NuclearThreat #PakistanNews #WorldNews #InternationalRelations #DefenseNews #PakCrisis #BreakingNews #GeoPolitics

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