Indrayani River bridge in Pune collapses,

Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990: पुणे जिले में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढहा, 6 लोगों की मौत कई लापता, 1990 में बने ब्रिज का कभी हुआ ही नहीं ऑडिट

रविवार को महाराष्ट्र के पुणे जिले में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढह जाने से उफनती नदी में गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और 25 से 30 लोग बह गए हैं।। मावल में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे इंद्रायणी का जलस्तर बढ़ गया। इसी वजह से यह हादसा हुआ। गौरतलब हो कि कुंदमाला एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां मानसून के दौरान काफी संख्या में पर्यटक आते हैं। छुट्टी का दिन होने के कारण पर्यटकों की संख्या अधिक थी। यह पुल इतना संकरा था कि एक समय में सिर्फ एक दोपहिया वाहन और दो व्यक्ति ही उस पर से जा सकते हैं। लेकिन हादसे के समय पुल पर करीब 7 से 8 दोपहिया थीं। इस वजह से पुल पर जाम लग गया और बाहर निकलना संभव नहीं हो (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) पाया। लोगों की बढ़ती भीड़ देख गांववालों ने रविवार दोपहर 12 बजे के करीब पुलिस इस बात की जानकारी दी गई। जिसके बाद करीब चार पुलिसकर्मी पुल पर आए थे और उन्होंने वहां घूमने आए लोगों को वापस जाने को कहा था। हादसे के समय पुल पर 100 से अधिक पर्यटक मौजूद थे।  6 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 25 से 30 लोग बह गए (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हैं- सुनील शेल्के (स्थानीय विधायक) खैर, पुल खाली करवाने के कुछ देर बाद पुलिस वाले वापस चले गए थे। लेकिन उसके बाद फिर से लोगों का यहां आना शुरू हो गया और कुछ ही घंटों में ये पुल टूट गया। बचावकर्मी के मुताबिक पुल उस समय ढह गया जब लोग इसे पार कर रहे थे। स्थानीय विधायक सुनील शेल्के के मुताबिक 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 25 से 30 लोग बह गए (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हैं। इस बीच एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम नदी में बहे पर्यटकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। घायलों को पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये पुल 35 साल पहले यानी साल 1990 में बना था। कमाल यह कि उसके बाद से कभी भी इसका स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ ही नहीं।  हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हो गई है अलर्ट  बताया तो यह भी जा रहा है कि पांच साल पहले पीडब्लूडी से मांग की गई थी कि इस पुल को बंद कर दिया जाए। यही नहीं गावंवालों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत को दो साल पहले ही पत्र लिखकर पुल की मरम्मत करने और पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। खैर, इस हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार अलर्ट (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को तत्काल उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुराने पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश भी दिया। इस हादसे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस संदर्भ उन्होंने डिविजनल कमिश्नर, तहसीलदार और पुलिस कमिश्नर तत्परता से बचाव कार्य सुनिश्चित करने और नदी में बहे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के आदेश दिए हैं। यही नहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार पुल हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य सरकार घायलों के इलाज का खर्च भी वहन करेगी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार सरकार विकास की बातें तो करती हैं, लेकिन एक मजबूत पुल तक नहीं बना सकी- उद्धव ठाकरे, (पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)  कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने न सिर्फ प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इसे लेकर राजनीति भी गरमा गई है। शिवसेना-यूबीटी के  प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना पर शोक जताते हुए इसे सरकार की आपराधिक लापरवाही करार (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) दिया है। सूबे की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ने कहा कि सरकार विकास की बातें तो करती हैं, लेकिन एक मजबूत पुल तक नहीं बना सकी। उस पुराने जर्जर पुल से 44 पर्यटक बह गए, यह अत्यंत दुखद और निंदनीय है। ठाकरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार इस तरह की घटनाओं की जिम्मेदारी कब लेगी? इस बीच उन्होंने राजकोट किले में छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा के चबूतरे की जमीन धंसने की घटना को उठाते हुए कहा, पहले प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित की गई प्रतिमा गिर चुकी है और अब नई प्रतिमा के चबूतरे की जमीन ही धंस गई है। यह दर्शाता है कि शिवरायों की स्मृति के साथ भी घोर लापरवाही हो रही है। सरकार अब किस मुंह से सफाई देगी?  Latest News in Hindi Today Hindi Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990 #pune #bridgecollapse #indrayaniriver #newsupdate #puneaccident #breakingnews #tragedy #infrastructure #india #disaster

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