Army reshuffle Pakistan

Pakistan May Get New Army Chief: पाकिस्तान को  मिल सकता है नया आर्मी चीफ, क्या सच में असीम मुनीर को ले लिया गया है हिरासत में?

पाकिस्तान में मौजूदा हालात बड़े नाजुक हैं। एक तरफ जहाँ भारत ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा है तो वहीं दूसरी तरफ बलोच लड़ाके चुन-चुनकर पाकिस्तानी आर्मी को ढेर कर रहे हैं। इस बीच भारत के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान दूसरे देशों के साथ दबाव का सामना कर रहा है। यही नहीं पाकिस्तान के लोग खुद अपने ही देश के सेना प्रमुख असीम मुनीर से नाराज़ हैं। दरअसल, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की कोई खबर नहीं है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने असीम मुनीर को आर्मी चीफ के पद से हटाकर (Pakistan May Get New Army Chief) हिरासत में ले लिया है। उनपर पर अपना व्यक्तिगत एजेंडा चलाने का आरोप लगा है। कहने की जरूरत नहीं, भारत के इस ताबड़तोड़ जवाबी एक्शन से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। इस कार्रवाई से पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच न सिर्फ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के जेल से रिहा होने की चर्चा है बल्कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति की खबरे छन-छनकर आ रही हैं।  असीम मुनीर को हिरासत में लिए जाने की खबर (Pakistan May Get New Army Chief) है दरअसल, पाकिस्तान में सेना प्रमुख की नियुक्ति 3 साल के लिए होती है। इसके मुताबिक आसिम मुनीर का कार्यकाल इस साल नवंबर में खत्म होने वाला था। लेकिन कानून में बदलाव कर इसे 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। इस संशोधन के साथ ही आसिम मुनीर का कार्यकाल नवंबर 2027 तक के लिए बढ़ गया था। बता दें कि सैयद असीम मुनीर अहमद शाह पाकिस्तान का आर्मी चीफ रहते हुए लगातार भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगल रहा था। मुनीर साल 2022 से ही पाकिस्तानी सेना के 11वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। सेना प्रमुख बनने से पहले मुनीर क्वार्टरमास्टर जनरल के रूप में GHQ में तैनात था। खैर, इस बीच भारत-पाक तनाव के बीच अब असीम मुनीर को हिरासत में लिए जाने की खबर (Pakistan May Get New Army Chief) है। कहा जा रहा है पाकिस्तान को अब नया आर्मी चीफ मिल सकता है। इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी इस हमले के बाद असीम मुनीर की कुर्सी जानी (Pakistan May Get New Army Chief) तय है गौरतलब हो कि जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में गुरुवार रात पाकिस्तान ने ड्रोन अटैक किया जिसे भारत ने हवा में ही मार गिराया। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई ने भारत ने ड्रोन से हमला किया। खबर के मुताबिक एक ड्रोन तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के घर के पास जा गिरा था। आपको बता दें कि गुरुवार शाम पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन से अटैक किया था। कमाल की बात यह कि भारतीय एयर डिफेन्स सिस्टम ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया। एयर डिफेन्स सिस्टम ने न सिर्फ ड्रोन हमलों को नाकाम किया बल्कि पाकिस्तान के 3 फाइटर जेट भी मार गिराए हैं। इनमें एक F-16 और दो JF-17 शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने लाहौर पर बड़ा हमला किया है। खैर, कुछ भी हो, इस हमले के बाद असीम मुनीर की कुर्सी जानी (Pakistan May Get New Army Chief) तय है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan May Get New Army Chief #PakistanArmy #AsimMunir #ArmyChiefPakistan #PakistanNews #MilitaryUpdate #PakPolitics #ISPR #BreakingNews #Pakistan2025 #AsimMunirArrest

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Pakistan Army urges citizens to stock 2-month

Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration: पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेना को किसी भी तरह हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी है। कारण यही जो डरी सहमी पाक आर्मी ने (Pakistan Army) एलओसी (LOC) के आस-पास रहने वाले लोगों को खाने-पीने का सामान एडवांस में जमा करने (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) का आदेश दे दिया है। दरअसल, पीओके (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने शुक्रवार को स्थानीय विधानसभा में कहा कि “नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में दो महीने के लिए खाद्य आपूर्ति का भंडारण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ” हमले के मद्देनजर क्षेत्रीय सरकार ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में खाद्य, दवाइयां और अन्य सभी बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अरब परुपये ($3.5 मिलियन) का आपातकालीन कोष भी बनाया है।”  पीओके में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए किये गए बंद (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हालाँकि पीओके के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि “नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सड़कों की मरम्मत के लिए सरकारी और निजी मशीनरी भी तैनात की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हैं। पाक आर्मी (Pakistan Army) के स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके (POK) में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। इस बीच स्थानीय लोगों का मानना है कि “भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध तो नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (LOC) के भीतर हमला जरूर करेगा।”  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं और दोनों के बीच युद्ध की स्थिति  हुई है बनी बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पहले तो इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी ग्रुप टीआरएफ ने ली थी, लेकिन भारत के रुख को देख टीआरएफ ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। आलम यह है कि इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं। इस बीच ध्यान देने वाली बड़ी बात यह कि युद्ध के डर से पाकिस्तान की (Pakistan Army) ने अपने नागरिकों से 2 महीने का खाना, एडवांस में जमा करने के लिए कह दिया है। जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी नेता, लोगों से कह रहे हैं कि “जंग कभी हो सकती है, इसलिए वो अपने घरों में दो महीने का खाना जमा करके (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) रख लें।” गौरतलब हो कि इस हमले एक बाद नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने इत्यादि शामिल हैं। अब पाकिस्तान के लोगों के मन में डर माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration #PakistanArmy #PahalgamAttack #IndiaPakistanTension #PakistanNews #RationAlert #PakArmyFear #SecurityAlert #StockRation #BorderTensions #PanicInPakistan

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Middle East pressure on Pakistan

ISI cover up: पाक पर बढ़ा सऊदी-यूएई का दबाव, आर्मी चीफ असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लगी आईएसआई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर सवालों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। बड़ी बात यह वो अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों को ऐसा लग रहा है कि “असीम मुनीर ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को जंग के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी मामलों के जानकर आफताब इकबाल का कहना है कि “पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार जनता का बड़ा हिस्सा सेना के खिलाफ दिख रहा है। आलम यह है कि मुनीर को बार-बार जनता से सेना का साथ देने की अपील करनी पड़ रही है।” दरअसल, असीम मुनीर ने हाल में हिन्दू-मुस्लिम और टू-नेशन थ्योरी से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से दुनिया का ध्यान उनपर गया है। उनके इस बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। बड़ी बात यह कि असीम मुनीर के बयान और पहलगाम हमले के तरीके में लिंक होने की बात कई विशेषज्ञ कह चुके है। ऐसे में आईएसआई (ISI cover up) सबूतों को मिटाने के लिए असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लग गई है।  पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का (ISI cover up) दिया गया है निर्देश  इस बीच पाकिस्‍तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर अब एक नया दावा कर दिया है। आदिल के दावे के मुताबिक पहलगाम हमले का साजिशकर्ता खुद असीम मुनीर है। फिलहाल पाकिस्तान में इस हमले के सबूत मिटाने का काम चल रहा है। इस पूरे मामले पर आदिल राजा का कहना है कि “पाकिस्तान के खुफिया समुदाय के विश्वसनीय सूत्रों ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से सऊदी अरब का पाक सेना और खुफिया एजेंसीआईएसआई पर भारी दवाब है। इसे देखते हुएआईएसआई प्रमुख असीम मलिक को पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का निर्देश (ISI cover up) दिया गया है, क्योंकि कथित तौर पर पहलगाम हमले की योजना आर्मी चीफ असीम मुनीर ने खुद बनाई थी।” हालाँकि आदिल राजा का यह भी दावा है कि “असीम मुनीर ने पहलगाम की साजिश रची क्योंकि उनको लगता था कि इस कदम से उनकी लोकप्रियता बढ़ जाएगी।” लेकिन हुआ इसका उल्टा। लोकप्रियता तो नहीं बढ़ी लेकिन हां, आईएसआई (ISI) पर पूरी दुनिया का दबाव बढ़ता जा रहा है।”  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से हैं खफा  गौर करने वाली बात यह कि अब तो सऊदी अरब जैसे देशों ने भी आईएसआई पर भारी दबाव डालन शुरू कर दिया है। बढ़ते दबाव के कारण ही पहलगाम की घटना से जुड़े सारे सबूतों को मिटाने (ISI cover up) के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,आईएसआई (ISI) के एक अधिकारी ने बताया कि असीम मुनीर किसी साइकोपैथ की तरह सोचते हैं। पहलगाम पर उन्होंने सोचा था कि इससे उनको जनता का समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके उलट सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से खफा हैं। यही नहीं अब तो मुनीर को लेकर पाकिस्तान के दूसरे सहयोगी देशों में भी असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। सहयोगी देश ही नहीं, पाकिस्तानी जनता खुद भी अपने आर्मी चीफ से नाराज है।   Latest News in Hindi Today Hindi news ISI cover up #ISICoverUp #AsimMunir #PakistanArmy #SaudiUAEPressure #ISIExposed #PakistanPolitics #MilitaryScandal #AsimMunirExposed #MiddleEastNews #GeoPolitics

