Eknath Shinde controversy

एकनाथ शिंदे के ‘जय गुजरात’ के नारे पर विपक्ष ने मचाया बवाल, मांगा इस्तीफा, बचाव में उतरे सीएम फडणवीस, शिंदे ने भी दी सफाई

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) द्वारा जय महाराष्ट्र के साथ जय गुजरात का नारा देने से राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने शिंदे के इस नारे को मराठी अस्मिता पर हमला बताते हुए माफी की है। विपक्ष के इस हमले के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) भी एकनाथ शिंदे के बचाव में उतर आए और सफाई देते हुए कहा कि मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि वह ‘जय गुजरात’ बोलने मात्रा से कमजोर पड़ जाएगी।  बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बीते शुक्रवार को पुणे में जयराज स्पोर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और अजित पवार भी मौजूद थे। कार्यक्रम में भाषण के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंच से ही ‘जय हिंद, जय महाराष्ट्र, जय गुजरात’ का नारा लगाया। शिंदे के इसी नारे का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।  हर्षवर्धन सपकाल ने एकनाथ शिंद से मांगा इस्तीफा  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan Sapkal) ने एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के इस बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि जय गुजरात’ का नारा सिर्फ चाटुकारिता नहीं है, बल्कि हर गौरवान्वित महाराष्ट्रवासी का अपमान है। मराठी मानुष के साथ इस ‘विश्वासघात’ के लिए शिंदे को इस्तीफा देना चाहिए। सपकाल ने यह भी कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि उपमुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठा व्यक्ति ‘जय महाराष्ट्र’ की जगह ‘जय गुजरात’ का नारा लगा रहा है। यह चाटुकारिता और सियासी गुलामी का प्रतीक है।  मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि ‘जय गुजरात’ बोलने से कमजोर पड़ जाए  विपक्ष के इस आलोचना के बाद एकनाथ शिंदे के समर्थन में उतरते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा, ” विपक्ष शायद भूल गया कि चिकोड़ी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करते हुए शरद पवार ने भी ‘जय महाराष्ट्र, जय कर्नाटक’ का नारा लगाया था, तो क्या उन्हें कर्नाटक ज्यादा पसंद है?” फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने विपक्ष की सोच को संकुचित बताते हुए कहा कि हमारी मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि वह ‘जय गुजरात’ बोलने मात्रा से कमजोर पड़ जाएगी। मराठी मानुष की सोच बहुत विशाल है, विपक्ष उसे सीमित नहीं कर सकता है। सबसे पहले हम सभी भारतीय हैं और हमें महाराष्ट्र पर गर्व है। इसका यह मतलब नहीं होना चाहिए कि हम दूसरे राज्यों का अपमान करें। ‘एक भारत’ का विचार ही हमारी एकता और संस्कृति की मजबूती है और इस विभाजित करने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने इस दौरान भाषा विवाद पर सख्त लहजे में कहा, “मराठी भाषा पर हर किसी को  गर्व करना चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर हिंसा करना स्वीकार्य नहीं है। मराठी न बोलने पर लोगों से मारपीट कर कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? गुजराती समुदाय के सम्मान में लगाया नारा- शिंदे एकनाथ शिंदे ने भी अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि, ”उन्होंने यह नारा कार्यक्रम में मौजूद गुजराती समुदाय के सम्मान में लगाया था। जिस भव्य खेल परिसर का उद्घाटना हुआ उसके  निर्माण में गुजराती लोगों का भी योगदार है। हमारे राज्य में मराठी और गुजराती लोग मिलकर एकजुटता के साथ रहते हैं। इसीलिए मैंने भाषण के दौरान ‘जय हिंद’, ‘जय महाराष्ट्र’ और ‘जय गुजरात’ का नारा लगाया। ‘जय हिंद’ जहां हमारे देश की शान है, तो वहीं ‘जय महाराष्ट्र’ हमारे राज्य का गर्व है।  ‘जय गुजरात’ का नारा इसलिए लगाया क्योंकि गुजराती समाज को उनके योगदान के लिए सम्मान देना चाहता था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #EknathShinde #JaiGujarat #PoliticalControversy #MaharashtraPolitics #DevendraFadnavis #OppositionDemand #ShindeClarification

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Congress MLA Questions Operation Sindoor's

Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor: कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले का बड़ा भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर लाया था। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया बल्कि पाकिस्तान के एयर डिफेन्स सिस्टम और एयर बेस को भी तबाह कर दिया। ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारत आतंक का पर्याय बन चुके पाकिस्तान को ऐसी चोट दी है कि वो कभी नहीं भूलेगा। तीन दिन चली इस स्ट्राइक में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। और सीजफायर की गुहार लगाने लगा। कहने की जरूरत नहीं इस ऑपरेशन के बाद पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का लोहा माना। एक तरफ जहाँ दुनिया बाहर में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा हो रही है तो वहीं कर्नाटक के एक कांग्रेस विधायक ने इसपर प्रश्न चिन्ह (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) ही खड़ा कर दिया है।  क्या किया है, कुछ भी नहीं किया (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) गया दरअसल, कर्नाटक के कोलार से कांग्रेस विधायक के मंजूनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर पर शंका (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) जाहिर की है। मंजूनाथ ने कहा कि “क्या किया है, कुछ भी नहीं किया गया। बस दिखावे के लिए 3-4 विमान ऊपर भेजे और वापस लौट आए।” यही नहीं, कोथूर मंजूनाथ ने संशय जाहिर करते हुए कहा कि “परेशन सिंदूर का मकसद संदेह के घेरे में है।” उन्होंने कहा कि क्या किया, कुछ भी नहीं किया गया। बस दिखावे के लिए 3-4 विमान ऊपर से भेजे और वापस लौट आए। क्या इससे पहलगाम में मारे गए 26 टूरिस्टों की मौत की भरपाई हो जाएगी? क्या हम महिलाओं को इसी तरह जवाब देंगे? क्या हम उन्हें ऐसे ही सांत्वना देंगे? क्या हम ऐसा करके उनको सम्मान दे रहे हैं?” इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर हर टीवी चैनल अलग कहानी बता रहा है, एक कहता है ऐसे मारा, दूसरा कुछ और कहता है- कांग्रेस विधायक मंजूनाथ वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा (Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor) कि “हम कह क्या रहे हैं। हमने उन्हें यहां मारा, वहां मारा? हर टीवी चैनल अलग कहानी बता रहा है। एक कहता है ऐसे मारा, दूसरा कुछ और कहता है। हम किस पर भरोसा करें? किसे मारा गया? कौन मरा? आधिकारिक बयान कहां है? हम कहीं भी, किसी भी देश में, चाहे वह कर्नाटका हो, पाकिस्तान हो, चीन हो या बांग्लादेश या अफगानिस्तान। आम नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह के युद्ध का विरोध करते हैं। क्या आप जानते हैं कि उन महिलाओं के सामने ही उनके पतियों को कैसे मारा गया? उनको बच्चों के सामने उन्हें खत्म कर दिया गया, 3 दिन पहले वो कैसे अंदर आ गए, सबकुछ करके कैसे भाग पाए, इन सवालों का जवाब कौन देगा?” गौरतलब हो कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress MLA raises serious concerns over Operation Sindoor #OperationSindoor #CongressNews #MLAStatement #PoliticalControversy #IndiaPolitics #BreakingNews #CurrentAffairs #CongressVsGovernment #MLAQuestions #OperationDebate

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Rahul Gandhi controversy

BJP social media posts: भाजपा आईटी सेल को राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ा भारी,  एफआईआर दर्ज

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना कर्नाटक भाजपा के आईटी सेल को भारी पड़ता (BJP social media posts) दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में भाजपा आईटी सेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बता दें कि केपीसीसी लीगल यूनिट के अध्यक्ष सीएम धनंजय ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। धनंजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रदेश भाजपा आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाला है। पोस्ट में लिखा है कि जब भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश जाएंगे, कश्मीर में एक के बाद ऐसे हमले होंगे। इस प्रकार के भड़काऊ पोस्ट डालकर राहुल गांधी के खिलाफ गलत जानकारी और भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।”  इस तरह के पोस्ट से देश में शांति और सद्भाव का माहौल हो (BJP social media posts) सकता है खराब  धंनजय का कहना है कि “इस तरह के पोस्ट से देश में शांति और सद्भाव का माहौल खराब हो (BJP social media posts) सकता है। राहुल गांधी के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।” दरअसल, धनंजय का आरोप है कि इस प्रकार के पोस्ट से उनकी छवि को जनता की नजर में बिगाड़ने के लिए की जा रही है। इस बीच अब उन्होंने पुलिस से पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पोस्ट का उद्देश्य जनता की भावनाओं को भड़काना और वैमनस्य पैदा करना था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसे भी पढ़ें:- मधुबनी में गरजते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकियों को उनकी सोच से भी ज्यादा दी जाएगी बड़ी सजा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय (BJP social media posts) हुई बैठक  बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय बैठक (BJP social media posts) हुई। इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “सरकार ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। तो वहीं आईबी और गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी घटना कैसे हुई और चूक कहां हुई। हमले के बारे में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं।” बता दें कि सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा शामिल हुए थे। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले, एनसीपी के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और श्रीकांत शिंदे सहित तमाम दलों के नेता थे। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार पकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है।  Latest News in Hindi Today Hindi BJP social media posts #RahulGandhi #BJPITCell #FIRAgainstBJP #PoliticalControversy #SocialMediaWar #IndianPolitics #BJPvsCongress #OnlineDefamation #PoliticalNews #ViralPolitics

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Rahul Gandhi question (2)

Rahul Gandhi question: संसद में पीएम मोदी ने महाकुंभ में मरने वालों को क्यों नहीं दी श्रद्धांजलि? 

