Bilawal Bhutto statement 2025

Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN: कश्मीर का राग अलापते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा- “UN से भी नहीं मिली कोई मदद”

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto) अमेरिका में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका काम हाल के क्षेत्रीय तनावों पर इस्लामाबाद की पक्ष को रखना है। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे पर दुनिया को गुमराह करना है। कहने की जरूरत नहीं जिस तरह पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि ये हूबहू भारत की नक़ल कर रहा है। दरअसल, भारत ने अपने कई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे हैं। जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर नई दिल्ली के स्टैंड को दुनिया के सामने रखना है। मजे की बात यह कि पाकिस्तान भी ठीक इसी तर्ज पर अपना प्रतिनिधि मंडल विदेशों में भेजा है। इसी क्रम में सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद से बिलावल भुट्टो के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) की है। दौरान उन्होंने  चीन, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधियों, सुरक्षा परिषद के चार अन्य स्थायी सदस्यों के साथ-साथ गैर-स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) करना पड़ा है इस दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, मुख्यतः संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा है। बता दें कि मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए भुट्टो ने कहा, जहां तक ​​​​संयुक्त राष्ट्र के भीतर और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हम जिन बाधाओं का सामना करते हैं, वे अभी भी मौजूद हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान भुट्टो ने कहा, जल विवाद और आतंकवाद जैसे विषयों पर पाकिस्तान बात करने को तैयार है।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की-  बिलावल भुट्टो (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष) यही नहीं, न्यूयार्क में संवाददाता सम्मेलन में भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने कश्मीर का राग (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) अलापा। डेलीगेशन की अगुवाई कर रहे बिलावल भुट्टो माना है कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की है। इस मुद्दे पर उन्होंने आगे कहा, जहां तक ​​संयुक्त राष्ट्र और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हमारे सामने आने वाली बाधाएं अभी भी मौजूद हैं। इस पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ अपनी बैठकों में उन्हें आतंकवाद और जल जैसे मुद्दों पर तो मदद मिली, लेकिन यह कश्मीर तक नहीं पहुंची।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bilawal Bhutto #BilawalBhutto #KashmirIssue #UNStatement #PakistanPolitics #IndiaPakistan #KashmirDispute #UNNews

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Pakistan Army Revolt Crisis Against Aasim Munir Grows

Pakistan army revolt: अपने ही देश में पाकिस्तानी सेनाप्रमुख के खिलाफ बगावत के सुर, सकते में सैयद आसिम मुनीर

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर की मुश्किलें हैं कि कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां बलोच लिब्रेशन आर्मी का लड़कों ने उनकी नाक में दम कर रखा है तो वहीं दूसरी तरफ जूनियर सैन्य अधिकारियों के बीच विरोध के स्वर (Pakistan army revolt) तेज हो गए हैं। दरअसल, पाकिस्तानी सेना में जनरल मुनीर के खिलाफ लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। असंतोष बढ़ने की वजह से विद्रोह की स्थिति बनती नजर आ रही है। जूनियर सैन्य अधिकारियों के असंतोष का यह आलम है कि कुछ अधिकारियों ने जनरल मुनीर के इस्तीफे की मांग करते हुए एक पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक लिखे पत्र उन्होंने सेना प्रमुख की नीतियों की आलोचना की है और नए नेतृत्व की आवश्यकता जताई है।  पाकिस्तानी सेना में (Pakistan army revolt) की स्थिति बन रही है बगावत  इसकी पुष्टि इमरान खान की पार्टी के एक नेता ने खुद ने की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इमरान खान की पार्टी के एक नेता ने दावा किया है कि “पाकिस्तानी सेना में बगावत (Pakistan army revolt) की स्थिति बन रही है। कई सैन्य अधिकारी जनरल मुनीर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और वर्तमान हालात को 1971 जैसी स्थिति से जोड़ रहे हैं।” यही नहीं,  इसके अलावा देशभर में शहबाज शरीफ के खिलाफ भी प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि यदि सेना में विद्रोह की ज्वाला भड़कती है तो यह पूरे पाकिस्तान में भारी उथल-पुथल मचा सकती है।  इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में (Pakistan army revolt) पड़ने लगी है अलग-थलग दावा तो यहाँ तक किया जा रहा है कि “पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों ने सेना प्रमुख जनरल मुनीर के इस्तीफे की मांग की है। अफसरों ने तल्खी भरा खत लिखकर उन पर आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि उन्होंने सेना का इस्तेमाल जबरन राजनीतिक प्रताड़ना और निजी दुश्मनी निकालने के साधन के रूप में किया है।” बता दें कि पत्र में मुनीर के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा गया है कि “उन्होंने पाकिस्तान को संकट की गहराइयों में धकेल दिया है। उनके नेतृत्व की तुलना 1971 की स्थिति से की गई है, जब पाकिस्तान को करारी हार झेलनी पड़ी थी। और इसका परिणाम बांग्लादेश के गठन के रूप में झेलना पड़ा था। इस बीच गौर करने वाली बात यह कि पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में अलग-थलग (Pakistan army revolt) पड़ने लगी है।  اگر تو یہ کھلا خط اصلی ہے تو میلہ مویشیاں کا مہمان خصوصی اب ڈر اور خوف کے مارے مزید ظلم و بربریت کرے گا۔ بزدل انسان ہمیشہ ظالم ہوتا ہے اور جب اسے اپنی طاقت ختم ہوتی نظر آنے لگے تو وہ کچھ بھی داؤ پر لگانے کو تیار ہوتا ہے۔ تاریخ حافظ سید عاصم منیر شاہ کو دور حاضر کے یزید و فرعون کے… pic.twitter.com/vtYl8SYEvQ — Ali Malik (@AliHasnainMalik) March 18, 2025 बच्चें हमारी चौकियों पर पत्थर फेंकते हैं (Pakistan army revolt) खुफिया सूत्रों की माने तो इस बगावत की वजह से पाकिस्तानी सेना के अस्तित्व पर ही संकट के बदल मंडराने लगे हैं। बड़ी बात यह कि पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मुनीर अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तो सेना स्वयं उनके खिलाफ बगावती कदम उठाएगी।बता दें कि एक पत्र में उल्लेख किया गया है कि “बच्चें हमारी चौकियों पर पत्थर फेंकते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में अलग-थलग पड़ गई है। खबर एक मुताबिक सेना के अधिकारियों ने आर्मी चीफ की तुलना एक क्रूर फासीवादी जानवर (Pakistan army revolt) से की है, जो अपने ही नागरिकों की कीमत पर लाभ उठा रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news  Pakistan army revolt #PakistanArmyRevolt #AasimMunirCrisis #PakistanPolitics #MilitaryMutiny #PakArmyProtest #PakistanUnrest #PoliticalCrisis #PakistanNews #ArmyRebellion #SyedAasimMunir

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