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Pakistan Army resignations

Pakistan Army resignations: बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के हमलों से पाक आर्मी में दहशत का माहौल, 2500 सैनिकों ने दिया इस्तीफा

खुद को ऐटमी पावर बताने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्‍तान में ट्रेन हाइजैक की घटना के बाद से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। विद्रोही संगठन बलूचिस्‍तान लिब्रेशन आर्मी (बीएलए) आए दिन पाकिस्‍तान आर्मी के काफिले पर हमले कर रही है। एक तरफ बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के हमले तेज होते जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के जवान बड़ी संख्या में सेना छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल, पाकिस्‍तान आर्मी के जवानों में इस वक्‍त दहशत का माहौल है। दहशत के इस माहौल में पाक आर्मी को एकजुट रख पाना पाक आर्मी के प्रमुख आसिफ मुनीर के लिए मुश्किल लगने लगा है। काबुल फ्रंटलाइन की रिपोर्ट की माने तो पिछले कुछ दिनों में पाकिस्‍तान की सेना पर हुए हमलों के बाद तकरीबन 2,500 जवानों ने सेना की नौकरी से इस्तीफा (Pakistan Army resignations) दे दिया है। बता दें कि सेना के भीतर बढ़ती असुरक्षा और लगातार होती सैनिकों की मौत के चलते पाकिस्तानी सेना के जवान घबराए हुए हैं। वो इस कदर डरे हुए हैं कि पाकिस्तान में अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय सऊदी कतर, कुवैत, अरब और यूएई जैसे देशों में काम करने का विकल्प तलाश रहे हैं। उनके इस कदम के पीछे की बड़ी वजह यह कि पाक सैनिक लगातार जारी हिंसा और असुरक्षा का सामना ही नहीं करना चाहते। कहने की जरूरत नहीं कि बलूचिस्तान में बढ़ता विद्रोह यह दर्शाता है कि इलाके की स्थिरता चरमरा चुकी है।  सेना ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफों (Pakistan Army resignations) को नहीं किया है स्वीकार  हाल की घटनाओं जैसे कि बलूचिस्तान में ट्रेन हाइजैक और नोशकी में सैन्य काफिले पर हमला ने हर किसी की चिंता को इस कदर बढ़ा दिया है कि वो विदेश में वैकल्पिक रोजगार की तलाश करने पर मजबूर हैं। हालांकि न तो पाकिस्तानी मीडिया और न ही सेना ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफों (Pakistan Army resignations) को स्वीकार किया है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान नेशनल पार्टी के सांसद फुलैन बलोच ने यह दावा किया था कि बीएलए ने इतनी तदाद में आत्मघाती हमलावरों की भर्ती कर ली है कि उसने फिलहाल के लिए अस्थायी रूप से इन भर्तियों को दिया दी है। इन दिनों  बलूचिस्तान ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। 11 मार्च के बाद से कई पाक सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया है। बलूच विद्रोही पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लगातार हमले कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार इतनी बड़ी तादाद में सेना छोड़ने (Pakistan Army resignations) का मामला किसी बड़े संकट का है संकेत  ऐसे में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर सहसी हमले को अंजाम देकर बीएलए ने हाल के समय में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। विद्रोहियों ने रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाए, ट्रेन पर हमला किया और लगभग 450 यात्रियों को बंधक बना लिया था। काबुल फ्रंटलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक सेना देश में जारी हिंसा और असुरक्षा के बीच लड़ाई को जारी रखना नहीं चाहती है। इतनी बड़ी तादाद में सेना छोड़ने (Pakistan Army resignations) का मामला किसी बड़े संकट का संकेत है। क्योंकि यह स्थिति न सिर्फ सुरक्षा के मुद्दे से नहीं, बल्कि देश के आंतरिक हालातों का परिणाम भी हो सकती है। अगर हालात इसी तरह बिगड़ते गए तो पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Army resignations #PakistanArmy #BalochistanLiberationArmy #BLAAttacks #PakistanCrisis #MilitaryResignations #BalochistanConflict #PakArmyRetreat #BLAInsurgency #PakistanUnrest #BalochRebellion