महाकुंभ के भव्य आयोजन पर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बयान दिया। महाकुंभ की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सब जानते हैं कि गंगा को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास हुआ था, वैसा ही महाकुंभ के महाप्रयास में भी दिखा।” नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि “प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए।” प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था।” आदतन पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। मजे की बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान समाप्त होने के बाद सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के (Rahul Gandhi question) साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में बोलने वाले थे। समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।”  राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता। ये कैसा न्यू इंडिया है?” इसी के साथ राहुल गांधी ने ये भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी के बारे में भी बोलना चाहिए था। परंतु उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला। पीएम मोदी को कुंभ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।” बता दें कि संसद परिसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कुंभ हमारी परंपरा है, इतिहास है, संस्कृति है, लेकिन हमें इस बात की शिकायत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में जान गंवाने वालों के बारे में कुछ नहीं कहा। मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।” इस बीच राहुल गांधी ने दृढ़ता से कहा कि “कुंभ में जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। प्रधानमंत्री को रोजगार के बारे में भी बोलना चाहिए था।” इसे भी पढ़ें:- शरद पवार ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े खूब कसीदे, चिट्ठी लिख कर दी बड़ी मांग आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं- पीएम मोदी  आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के आयोजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “मैंने लाल किले से सबका प्रयास के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।” इस दरम्यान प्रधानमंत्री ने कहा कि “पिछले साल अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमने महसूस किया था कि कैसे देश एक हजार वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक एक साल बाद, महाकुंभ के आयोजन ने हम सबके इस विचार को और बल मिला है। ये सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। और आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Rahul Gandhi question #RahulGandhi #PMModi #MahakumbhTragedy #ParliamentDebate #PoliticalControversy #KumbhMela #ModiRahulClash #BreakingNews #IndiaPolitics #OppositionAttack

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Narendra Modi past life

Narendra Modi past life: बीजेपी सांसद के इस बयान पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक मचा हंगामा, कांग्रेस ने कही यह बात 

मुगल शासक औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है। मचे बवाल के बीच बीजेपी सांसद के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, बीजेपी के सांसद ने शिवाजी महाराज को लेकर ऐसा बयान दिया कि उस पर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि ओडिशा के बारगढ़ से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने संसद में कहा कि “पीएम मोदी (Narendra Modi) पिछले जन्म में (Narendra Modi past life) मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज थे। कहने की जरूरत नहीं सांसद के इस बयान पर बवाल मच गया।” लोकसभा में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि “उनकी मुलाकात एक संत से हुई थी।” इस बीच उन्होंने कहा कि “गिरिजा बाबा नाम के एक संत ने मुझे बताया कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में था। इसीलिए वह राष्ट्र निर्माण में काम कर रहे हैं।” इस पर अधिक जानकारी देते हुए सांसद प्रदीप पुरोहित ने आगे कहा कि “पीएम मोदी वास्तव में छत्रपति शिवाजी महाराज हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र समेत पूरे देश को विकास और प्रगति की तरफ ले जाने के लिए पुनर्जन्म लिया है।” जाहिर सी बात है सांसद के इस बयान में हंगामा मचना ही था। हालांकि इस बयान के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आसन से आग्रह किया कि “अगर इस टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो इसे सदन की कार्यवाही से हटाने के बारे में विचार किया जाए।” खबर के मुताबिक उपसभापति ने उनके बयान को सदन की कार्यवाही को निकालने का आदेश दिया। बता दें कि चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया ने निर्देश दिया कि प्रदीप पुरोहित की बातों की जांच करके उसे सदन की कार्यवाही से हटाने की प्रक्रिया की जाए।  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने जताया विरोध  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध जताया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने प्रदीप पुरोहित के बयान की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनियाभर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेन्द्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए। हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं सोशल मीडिया यूजर्स यही नहीं, सोशल मीडिया यूजर्स भी बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं। नेटिज़ेंस उनपर टूट पड़े हैं। उनका कहना है कि ये छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। एक यूजर ने लिखा कि “शिवाजी महाराज स्वराज्य के संस्थापक थे, न कि किसी पार्टी के प्रतीक। उनके शौर्य, बलिदान और विचारधारा को राजनीति से जोड़ना क्या उनकी महानता को सीमित करना नहीं? बता दें कि वर्तमान समय में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर भी देश में काफी बहस चल रही है। इसलिए छत्रपति शिवाजी और मराठा साम्राज्य को लेकर भी देश में काफी बयानबाजी हो रही है और मुगल साम्राज्य की आलोचना की जा रही है Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi Narendra Modi past life #NarendraModi #ShivajiMaharaj #BJPMPStatement #PoliticalControversy #ParliamentDebate #SocialMediaBuzz #ModiShivajiRow #IndiaPolitics #ViralNews #BreakingNews

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