Priyanka Gandhi absent

Priyanka Gandhi absent: वक्फ बिल पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति पर भड़का मुस्लिम लीग

2 अप्रैल को लोकसभा में वक्‍फ बिल 288-232 वोटों से, तो वहीं 3 अप्रैल को राज्‍यसभा में 128-95 वोटों से पास हुआ था। मुस्लिम संगठनों का मानना है कि यह उनकी धार्मिक स्वायत्तता पर हमला है। वक्‍फ बिल को विपक्ष मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक करार दे रहा है। तो वहीं, सरकार का कहना है कि “वक्फ बोर्ड के प्रशासन में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने से संपत्ति प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।” इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी केरल के मुस्लिम बहुल इलाके वायनाड से लोकसभा की सांसद है। मुस्लिम बहुल इलाके से सांसद होने के बावजूद प्रियंका लोकसभा में वोटिंग के दौरान नदारद (Priyanka Gandhi absent) रही। वैसे भी मुस्लिम समाज में वक्‍फ बिल को लेकर बड़ी नाराजगी है। ऐसे में आधी रात को हुई वोटिंग के दौरान प्रियंका की गैर-मौजूदगी ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद को अल्पसंख्यकों का हितैषी बताने वाली प्रियंका के मंसूबों पर प्रश्नचिन्ह उठाया जा रहा है। बता दें कि वायनाड के लोगों ने प्रियंका गांधी को पिछले साल भारी बहुमत से जिताकर लोकसभा में भेजा था। बेशक उनकी जीत में मुस्लिम वोटों की अहम भूमिका रही। कहने की जरूरत नहीं, वक्फ संशोधन बिल जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उनकी अनुपस्थिति ने मुस्लिम समुदाय के मन असंतोष की भावना को जन्म दे दिया है। गौरतलब हो कि राहुल गांधी ने लोकसभा में बहस के दौरान हिस्सा नहीं लिया, लेकिन वह वोटिंग के लिए मौजूद जरूर थे।  वक्फ बिल पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी की गैरमौजूदगी (Priyanka Gandhi absent) पर मुस्लिम लीग ने जताई नाराजगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान वायनाड के सांसद और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति (Priyanka Gandhi absent) पर असंतोष व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक समस्त केरल जेम-इय्याथुल उलमा के मुखपत्र सुप्रभातम ने बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर बहस के दौरान सत्र में शामिल नहीं होने के लिए प्रियंका गांधी की घोर आलोचना की। 4 अप्रैल को प्रकाशित संपादकीय में उनकी अनुपस्थिति को एक काला निशान कहा गया और यह भी सवाल उठाया कि जब भाजपा इस विधेयक को आगे बढ़ा रही थी, तब प्रियंका गांधी कहां थीं? और विपक्षी नेता राहुल गांधी ने बिल पर क्यों नहीं बोला?  बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे संगठनों ने बिल का कड़ा विरोध किया है।  इसे भी पढ़ें:- वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी यह कांग्रेस की अल्पसंख्यक-समर्थक छवि को कर सकता है प्रभावित (Priyanka Gandhi absent)  जानकारों की माने तो कांग्रेस की ओर से यह रणनीति संभवतः केरल के ईसाई संगठनों और मुस्लिम समुदाय के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक ईसाई संगठनों ने इस बिल का समर्थन किया था। कहने की जरूरत नहीं,  प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति (Priyanka Gandhi absent) का असर न सिर्फ वायनाड तक सीमित रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस की अल्पसंख्यक-समर्थक छवि को प्रभावित कर सकता है। इस विधेयक का उद्देश्य 1995 के अधिनियम में संशोधन करके भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना है। Latest News in Hindi Today Hindi News Priyanka Gandhi absent #PriyankaGandhi #WakfBill #MuslimLeague #Congress #ParliamentDebate #IndiaPolitics #WakfControversy #PoliticalNews #PriyankaAbsent #LokSabha2025

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Rahul Gandhi question (2)

Rahul Gandhi question: संसद में पीएम मोदी ने महाकुंभ में मरने वालों को क्यों नहीं दी श्रद्धांजलि? 