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Pakistan Army lies

BLA Claim: सभी आतंकी मारे गए, BLA का दावा 150 लोग अभी भी कब्जे में, क्या झूठ बोल रही है पाकिस्तानी सेना?

मंगलवार को पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुई ट्रेन हाईजैक की घटना को लेकर सस्पेंस है कि बढ़ता ही जा रहा है। बीतते समय के साथ-साथ स्थिति अधिक पेचीदा होती जा रही है। सस्पेंस इसलिए भी क्योंकि बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) (BLA Claim) और पाकिस्तानी सेना के दावों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। दरअसल, एक तरफ पाकिस्तानी सेना का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और सुरक्षाबलों ने सभी आतंकियों को मार गिराया गया है। न सिर्फ आतंकियों को मार गिराया बल्कि सभी बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के उलट बीएलए का दावा है कि “इस हमले में 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और अभी भी उनके कब्जे में अब भी 150 से अभी अधिक बंधक मौजूद हैं।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या पाकिस्तान की सेना झूठ बोल रही है? क्या पाकिस्तानी सेना अपनी अवाम को बरगलाने के लिए अपनी शेखी बघार रही है? और यदि मान भी ले कि पाकिस्तान का ये दावा सही है, तो फिर इस हकीकत को वो साबित क्यों नहीं कर पा रहा है। ट्रेन कब्जे में हैं तो फिर उसके वीडियो कहां हैं। और बड़ी बात यह कि मारे गए बलूच लड़ाकों के शव कहां हैं? बता दें कि 11 मार्च को दोपहर 1 बजे, आतंकियों ने बलूचिस्तान के बोलन जिले के दादर इलाके में जाफर एक्सप्रेस की पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया और ट्रेन में सवार यात्रियों को बंधक बना लिया था। जानकारी के मुताबिक ट्रेन में कुल 440 यात्री मौजूद थे। डीजी आईएसपीआर के मुताबिक, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन शुरू करने से पहले ही आतंकियों ने 21 निर्दोष यात्रियों की निर्ममता से हत्या कर दी थी।  अब तक 100 पाकिस्तानी कर्मचारियों को मार गिराया है (BLA Claim) डीजी आईएसपीआर की माने तो, सुरक्षा बलों ने पूरी सावधानी और पेशेवर रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। सुरक्षाबलों ने 33 आतंकवादियों को ढेर कर दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। डीजी आईएसपीआर के मुताबिक इस भयावह और कायराना हमले में शामिल सभी आतंकवादियों को मौके पर ही मार गिराया गया। तो वहीं, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने एक बयान में कहा कि “उन्होंने सिर्फ सेना और आईएसआई के अधिकारियों को बंधक बनाया है। जबकि बाकी लोगों को रिहा कर दिया गया है। बता दें कि 12 मार्च को बीएलए ने दावा (BLA Claim) किया था कि “उन्होंने अब तक 100 पाकिस्तानी कर्मचारियों को मार गिराया है। उनके अनुसार, बुधवार को महज एक घंटे के भीतर 50 बंधकों को मौत के घाट उतारा दिया था। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि “11 मार्च की रात पाकिस्तान के ड्रोन हमले के जवाब में 10 बंधकों को मार दिया गया था।”  बीएलए का दावा (BLA Claim) है कि उनके कब्जे में अब भी 150 बंधक मौजूद हैं हालांकि बीएलए का दावा (BLA Claim) है कि उनके कब्जे में अब भी 150 बंधक मौजूद हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने बंधकों को 3-4 समूहों में विभाजित कर उनके पास आत्मघाती हमलावरों को तैनात कर दिया था। ये सभी आतंकी अफगानिस्तान में अपने हैंडलर्स से लगातार संपर्क में थे और निर्देश प्राप्त कर रहे थे। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान के मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है कि “सेना और एयरफोर्स ने ऑपरेशन पूरा कर लिया है। सुसाइड बॉम्बर्स को मार गिराया गया है।” पाक सेना के दावे के मुताबिक, हाइजैक के दौरान 21 यात्री और 4 सैनिक मारे गए हैं। बीएलए के सभी 33 लड़ाकों को मार गिराया गया है।”  तो वहीं, एक चश्मदीद ने 70-80 शव देखने का दावा किया है। बलोच लिबरेशन आर्मी के मुताबिक, ट्रेन में कुल 426 यात्री थे। जिसमें पाकिस्तान के 214 सैनिक थे। ट्रेन में मौजूद 212 नागरिकों को छोड़ दिया गया था। 60 सैनिक मारे जा चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान आर्मी के हमले में बलूच आर्मी के 3 कमांडर भी मारे गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी का हमला: जाफर एक्सप्रेस हाईजैक, 400 से ज्यादा यात्री बंधक मांगे नहीं मानी गई तो सभी 150 बंधक सैनिकों को मार देंगे (BLA Claim)  इस बीच बलूच आर्मी की डेडलाइन आज दोपहर 1 बजे खत्म हो रही। दरअसल, उसने बलूच कैदियों को नहीं छोड़ने पर ट्रेन में मौजूद सभी बंधकों को मारने की धमकी दी है। बीएलए ने (BLA Claim) अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम में कहा कि “अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो सभी 150 बंधक सैनिकों को मार देंगे।” बता दें कि बीएलए ने पाकिस्तान की जेलों में बंद 241 बलोचों की रिहाई की मांग की है। खैर, अपने अल्टीमेटम पर बोलते हुए बीएलए ने कहा है कि “पाकिस्तान को अपने सैनिकों की फिक्र नहीं है। पाक की तरफ से बातचीत की कोई कोशिश नहीं हुई है। हम जो कहते हैं वो करने का माद्दा रखते हैं। डेडलाइन खत्म होने के हर घंटे में हम 5 बंधक मारेंगे। एक बार हमने फैसला कर लिया तो वो नहीं बदलेगा। पाकिस्तान के पास भूल सुधारने का आखिरी मौका है। वो प्रोपेगेंडा और फेक नैरेटिव चलाना बंद करे।” बलूचों का दावा है कि उसने आम रेल पैंसेजर्स को बगैर नुकसान पहुंचाए रिहा किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news BLA Claim #BLAClaim #PakistanArmy #BalochistanAttack #TerroristAttack #PakistanCrisis #BLAHostage #PakistanNews #MilitaryConflict #BalochistanCrisis #PakFakeClaims

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