महाकुंभ के भव्य आयोजन पर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बयान दिया। महाकुंभ की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सब जानते हैं कि गंगा को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास हुआ था, वैसा ही महाकुंभ के महाप्रयास में भी दिखा।” नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि “प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए।” प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था।” आदतन पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। मजे की बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान समाप्त होने के बाद सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के (Rahul Gandhi question) साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में बोलने वाले थे। समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।”  राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता। ये कैसा न्यू इंडिया है?” इसी के साथ राहुल गांधी ने ये भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी के बारे में भी बोलना चाहिए था। परंतु उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला। पीएम मोदी को कुंभ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।” बता दें कि संसद परिसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कुंभ हमारी परंपरा है, इतिहास है, संस्कृति है, लेकिन हमें इस बात की शिकायत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में जान गंवाने वालों के बारे में कुछ नहीं कहा। मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।” इस बीच राहुल गांधी ने दृढ़ता से कहा कि “कुंभ में जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। प्रधानमंत्री को रोजगार के बारे में भी बोलना चाहिए था।” इसे भी पढ़ें:- शरद पवार ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े खूब कसीदे, चिट्ठी लिख कर दी बड़ी मांग आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं- पीएम मोदी  आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के आयोजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “मैंने लाल किले से सबका प्रयास के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।” इस दरम्यान प्रधानमंत्री ने कहा कि “पिछले साल अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमने महसूस किया था कि कैसे देश एक हजार वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक एक साल बाद, महाकुंभ के आयोजन ने हम सबके इस विचार को और बल मिला है। ये सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। और आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Rahul Gandhi question #RahulGandhi #PMModi #MahakumbhTragedy #ParliamentDebate #PoliticalControversy #KumbhMela #ModiRahulClash #BreakingNews #IndiaPolitics #OppositionAttack

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Narendra Modi past life

Narendra Modi past life: बीजेपी सांसद के इस बयान पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक मचा हंगामा, कांग्रेस ने कही यह बात 

मुगल शासक औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है। मचे बवाल के बीच बीजेपी सांसद के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, बीजेपी के सांसद ने शिवाजी महाराज को लेकर ऐसा बयान दिया कि उस पर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि ओडिशा के बारगढ़ से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने संसद में कहा कि “पीएम मोदी (Narendra Modi) पिछले जन्म में (Narendra Modi past life) मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज थे। कहने की जरूरत नहीं सांसद के इस बयान पर बवाल मच गया।” लोकसभा में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि “उनकी मुलाकात एक संत से हुई थी।” इस बीच उन्होंने कहा कि “गिरिजा बाबा नाम के एक संत ने मुझे बताया कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में था। इसीलिए वह राष्ट्र निर्माण में काम कर रहे हैं।” इस पर अधिक जानकारी देते हुए सांसद प्रदीप पुरोहित ने आगे कहा कि “पीएम मोदी वास्तव में छत्रपति शिवाजी महाराज हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र समेत पूरे देश को विकास और प्रगति की तरफ ले जाने के लिए पुनर्जन्म लिया है।” जाहिर सी बात है सांसद के इस बयान में हंगामा मचना ही था। हालांकि इस बयान के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आसन से आग्रह किया कि “अगर इस टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो इसे सदन की कार्यवाही से हटाने के बारे में विचार किया जाए।” खबर के मुताबिक उपसभापति ने उनके बयान को सदन की कार्यवाही को निकालने का आदेश दिया। बता दें कि चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया ने निर्देश दिया कि प्रदीप पुरोहित की बातों की जांच करके उसे सदन की कार्यवाही से हटाने की प्रक्रिया की जाए।  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने जताया विरोध  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध जताया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने प्रदीप पुरोहित के बयान की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनियाभर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेन्द्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए। हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं सोशल मीडिया यूजर्स यही नहीं, सोशल मीडिया यूजर्स भी बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं। नेटिज़ेंस उनपर टूट पड़े हैं। उनका कहना है कि ये छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। एक यूजर ने लिखा कि “शिवाजी महाराज स्वराज्य के संस्थापक थे, न कि किसी पार्टी के प्रतीक। उनके शौर्य, बलिदान और विचारधारा को राजनीति से जोड़ना क्या उनकी महानता को सीमित करना नहीं? बता दें कि वर्तमान समय में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर भी देश में काफी बहस चल रही है। इसलिए छत्रपति शिवाजी और मराठा साम्राज्य को लेकर भी देश में काफी बयानबाजी हो रही है और मुगल साम्राज्य की आलोचना की जा रही है Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi Narendra Modi past life #NarendraModi #ShivajiMaharaj #BJPMPStatement #PoliticalControversy #ParliamentDebate #SocialMediaBuzz #ModiShivajiRow #IndiaPolitics #ViralNews #BreakingNews

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